आप सगळा ने मायड़ भाषा दिवस री घणी-घणी बधाइयां 💐
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न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) ⚖️
1️⃣ अर्थ एवं परिभाषा
🔹 अभिप्राय: न्यायालय द्वारा कार्यपालिका एवं व्यवस्थापिका के कार्यों की वैधता की जाँच करना।
🔹 कार्य: कानूनों तथा प्रशासनिक निर्णयों की संवैधानिकता की जाँच करना।
🔹 परिणाम: यदि कोई कानून या नीति संविधान के किसी प्रावधान का अतिक्रमण करती है, तो उसे असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है।
2️⃣ उद्गम एवं प्रेरणा
🔹 भारत में यह शक्ति अमेरिकी संविधान से प्रेरित है।
3️⃣ न्यायिक पुनरावलोकन से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
(यद्यपि ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ शब्द संविधान में उल्लेखित नहीं है, निम्न अनुच्छेद इसका आधार हैं)
🔹 अनुच्छेद 13(2): राज्य द्वारा बनाया गया कोई भी कानून यदि मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है।
🔹 अनुच्छेद 32: मूल अधिकारों के उल्लंघन पर कोई भी नागरिक सीधे उच्चतम न्यायालय की शरण ले सकता है।
🔹 अनुच्छेद 132: संविधान की व्याख्या से संबंधित प्रश्नों पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय अंतिम होता है।
🔹 अनुच्छेद 246: संघ व राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन – उल्लंघन की स्थिति में कानून अवैध ठहराया जा सकता है।
🔹 अनुच्छेद 368: यदि संविधान संशोधन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया गया हो, तो न्यायालय उसे अवैध घोषित कर सकता है।
4️⃣ क्षेत्राधिकार (Scope)
🔹 यह शक्ति सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय दोनों के पास है।
5️⃣ प्रमुख विशेषताएँ
🔹 मूल संरचना सिद्धांत के अंतर्गत न्यायिक समीक्षा को संविधान की मूलभूत विशेषता माना गया है।
🔹 इसे न तो संविधान संशोधन द्वारा हटाया जा सकता है और न ही सीमित किया जा सकता है।
6️⃣ संशोधनों से संबंधित बिंदु
🔹 38वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1975): राष्ट्रपति के निर्णय को न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर किया गया था।
🔹 44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1978): उक्त प्रावधान समाप्त कर दिया गया।
🔹 वर्तमान स्थिति: राष्ट्रपति शासन के निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।
7️⃣ महत्वपूर्ण तथ्य
🔹 ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ शब्द संविधान में शाब्दिक रूप से नहीं है, परंतु विभिन्न अनुच्छेदों के माध्यम से यह शक्ति सुनिश्चित की गई है।
1️⃣ अर्थ एवं परिभाषा
🔹 अभिप्राय: न्यायालय द्वारा कार्यपालिका एवं व्यवस्थापिका के कार्यों की वैधता की जाँच करना।
🔹 कार्य: कानूनों तथा प्रशासनिक निर्णयों की संवैधानिकता की जाँच करना।
🔹 परिणाम: यदि कोई कानून या नीति संविधान के किसी प्रावधान का अतिक्रमण करती है, तो उसे असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है।
2️⃣ उद्गम एवं प्रेरणा
🔹 भारत में यह शक्ति अमेरिकी संविधान से प्रेरित है।
3️⃣ न्यायिक पुनरावलोकन से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
(यद्यपि ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ शब्द संविधान में उल्लेखित नहीं है, निम्न अनुच्छेद इसका आधार हैं)
🔹 अनुच्छेद 13(2): राज्य द्वारा बनाया गया कोई भी कानून यदि मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है।
🔹 अनुच्छेद 32: मूल अधिकारों के उल्लंघन पर कोई भी नागरिक सीधे उच्चतम न्यायालय की शरण ले सकता है।
🔹 अनुच्छेद 132: संविधान की व्याख्या से संबंधित प्रश्नों पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय अंतिम होता है।
🔹 अनुच्छेद 246: संघ व राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन – उल्लंघन की स्थिति में कानून अवैध ठहराया जा सकता है।
🔹 अनुच्छेद 368: यदि संविधान संशोधन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया गया हो, तो न्यायालय उसे अवैध घोषित कर सकता है।
4️⃣ क्षेत्राधिकार (Scope)
🔹 यह शक्ति सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय दोनों के पास है।
5️⃣ प्रमुख विशेषताएँ
🔹 मूल संरचना सिद्धांत के अंतर्गत न्यायिक समीक्षा को संविधान की मूलभूत विशेषता माना गया है।
🔹 इसे न तो संविधान संशोधन द्वारा हटाया जा सकता है और न ही सीमित किया जा सकता है।
6️⃣ संशोधनों से संबंधित बिंदु
🔹 38वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1975): राष्ट्रपति के निर्णय को न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर किया गया था।
🔹 44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1978): उक्त प्रावधान समाप्त कर दिया गया।
🔹 वर्तमान स्थिति: राष्ट्रपति शासन के निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।
7️⃣ महत्वपूर्ण तथ्य
🔹 ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ शब्द संविधान में शाब्दिक रूप से नहीं है, परंतु विभिन्न अनुच्छेदों के माध्यम से यह शक्ति सुनिश्चित की गई है।
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भारतविस्तार : जयपुर से शुभारंभ
▪️कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए
‘भारतविस्तार’ का शुभारंभ 17 फरवरी को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान (श्याम), दुर्गापुरा, जयपुर में किया जाएगा।
▪️केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ‘भारतविस्तार’ एक बहुभाषी, एआई-आधारित संवादात्मक परामर्श प्रणाली है।
▪️उद्देश्य : किसानों की उत्पादकता बढ़ाना, लागत कम करना एवं जोखिम को न्यूनतम करना।
▪️कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए
‘भारतविस्तार’ का शुभारंभ 17 फरवरी को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान (श्याम), दुर्गापुरा, जयपुर में किया जाएगा।
▪️केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ‘भारतविस्तार’ एक बहुभाषी, एआई-आधारित संवादात्मक परामर्श प्रणाली है।
▪️उद्देश्य : किसानों की उत्पादकता बढ़ाना, लागत कम करना एवं जोखिम को न्यूनतम करना।
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➲राजस्थान का जलियावाला बाग - मानगढ,
बांसवाड़ा
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राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024: (Ras Mains Special)
- सतत औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए शुरु की गई योजना।
- शुभारम्भ: 8 अक्टूबर, 2024 को
- विजन: राजस्थान को सतत औद्योगिकीकरण में अग्रणी बनाना (Leading State)।
प्रमुख क्षेत्र एवं विशेष बल (Focus Sectors & Areas) :-
• विनिर्माण (Manufacturing)
• सेवाएं (Services)
• सनराइज इंडस्ट्रीज (Sunrise Industries)
MSME
• स्टार्ट-अप्स (Start-ups)
• औद्योगिक अवसंरचना
• अनुसंधान एवं विकास (R&D)
• ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC)
• परीक्षण प्रयोगशालाएं।
विशेष बल (Special Emphasis):
• हरित विकास (Green Development)।
• निर्यात संवर्द्धन (Export Promotion)।
• क्षमता निर्माण।
परिसम्पत्ति सृजन प्रोत्साहन (Asset Creation Incentive) :-
कर प्रतिपूर्ति (Tax Reimbursement) का लाभ:
पात्र इकाइयों को 7 वर्षों की अवधि हेतु देय एवं जमा राज्य कर की 75% तक प्रतिपूर्ति (Reimbursement) प्रदान की जाती है।
न्यूनतम निवेश :-
- विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) : न्यूनतम निवेश - ₹50 करोड़ एवं विशेष श्रेणी निवेश- MSME हेतु ₹25 करोड़।
- सेवा क्षेत्र (Service Sector): न्यूनतम निवेश- ₹25 करोड़ एवं विशेष श्रेणी निवेश- पर्यटन (Tourism) हेतु ₹10 करोड़।
वैकल्पिक एवं अतिरिक्त प्रोत्साहन (Alternative & Additional Incentives) :-
- वैकल्पिक चयन: पूंजी अनुदान (Capital Subsidy) या टर्नओवर-आधारित प्रोत्साहन (वाणिज्यिक उत्पादन के बाद 10 वर्षों तक वार्षिक रूप से)।
- अतिरिक्त टॉप-अप प्रोत्साहन (Top-up Incentives):
• एम्प्लॉयर बूस्टर (10-15%)
• थ्रस्ट बूस्टर (10%)
• एंकर बूस्टर (20%)
- शुल्क में पूर्ण छूट: बैंकिंग, डीलिंग एवं ट्रांसमिशन शुल्कों में पूर्ण छूट/प्रतिपूर्ति।
महत्वपूर्ण रियायतें (Other Key Exemptions) :-
- 100% विद्युत एवं मंडी शुल्क में छूट: 7 वर्षों के लिए विद्युत शुल्क (Electricity Duty) व मंडी शुल्कों की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति।
- 75% & 25% स्टाम्प ड्यूटी एवं रूपांतरण शुल्क (Stamp Duty & Conversion Fee): स्टाम्प ड्यूटी में 75% की छूट व 25% की प्रतिपूर्ति।
योजना की वर्तमान प्रगति (Current Progress) :-
- ₹1.65 लाख करोड़ का प्रस्तावित निवेश।
- वर्ष 2025-26 (दिसंबर तक) 3,914 इकाइयों को पात्रता प्रमाण-पत्र (Eligibility Certificates) जारी।
- सतत औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए शुरु की गई योजना।
- शुभारम्भ: 8 अक्टूबर, 2024 को
- विजन: राजस्थान को सतत औद्योगिकीकरण में अग्रणी बनाना (Leading State)।
प्रमुख क्षेत्र एवं विशेष बल (Focus Sectors & Areas) :-
• विनिर्माण (Manufacturing)
• सेवाएं (Services)
• सनराइज इंडस्ट्रीज (Sunrise Industries)
MSME
• स्टार्ट-अप्स (Start-ups)
• औद्योगिक अवसंरचना
• अनुसंधान एवं विकास (R&D)
• ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC)
• परीक्षण प्रयोगशालाएं।
विशेष बल (Special Emphasis):
• हरित विकास (Green Development)।
• निर्यात संवर्द्धन (Export Promotion)।
• क्षमता निर्माण।
परिसम्पत्ति सृजन प्रोत्साहन (Asset Creation Incentive) :-
कर प्रतिपूर्ति (Tax Reimbursement) का लाभ:
पात्र इकाइयों को 7 वर्षों की अवधि हेतु देय एवं जमा राज्य कर की 75% तक प्रतिपूर्ति (Reimbursement) प्रदान की जाती है।
न्यूनतम निवेश :-
- विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) : न्यूनतम निवेश - ₹50 करोड़ एवं विशेष श्रेणी निवेश- MSME हेतु ₹25 करोड़।
- सेवा क्षेत्र (Service Sector): न्यूनतम निवेश- ₹25 करोड़ एवं विशेष श्रेणी निवेश- पर्यटन (Tourism) हेतु ₹10 करोड़।
वैकल्पिक एवं अतिरिक्त प्रोत्साहन (Alternative & Additional Incentives) :-
- वैकल्पिक चयन: पूंजी अनुदान (Capital Subsidy) या टर्नओवर-आधारित प्रोत्साहन (वाणिज्यिक उत्पादन के बाद 10 वर्षों तक वार्षिक रूप से)।
- अतिरिक्त टॉप-अप प्रोत्साहन (Top-up Incentives):
• एम्प्लॉयर बूस्टर (10-15%)
• थ्रस्ट बूस्टर (10%)
• एंकर बूस्टर (20%)
- शुल्क में पूर्ण छूट: बैंकिंग, डीलिंग एवं ट्रांसमिशन शुल्कों में पूर्ण छूट/प्रतिपूर्ति।
महत्वपूर्ण रियायतें (Other Key Exemptions) :-
- 100% विद्युत एवं मंडी शुल्क में छूट: 7 वर्षों के लिए विद्युत शुल्क (Electricity Duty) व मंडी शुल्कों की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति।
- 75% & 25% स्टाम्प ड्यूटी एवं रूपांतरण शुल्क (Stamp Duty & Conversion Fee): स्टाम्प ड्यूटी में 75% की छूट व 25% की प्रतिपूर्ति।
योजना की वर्तमान प्रगति (Current Progress) :-
- ₹1.65 लाख करोड़ का प्रस्तावित निवेश।
- वर्ष 2025-26 (दिसंबर तक) 3,914 इकाइयों को पात्रता प्रमाण-पत्र (Eligibility Certificates) जारी।
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सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना
मासिक पेंशन राशि 1,250 से बढ़ाकर 1,300 रुपये
▪️राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी अधिनियम, 2023 के प्रावधानों की अनुपालना में सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में वृद्धि का निर्णय।
▪️वृद्धावस्था, विधवा/एकलनारी, दिव्यांगजन तथा लघु एवं सीमान्त कृषकों को दी जाने वाली मासिक पेंशन 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,300 रुपये की गई।
▪️ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत द्वारा जानकारी प्रदान की गई।
▪️ बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
फरवरी 2026 से बढ़ी हुई पेंशन राशि देय होगी।
इस निर्णय से राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष लगभग 550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
Most Important 👆
मासिक पेंशन राशि 1,250 से बढ़ाकर 1,300 रुपये
▪️राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी अधिनियम, 2023 के प्रावधानों की अनुपालना में सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में वृद्धि का निर्णय।
▪️वृद्धावस्था, विधवा/एकलनारी, दिव्यांगजन तथा लघु एवं सीमान्त कृषकों को दी जाने वाली मासिक पेंशन 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,300 रुपये की गई।
▪️ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत द्वारा जानकारी प्रदान की गई।
▪️ बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
फरवरी 2026 से बढ़ी हुई पेंशन राशि देय होगी।
इस निर्णय से राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष लगभग 550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
Most Important 👆
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सूर्यकिरण एयर शो : जयपुर
▪️ 20 एवं 22 फरवरी को जलमहल, जयपुर में भव्य एयर शो का आयोजन।
▪️ सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम द्वारा एरोबेटिक फॉर्मेशन, क्रॉसओवर एवं सिंक्रोनाइज्ड मूवमेंट्स का प्रदर्शन।
▪️ 20 एवं 22 फरवरी को जलमहल, जयपुर में भव्य एयर शो का आयोजन।
▪️ सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम द्वारा एरोबेटिक फॉर्मेशन, क्रॉसओवर एवं सिंक्रोनाइज्ड मूवमेंट्स का प्रदर्शन।
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♣️ Exam special :- किसान आंदोलन की प्रमुख घटना
▪️चन्दावल घटना- 28 मार्च 1942
▪️डाबडा़ काण्ड - 13 मार्च 1947
▪️दुधवाखारा (चूरू) - 1945
▪️कांगड़ काण्ड - अक्तूबर 1946
▪️बीरबल कांड - 1 जुलाई 1946
▪️कूदन काण्ड - 25 अप्रैल 1935
▪️कटराथल सभा - 25 अप्रैल 1934
▪️जाट महायज्ञ - जनवरी 1934
▪️किसान आंदोलन शुरू - 1922
🔸 मारवाड़ (JDP)रियासत
▪️चन्दावल घटना- 28 मार्च 1942
▪️डाबडा़ काण्ड - 13 मार्च 1947
🔸 बीकानेर रियासत
▪️दुधवाखारा (चूरू) - 1945
▪️कांगड़ काण्ड - अक्तूबर 1946
▪️बीरबल कांड - 1 जुलाई 1946
🔸 सीकर रियासत
▪️कूदन काण्ड - 25 अप्रैल 1935
▪️कटराथल सभा - 25 अप्रैल 1934
▪️जाट महायज्ञ - जनवरी 1934
▪️किसान आंदोलन शुरू - 1922
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rajkaj_1771058332615 (1).pdf
65.1 KB
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा 2025 : दस्तावेज सत्यापन Schedule जारी
• दस्तावेज सत्यापन 09 मार्च 2026 से शुरू होंगे
• शिक्षा विभाग के 9 मंडल पर होगी डीवी जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, चूरू, बीकानेर, पाली
• दस्तावेज सत्यापन 09 मार्च 2026 से शुरू होंगे
• शिक्षा विभाग के 9 मंडल पर होगी डीवी जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, चूरू, बीकानेर, पाली
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🪨 राजस्थान की ऊर्जा स्थिति ✅
नए आंकड़े आर्थिक समीक्षा 2025-26
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