रसीदी टिकट Amrita-pritam.pdf
9.7 MB
रसीदी टिकट (अमृता प्रीतम की आत्मकथा)
#AmritaPritam #WomenLiterature
एक दिन खुशवन्त सिंह ने बातों-बातों में कहा, "तेरी जीवनी का क्या है, बस एक-आध हादसा। लिखने लगो तो रसीदी टिकट की पीठ पर लिखी जाए।'
रसीदी टिकट शायद इसलिए कहा कि बाक़ी टिकटों का साइज़ बदलता रहता है पर रसीदी टिकट का वही छोटा-सा रहता है।
ठीक ही कहा था – जो कुछ घटा, मन की तहों में घटा, और वह सब नज़्मों और नॉवलों के हवाले हो गया। फिर बाक़ी क्या रहा ?
फिर भी कुछ पंक्तियां लिख रही हूँ – कुछ ऐसे, जैसे ज़िन्दगी के लेखे-जोखे के काग़ज़ों पर एक छोटा-सा रसीदी टिकट लगा रही हूँ – नज़्मों और नॉवलों के लेखे-जोखे की कच्ची रसीद को पक्की रसीद करने के लिए।
~ अमृता प्रीतम
#AmritaPritam #WomenLiterature
एक दिन खुशवन्त सिंह ने बातों-बातों में कहा, "तेरी जीवनी का क्या है, बस एक-आध हादसा। लिखने लगो तो रसीदी टिकट की पीठ पर लिखी जाए।'
रसीदी टिकट शायद इसलिए कहा कि बाक़ी टिकटों का साइज़ बदलता रहता है पर रसीदी टिकट का वही छोटा-सा रहता है।
ठीक ही कहा था – जो कुछ घटा, मन की तहों में घटा, और वह सब नज़्मों और नॉवलों के हवाले हो गया। फिर बाक़ी क्या रहा ?
फिर भी कुछ पंक्तियां लिख रही हूँ – कुछ ऐसे, जैसे ज़िन्दगी के लेखे-जोखे के काग़ज़ों पर एक छोटा-सा रसीदी टिकट लगा रही हूँ – नज़्मों और नॉवलों के लेखे-जोखे की कच्ची रसीद को पक्की रसीद करने के लिए।
~ अमृता प्रीतम
चुने_हुए_उपन्यास_अमृता_प्रीतम.pdf
95.9 MB
चुने हुए उपन्यास – अमृता प्रीतम
इस पुस्तक में निम्न उपन्यास संकलित हैं :
पिंजर, नागमणि, यात्री, आक के पत्ते, कोई नहीं जानता, यह सच है, तेरहवाँ सूरज, उनचास दिन
#AmritaPritam #Novel
इस पुस्तक में निम्न उपन्यास संकलित हैं :
पिंजर, नागमणि, यात्री, आक के पत्ते, कोई नहीं जानता, यह सच है, तेरहवाँ सूरज, उनचास दिन
#AmritaPritam #Novel