Forwarded from आध्यात्मिक साहित्य
अर्थदोष अल्बैर कामू.pdf
20.1 MB
Forwarded from आध्यात्मिक साहित्य
कालिगुला अल्बैर कामू.pdf
30 MB
Forwarded from आध्यात्मिक साहित्य
न्यायप्रिय_अल्बैर_कामू.pdf
23.6 MB
लहरों के राजहंस.pdf
10.8 MB
लहरों के राजहंस- मोहन राकेश
यह एक नाटकीय विधा है, जिसमें सांसारिक सुखों और आध्यात्मिक शांति के पारस्परिक विरोध तथा उनके बीच खड़े हुए व्यक्ति के द्वारा निर्णय लेने का अनिवार्य द्वन्द्व निहित है।
#Play #MohanRakesh
यह एक नाटकीय विधा है, जिसमें सांसारिक सुखों और आध्यात्मिक शांति के पारस्परिक विरोध तथा उनके बीच खड़े हुए व्यक्ति के द्वारा निर्णय लेने का अनिवार्य द्वन्द्व निहित है।
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आषाढ़ का एक दिन.pdf
879 KB
#MohanRakesh #Play
इसी पुस्तक से...
'आषाढ़ का एक दिन' नाट्य लेखन के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। वस्तुतः हिन्दी के जिन एक-दो लेखकों ने नाटकों में यथार्थपरकता और काव्यात्मकता का श्रीगणेश किया था, 'आषाढ़ का एक दिन' उसकी महत्त्वपूर्ण परिणति है।
इस नाटक की प्रत्यक्ष विषय-वस्तु कालिदास के जीवन से सम्बन्धित है, परन्तु उसके प्रसिद्धि को प्राप्त होने से पहले उसकी प्रेयसी मल्लिका का यह नाटक है, जो उसकी अपनी नियति का ही चित्र है। वह समर्पित लड़की उससे प्रेम ही नहीं करती, वरन् उसे अपने जीवन में महान होता भी देखना चाहती है। इसके लिए उसे अपना सर्वस्व देकर प्रतीक्षा करनी पड़ती है। कालिदास मल्लिका के लिए सम्पूर्ण व्यक्तित्व और एकाकार स्वप्न की भाँति है तो मल्लिका कालिदास की एकमात्र प्रेरणा। मोहन राकेश ने जिस एकाग्रता, तीव्रता और गहराई के साथ इन भावनाओं को व्यक्त किया है वह हिन्दी नाटकों के लिए नई चीज़ है।
इसी पुस्तक से...
'आषाढ़ का एक दिन' नाट्य लेखन के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। वस्तुतः हिन्दी के जिन एक-दो लेखकों ने नाटकों में यथार्थपरकता और काव्यात्मकता का श्रीगणेश किया था, 'आषाढ़ का एक दिन' उसकी महत्त्वपूर्ण परिणति है।
इस नाटक की प्रत्यक्ष विषय-वस्तु कालिदास के जीवन से सम्बन्धित है, परन्तु उसके प्रसिद्धि को प्राप्त होने से पहले उसकी प्रेयसी मल्लिका का यह नाटक है, जो उसकी अपनी नियति का ही चित्र है। वह समर्पित लड़की उससे प्रेम ही नहीं करती, वरन् उसे अपने जीवन में महान होता भी देखना चाहती है। इसके लिए उसे अपना सर्वस्व देकर प्रतीक्षा करनी पड़ती है। कालिदास मल्लिका के लिए सम्पूर्ण व्यक्तित्व और एकाकार स्वप्न की भाँति है तो मल्लिका कालिदास की एकमात्र प्रेरणा। मोहन राकेश ने जिस एकाग्रता, तीव्रता और गहराई के साथ इन भावनाओं को व्यक्त किया है वह हिन्दी नाटकों के लिए नई चीज़ है।
Andha Yug Bharti by Dharm Veer Bharti- Kitab Mahal.pdf
32.4 MB
अंधा युग (नाटक) #Play
— धर्मवीर भारती #DharamvirBharati
इस कृति का आकाशवाणी द्वारा रेडियो नाट्य रूपांतरण:
https://youtube.com/playlist?list=PLRPX09dBbxuMDWRdBm-x3egq_-pCdDrtJ&si=EZA8pi3cL0DK9_S2
— धर्मवीर भारती #DharamvirBharati
इस कृति का आकाशवाणी द्वारा रेडियो नाट्य रूपांतरण:
https://youtube.com/playlist?list=PLRPX09dBbxuMDWRdBm-x3egq_-pCdDrtJ&si=EZA8pi3cL0DK9_S2
पगला_घोड़ा_एवं_इंद्रजित_बादल_सरकार.pdf
17.5 MB
पगला घोड़ा/एवम् इन्द्रजित (नाटक) – बादल सरकार
#Play
#Play
बच्चन रचनावली - खण्ड 5.pdf
68.1 MB
बच्चन रचनावली - खण्ड 5
#HarivanshRaiBachchan
#Shakespeare #Play
✅ खण्ड 5/11
बच्चन रचनावली के इस पाँचवें खण्ड में बच्चनजी के द्वारा अनूदित शेक्सपियर के चार नाटक निम्न क्रम से संगृहीत हैं : ‘मैकबेथ’ (1957), ‘ओथेलो’, (1959), ‘हैमलेट’ (1969), ‘किंगलियर’ (1972)।
#HarivanshRaiBachchan
#Shakespeare #Play
✅ खण्ड 5/11
बच्चन रचनावली के इस पाँचवें खण्ड में बच्चनजी के द्वारा अनूदित शेक्सपियर के चार नाटक निम्न क्रम से संगृहीत हैं : ‘मैकबेथ’ (1957), ‘ओथेलो’, (1959), ‘हैमलेट’ (1969), ‘किंगलियर’ (1972)।
प्रेम_की_पराकाष्ठा_ऑस्कर_वाइल्ड.pdf
6.1 MB
प्रेम की पराकाष्ठा – ऑस्कर वाइल्ड
“The Duchess of Padua” by Oscar Wilde का हिन्दी अनुवाद
#OscarWilde #Play
“The Duchess of Padua” by Oscar Wilde का हिन्दी अनुवाद
#OscarWilde #Play