No Document No History
6.47K subscribers
24.4K photos
1.47K videos
21.7K files
10.7K links
🏛️NO DOCUMENT NO HISTORY🏛️
जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
📚 History PDFs | Notes | PYQs | Research Material
🎓 NET/JRF • SET • Assistant Professor • Competitive Exam
@RamsingRajput786 https://t.me/HistoryChatAdda
Download Telegram
वराह विष्णु के दस अवतारों में से तीसरा अवतार है, जिसे दशावतार के नाम से जाना जाता है।
यह मूर्ति उस कहानी को दर्शाती है जिसमें विष्णु, एक सूअर के रूप में, पृथ्वी देवी भूदेवी को ब्रह्मांडीय सागर से बचाते हैं, जब एक राक्षस ने उन्हें वहां छिपा दिया था।
यह विशिष्ट विशालकाय, अखंड बलुआ पत्थर की मूर्ति 10वीं-12वीं शताब्दी ईस्वी की है और यह भारत के अजमेर में स्थित राजस्थान राज्य संग्रहालय में है।
❤1
No Document No History
वे पंद्रह दिन .pdf
विशेष सूचना-किसी भी सदस्य की भावनाओं को आहत करना हमारा बिल्कुल उद्देश्य नहीं है ✅
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
👍1
🔰 GIC प्रवक्ता (Lecturer) भर्ती

👉 कुल आवेदन: 3,83,302

◾Competition (विषयवार)

♦️ इतिहास – 35,864 | 1 सीट = 478 अभ्यर्थी (सबसे कठिन)

♦️समाजशास्त्र – 31,119 | 1 सीट = 464

♦️ भूगोल – 23,953 | 1 सीट = 374

♦️हिंदी – 53,926 | 1 सीट = 332

♦️जीव विज्ञान – 23,431 | 1 सीट = 295

♦️अंग्रेजी – 42,869 | 1 सीट = 233

♦️नागरिक शास्त्र – 27,366 | 1 सीट = 206

♦️ उर्दू – 4,315 | 1 सीट = 107

♦️भौतिक विज्ञान – 19,137 | 1 सीट = 100 (सबसे कम प्रतिस्पर्धा)

संभावित तिथि 3 मई 2026

✅✅✅
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤5👍3
◾BPSC शिक्षक भर्ती TRE-4 में बड़ा बदलाव !

👉बिहार सरकार BPSC शिक्षक भर्ती के TRE 4 में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब एक कैंडिडेट-एक रिजल्ट की नीति लागू होगी। पहले की भर्तियों में एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक तीनों के लिए हो जाता था। इससे कई सीटें खाली रह जाती थीं। नए नियम से अब एक सीट पर एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट होगा, जिससे अब सीट खाली नहीं बचेगा। बता दें कि TRE-4 के तहत लगभग 44000 शिक्षकों की भर्ती होनी है.......!!
गुलबदन बानो बेगम कौन थी
No document no history
Anonymous Quiz
33%
हुमायूं की पुत्री
67%
बाबर की पुत्री
🤣8❤2🤷2🤔1
🚨1857 के क्रांति में शहीद होने वाली देश की प्रथम महिला वीरांगना

पूरा नाम: रानी अवंतिबाई लोधी
जन्म: लगभग 1831
क्षेत्र: रामगढ़ (वर्तमान डिंडौरी–मंडला, मध्य प्रदेश)
पति: राजा विक्रमादित्य सिंह लोधी (रामगढ़ रियासत के शासक)

⚔️ संघर्ष की शुरुआत–

अंग्रेजों से टकराव राजा विक्रमादित्य सिंह के बीमार पड़ने के बाद अंग्रेजों ने “कुप्रशासन” का बहाना बनाकर रामगढ़ रियासत अपने नियंत्रण में ले ली।

रानी अवंतिबाई ने इसे सीधी गुलामी माना और अंग्रेजी हुकूमत मानने से इनकार कर दिया।

✊ यहीं से उनके विद्रोह की चिंगारी भड़की।

🔥 1857 का विद्रोह और रानी की भूमिक 1857 की क्रांति में अवंतिबाई लोधी ने आदिवासियों, किसानों और स्थानीय राजाओं को संगठित किया।

मंडला, डिंडौरी और आसपास के जंगलों में उन्होंने गुरिल्ला युद्ध (छापामार युद्ध) किया।

अंग्रेजी छावनियों पर हमले किए, सिपाहियों को खदेड़ा।

उनका उद्देश्य था:
👉 रामगढ़ रियासत की स्वतंत्रता और स्वशासन।
🗡️ अंतिम युद्ध और बलिदान
अंग्रेजों ने बड़ी सेना भेजकर उन्हें चारों ओर से घेर लिया।

20 मार्च 1858 के आसपास रामगढ़ के जंगलों में निर्णायक युद्ध हुआ।

जब पराजय निश्चित दिखी और पकड़े जाने का खतरा हुआ, तो रानी अवंतिबाई लोधी ने तलवार से स्वयं को बलिदान कर दिया।

🕊️ उन्होंने गुलामी स्वीकार करने की बजाय वीरगति चुनी।

आज भी मंडला–डिंडौरी क्षेत्र में लोग उन्हें
“रामगढ़ की शेरनी” कहकर याद करते हैं।

#AcharyaPrashant #History #WomenEmpowerment #GetInspired

Posted by Nitish Kumar Roll 3 on Acharya Prashant's Gita Mission App.

Download Now -

https://app.acharyaprashant.org/?id=8-f1132401-d8f5-411e-82d6-2d3ec6352c13&cmId=m00076
❤5
छत्रपति शिवाजी महाराज ने सेना में मुसलमानों को महत्वपूर्ण पद दिए–
लेकिन उनका हिंदू राज्य हिंदुओं और ग़ैर हिंदुओं दोनों के लिए था. वैभव पुरंदरे लिखते हैं, "उनकी सोच समावेषी थी. वो हिंदू और मुसलमानों को एक जैसा समझते थे और वो धर्म के आधार पर भेदभाव को घिनौना, अनैतिक और अस्वीकार्य मानते थे. उनकी सेना में मराठों और दूसरे हिंदुओं की तरह मुसलमानों को भी शामिल किया जाता था. उनकी नौसेना के दो आला अधिकारी दार्या सारंग वेंतजी और दौलत ख़ाँ मुसलमान थे."
उनके एक और आला सैनिक अफ़सर नूर बेग़ थे जो मुसलमान थे. सुरेंद्रनाथ सेन ने अपनी क़िताब में लिखा है, "शिवाजी ने अपने सलाहकारों के विरोध के बावजूद 700 पठानों को अपनी सेना में शामिल किया था. उनके सिर्फ़ एक सहयोगी गोमाजी नायक पंसाम्बल ने उनके इस फ़ैसले का समर्थन किया था."
शिवाजी महाराज के गौरव में ये पंक्तियां प्रसिद्ध हैं-
शिवरायांचे आठवावे स्वरुप। शिवरायांचा आठवावा साक्षेप।
शिवरायांचा आठवावा प्रताप। भूमंडळी


"शिवाजी महाराज का संक्षिप्त जीवन-चरित्र स्मरण करने योग्य है
शिवाजी महाराज का पराक्रम संपूर्ण पृथ्वी पर स्मरणीय है”📖✍️👏
https://t.me/historyfact00
❤2🔥1
✅✅✅
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤9💯2👍1👏1
रुकना मना है, सतत चलने से ही मंजिल और आपके कदमों के बीच के फ़ासलों में कमी आती है, इसलिए चलो, थोड़ा-थोड़ा ही चलो।


शुभ रात्रि

हर हर महादेव ❤️
❤5💯3🤣1
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
In this our country, every word carries multiple meanings—some shaped by renowned scholars, others by ordinary people like us. And then there are meanings that gain popularity on social media and slowly start passing off as absolute truth.

These days, if a woman simply puts her thoughts forward clearly, a label quickly follows: “feminist.” But it makes one wonder—do the people using this word truly understand its actual meaning, or do they use it only when it feels convenient?

That said, this is not meant to lecture or correct anyone.

Similarly, there is another word—sati. In the pages, it has been presented with a different interpretation. The hope is that reading it might offer at least one more perspective, and help us understand the meaning of this word beyond the commonly accepted narrative.

https://t.me/historyfact00
🥰1
अंग्रेजों द्वारा सम्पादित प्रमुख समाचार पत्र
अबुल कलाम आज़ाद (1888-1958):
❤2
Etihasik_Manchitravali_Hindi_Edition.pdf
90.4 MB
❤2👍1