नदियों के किनारे पर स्थित राजस्थान के प्रमुख सभ्यता स्थल
▪️आहड़ सभ्यता (उदयपुर) - बेडच नदी
▪️नगरी सभ्यता (चितौड़गढ़) - बेड़च नदी
▪️बालाथल सभ्यता (उदयपुर) - बेड़च नदी
▪️तिलवाड़ा सभ्यता (बाड़मेर) - लुनी नदी
▪️बागौर सभ्यता (भीलवाड़ा) - कोठारी नदी
▪️गणेश्वर सभ्यता (सीकर) - कांन्तली नदी
▪️बैराठ सभ्यता (जयपुर) - बाणगंगा नदी
▪️सुनारी सभ्यता (झुन्झुनूं) - कांन्तली नदी
▪️रंगमहल सभ्यता (हनुमानगढ) - घग्घर नदी
▪️गरदड़ा सभ्यता (बूंदी) - छाजा नदी
▪️कालीबंगा सभ्यता (हनुमान गढ) - घग्घर नदी
▪️आहड़ सभ्यता (उदयपुर) - बेडच नदी
▪️नगरी सभ्यता (चितौड़गढ़) - बेड़च नदी
▪️बालाथल सभ्यता (उदयपुर) - बेड़च नदी
▪️तिलवाड़ा सभ्यता (बाड़मेर) - लुनी नदी
▪️बागौर सभ्यता (भीलवाड़ा) - कोठारी नदी
▪️गणेश्वर सभ्यता (सीकर) - कांन्तली नदी
▪️बैराठ सभ्यता (जयपुर) - बाणगंगा नदी
▪️सुनारी सभ्यता (झुन्झुनूं) - कांन्तली नदी
▪️रंगमहल सभ्यता (हनुमानगढ) - घग्घर नदी
▪️गरदड़ा सभ्यता (बूंदी) - छाजा नदी
▪️कालीबंगा सभ्यता (हनुमान गढ) - घग्घर नदी
❤14😍10👍5
Smart Fact ✍️
1. गवरी बाई (डूंगरपुर)
ये संत और भक्त थीं
जिन्हें 'वागड़ की मीरा' कहा जाता है
2. गवरी देवी (जोधपुर/बीकानेर)
ये प्रसिद्ध मांड गायिका थीं,
जिन्हें 'मरु कोकिला' के नाम से जाना जाता है।
इनका निधन 1988 में हुआ था
3. गवरी देवी ( पाली/बाड़मेर )
ये एक अलग लोक गायिका थीं, जिनका निधन हाल ही में जून 2026 में हुआ है।
👍14❤11😍7
जीवन के सफ़र में ऐसा अक्सर होता है
फ़ैसला जो मुश्किल हो
वही बेहतर होता है ।
कमजोर वक्त और कठिन
परिस्थितियां ही आपको
महान बनाती है ।
अच्छे लोगों के साथ अच्छा रहो
लेकिन बुरे लोगों के साथ बुरा मत बनो
क्योंकि पानी से खून साफ़ कर सकते हैं
लेकिन खून से खून साफ़ नहीं हो सकता है
मनुष्य घर बदलता है, कपड़े बदलता है,
रिश्ते बदलता है, मित्र बदलता है,
प्यार बदलता है, फिर भी दुखी क्यों रहता है
क्योंकि वो स्वयं को नहीं बदलता
🌹 जय श्री राधे कृष्णा 🌹
फ़ैसला जो मुश्किल हो
वही बेहतर होता है ।
कमजोर वक्त और कठिन
परिस्थितियां ही आपको
महान बनाती है ।
अच्छे लोगों के साथ अच्छा रहो
लेकिन बुरे लोगों के साथ बुरा मत बनो
क्योंकि पानी से खून साफ़ कर सकते हैं
लेकिन खून से खून साफ़ नहीं हो सकता है
मनुष्य घर बदलता है, कपड़े बदलता है,
रिश्ते बदलता है, मित्र बदलता है,
प्यार बदलता है, फिर भी दुखी क्यों रहता है
क्योंकि वो स्वयं को नहीं बदलता
🌹 जय श्री राधे कृष्णा 🌹
👍10❤9😍7👌1
📚 पंचवर्षीय योजनाएँ एवं उनकी प्रमुख प्राथमिकताएँ
🔹 प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951–56) 🌾
➜ Harrod–Domar Model पर आधारित।
➜ प्राथमिकता: कृषि क्षेत्र।
🔹 द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956–61) 🏭
➜ Mahalanobis Model पर आधारित।
➜ प्राथमिकता: उद्योग क्षेत्र।
➜ भिलाई, दुर्गापुर एवं राउरकेला में इस्पात संयंत्रों की स्थापना पर बल।
🔹 तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961–66) 🌾🏭
➜ Gadgil Model पर आधारित।
➜ प्राथमिकता: कृषि एवं उद्योग।
➜ 1964 में पूर्व सोवियत संघ के सहयोग से बोकारो आयरन एंड स्टील प्लांट की स्थापना।
🔹 चतुर्थ पंचवर्षीय योजना (1969–74) 📈
➜ स्थिरता के साथ विकास (Growth with Stability)।
➜ आय की असमानताओं को कम करने पर बल।
🔹 पंचम पंचवर्षीय योजना (1974–79) 🎯
➜ गरीबी उन्मूलन (Garibi Hatao) एवं जनसंख्या नियंत्रण को प्राथमिकता।
💡 Exam Tip:
1st → कृषि, 2nd → उद्योग, 3rd → कृषि + उद्योग, 4th → स्थिरता + समानता, 5th → गरीबी उन्मूलन + जनसंख्या नियंत्रण।
🔹 प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951–56) 🌾
➜ Harrod–Domar Model पर आधारित।
➜ प्राथमिकता: कृषि क्षेत्र।
🔹 द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956–61) 🏭
➜ Mahalanobis Model पर आधारित।
➜ प्राथमिकता: उद्योग क्षेत्र।
➜ भिलाई, दुर्गापुर एवं राउरकेला में इस्पात संयंत्रों की स्थापना पर बल।
🔹 तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961–66) 🌾🏭
➜ Gadgil Model पर आधारित।
➜ प्राथमिकता: कृषि एवं उद्योग।
➜ 1964 में पूर्व सोवियत संघ के सहयोग से बोकारो आयरन एंड स्टील प्लांट की स्थापना।
🔹 चतुर्थ पंचवर्षीय योजना (1969–74) 📈
➜ स्थिरता के साथ विकास (Growth with Stability)।
➜ आय की असमानताओं को कम करने पर बल।
🔹 पंचम पंचवर्षीय योजना (1974–79) 🎯
➜ गरीबी उन्मूलन (Garibi Hatao) एवं जनसंख्या नियंत्रण को प्राथमिकता।
💡 Exam Tip:
1st → कृषि, 2nd → उद्योग, 3rd → कृषि + उद्योग, 4th → स्थिरता + समानता, 5th → गरीबी उन्मूलन + जनसंख्या नियंत्रण।
❤13👍10😍6
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤12😍5👍4
विद्रोह का क्रम क्रांति की तिथि स्थान
▪️28 मई, 1857 नसीराबाद में विद्रोह
▪️31 मई, 1857 भरतपुर राज्य में विद्रोह
▪️3 जून, 1857 नीमच में विद्रोह
▪️10 जून, 1857 देवली छावनी में विद्रोह
▪️14 जून, 1857 टोंक राज्य में विद्रोह
▪️11 जुलाई, 1857 अलवर राज्य में विद्रोह
▪️9 अगस्त, 1857 अजमेर के केंद्रीय कारागार में विद्रोह
▪️21 अगस्त, 1857 एरिनपुरा के सैनिकों का विद्रोह
▪️23 अगस्त, 1857 जोधपुरा लीजियन में विद्रोह
▪️8 सितम्बर, 1857 बिटौड़ा / बिथोड़ा का युद्ध
▪️18 सितम्बर 1857 चेलावास का युद्ध
▪️27 अक्टूबर, 1857 धौलपुर राज्य में विद्रोह
▪️15 अक्टूबर, 1857कोटा में विद्रोह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ❤️👍
▪️28 मई, 1857 नसीराबाद में विद्रोह
▪️31 मई, 1857 भरतपुर राज्य में विद्रोह
▪️3 जून, 1857 नीमच में विद्रोह
▪️10 जून, 1857 देवली छावनी में विद्रोह
▪️14 जून, 1857 टोंक राज्य में विद्रोह
▪️11 जुलाई, 1857 अलवर राज्य में विद्रोह
▪️9 अगस्त, 1857 अजमेर के केंद्रीय कारागार में विद्रोह
▪️21 अगस्त, 1857 एरिनपुरा के सैनिकों का विद्रोह
▪️23 अगस्त, 1857 जोधपुरा लीजियन में विद्रोह
▪️8 सितम्बर, 1857 बिटौड़ा / बिथोड़ा का युद्ध
▪️18 सितम्बर 1857 चेलावास का युद्ध
▪️27 अक्टूबर, 1857 धौलपुर राज्य में विद्रोह
▪️15 अक्टूबर, 1857कोटा में विद्रोह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ❤️👍
❤11👍8😍4
1857 की क्रान्ति के समय राजस्थान में छः सैनिक छावनियाँ थी-
(1) नसीराबाद (अजमेर) : 15वीं बंगाल नेटिव इन्फन्ट्री
(2) नीमच (मध्यप्रदेश) : फर्स्ट बंगाल केवेलरी
(3) ब्यावर (ब्यावर) : मेरवाड़ा बटालियन
(4) देवली (टोंक) : कोटा कन्टिनजेन्ट
(5) एरिनपुरा (पाली) : जोधपुर लीजियन
(6) खैरवाड़ा (उदयपुर) : मेवाड़ भील कोर
नोट : 1857 की क्रान्ति के समय 6 सैनिक छावनियों में 5000 सैनिक थे, परन्तु उनमें एक भी युरोपीय नहीं था
❤️👍🏼
(1) नसीराबाद (अजमेर) : 15वीं बंगाल नेटिव इन्फन्ट्री
(2) नीमच (मध्यप्रदेश) : फर्स्ट बंगाल केवेलरी
(3) ब्यावर (ब्यावर) : मेरवाड़ा बटालियन
(4) देवली (टोंक) : कोटा कन्टिनजेन्ट
(5) एरिनपुरा (पाली) : जोधपुर लीजियन
(6) खैरवाड़ा (उदयपुर) : मेवाड़ भील कोर
नोट : 1857 की क्रान्ति के समय 6 सैनिक छावनियों में 5000 सैनिक थे, परन्तु उनमें एक भी युरोपीय नहीं था
❤️👍🏼
❤16👍9😍4