Forwarded from History Education 🔱❤
अकबर के इबादतखाना में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि__💐
▪️पारसी धर्म का प्रतिनिधित्व - दस्तूर मेहरजी राणा
▪️ हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व – पुरुषोत्तम और देवी पंडित ने
▪️जैन धर्म - हरिविजय सूरि, जिनचन्द्र सूरि, विजयसेन सूरि, भानुचंद्र उपाध्याय, शांतिचन्द्र
▪️ ईसाई - रुडोल्फ एक्वाविवा, एंटोनी मोंसरेट, एनरिक्वेज (गोवा के पुर्तगालियों ने)
#Fact@HistoryEducation08 ❤️🔱
▪️पारसी धर्म का प्रतिनिधित्व - दस्तूर मेहरजी राणा
▪️ हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व – पुरुषोत्तम और देवी पंडित ने
▪️जैन धर्म - हरिविजय सूरि, जिनचन्द्र सूरि, विजयसेन सूरि, भानुचंद्र उपाध्याय, शांतिचन्द्र
▪️ ईसाई - रुडोल्फ एक्वाविवा, एंटोनी मोंसरेट, एनरिक्वेज (गोवा के पुर्तगालियों ने)
#Fact@HistoryEducation08 ❤️🔱
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Forwarded from History Education 🔱❤
▪️किस सुल्तान ने एक बार एक उलेमा को यह कहकर शांत करा दिया था कि, "हम सभी खुदा के बंदे हैं।"
_बहलोल लोदी
▪️दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान का कथन है कि, "राजा का कोई सगा नहीं होता।"
____इब्राहिम लोदी
▪️1606 में खुसरो द्वारा विद्रोह किये जाने पर। प्रधानमंत्री शरीफ खान ने जहांगीर को खुसरो के विद्रोह और उसकी सिख गुरु अर्जुन देव से मुलाकात की जानकारी दी तथा बादशाह से उसका पीछा करने की अनुमति मांगी। जहांगीर ने उसे अनुमति देते हुए कहा कि "यदि वह ठीक रास्ते पर नहीं आता है तो जो तुम उसके साथ सलूक करोगे वह अपराध नहीं माना जाएगा। राजत्व पुत्र तथा जामाता किसी पर विचार नहीं करता। राजा का कोई सम्बन्धी नहीं होता।"
____जहांगीर
#Fact_Education ❤️🔱
_बहलोल लोदी
▪️दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान का कथन है कि, "राजा का कोई सगा नहीं होता।"
____इब्राहिम लोदी
▪️1606 में खुसरो द्वारा विद्रोह किये जाने पर। प्रधानमंत्री शरीफ खान ने जहांगीर को खुसरो के विद्रोह और उसकी सिख गुरु अर्जुन देव से मुलाकात की जानकारी दी तथा बादशाह से उसका पीछा करने की अनुमति मांगी। जहांगीर ने उसे अनुमति देते हुए कहा कि "यदि वह ठीक रास्ते पर नहीं आता है तो जो तुम उसके साथ सलूक करोगे वह अपराध नहीं माना जाएगा। राजत्व पुत्र तथा जामाता किसी पर विचार नहीं करता। राजा का कोई सम्बन्धी नहीं होता।"
____जहांगीर
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