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जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
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▪️अकबर के काल की प्रमुख घटनाएं:–

#Fact_Education 🔱❤️

1562
- मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की प्रथम यात्रा

1562
- दास प्रथा की समाप्त

1563 -
तीर्थ यात्रा कर हटाया

1564-
मालवा के सूबेदार अब्दुल्ला खाँ उज्बेक का विद्रोह

1564
-जजिया कर समाप्त


1568
- चित्तौड़ विजय उपरांत फतहनामा जारी

1570
- अजमेर में मैग्जीन दुर्ग बनवाया

1571
- फतेहपुर सीकरी की नींव डाली

1572
- गुजरात विजय के बाद फतेहपुर सीकरी नाम रखा

1573-74
- घोड़े दागने की प्रथा (शासन का 18 वां वर्ष)

1573-74
- मनसबदारी व्यवस्था की शुरुआत

1574
- फतेहपुर सीकरी में अनुवाद विभाग की स्थापना

1575
- फतेहपुर सीकरी में इबादतखाना की स्थापना

1575
-जजिया पुनः शुरू

1577-78
- सिजदा जमींबोस की शुरुआत

1578
- इबादतखाना सभी के लिए खोल दिया

1579
- जजिया पुनः समाप्त

1579
- 22/26 जून को फतेहपुर सीकरी की जामा मस्जिद में स्वयं खुतबा पढ़ा।

1579
- अगस्त-सितंबर में महजर दस्तावेज तैयार

1580
- आइन-ए-दहसाला लागू

1580
- साम्राज्य का 12 प्रान्तों में विभाजन

1580 -
पहले ईसाई मिशन का आगमन

1580
- जौनपुर के काजी मुल्ला मुहम्मद यजदी ने अकबर के खिलाफ फतवा जारी किया

1581
-काबुल में हकीम मिर्जा का विद्रोह

1582 - तौहीद-ए-इलाही (दीन-ए-इलाही) की शुरुआत

1583 -मारवाड़ के मोटा राजा उदयसिंह की पुत्री दमयंती को सती होने से बचाया

1583- इलाही संवत की शुरुआत

1583-84 - महाभारत का अनुवाद 'रज्मनामा'

1586 - युसुफजइयों के विद्रोह को दबाने गए बीरबल की मृत्यु

1589 - अकबर की प्रथम कश्मीर यात्रा

1601– असीरगढ़ पर आक्रमण

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▪️अकबर द्वारा किये गये अभियानों के स्थानों का सही क्रम :–

▪️ काबूल - 1581

▪️ कश्मीर 1586

▪️सिंध - 1591

▪️कंधार - 1595

#Fact_Education ❤️🔱
❤1
🔸अकबर कालीन सैन्य अभियानों का क्रम :–

▪️मेड़ता 1562,

▪️गढ़कटंगा 1564,

▪️मेवाड़ (1567-68),

▪️ रणथंभौर विजय (1569),

▪️ कालिंजर - 1569,

▪️गुजरात (1572-73),

▪️बिहार तथा बंगाल विजय (1574-76)


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▪️अकबर द्वारा किये गये अभियानों के स्थानों का सही क्रम :–

▪️ काबूल - 1581

▪️ कश्मीर 1586

▪️सिंध - 1591

▪️कंधार - 1595

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🔸अकबर कालीन सैन्य अभियानों का क्रम :–

▪️मेड़ता 1562,

▪️गढ़कटंगा 1564,

▪️मेवाड़ (1567-68),

▪️ रणथंभौर विजय (1569),

▪️ कालिंजर - 1569,

▪️गुजरात (1572-73),

▪️बिहार तथा बंगाल विजय (1574-76)


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▪️अकबर द्वारा दी गई उपाधियां और विद्वानों के नाम

हीरविजय सूरि – जगद्गुरु

भानुचंद्र – उपाध्याय

विजयसेन सूरि – काली सरस्वती

जिनचन्द्र सूरि – युग प्रधान

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▪️किस सुल्तान ने एक बार एक उलेमा को यह कहकर शांत करा दिया था कि, "हम सभी खुदा के बंदे हैं।"
_बहलोल लोदी

▪️दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान का कथन है कि, "राजा का कोई सगा नहीं होता।"

____इब्राहिम लोदी

▪️1606 में खुसरो द्वारा विद्रोह किये जाने पर। प्रधानमंत्री शरीफ खान ने जहांगीर को खुसरो के विद्रोह और उसकी सिख गुरु अर्जुन देव से मुलाकात की जानकारी दी तथा बादशाह से उसका पीछा करने की अनुमति मांगी। जहांगीर ने उसे अनुमति देते हुए कहा कि "यदि वह ठीक रास्ते पर नहीं आता है तो जो तुम उसके साथ सलूक करोगे वह अपराध नहीं माना जाएगा। राजत्व पुत्र तथा जामाता किसी पर विचार नहीं करता। राजा का कोई सम्बन्धी नहीं होता।"
____जहांगीर

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❤2
▪️औरंगजेब के काल की घटनाएं

▪️बुंदेलखंड विद्रोह 1661 में ओरछा के चम्पतराय द्वारा विद्रोह व आत्महत्या, पुत्र छत्रसाल ने विद्रोह जारी रखा।

▪️युसुफजईयों का विद्रोह / अफगान विद्रोह 1667 भागू द्वारा

▪️गोकुल के नेतृत्व में जाटों का विद्रोह- 1669 ई.

▪️सतनामी विद्रोह 1672

▪️अफरीदियों का विद्रोह -1672 अकमल खाँ द्वारा

▪️गुरु तेग बहादुर की हत्या - 1675 ई.

▪️शहजादा अकबर का विद्रोह 1681

▪️राजाराम के नेतृत्व में जाटों का विद्रोह- 1685


▪️भांग की पैदावार पर रोक 1659

▪️ झरोखा दर्शन प्रथा बंद 1669

▪️ तुलादान की प्रथा बंद 1670

▪️तम्बाकू पर चुंगी कर समाप्त1666


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❤2
▪️सरंजाम- सैन्य सेवा के बदले भूमि अनुदान

▪️मोकासा- यह सैन्य और असैन्य दोनों प्रकार की सेवा के बदले दिया गया भूमि अनुदान था।

▪️वतन - पुश्तैनी भूमि होती थी और तब तक वतनदार परिवार के पास रहती थी जब तक वह अपना कर्त्तव्य निभाते।

▪️इनाम - यह स्थायी भूमिदान था जिसके साथ कोई शर्त नहीं जुड़ी होती थी।

▪️मीरास- वह भूमि जिस पर व्यक्ति का एकछत्र पुश्तैनी अधिकार हो। इस पर मीरासदार का अधिकार तब तक रहता जब तक वह उसका विक्रय या उपहार स्वरूप न दे। जब शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ तो मराठा सरदारों को शिवाजी की अधीनता स्वीकार करनी पड़ी और मीरास-पट्टी (सिंहासन-पट्टी) कर भी चुकाना पड़ा।

▪️उपरी - यह अस्थायी भूमि होती थी। सरकार की कृषि योग्य भूमि
में से कुछ भूमि उपरियों के रूप में पट्टे पर दी जाती थी। पट्टे के समाप्त होने पर उपरियों के दावे व अधिकार भी समाप्त हो जाते थे ।

🔸मराठा साम्राज्य......
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इल्तुतमिश ने राजपूत राज्यों के विरुद्ध कई अभियान किये–

(ⅰ) रणथम्भौर विजय - 1226

(ii) मण्डोर के विरूद्ध अभियान - 1227

(iii) जालौर के विरुद्ध अभियान - 1228–29

(iv) नागौर विजय: 1230

(v) ग्वालियर दुर्ग :- 1231 (इस समय ग्वालियर शासक मलयवर्मा देव था)

(vi) कालिंजर अभियान - 1233/1234 (तायसी का नेतृत्व)

(vii) मालवा अभियान - 1234-1235
• महाकाल मन्दिर तोडा/ शिवलिंग

• भिलसा दुर्ग पर अधिकार किया।।

(viii) भूताला युद्ध - 1226 -27 →नागदा को लूटा

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इल्तुतमिश ने शिक्षा हेतु निम्न मदरसे स्थापित किए - 🔱❤️

(ⅰ) दिल्ली
- मदरसा- ए-मुइज्जी (मोहम्मद गौरी की स्मृति में)

• मदरसा -ए-नासिरीया (अपने ज्येष्ठ पुत्र नासिरूद्दीन मुहम्मद की स्मृति में)
रजिया सुल्तान ने मिन्हाज-उस-सिराज को इसका प्रधानाचार्य बनाया।

(ii) बदायूं – मदरसा-ए-मुइज्जी

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▪️खानकाह

शेख बुरहानुद्दीन – दौलताबाद

फरीद बाबा - अजोधन (मुल्तान)

नि. औलिया – दिल्ली (ग्यासपुर) -

सिराजुद्दीन उस्मानी - बंगाल

नसीरुद्दीन चिराग देहलवी – दिल्ली

गेसूदराज - गुलबर्गा

बहा. जकारिया – मुल्तान

सलीम चिश्ती - फतेहपुर सीकरी

जलालुद्दीन तबरीजी - बंगाल

मुईनुद्दीन चिश्ती - अजमेर

नियामतुल्लाह - उच्छ (मुल्तान)

मुहम्मद गौस - ग्वालियर

-बदरुद्दीन शाह मदार – मानकपुर (कानपुर)

सामग्री - सूफी आंदोलन

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मलफुजात :- पीर द्वारा मुरीद को जो उपदेश दिये जाते थे, पीर की अनुमति से संकलित होते थे।

दलैल-उल- आरिफिन - मुझ्नुद्दीन चिश्ती के उपदेश

फवायद - उस-सालिकीन - बख्तियार काकी के उपदेश, जिन्हें फरीद बाबा द्वारा संकलित किया गया

अफजाल - उल-सवाहिद - निजामुद्दीन औलिया के उपदेश, जिन्हें अमीर खुसरो द्वारा संकलित

फवायद - उल-फुआद (प्राचीन) निजामुद्दीन औलिया के उपदेश, जिन्हें अमीर हसन सिज्जी द्वारा संकलित

सुरूर-उस- सुदूर- हमीउद्दीन नागौरी के उपदेश, जिन्हे फरीदुद्दीन द्वारा संकलित

खैर-उल-मजलिस - चिराग-ए-दहेलवी के उपदेश, जिन्हें हमीर कलंदर द्वारा संकलित।

#Fact_Education.... 🖊️❤️
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▪️अमीर-ए-हाजिब _दरबार के अनुशासन व अमीरों के पदानुक्रम के निर्धारण से सम्बंधित

▪️सर-ए-जानदार_ प्रमुख अंगरक्षक

▪️अमीर-ए-मजलिस ____सम्बंधित राजकीय उत्सव, समारोह व दावतों से

▪️दबीर-ए-मुमालिक ___दीवान-ए-इंशा विभाग में विदेशी पत्राचार में मुख्य भूमिका

▪️जिम्मी ___रक्षित गैर मुसलमान

▪️ममलूक ____दास अधिकारी

▪️मुनही ____गुप्तचर

दिल्ली सल्तनत

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.......🖊️कहा जाता है कि विजयनगर साम्राज्य में महिला पहलवान, महिला ज्योतिषी, महिला भविष्यवक्त आदि थी तथा राजदरबार के लेखे-जोखे का कार्य महिला लिपिकों और एकाउंटेंटों द्वारा किया जाता था।

▪️नूनिज महिला विद्वानों और लेखिकाओं, कवियत्रियों, गायिकाओं, संगीतज्ञों, अंगरक्षिकाओं, मल्लयुद्ध तथा भविष्यवाणी करने वाली स्त्रियों का उल्लेख करते हुए अवलोकन करता है PYQ 2024 ..... विजयनगर के राजतंत्र में न्यायाधीश तथा पहरेदार इत्यादि भी महिलाएं थीं।

- विजयनगर साम्राज्य में बाल विवाह की भी प्रथा थी और दहेज खुलकर मांगा जाता था तथा गर्व से दिया भी जाता था। राजपरिवार एवं सामन्तों के अतिरिक्त समाज के अन्य वर्गों में एक पत्नीत्व की प्रथा थी। निकोलो कान्टी के अनुसार विजयनगर में राजा के 12000 रानियां थीं जिनमें से 4000 उसके साथ हर जगह जाती थी। समाज में गणिकाओं का विशाल वर्ग विद्यमान था। अब्दुर्रज्जाक विजयनगर की राजधानी के ही अंदर वेश्यालय के अस्तित्व का भी उल्लेख करता है।

- समाज में सती प्रथा के प्रचलन का विवरण अभिलेखों एवं विदेशी यात्रियों (वारबोसा, नूनिज, सीजर फ्रेडरिक, पियत्रो डेलावाले) के वृत्तांतों से मिलता है।

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▪️लॉर्ड कर्जन के प्रमुख कार्य–

1901 इंपीरियल कैडेट कोपर्स की स्थापना लार्ड कर्जन।।

1901 - शिमला कॉन्फ्रेंस ऑन एजुकेशन

1902 - रैले कमीशन

1903 - एडवर्ड सप्तम के राजा बनने के अवसर पर दरबार का आयोजन, एडवर्ड सप्तम ने अपने प्रतिनिधि 'ड्यूक ऑफ कनॉट' को भेजा

1904– प्राचीन स्मारक प्रतिरक्षण अधिनियम पारित।

1904 - इंडियन यूनिवर्सिटीज एक्ट

1904 - इंडियन ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट

1905 पूसा - (वर्तमान बिहार) में कृषि अनुसंधान संस्थान की स्थापना वायसराय लॉर्ड कर्जन ।

1905 - उद्योग व वाणिज्य विभाग की स्थापना, वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य जॉन हेवेट द्वारा।

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▪️एसोसिएटेड प्रेस ऑफ इंडिया

केशव चंद्र रॉय द्वारा स्थापित Associated Press of India (API) पहली राष्ट्रीय समाचार एजेंसी थी, आजादी के बाद Press Trust of India (PTI) के नाम से दुबारा रजिस्टर्ड हुई।

रॉयटर्स - यह राष्ट्रीय (भारतीय) नहीं थी, अंतरराष्ट्रीय थी। इसकी स्थापना API से पहले 1851 में लंदन में पॉल रॉयटर ने की थी। 1851 में ही इसका एक ऑफिस बम्बई में स्थापित किया गया। अतः भारत में काम करने वाली सबसे पुरानी न्यूज एजेंसी तो रॉयटर्स है, राष्ट्रीय पूछे तो API है।

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▪️लाला लाजपत राय ने अपने अमेरिका प्रवास (1914-19) के दौरान 1917 में अमेरिका में इंडियन होम रूल लीग की स्थापना की व जनवरी 1918 में मासिक समाचार पत्र 'यंग इंडिया' का पहला अंक प्रकाशित किया। लाला लाजपत राय ने 1917 में 'Young India: An Interpretation and A History of The Nationalist Movement' नामक किताब भी लिखी। ब्रिटिशर्स द्वारा बैन किये जाने के कारण भारत में यह 1927 में प्रकाशित हो सकी।

🔹गांधी जी ने भारत सितम्बर 1919 में गुजराती साप्ताहिक 'नवजीवन' व अक्टूबर 1919 में अंग्रेजी साप्ताहिक 'यंग इंडिया' समाचार पत्र प्रकाशित किया।

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▪️ "लाला लाजपत राय की पुस्तकें-💐💐

1. The Story of My Deportation (1908)

2. The Arya Samaj (1915)

3. The United States of America: A Hindu's impression and a study (1916)

4. England's Debt to India: A Historical Narrative to Britain's Fiscal Policy in India (1917)

5. Unhappy India (1928)- यह कैथरीन मेयो की 1927 में प्रकाशित 'Mother India' के जवाब में लिखी।

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इल्तुतमिश ने राजपूत राज्यों के विरुद्ध कई अभियान किये–

(ⅰ) रणथम्भौर विजय - 1226

(ii) मण्डोर के विरूद्ध अभियान - 1227

(iii) जालौर के विरुद्ध अभियान - 1228–29

(iv) नागौर विजय: 1230

(v) ग्वालियर दुर्ग :- 1231 (इस समय ग्वालियर शासक मलयवर्मा देव था)

(vi) कालिंजर अभियान - 1233/1234 (तायसी का नेतृत्व)

(vii) मालवा अभियान - 1234-1235
• महाकाल मन्दिर तोडा/ शिवलिंग

• भिलसा दुर्ग पर अधिकार किया।।

(viii) भूताला युद्ध - 1226 -27 →नागदा को लूटा

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