अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक है।
इसका विस्तार इस प्रकार है—
उद्गम (आरंभ): गुजरात के पालनपुर (पालनपुर/पालनपुर के पास)
अंत: दिल्ली तक
कुल लंबाई: लगभग 800 किमी
राज्यों के अनुसार विस्तार:
1. गुजरात
2. राजस्थान (सबसे अधिक भाग)
3. हरियाणा
4. दिल्ली (दिल्ली रिज)
राजस्थान में प्रमुख जिले जहाँ अरावली फैली है।
सिरोही → उदयपुर → राजसमंद → भीलवाड़ा → अजमेर → जयपुर → अलवर
महत्वपूर्ण तथ्य:
• अरावली उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली है।
• इसका सबसे ऊंचा शिखर गुरु शिखर (1722 मीटर) है, जो माउंट आबू (राजस्थान) में स्थित है।
• यह मरुस्थल के प्रसार को रोकने में सहायक है और राजस्थान की जलवायु पर प्रभाव डालती है।
इसका विस्तार इस प्रकार है—
उद्गम (आरंभ): गुजरात के पालनपुर (पालनपुर/पालनपुर के पास)
अंत: दिल्ली तक
कुल लंबाई: लगभग 800 किमी
राज्यों के अनुसार विस्तार:
1. गुजरात
2. राजस्थान (सबसे अधिक भाग)
3. हरियाणा
4. दिल्ली (दिल्ली रिज)
राजस्थान में प्रमुख जिले जहाँ अरावली फैली है।
सिरोही → उदयपुर → राजसमंद → भीलवाड़ा → अजमेर → जयपुर → अलवर
महत्वपूर्ण तथ्य:
• अरावली उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली है।
• इसका सबसे ऊंचा शिखर गुरु शिखर (1722 मीटर) है, जो माउंट आबू (राजस्थान) में स्थित है।
• यह मरुस्थल के प्रसार को रोकने में सहायक है और राजस्थान की जलवायु पर प्रभाव डालती है।
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रणनीति की जीत – एक प्रेरणादायक कहानी 🔥
एक समय की बात है। एक बहुत बड़े साम्राज्य में एक शक्तिशाली राजा राज करता था। राजा के अस्तबल में एक बेहद फुर्तीला और तेज़ दौड़ने वाला घोड़ा था, जिस पर पूरे राज्य को गर्व था। उस घोड़े को हर समय बढ़िया खाना, आराम और देखभाल मिलती थी।
उसी राज्य में एक गरीब किसान भी रहता था। उसके पास भी एक घोड़ा था, लेकिन उसकी हालत अच्छी नहीं थी। किसान इतना निर्धन था कि कई बार उसके घोड़े को भरपेट खाना भी नहीं मिल पाता था। अभावों में पला-बढ़ा वह घोड़ा कठिन परिस्थितियों का आदी था।
एक दिन राजा ने पूरे राज्य में एक भव्य घुड़दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन कराया। राजा के घोड़े के साथ-साथ किसान के घोड़े को भी आमंत्रित किया गया।
राजा के घोड़े के लिए कोई कमी नहीं थी—खाना, पानी, देखभाल सब कुछ उत्तम।
लेकिन किसान के घोड़े को रोज़ की तरह सीमित भोजन ही मिल सका।
दौड़ से एक दिन पहले राजा के घोड़े को खूब खिलाया गया ताकि वह पूरी ताकत के साथ दौड़े।
किसान ने सोचा—
“अगर मैं भी अपने घोड़े को ज़्यादा खिला दूँ, तो वह भारी हो जाएगा। खाली पेट दौड़ना ज़्यादा बेहतर होता है। ताकत सिर्फ खाने से नहीं, समझ से भी आती है।”
दौड़ के दिन राजा का घोड़ा पूरी तरह तृप्त होकर मैदान में उतरा। शुरुआत में वह तेज़ दौड़ा, लेकिन कुछ दूरी के बाद उसकी रफ्तार कम होने लगी।
वहीं किसान का घोड़ा, जो संघर्षों का अभ्यस्त था, संतुलित ऊर्जा और सही रणनीति के साथ अंत तक पूरी ताकत से दौड़ा और दौड़ जीत गया।
राजा को यह समझने में देर नहीं लगी कि
सुविधाएँ हमेशा जीत नहीं दिलातीं, बल्कि अनुभव और सही रणनीति दिलाती है।
कहानी से सीख
यह कहानी हमें सिखाती है कि अंतिम समय में रणनीति सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है।
जैसे घुड़दौड़ में आख़िरी तैयारी ने जीत दिलाई, वैसे ही—
एग्ज़ाम के अंतिम दिनों में नए-नए कोर्स जॉइन करना, नई किताबें पढ़ना,नई चीज़ें शुरू करना फायदे की जगह नुकसान कर सकता है।
अंतिम समय में ध्यान होना चाहिए:
• सिर्फ रिवीजन पर
• टेस्ट सीरीज़ देने पर
• अपनी कमज़ोरियों को सुधारने पर
पहले से पढ़े हुए नोट्स को बार-बार दोहराने पर
याद रखिए—
जीत आख़िरी समय की समझदारी से मिलती है, न कि आख़िरी समय की भागदौड़ से। 🔥
एक समय की बात है। एक बहुत बड़े साम्राज्य में एक शक्तिशाली राजा राज करता था। राजा के अस्तबल में एक बेहद फुर्तीला और तेज़ दौड़ने वाला घोड़ा था, जिस पर पूरे राज्य को गर्व था। उस घोड़े को हर समय बढ़िया खाना, आराम और देखभाल मिलती थी।
उसी राज्य में एक गरीब किसान भी रहता था। उसके पास भी एक घोड़ा था, लेकिन उसकी हालत अच्छी नहीं थी। किसान इतना निर्धन था कि कई बार उसके घोड़े को भरपेट खाना भी नहीं मिल पाता था। अभावों में पला-बढ़ा वह घोड़ा कठिन परिस्थितियों का आदी था।
एक दिन राजा ने पूरे राज्य में एक भव्य घुड़दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन कराया। राजा के घोड़े के साथ-साथ किसान के घोड़े को भी आमंत्रित किया गया।
राजा के घोड़े के लिए कोई कमी नहीं थी—खाना, पानी, देखभाल सब कुछ उत्तम।
लेकिन किसान के घोड़े को रोज़ की तरह सीमित भोजन ही मिल सका।
दौड़ से एक दिन पहले राजा के घोड़े को खूब खिलाया गया ताकि वह पूरी ताकत के साथ दौड़े।
किसान ने सोचा—
“अगर मैं भी अपने घोड़े को ज़्यादा खिला दूँ, तो वह भारी हो जाएगा। खाली पेट दौड़ना ज़्यादा बेहतर होता है। ताकत सिर्फ खाने से नहीं, समझ से भी आती है।”
दौड़ के दिन राजा का घोड़ा पूरी तरह तृप्त होकर मैदान में उतरा। शुरुआत में वह तेज़ दौड़ा, लेकिन कुछ दूरी के बाद उसकी रफ्तार कम होने लगी।
वहीं किसान का घोड़ा, जो संघर्षों का अभ्यस्त था, संतुलित ऊर्जा और सही रणनीति के साथ अंत तक पूरी ताकत से दौड़ा और दौड़ जीत गया।
राजा को यह समझने में देर नहीं लगी कि
सुविधाएँ हमेशा जीत नहीं दिलातीं, बल्कि अनुभव और सही रणनीति दिलाती है।
कहानी से सीख
यह कहानी हमें सिखाती है कि अंतिम समय में रणनीति सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है।
जैसे घुड़दौड़ में आख़िरी तैयारी ने जीत दिलाई, वैसे ही—
एग्ज़ाम के अंतिम दिनों में नए-नए कोर्स जॉइन करना, नई किताबें पढ़ना,नई चीज़ें शुरू करना फायदे की जगह नुकसान कर सकता है।
अंतिम समय में ध्यान होना चाहिए:
• सिर्फ रिवीजन पर
• टेस्ट सीरीज़ देने पर
• अपनी कमज़ोरियों को सुधारने पर
पहले से पढ़े हुए नोट्स को बार-बार दोहराने पर
याद रखिए—
जीत आख़िरी समय की समझदारी से मिलती है, न कि आख़िरी समय की भागदौड़ से। 🔥
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✨शिल्पग्राम उत्सव, हवाला (उदयपुर)
▪️पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (WZCC) द्वारा आयोजित।
▪️ उद्घाटन - राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े द्वारा।
🏆 डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार:
1. रामनाथ चौधरी (जयपुर, राजस्थान):
▪️विशेषता: यह नाक से अलगोजा बजाने वाले दुनिया के इकलौते कलाकार माने जाते हैं।
2. डॉ. निरंजन वल्लभभाई राज्यगुरु (राजकोट, गुजरात)
▪️योगदान: इन्होंने लोक एवं भक्ति संगीत पर फील्ड वर्क कर 700 घंटे का ध्वनि मुद्रांकन (Recording) किया है।
💰 पुरस्कार राशि: प्रत्येक कलाकार को 2.51 लाख रुपये और एक रजत पट्टिका प्रदान की गई।
▪️पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (WZCC) द्वारा आयोजित।
▪️ उद्घाटन - राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े द्वारा।
🏆 डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार:
1. रामनाथ चौधरी (जयपुर, राजस्थान):
▪️विशेषता: यह नाक से अलगोजा बजाने वाले दुनिया के इकलौते कलाकार माने जाते हैं।
2. डॉ. निरंजन वल्लभभाई राज्यगुरु (राजकोट, गुजरात)
▪️योगदान: इन्होंने लोक एवं भक्ति संगीत पर फील्ड वर्क कर 700 घंटे का ध्वनि मुद्रांकन (Recording) किया है।
💰 पुरस्कार राशि: प्रत्येक कलाकार को 2.51 लाख रुपये और एक रजत पट्टिका प्रदान की गई।
👍16❤8😍2
प्रबंधन सिद्धान्तो का जन्मदाता माना जाता है।
Anonymous Quiz
26%
लूथर गुलिक
26%
जेम्स सिल्वर
46%
हेनरी फियोल
3%
ल. D. लार्ड
❤13👍7😍6
निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के लिए विशेष प्रशिक्षण के लिए अधिकतम अवधि कितनी होगी ...?
Anonymous Quiz
20%
तीन मास तक की
37%
दो वर्ष तक की
29%
तीन वर्ष तक की
13%
4 वर्ष तक की
👍14❤8😍5
RTE-2011 के तहत किस धारा के तहत विद्यालयों को मान्यता दी जाती है
Anonymous Quiz
21%
धारा 12
32%
धारा 13
37%
धारा 14
10%
धारा 15
😍8❤7👍7👌2
"General and Industrial management" पुस्तक किसकी है जो 1916 में प्रकाशित हुई ...?
Anonymous Quiz
36%
सर हेनरी फेयोल
25%
w. टेलर
36%
विलियम लूईक
4%
गुलिक
😍11❤8👍7👌2😢1
❤11👍6😍4
निम्न में से प्रबंधन की प्रकृति है ...?
Anonymous Quiz
3%
प्रबंधन एक कला है।
9%
प्रबंधन एक विज्ञान है
37%
प्रबंधन एक उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है
51%
उपरोक्त सभी
❤14👍6😍4😢1
✅ वन डिस्ट्रिक्ट वन डेस्टिनेशन योजना (राजस्थान)
📌 राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा छोटे-छोटे जिलों के अनदेखे पर्यटन स्थलों को विश्व मानचित्र पर लाने हेतु योजना शुरू की गई।
🌿 चयनित पर्यटन स्थल –
1️⃣ चुरू – तालछप्पर धाम
2️⃣ जोधपुर – मेहरानगढ़ दुर्ग
3️⃣ पाली – रणकपुर मंदिर
4️⃣ बांसवाड़ा – त्रिपुरा सुंदरी
5️⃣ बीकानेर – देशनोक धाम
6️⃣ उदयपुर – एकलिंगनाथ व प्रपात झील (झील झरना)
7️⃣ सिरोही – माउंट आबू
8️⃣ प्रतापगढ़ – सीतामाता वन्य जीव अभयारण्य
9️⃣ दौसा – भंडारेज किला
🔟 नागौर – खिंवसर दुर्ग
1️⃣1️⃣ बाड़मेर – विरात्रा मां व तिलवाड़ा मंदिर
1️⃣2️⃣ सीकर – खाटूश्यामजी मंदिर, हरसिद्ध भैरव मंदिर, जीण माता मंदिर
13 सीताबाड़ी - बारा
📌 राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा छोटे-छोटे जिलों के अनदेखे पर्यटन स्थलों को विश्व मानचित्र पर लाने हेतु योजना शुरू की गई।
🌿 चयनित पर्यटन स्थल –
1️⃣ चुरू – तालछप्पर धाम
2️⃣ जोधपुर – मेहरानगढ़ दुर्ग
3️⃣ पाली – रणकपुर मंदिर
4️⃣ बांसवाड़ा – त्रिपुरा सुंदरी
5️⃣ बीकानेर – देशनोक धाम
6️⃣ उदयपुर – एकलिंगनाथ व प्रपात झील (झील झरना)
7️⃣ सिरोही – माउंट आबू
8️⃣ प्रतापगढ़ – सीतामाता वन्य जीव अभयारण्य
9️⃣ दौसा – भंडारेज किला
🔟 नागौर – खिंवसर दुर्ग
1️⃣1️⃣ बाड़मेर – विरात्रा मां व तिलवाड़ा मंदिर
1️⃣2️⃣ सीकर – खाटूश्यामजी मंदिर, हरसिद्ध भैरव मंदिर, जीण माता मंदिर
13 सीताबाड़ी - बारा
❤14👍10😍4
प्रथम महायुद्ध के दौरान 23 सितंबर, 1918 ई. को मेजर दलपत सिंह शेखावत (जोधपुर) ने इजराइल के हाइफा शहर को तुर्की सेना के आधिपत्य से मुक्त करवाते हुए वीरगति प्राप्त की। मेजर दलपत सिंह 'हाइफा हीरो' के नाम से प्रसिद्ध हुए और उन्हें मरणोपरांत ब्रिटिश सेना के सर्वोच्च सम्मान 'मिल्ट्री क्रॉस' से सम्मानित किया गया।
दिल्ली में त्रिमूर्ति भवन एवं रॉयल गैलेरी लन्दन में उनकी मूर्ति लगी हुई है।
#फैक्ट ❤️☘
दिल्ली में त्रिमूर्ति भवन एवं रॉयल गैलेरी लन्दन में उनकी मूर्ति लगी हुई है।
#फैक्ट ❤️☘
❤14👍9😍6
परीक्षा में अक्सर प्रजामंडल के संस्थापक पूछे जाते हैं, इन्हें ऐसे याद रखें:
जोधपुर (मारवाड़): जय नारायण व्यास (शेर-ए-राजस्थान)।
उदयपुर (मेवाड़): माणिक्य लाल वर्मा (पंछिड़ा गीत वाले)।
जयपुर: जमनालाल बजाज और कपूरचंद पाटनी।
बीकानेर: मघाराम वैद्य (बीकानेर में 'वैद्य' की जरूरत है)।
अलवर: हरिनारायण शर्मा।
कोटा: नयनूराम शर्मा (कोटा में 'नयन' यानी आंखें)।
❤18👍9😍5
◾️ सिलीसेढ़ झील रामसर सूची में शामिल
घोषणा - 12 दिसंबर, 2025
छत्तीसगढ़ का कोपरा जलाशय(95th) तथा अलवर की सिलीसेढ़ झील (96th) को रामसर सूची में शामिल किया गया।
इसके साथ अब देश में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 96 हो गई।
राजस्थान में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर पांच हो गई -
1. केवलादेव राष्ट्रीय अभ्यारण (1981)
2. सांभर झील (1990)
3. मेनार गांव (उदयपुर) - 5 जून 2025
4. खीचन (फलोदी) - 5 जून 2025
5. सिलीसेढ़ झील (अलवर) - 12 दिसंबर 2025
घोषणा - 12 दिसंबर, 2025
छत्तीसगढ़ का कोपरा जलाशय(95th) तथा अलवर की सिलीसेढ़ झील (96th) को रामसर सूची में शामिल किया गया।
इसके साथ अब देश में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 96 हो गई।
राजस्थान में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर पांच हो गई -
1. केवलादेव राष्ट्रीय अभ्यारण (1981)
2. सांभर झील (1990)
3. मेनार गांव (उदयपुर) - 5 जून 2025
4. खीचन (फलोदी) - 5 जून 2025
5. सिलीसेढ़ झील (अलवर) - 12 दिसंबर 2025
❤18👍12😍10
🐎 राष्ट्रीय मारवाड़ी अश्व शो महाकुंभ – 2025
📅 3–4 दिसंबर 2025
📍 जैसा पैलेस, रणसीगांव
🎯 उद्देश्य – मारवाड़ी घोड़े की शान को राष्ट्रीय–वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना
🏛 आयोजन – AIMHS जोधपुर व जैसा स्टड फार्म
🐴 प्रतिभागी – 700+ मारवाड़ी घोड़े
🌍 शामिल राज्य – पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, एमपी, झारखंड, तमिलनाडु
🏆 मूल्यांकन – शुद्ध नस्ल, चाल, सौंदर्य, स्टैमिना, कद–काठी
📅 3–4 दिसंबर 2025
📍 जैसा पैलेस, रणसीगांव
🎯 उद्देश्य – मारवाड़ी घोड़े की शान को राष्ट्रीय–वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना
🏛 आयोजन – AIMHS जोधपुर व जैसा स्टड फार्म
🐴 प्रतिभागी – 700+ मारवाड़ी घोड़े
🌍 शामिल राज्य – पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, एमपी, झारखंड, तमिलनाडु
🏆 मूल्यांकन – शुद्ध नस्ल, चाल, सौंदर्य, स्टैमिना, कद–काठी
❤22👍9😍4
🚰 फिरोजपुर फीडर पुनर्निर्माण
🔨 शिलान्यास – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
📅 तिथि – 5 दिसंबर 2024
🎯 परियोजना उद्देश्य
🛠 नहरी तंत्र को मजबूत बनाना
💧 गंगनहर में सालभर पर्याप्त पानी
🚜 रबी–खरीफ फसलों हेतु सिंचाई सुनिश्चित
🌾 किसानों को लाभ
💦 हरिके बैराज से अधिक पानी
🌊 गंगनहर को सीधा लाभ
📍 3.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित
🌱 उत्पादन वृद्धि
💰 वित्तीय विवरण
🧾 बजट – 200 करोड़
💵 कुल लागत – 647.62 करोड़
🏛 पंजाब हिस्सेदारी – 379.12 करोड़
🏛 राजस्थान हिस्सेदारी – 268.50 करोड़
📜 ऐतिहासिक संदर्भ
🗓 5 दिसंबर 1925 – महाराजा गंगा सिंह का शिलान्यास
🎉 2025 – परियोजना के 100 वर्ष
📈 अपेक्षित परिणाम
📊 पानी आहरण क्षमता में वृद्धि
🧩 नहरी तंत्र अधिक कुशल व टिकाऊ
🔒 दीर्घकालिक जल प्रबंधन मजबूत
🔨 शिलान्यास – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
📅 तिथि – 5 दिसंबर 2024
🎯 परियोजना उद्देश्य
🛠 नहरी तंत्र को मजबूत बनाना
💧 गंगनहर में सालभर पर्याप्त पानी
🚜 रबी–खरीफ फसलों हेतु सिंचाई सुनिश्चित
🌾 किसानों को लाभ
💦 हरिके बैराज से अधिक पानी
🌊 गंगनहर को सीधा लाभ
📍 3.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित
🌱 उत्पादन वृद्धि
💰 वित्तीय विवरण
🧾 बजट – 200 करोड़
💵 कुल लागत – 647.62 करोड़
🏛 पंजाब हिस्सेदारी – 379.12 करोड़
🏛 राजस्थान हिस्सेदारी – 268.50 करोड़
📜 ऐतिहासिक संदर्भ
🗓 5 दिसंबर 1925 – महाराजा गंगा सिंह का शिलान्यास
🎉 2025 – परियोजना के 100 वर्ष
📈 अपेक्षित परिणाम
📊 पानी आहरण क्षमता में वृद्धि
🧩 नहरी तंत्र अधिक कुशल व टिकाऊ
🔒 दीर्घकालिक जल प्रबंधन मजबूत
❤15😍8👍4😢1
👩💼 राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन
📍 आयोजन स्थल – धौलपुर
🚀 मुख्य पहल
💰 लखपति दीदी योजना –
🔹 5,000 दीदियों को ₹100 करोड़ ऋण
🔹 दीदी/कृषि सखी/पशु सखी को टैबलेट
🏥 आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी –
🔹 मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
🔹 अन्य राज्यों में भी कैशलेस इलाज
🥇 देश का पहला राज्य – राजस्थान
💸 DBT हस्तांतरण –
👵 सामाजिक सुरक्षा पेंशन – ₹1100 करोड़ (1 लाख लाभार्थी)
👶 पालनहार योजना – ₹103 करोड़ (5.95 लाख)
🎓 उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति – ₹2.5 करोड़ (5,000 छात्र)
📚 SC/ST प्री-मैट्रिक – ₹15 करोड़ (1.55 लाख छात्र)
🎯 महत्व – महिला सशक्तिकरण | सामाजिक सुरक्षा | स्वास्थ्य पोर्टेबिलिटी
📍 आयोजन स्थल – धौलपुर
🚀 मुख्य पहल
💰 लखपति दीदी योजना –
🔹 5,000 दीदियों को ₹100 करोड़ ऋण
🔹 दीदी/कृषि सखी/पशु सखी को टैबलेट
🏥 आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी –
🔹 मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
🔹 अन्य राज्यों में भी कैशलेस इलाज
🥇 देश का पहला राज्य – राजस्थान
💸 DBT हस्तांतरण –
👵 सामाजिक सुरक्षा पेंशन – ₹1100 करोड़ (1 लाख लाभार्थी)
👶 पालनहार योजना – ₹103 करोड़ (5.95 लाख)
🎓 उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति – ₹2.5 करोड़ (5,000 छात्र)
📚 SC/ST प्री-मैट्रिक – ₹15 करोड़ (1.55 लाख छात्र)
🎯 महत्व – महिला सशक्तिकरण | सामाजिक सुरक्षा | स्वास्थ्य पोर्टेबिलिटी
👍10😍6❤4