No Document No History
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🏛️NO DOCUMENT NO HISTORY🏛️
जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
• भारतीय बोल्शेविक दल (Indian Bolshevik Party)
👉 गठन 1939 में एन. दत्त मजूमदार द्वारा।
• बोल्शेविक–लेनिनिस्ट दल (Bolshevik-Leninist Party)
👉 गठन 1941 में,
👉 अजीत राय और इन्द्रसेन जैसे ट्रॉट्स्की के अनुयायियों द्वारा।
• क्रांतिकारी साम्यवादी दल (Revolutionary Communist Party)
👉 गठन 1942 में सौमेन्द्रनाथ टैगोर द्वारा।

• एम. एन. राय
👉 भारत में साम्यवादी आंदोलन के अग्रणी
👉 मार्क्सवाद से निराश होकर 1940 में Radical Democratic Party की स्थापना।

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व्यापारिक एकाधिकार को समाप्त करने की मांग




तत्कालीन वैश्विक घटनाक्रम, जैसे- अहस्तक्षेप के सिद्धांत (Laissez Faire) तथा नेपोलियन द्वारा लागू की गई महाद्वीपीय व्यवस्था (Continental System) से अंग्रेजों के लिये यूरोपीय व्यापार के मार्ग लगभग अवरुद्ध हो गए, फलतः अन्य सभी यह चाहते थे कि कम्पनी के व्यापारिक एकाधिकार को समाप्त कर दिया जाये।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
भारत सचिव और परिषद का कार्यालय “भारत सचिवालय” या “इंडिया ऑफिस” कहलाता था। परिषद को अलग-अलग समितियों में बाँटा गया था।

भारत सचिवालय के अंतर्गत कई विभाग काम करते थे, जैसे—
• महालेखाकार विभाग
• रजिस्ट्रार विभाग
• अभिलेखों का अधीक्षक (Superintendent of Records)
• निधि निदेशक (Director of Funds)
• चिकित्सा बोर्ड (Medical Board)
• कानूनी सलाहकार और सॉलिसिटर

इन सभी कार्यालयों के खर्च, वेतन, पेंशन और भत्ते भारत सरकार के खजाने से ही दिए जाते थे।
भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अंतर्गत भारत सचिव की काउंसिल का पुनर्गठन किया गया, भारतीय सदस्यों को शामिल किया गया तथा कार्यकाल घटाया गया। इसी अधिनियम द्वारा भारत सचिव और उसके विभाग के खर्च को भारतीय राजस्व से हटाकर ब्रिटिश राजस्व पर डाल दिया गया। साथ ही लोक सेवा आयोग और हाई कमिश्नर के पद की व्यवस्था की गई।


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अगर आप सबको यह बुक खरीदनी है तो ऑनलाईन खरीद लो,


इनको व्हाट्सएप पर मैसेज तो किया लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा 😂

आप लोगों को मिला पीडीएफ तो भेज देना ✅✅
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चैनल में से किसी दोस्त का नाम आया है क्या ?

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इतिहास की कुल तीन सीट है

एक जनरल में

दो ओबीसी में ✅

अब जल्द साक्षात्कार होंगे ✅
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NET/JRF के लिए भारतीय इतिहास+ हिस्ट्रोग्राफी (MIX) क्विज चालु है..जुड़े और क्विज एटेम्पट करे।

Daily 2 क्विज।
Timing
2PM
8PM
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Mamta Kalia- Daud.pdf
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वे पंद्रह दिन .pdf
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वे पंद्रह दिन .pdf
विभाजन पर लिखी एक शानदार किताब ....
"वे पंद्रह दिन "
1 अगस्त से 15 अगस्त तक देश के विभिन्न इलाकों में क्या हुआ ,
तथाकथित नेताओं ने कैसे सत्ता की मलाई स्वीकार करने की जल्दबाजी में लाखों लोगों को उनके हाथ पर छोड़ दिया था

और सबसे महत्वपूर्ण यह कि
महात्मा गांधी ...'.एक ऐसे गुब्बारे के रूप में सामने आते दिखते हैं जो पहले तो खूब फूलता है लेकिन जब फूटता है तो सिर्फ आवाज और धमाके के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं होता ' ।

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यह बलुआ पत्थर से बनी एक मूर्ति है जिसमें उमा-महेश्वर, यानी शिव और उनकी पत्नी पार्वती को दर्शाया गया है। यह हिंदू कला का एक महत्वपूर्ण नमूना है, जो संभवतः 8वीं से 11वीं शताब्दी ईस्वी के बीच का है।
इस मूर्ति में शिव और पार्वती एक साथ बैठे हुए दिखाए गए हैं, जिसमें शिव अपनी पत्नी को स्नेहपूर्वक गले लगा रहे हैं।
इस मूर्ति में भगवान विष्णु को शेषाशयी विष्णु के कुंडलियों पर विश्राम करते हुए लेटी हुई मुद्रा में दर्शाया गया है।
उनकी पत्नी लक्ष्मी को अक्सर उनके चरणों में बैठे हुए दिखाया जाता है, जैसा कि इस चित्र में देखा जा सकता है।
यह मूर्ति 10वीं शताब्दी ईस्वी की एक पत्थर की नक्काशी है जो हिंदू पौराणिक कथा लिंगोद्भवको दर्शाती है , और वर्तमान में राजस्थान के अजमेर स्थित सरकारी संग्रहालय में रखी हुई है।
यह कलाकृति उस कहानी को दर्शाती है जिसमें देवता ब्रह्मा और विष्णु अग्नि के एक ब्रह्मांडीय स्तंभ (लिंगम) की शुरुआत या अंत का पता लगाने में असफल रहते हैं, जिससे भगवान शिव अपनी सर्वोच्च स्थिति को साबित करने के लिए प्रकट होते हैं।
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