यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल स्थान
1. केवलादेव घना पक्षी विहार
2. कालबेलिया नृत्य
3. जन्तर मंतर वेधशाला
4. गागरोन किला
5. जैसलमेर का किला
6. रणथम्भौर का किला, सवाईमाधोपुर, 7.चित्तौड़गढ़ किला
8. कुम्भलगढ़ किला
9. आमेर किला
10.सिटी वॉल परकोटा,जयपुर शहर
कालबेलिया नृत्य - इस नृत्य को 2010 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया है।
जयपुर में हाथी गांव के पास 'कालबेलिया स्कूल ऑफ डांस' स्थापित किया गया है।
1. केवलादेव घना पक्षी विहार
2. कालबेलिया नृत्य
3. जन्तर मंतर वेधशाला
4. गागरोन किला
5. जैसलमेर का किला
6. रणथम्भौर का किला, सवाईमाधोपुर, 7.चित्तौड़गढ़ किला
8. कुम्भलगढ़ किला
9. आमेर किला
10.सिटी वॉल परकोटा,जयपुर शहर
कालबेलिया नृत्य - इस नृत्य को 2010 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया है।
जयपुर में हाथी गांव के पास 'कालबेलिया स्कूल ऑफ डांस' स्थापित किया गया है।
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💐खनन क्षेत्र-राजस्थान
☞ 82 प्रकार के खनिज उपलब्ध।
☞ 57 प्रकार के खनिजों का दोहन।
☞ प्रदेश की GDP में योगदान = 4.4%
☞ खनिज नीति : 2024
☞ एम-सैंड नीति : 2024
☞ राज्य में प्रधान खनिज के 112 ब्लॉक की नीलामी (देश में द्वितीय स्थान)
☞ राजस्थान रिफाइनरी : 90% कार्य पूर्ण।
☞ राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के तहत : पेट्रोलियम विभाग 44,784 करोड़ ₹ के MoU
💐 Important
☞ 82 प्रकार के खनिज उपलब्ध।
☞ 57 प्रकार के खनिजों का दोहन।
☞ प्रदेश की GDP में योगदान = 4.4%
☞ खनिज नीति : 2024
☞ एम-सैंड नीति : 2024
☞ राज्य में प्रधान खनिज के 112 ब्लॉक की नीलामी (देश में द्वितीय स्थान)
☞ राजस्थान रिफाइनरी : 90% कार्य पूर्ण।
☞ राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के तहत : पेट्रोलियम विभाग 44,784 करोड़ ₹ के MoU
💐 Important
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राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025 :- (Ras Mains /PSI)
- 19 नवंबर, 2025 को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित।
1. नीति का परिचय एवं प्रशासनिक ढांचा :-
√ राजस्थान को बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के लिए एक ग्लोबल एक्सीलेंस हब बनाने के उद्देश्य से इस नीति को लागू किया गया है।
√ नोडल विभाग: उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार।
√ सहायक क्रियान्वयन एजेंसी: रीको (RIICO)।
√ प्रभावी अवधि: 19 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2029 तक (अथवा नई नीति आने तक)।
√ आवेदन माध्यम: समस्त आवेदन 'राजनिवेश पोर्टल' के माध्यम से डिजिटल रूप में स्वीकार किए जाएंगे।
2. प्रमुख लक्ष्य (Vision 2030) :-
√ केंद्र स्थापना: वर्ष 2030 तक राजस्थान में 200 से अधिक GCC स्थापित करना।
√ रोजगार: प्रदेश में 15 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करना।
√ अर्थव्यवस्था: राजस्थान की GCC अर्थव्यवस्था को 20 बिलियन डॉलर तक ले जाना।
3. प्रमुख वित्तीय प्रोत्साहन एवं सब्सिडी :-
A. पूंजी निवेश सब्सिडी -परियोजना लागत का 30% (अधिकतम ₹10 करोड़) |
B. पेरोल सब्सिडी - पहले 3 वर्ष हेतु वेतन का 30% (अधिकतम ₹1.25 लाख/कर्मचारी/वर्ष) |
C. किराया सहायता - प्रथम 3 वर्ष 50%, अगले 2 वर्ष 25% (अधिकतम ₹5 करोड़/वर्ष) |
D.स्टाम्प ड्यूटी - 75% छूट तथा 25% पुनर्भरण |
E. विद्युत ड्यूटी - 7 वर्षों तक 100% छूट |
F. भूमि कन्वर्जन शुल्क - 75% छूट तथा 25% पुनर्भरण |
G. कौशल विकास - प्रशिक्षण लागत का 50% (अधिकतम ₹2.5 करोड़/वर्ष) |
4. प्राथमिकता वाले क्षेत्र (Focus Sectors) :-
नीति के अंतर्गत निम्नलिखित 10 प्रमुख उप-क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
1. बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI)।
2. ऑटोमोटिव एवं मैन्युफैक्चरिंग।
3. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एवं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट।
4. हेल्थकेयर एंड लाइफ साइंस।
5. रिटेल एंड ई-कॉमर्स।
6. टेलीकॉम एंड नेटवर्किंग।
7. एयरोस्पेस एंड डिफेंस।
8. कंज्यूमर गुड्स (FMCG)।
9. ऊर्जा एवं उपयोगिता (Energy & Utility)।
10. मीडिया एंड एंटरटेनमेंट।
5. विशेष प्रावधान :-
- हब विकास: जयपुर, उदयपुर और जोधपुर को विशेष 'GCC हब' के रूप में विकसित किया जाएगा।
- RIPS 2024 जुड़ाव: निवेश की न्यूनतम सीमा ₹5 करोड़ निर्धारित है।
- ग्रीन इंसेंटिव: पर्यावरण संरक्षण और उभरती तकनीक के लिए ₹1 करोड़ तक के प्रोजेक्ट पर 25% सब्सिडी।
- अनुमोदन समिति: परियोजनाओं की त्वरित स्वीकृति हेतु रीको के कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में 5-सदस्यीय प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी (PAC) का गठन।
- 19 नवंबर, 2025 को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित।
1. नीति का परिचय एवं प्रशासनिक ढांचा :-
√ राजस्थान को बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के लिए एक ग्लोबल एक्सीलेंस हब बनाने के उद्देश्य से इस नीति को लागू किया गया है।
√ नोडल विभाग: उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार।
√ सहायक क्रियान्वयन एजेंसी: रीको (RIICO)।
√ प्रभावी अवधि: 19 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2029 तक (अथवा नई नीति आने तक)।
√ आवेदन माध्यम: समस्त आवेदन 'राजनिवेश पोर्टल' के माध्यम से डिजिटल रूप में स्वीकार किए जाएंगे।
2. प्रमुख लक्ष्य (Vision 2030) :-
√ केंद्र स्थापना: वर्ष 2030 तक राजस्थान में 200 से अधिक GCC स्थापित करना।
√ रोजगार: प्रदेश में 15 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करना।
√ अर्थव्यवस्था: राजस्थान की GCC अर्थव्यवस्था को 20 बिलियन डॉलर तक ले जाना।
3. प्रमुख वित्तीय प्रोत्साहन एवं सब्सिडी :-
A. पूंजी निवेश सब्सिडी -परियोजना लागत का 30% (अधिकतम ₹10 करोड़) |
B. पेरोल सब्सिडी - पहले 3 वर्ष हेतु वेतन का 30% (अधिकतम ₹1.25 लाख/कर्मचारी/वर्ष) |
C. किराया सहायता - प्रथम 3 वर्ष 50%, अगले 2 वर्ष 25% (अधिकतम ₹5 करोड़/वर्ष) |
D.स्टाम्प ड्यूटी - 75% छूट तथा 25% पुनर्भरण |
E. विद्युत ड्यूटी - 7 वर्षों तक 100% छूट |
F. भूमि कन्वर्जन शुल्क - 75% छूट तथा 25% पुनर्भरण |
G. कौशल विकास - प्रशिक्षण लागत का 50% (अधिकतम ₹2.5 करोड़/वर्ष) |
4. प्राथमिकता वाले क्षेत्र (Focus Sectors) :-
नीति के अंतर्गत निम्नलिखित 10 प्रमुख उप-क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
1. बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI)।
2. ऑटोमोटिव एवं मैन्युफैक्चरिंग।
3. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एवं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट।
4. हेल्थकेयर एंड लाइफ साइंस।
5. रिटेल एंड ई-कॉमर्स।
6. टेलीकॉम एंड नेटवर्किंग।
7. एयरोस्पेस एंड डिफेंस।
8. कंज्यूमर गुड्स (FMCG)।
9. ऊर्जा एवं उपयोगिता (Energy & Utility)।
10. मीडिया एंड एंटरटेनमेंट।
5. विशेष प्रावधान :-
- हब विकास: जयपुर, उदयपुर और जोधपुर को विशेष 'GCC हब' के रूप में विकसित किया जाएगा।
- RIPS 2024 जुड़ाव: निवेश की न्यूनतम सीमा ₹5 करोड़ निर्धारित है।
- ग्रीन इंसेंटिव: पर्यावरण संरक्षण और उभरती तकनीक के लिए ₹1 करोड़ तक के प्रोजेक्ट पर 25% सब्सिडी।
- अनुमोदन समिति: परियोजनाओं की त्वरित स्वीकृति हेतु रीको के कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में 5-सदस्यीय प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी (PAC) का गठन।
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✨पोकरण में टेराकोटा स्किल सेंटर खुलेगा,
▪️सीमावर्ती क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण को विशेष रूप से बढ़ावा मिलेगा
▪️सीमावर्ती क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण को विशेष रूप से बढ़ावा मिलेगा
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