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जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
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मैं नास्तिक क्यों हूं.pdf
13.9 MB
शहीद भगत सिंह के "मैं नास्तिक क्यों हूं " सहित कुछ अन्य लेखों और पत्रों का संकलन।
#BhagatSingh
#Krantikaari
BHAGAT SINGH - COMIC.pdf
7.7 MB
सरदार_भगत_सिंह_Biography_Hindi_by_Pran_Nath_Vanprasthi_Rajpal_And.pdf
14.5 MB
सरदार भगत सिंह
#BhagatSingh
#Krantikaari
भगत_सिंह_और_उनके_साथियों_के_सम्पूर्ण_उपलब्ध_दस्तावेज़;.pdf
6.3 MB
भगत सिंह एवं उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़
#BhagatSingh
#Krantikaari
शहीद सुखदेव-naughara-se-phansi-tak.pdf
5.9 MB
शहीद सुखदेव— नौघरा से फांसी तक
#Krantikaari
संस्मृतियाँ—क्रांतिकारी_शहीदों_के_संस्मरणात्मक_रेखाचित्र@Aadhyatmik.pdf
8.4 MB
संस्मृतियाँ (क्रांतिकारी शहीदों के संस्मरणात्मक रेखाचित्र)
— शिव वर्मा
इस पुस्तक के लेखक (शिव वर्मा) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान क्रांतिकारी और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के सदस्य थे।
#Krantikaari
@Aadhyatmik_Sahitya
सुभाष चंद्र बोस.pdf
7 MB
सुभाष चंद्र बोस — श्रीराम शर्मा आचार्य
#Krantikaari #RamSharma
पिता ने फिर पूछा कि "शास्त्रों में जो कहा गया है कि 'ब्रह्म-सत्य जगत् मिथ्या- इसके संबंध में तुमने क्या समझा है ?" सुभाष ने कहा- "जब तक यह बात केवल मुख से कही जाती है तब तक वह एक सिद्धांत मात्र है, पर जब उसके अनुसार व्यवहार किया जाता है तब वह 'सत्य' है और उसे व्यवहार में लाया जा सकता है। जिन्होंने इस वाक्य को प्रचारित किया था, वे उसके अनुसार चलते भी थे और वे कह गये हैं कि अन्य सब लोग भी इस पर चल सकते हैं।" जब पूछा गया कि "इसको कौन व्यवहार में लाया था और उसका प्रमाण क्या है ?" तो सुभाष ने उत्तर दिया- 'प्राचीन ऋषि इस सिद्धांत के अनुसार आचरण करते थे। उन्होंने जो कहा है कि- 'वेदाहमेतं पुरुषं महान्तम" (मैं उस परम पुरुष को जानता हूँ)- यही इसका प्रमाण है। इस समय भी विवेकानंद ने इस आदर्श को कार्यान्वित किया है और वही मेरा आदर्श है।"
@Aadhyatmik_Sahitya
चंद्रशेखर आजाद.pdf
3.3 MB
वीर शिरोमणि चंद्रशेखर आज़ाद
#RamSharma #Krantikaari
Chandra Shekar Azad.pdf
18.1 MB
Chandra Shekar Azad
#ComicBook #Krantikaari
Chandrashekhar Azad.pdf
1.9 MB
अमर क्रांतिवीर चंद्रशेखर आज़ाद
#Krantikaari
khudiramboserevo00hite.pdf
6.5 MB
KHUDIRAM BOSE
Revolutionary Extraordinaire

#Krantikaari
Ramprasad-Bismil-Biography-Free-Hindi-Book.pdf
11.4 MB
आत्मकथा रामप्रसाद बिस्मिल
(जेल में फांसी के दो दिन पूर्व लिखी हुई आत्मकथा)
#Krantikaari #RamPrasadBismil
सुभाष_चन्द्र_बोस_की_अधूरी_आत्‍मकथा.pdf
2.8 MB
“सुभाषचंद्र बोस की अधूरी आत्मकथा”
An Indian Pilgrim: An Unfinished Autobiography का हिन्दी अनुवाद। #Krantikaari
लाला लाजपत राय.pdf
2.6 MB
लाला लाजपत राय — श्रीराम शर्मा आचार्य
#RamSharma #Krantikaari
मैं_लाजपत_राय_बोल_रहा_हूँ.pdf
1.4 MB
मैं लाजपत राय बोल रहा हूँ
#Krantikaari

“मैं इस मंच से यह कहना चाहता हूँ कि हम पर किया गया प्रत्येक प्रहार ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगा। हमें कायरतापूर्ण आघात का प्रतिकार करना है – उन पर हिंसक प्रहार करके नहीं वरन् स्वतंत्रता प्राप्त करके । मैं सरकार को यह चेतावनी देना चाहता हूँ कि यदि इस देश में हिंसक क्रांति भड़क उठी तो उसके लिए ब्रिटिश अधिकारी उत्तरदायी होंगे। हम अब भी अपने सिद्धांतों पर अटल हैं तथा शांतिपूर्ण एवं अहिंसात्मक संघर्ष के प्रति प्रतिज्ञाबद्ध हैं। किन्तु यदि सरकारी अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं बदला तो मुझे आश्चर्य नहीं कि नौजवान काबू से बाहर हो जाएँ और देश की स्वतंत्रता के लिए जैसा चाहें, करने लगें। मैं नहीं जानता कि तब तक मैं जीवित रहूँगा या नहीं, किन्तु जीवित रहूँ या न रहूँ, यदि सरकार ने ऐसा दिन आने की नौबत पैदा की तो उन नौजवानों के पीछे खड़ी मेरी आत्मा (भाव समझा जाए) उनके संघर्ष के लिए उन्हें आशीर्वाद प्रदान करेगी।”

~ लाला लाजपतराय
( दि ट्रिब्यून, 2 नवंबर, 1928 )
राजा राममोहन राय.pdf
1.9 MB
राजा राममोहन राय
(समाज-सुधार के अग्रदूत)
#RamSharma
#Krantikaari
#RajaRamMohanRoy
राजा_राममोहन_राय_जीवन_और_दर्शन.pdf
31.2 MB
राजा राममोहन राय (जीवन और दर्शन)
— के. सी. दत्त
#RajaRamMohanRoy
#Krantikaari