Forwarded from Tιƙαɱ αɱႦҽԃƙαɾ (History)
उपिंदर मेम की किताब का सब कुछ (कंटेंट) एकदम दमदार है इसमें कोई दो-राय नहीं है... लेकिन भाई साहब जो जिस इस बुक की क्रोनोलॉजी है उसका कोई जवाब नहीं है... इस पेज के पिछले पेज तक..पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण, ताम्रपाषाण और महापाषाण हड़प्पा, वैदिक काल खत्म हो चूक है... लेकिन अब वैदिक काल के बाद के बाद वापस नवपाषाण और ताम्रपाषाण काल शुरू हुआ है... गजब माय है भाई इस किताब की।
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Forwarded from No Document No History
old Pyq Books.pdf
2 MB
इतिहास लेखन शास्त्र से संबंधित सभी किताबें का संकलन किया गया है, ✅ ❤️
100+ किताबें के नाम और उनके लेखक दिये है✅
सभी एक बार पुरी लिस्ट को पढ़ लो,🍎 🤩
2 से 4 प्रश्न भी बन गये तो jrf पक्का...✔️ ⭐️ ⭐️
https://t.me/Ramsing2023
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Forwarded from No Document No History (श्री.रामसिंग राजपूत ⛳)
No Document No History
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Forwarded from PHD NOTIFICATION ONLY ( Ugc Net Jrf Phd ) (Professor Pratham Bhanotra)
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@assistant.professor.pratham
इंस्टाग्राम या पढ़ाई?
मेरे विचार से, जब आप एक छात्र होते हैं और आपके अंदर कोई खास टैलेंट नहीं है, तब तक आपको पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान देना चाहिए। क्योंकि पढ़ाई ही वह मजबूत नींव है, जो आपके भविष्य को सुरक्षित बनाती है।
लेकिन अगर आपके पास कोई विशेष…
मेरे विचार से, जब आप एक छात्र होते हैं और आपके अंदर कोई खास टैलेंट नहीं है, तब तक आपको पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान देना चाहिए। क्योंकि पढ़ाई ही वह मजबूत नींव है, जो आपके भविष्य को सुरक्षित बनाती है।
लेकिन अगर आपके पास कोई विशेष…
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (N D)
क्रांतिकारी आतंकवादी की खास बात थी उनका धर्मनिरपेक्ष चरित्र
क्रांतिकारी आतंकवादी की खास बात थी उनका धर्मनिरपेक्ष चरित्र। 1924 ई. में जब लाला लाजपत राय ने साम्प्रदायिक राजनीति का रास्ता अख्तियार किया तो भगत सिंह ने उनके खिलाफ वैचारिक आंदोलन छेड़ दिया। इस हेतु उन्होंने राबर्ट ब्राउनिंग की एक कविता द लॉस्ट लीडर को एक पर्चे के रूप में छापा।
Forwarded from All history hub 📖📖📖 (Pooja Pandey)
मस्यु पैरो का धोखा — दौलतराव सिंधिया का पतन
जिसके नेतृत्व में सेना की जिम्मेदारी थी उसी ने धोखा दिया
हुआं यूं कि द्वितीय आंग्ल–मराठा युद्ध (1803 ई.) के दौरान दौलतराव सिंधिया की सेना का नेतृत्व मस्यु पैरो (Monsieur Perron) नामक एक फ्रांसीसी अधिकारी के हाथों में था।
पैरो सिंधिया के अधीन फ्रांसीसी प्रशिक्षित सैनिकों का कमांडर था और मराठा सेना के यूरोपीय ढांचे को वही संभालता था।
लेकिन जब अंग्रेज सेनानायक जनरल जेरार्ड लेक (General Gerard Lake) ने उत्तर भारत की ओर कूच किया, तो पैरो ने डर या लालच में अंग्रेजों से गुप्त समझौता कर लिया।
कहा जाता है कि उसने रिश्वत लेकर या आत्म–हित में युद्ध की पूर्व संध्या पर किला छोड़ दिया और अपनी सेना को पीछे हटा लिया।
इसके परिणामस्वरूप अंग्रेज जनरल लेक ने कोयल (Aligarh Fort) जैसे मजबूत दुर्ग को बिना बड़ी कठिनाई के जीत लिया।
यह घटना 1803 ई. में हुई थी और यही सिंधिया की शक्ति को उत्तर भारत में निर्णायक रूप से कमजोर करने वाला मोड़ बनी।
बाद में लेक ने दिल्ली और आगरा पर भी अधिकार कर लिया और मराठा साम्राज्य की उत्तर दिशा की पकड़ लगभग समाप्त हो गई।
मस्यु पैरो के इस विश्वासघात को मराठा इतिहास में एक महत्वपूर्ण विश्वासघात (Great Betrayal) के रूप में याद किया जाता है।
https://t.me/ramjeetttpandeallhistoryhub
व्याख्यान सहित हल
https://t.me/+uoNbFdX-U4o3YmI1
Quiz group
जिसके नेतृत्व में सेना की जिम्मेदारी थी उसी ने धोखा दिया
हुआं यूं कि द्वितीय आंग्ल–मराठा युद्ध (1803 ई.) के दौरान दौलतराव सिंधिया की सेना का नेतृत्व मस्यु पैरो (Monsieur Perron) नामक एक फ्रांसीसी अधिकारी के हाथों में था।
पैरो सिंधिया के अधीन फ्रांसीसी प्रशिक्षित सैनिकों का कमांडर था और मराठा सेना के यूरोपीय ढांचे को वही संभालता था।
लेकिन जब अंग्रेज सेनानायक जनरल जेरार्ड लेक (General Gerard Lake) ने उत्तर भारत की ओर कूच किया, तो पैरो ने डर या लालच में अंग्रेजों से गुप्त समझौता कर लिया।
कहा जाता है कि उसने रिश्वत लेकर या आत्म–हित में युद्ध की पूर्व संध्या पर किला छोड़ दिया और अपनी सेना को पीछे हटा लिया।
इसके परिणामस्वरूप अंग्रेज जनरल लेक ने कोयल (Aligarh Fort) जैसे मजबूत दुर्ग को बिना बड़ी कठिनाई के जीत लिया।
यह घटना 1803 ई. में हुई थी और यही सिंधिया की शक्ति को उत्तर भारत में निर्णायक रूप से कमजोर करने वाला मोड़ बनी।
बाद में लेक ने दिल्ली और आगरा पर भी अधिकार कर लिया और मराठा साम्राज्य की उत्तर दिशा की पकड़ लगभग समाप्त हो गई।
मस्यु पैरो के इस विश्वासघात को मराठा इतिहास में एक महत्वपूर्ण विश्वासघात (Great Betrayal) के रूप में याद किया जाता है।
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Forwarded from 💐꧁🌺शिवशक्ति 🌺 ꧂ 💐
Topic se quiz hoga ab yhaaa... daily 150 questions/ topic 💐💐💐
Aaj modern history se start krte hai..
Aaj ka topic hai यूरोपीय कम्पनी 💐
https://t.me/dreamshinganiaOm
4 PM quiz topic GK GS POLITY GEOGRAPHY ECONOMICS 💐💐💐
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Dear Aspirants
छात्रों के लिए 90–90–1 नियम
आने वाले 90 दिनों तक,
हर दिन के पहले 90 मिनट
सिर्फ़ एक लक्ष्य को दे दो।
कोई मोबाइल नहीं,
कोई भटकाव नहीं—बस तुम और तुम्हारी पढ़ाई।छात्र जीवन में यही 90 मिनट
आत्मविश्वास बनते हैं,याददाश्त मजबूत करते हैं
और परिणाम बदल देते हैं।
याद रखो,
पूरा दिन नहीं—सिर्फ़ सुबह का फोकस
पूरा भविष्य बदल सकता है।
पोस्ट पूरी तरह से कॉपी की गई है⭐️
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छात्रों के लिए 90–90–1 नियम
आने वाले 90 दिनों तक,
हर दिन के पहले 90 मिनट
सिर्फ़ एक लक्ष्य को दे दो।
कोई मोबाइल नहीं,
कोई भटकाव नहीं—बस तुम और तुम्हारी पढ़ाई।छात्र जीवन में यही 90 मिनट
आत्मविश्वास बनते हैं,याददाश्त मजबूत करते हैं
और परिणाम बदल देते हैं।
याद रखो,
पूरा दिन नहीं—सिर्फ़ सुबह का फोकस
पूरा भविष्य बदल सकता है।
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PHD NOTIFICATION ONLY ( Ugc Net Jrf Phd )
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वाह वाह बहुत खूब
प्रिय मित्र,
प्रो.प्रथम जी....🩷 ❤️ 💜 💗 💙 ✨ ✅ 🦋
प्रिय मित्र,
प्रो.प्रथम जी....
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❤4🔥1👏1
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
1787
ब्रिटिशों की पहली दंड बस्ती
📍 बेनकूलेन (सुमात्रा, इंडोनेशिया)
• केंद्र: फोर्ट मार्लबोरो
उद्देश्य–
अपराधियों को दूर रखना
निशुल्क श्रम (forced labour) प्राप्त करना
1789
ईस्ट इंडिया कंपनी ने अंडमान द्वीप समूह का सर्वेक्षण शुरू किया
📍 लेफ्टिनेंट आर्किबाल्ड ब्लेयर
कैदी बस्ती की सिफारिश →
👉 ब्लेयर के नाम पर “पोर्ट ब्लेयर”
प्रशासनिक व दमनकारी ढाँचा
– वाइपर द्वीप में पहली जेल और फांसीघर (1864–67)
– डॉ. जेम्स पैट्रिक वॉकर जैसे अधिकारियों की निगरानी
– एक ही दिन में 80+ स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी
10 मार्च 1858 को अंडमान के चैथम द्वीप पर 733 स्वतंत्रता सेनानियों का पहला जत्था पहुँचा।
इस जत्थे में अल्लामा फ़ज़ल-ए-हक खैराबादी, मौलाना लियाकत अली जैसे प्रमुख नेता भी शामिल थे। कई नेताओं ने कैद के दौरान ही दम तोड़ दिया।
1860 के बाद महिला अपराधियों को भी अंडमान भेजा जाने लगा।
1872 में अंडमान भेजे गए एक वहाबी अपराधी ने
वाइसराय लॉर्ड मेयो की चाकू घोंपकर हत्या कर दी।
1874– सुधारात्मक दंड नीति (Reformative Penal System)
• अच्छे व्यवहार पर
• 20–25 वर्ष बाद रिहाई
https://t.me/historyfact00
ब्रिटिशों की पहली दंड बस्ती
📍 बेनकूलेन (सुमात्रा, इंडोनेशिया)
• केंद्र: फोर्ट मार्लबोरो
उद्देश्य–
अपराधियों को दूर रखना
निशुल्क श्रम (forced labour) प्राप्त करना
1789
ईस्ट इंडिया कंपनी ने अंडमान द्वीप समूह का सर्वेक्षण शुरू किया
📍 लेफ्टिनेंट आर्किबाल्ड ब्लेयर
कैदी बस्ती की सिफारिश →
👉 ब्लेयर के नाम पर “पोर्ट ब्लेयर”
प्रशासनिक व दमनकारी ढाँचा
– वाइपर द्वीप में पहली जेल और फांसीघर (1864–67)
– डॉ. जेम्स पैट्रिक वॉकर जैसे अधिकारियों की निगरानी
– एक ही दिन में 80+ स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी
10 मार्च 1858 को अंडमान के चैथम द्वीप पर 733 स्वतंत्रता सेनानियों का पहला जत्था पहुँचा।
इस जत्थे में अल्लामा फ़ज़ल-ए-हक खैराबादी, मौलाना लियाकत अली जैसे प्रमुख नेता भी शामिल थे। कई नेताओं ने कैद के दौरान ही दम तोड़ दिया।
1860 के बाद महिला अपराधियों को भी अंडमान भेजा जाने लगा।
1872 में अंडमान भेजे गए एक वहाबी अपराधी ने
वाइसराय लॉर्ड मेयो की चाकू घोंपकर हत्या कर दी।
1874– सुधारात्मक दंड नीति (Reformative Penal System)
• अच्छे व्यवहार पर
• 20–25 वर्ष बाद रिहाई
https://t.me/historyfact00
❤3👏1🤣1