♣️ वर्तमान में राजस्थान के 39 कंजर्वेशन रिजर्व की सूची-
[नवीनतम अपडेट दिसंबर 2025]
(1) बीसलपुर (टोंक -2008)
(2) जोहड़बीड-गढ़वाल (बीकानेर - 2008)
(3) सुंधामाता(जालौर व सिरोही - 2008 )
(4) गुढ़ा विश्नोई (जोधपुर - 2011)
(5) शाकम्भरी (सीकर व झुंझुनू 2012)
(6) गोगेलाव (नागौर - 2012)
(7) बीड़ झुंझूनू (झुंझुनू -2012)
(8) रोटू(नागौर -2012)
(9) उम्मेद गंज पक्षी विहार (कोटा -2012)
(10) जवाई बांध लेपर्ड (पाली - 2013)
(11) बांसियाल-खेतड़ी (झुंझूनू - 2017 )
(12) बांसियाल-खेतड़ी- बागोर (झुंझूनू 2018 )
(13) जवाई बांध लैपर्ड -II (पाली - 2018)
(14) मनसा माता ( झुंझुनु - 2019
(15) शाहबाद के जंगल (बारां 2021)
(16) रणखार (जालौर 2022)
(17) शाहाबाद तलाई (बारां 2022)
(18) बीड घास फुलिया खुर्द (भीलवाड़ा 2022)
(19) बागदड़ा क्रोकोडाइल कंजर्वेशन रिजर्व -( उदयपुर 2022)
(20) वाडाखेड़ा कंजर्वेशन रिजर्व - (सिरोही )
(21) झालाना-आमागढ़ (जयपुर) को कंजर्वेशन रिजर्व
(22) बारां का रामगढ़ कुंजी सुंवास
(23) अखर गांव (अजमेर)
(24)सोरसन (बारां)
(25) हमीरगढ़ (भीलवाड़ा)
(26) खींचन (जोधपुर)
(27) बांझ आमली कंजर्वेशन रिजर्व, बारां
(28) कंजर्वेशन रिजर्व - बालेश्वर (नीम का थाना)
( 29) कंजर्वेशन रिजर्व – गंगा भैरव घाटी ( अजमेर )
(30) बीड़ फतेहपुर - सीकर
(31) बीड मुहाना संरक्षण रिजर्व (A) जयपुर
(32) बीड मुहाना संरक्षण रिजर्व (B) जयपुर
(33) गंगा भैरव घाटी ( अज़मेर)
(34) अमरख महादेव लेपर्ड संरक्षण रिजर्व ( उदयपुर)
(35) बालेश्वर संरक्षण रिजर्व (नीम का थाना)
( 36) महसीर संरक्षण रिजर्व ( उदयपुर)
(37)आसोप संरक्षित क्षेत्र ( भीलवाड़ा)
(38) कंजर्वेशन रिजर्व -मोकला( जैसलमेर )
(39) कंजर्वेशन रिजर्व-बुचारा मेन(कोटपूतली -बहरोड)
▪️उद्देश्य: वन्यजीवों और जैव विविधता को सुरक्षित रखना, जिन्हें भविष्य में अभयारण्य का दर्जा मिल सकता है।
[नवीनतम अपडेट दिसंबर 2025]
(1) बीसलपुर (टोंक -2008)
(2) जोहड़बीड-गढ़वाल (बीकानेर - 2008)
(3) सुंधामाता(जालौर व सिरोही - 2008 )
(4) गुढ़ा विश्नोई (जोधपुर - 2011)
(5) शाकम्भरी (सीकर व झुंझुनू 2012)
(6) गोगेलाव (नागौर - 2012)
(7) बीड़ झुंझूनू (झुंझुनू -2012)
(8) रोटू(नागौर -2012)
(9) उम्मेद गंज पक्षी विहार (कोटा -2012)
(10) जवाई बांध लेपर्ड (पाली - 2013)
(11) बांसियाल-खेतड़ी (झुंझूनू - 2017 )
(12) बांसियाल-खेतड़ी- बागोर (झुंझूनू 2018 )
(13) जवाई बांध लैपर्ड -II (पाली - 2018)
(14) मनसा माता ( झुंझुनु - 2019
(15) शाहबाद के जंगल (बारां 2021)
(16) रणखार (जालौर 2022)
(17) शाहाबाद तलाई (बारां 2022)
(18) बीड घास फुलिया खुर्द (भीलवाड़ा 2022)
(19) बागदड़ा क्रोकोडाइल कंजर्वेशन रिजर्व -( उदयपुर 2022)
(20) वाडाखेड़ा कंजर्वेशन रिजर्व - (सिरोही )
(21) झालाना-आमागढ़ (जयपुर) को कंजर्वेशन रिजर्व
(22) बारां का रामगढ़ कुंजी सुंवास
(23) अखर गांव (अजमेर)
(24)सोरसन (बारां)
(25) हमीरगढ़ (भीलवाड़ा)
(26) खींचन (जोधपुर)
(27) बांझ आमली कंजर्वेशन रिजर्व, बारां
(28) कंजर्वेशन रिजर्व - बालेश्वर (नीम का थाना)
( 29) कंजर्वेशन रिजर्व – गंगा भैरव घाटी ( अजमेर )
(30) बीड़ फतेहपुर - सीकर
(31) बीड मुहाना संरक्षण रिजर्व (A) जयपुर
(32) बीड मुहाना संरक्षण रिजर्व (B) जयपुर
(33) गंगा भैरव घाटी ( अज़मेर)
(34) अमरख महादेव लेपर्ड संरक्षण रिजर्व ( उदयपुर)
(35) बालेश्वर संरक्षण रिजर्व (नीम का थाना)
( 36) महसीर संरक्षण रिजर्व ( उदयपुर)
(37)आसोप संरक्षित क्षेत्र ( भीलवाड़ा)
(38) कंजर्वेशन रिजर्व -मोकला( जैसलमेर )
(39) कंजर्वेशन रिजर्व-बुचारा मेन(कोटपूतली -बहरोड)
▪️उद्देश्य: वन्यजीवों और जैव विविधता को सुरक्षित रखना, जिन्हें भविष्य में अभयारण्य का दर्जा मिल सकता है।
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◾️ राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट - 2026
• आयोजन- 4 से 6 जनवरी 2026
• स्थान - JECC, जयपुर
• विभाग - सूचना प्रौद्योगिकी की और संचार विभाग तथा टाई राजस्थान
✓ राजस्थान डिजीफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के दौरान राजस्थान रीजनल AI इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा।
• इसका उद्देश्य - प्रदेश के आई संचालित नवाचारों को प्रदर्शित करना, हितधारकों से संवाद करना और AI संचालन से जुड़ी कार्य योजना के संबंध में सिफारिश से देना।
• आयोजन- 4 से 6 जनवरी 2026
• स्थान - JECC, जयपुर
• विभाग - सूचना प्रौद्योगिकी की और संचार विभाग तथा टाई राजस्थान
✓ राजस्थान डिजीफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के दौरान राजस्थान रीजनल AI इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा।
• इसका उद्देश्य - प्रदेश के आई संचालित नवाचारों को प्रदर्शित करना, हितधारकों से संवाद करना और AI संचालन से जुड़ी कार्य योजना के संबंध में सिफारिश से देना।
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जालौर दुर्ग - जालौर दुर्ग को सुवर्ण गिरी तथा कनकाचल दुर्गा भी कहा जाता है जो सुकड़ी नदी के किनारे है इस दुर्ग में मलिक शाह पीर की दरगाह है
1311 ईस्वी में जालौर पर आक्रमण करने वाली खिलजी सेना का सेनापति मलिक नाईब कमालुद्दीन गुर्गथा पर प्रारंभ में उसे कोई सफलता नहीं मिली किंतु कान्हड़दे के सेनापति दहिया बीका ने कान्हड़देव के साथ विश्वासघात किया व दुर्ग की गुप्त सुरंग का रास्ता खिलजी सेना को बता दिया।
दहिया के इस विश्वासघात का पता चलने पर उसकी पत्नी हीरादे ने दहिया को मार डाला।
कान्हड़दे के नेतृत्व में चौहान सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए तथा जैतालदे के नेतृत्व में किले की स्त्रियों ने जौहर किया।
अलाउद्दीन खिलजी नेजालौर का नाम अलाउद्दीन ने जलालाबाद रख दिया( यह इस तथ्य को उल्लेखित करना प्रासंगिक होगा के अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग का नाम खिज्राबाद , सिवाना दुर्ग का नाम खैराबाद तथा जालौर दुर्ग का नाम जलालाबाद कर दिया था)
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1311 ईस्वी में जालौर पर आक्रमण करने वाली खिलजी सेना का सेनापति मलिक नाईब कमालुद्दीन गुर्गथा पर प्रारंभ में उसे कोई सफलता नहीं मिली किंतु कान्हड़दे के सेनापति दहिया बीका ने कान्हड़देव के साथ विश्वासघात किया व दुर्ग की गुप्त सुरंग का रास्ता खिलजी सेना को बता दिया।
दहिया के इस विश्वासघात का पता चलने पर उसकी पत्नी हीरादे ने दहिया को मार डाला।
कान्हड़दे के नेतृत्व में चौहान सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए तथा जैतालदे के नेतृत्व में किले की स्त्रियों ने जौहर किया।
अलाउद्दीन खिलजी नेजालौर का नाम अलाउद्दीन ने जलालाबाद रख दिया( यह इस तथ्य को उल्लेखित करना प्रासंगिक होगा के अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग का नाम खिज्राबाद , सिवाना दुर्ग का नाम खैराबाद तथा जालौर दुर्ग का नाम जलालाबाद कर दिया था)
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