ख़ामोशियों का दौर 🧿
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Welcome to ख़ामोशियों का दौर ❤️
दिल को छू जाने वाली शायरी और अनकहे अल्फ़ाज़।

Owner :-. 𝐀ʙʜɪᴍᴀɴʏᴜ

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A little hope❤️
❤6👍1
इश्क़ के बाज़ार में हुस्न का मेला रह गया,
भीड़ है लाखों की मगर दिल अकेला रह गया..!!

दिखावा करने वाले ले गए मोहब्बत का खिताब,
शिद्दत से चाहने वाला हर इंसान अकेला रह गया..!!
❤14🔥3
If one writes of pain, let it be like Meera.
If one writes of union, let it be like Radha.
And if one writes the story of life, let it be like Rukmini.
Each of them gave love a different form—
Meera through devotion,
Radha through complete surrender,
and Rukmini through the sacred bond of marriage.
Mirabai, Radha, and Rukmini are often seen as symbols of these different expressions of love.
❤11👍1
इग्नोर करके आप वफ़ा का मोल देते थे,
आपके वन वर्ड के रिप्लाई से सब कुछ बोल देता था।
मैं WhatsApp पर कुछ लिखती,
तो आपका Telegram खुल जाता था।
आपका मन भर गया था सनम, तो बताना था ना…
यूँ खामोशी से बदल जाना, ज़रूरी था क्या?
❤9🥰2
Happy Independence Day! Wishing you and your family a joyful day filled with pride, unity, and gratitude for the brave souls who fought for our freedom. May our nation continue to grow, prosper, and shine bright. Jai Hind!
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की मीठी-मीठी बातें उसकी,

मुझे अंदर तक वीरान कर गईं,

वो बसा गया अपनी नई दुनिया,

और मुझे तन्हा छोड़ गईं।
झूठ बोलने वालों के पास,

अक्सर पूरी दुनिया रहती है,

सच बोलने वालों की मगर,

खामोशी ही साथी रहती है।
हमने तो उसके हर झूठ को भी,

सच समझकर अपना माना था,

वो किसी और का हो गया,

जिसे हमने अपना जहाँ माना था।
❤7👍1
📖 आख़िरी-ए-शब

कुछ अल्फ़ाज़ काग़ज़ पर नहीं,
सीधे दिल पर लिखे जाते हैं… ❤️

“आख़िरी-ए-शब” — मेरा एक ख़्वाब, अब एक किताब बन चुका है।
आपका प्यार और आपकी पढ़ाई ही इसकी असली पहचान है। 📚✨

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आपका एक ऑर्डर मेरे लिए सिर्फ़ किताब की बिक्री नहीं, बल्कि मेरे ख़्वाब को मिली एक नई उड़ान है। ❤️

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@लेखक @Husain_Writes
❤3👍1
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𝙆𝙚𝙚𝙢𝙖𝙩 𝙥𝙖𝙖𝙣𝙞 𝙠𝙞 𝙣𝙖𝙝𝙞
𝙋𝙮𝙖𝙖𝙨 𝙠𝙞 𝙝𝙤𝙩𝙞 𝙝𝙖𝙞,
𝙆𝙖𝙙𝙖𝙧 𝙢𝙖𝙪𝙩 𝙠𝙞 𝙣𝙖𝙝𝙞
𝙎𝙖𝙖𝙨 𝙠𝙞 𝙝𝙤𝙩𝙞 𝙝𝙖𝙞,
❤9👍1
बस मेरा कामयाब ना होना मुझे खा रहा है..

वरना हाल तो क्या, बाल भी बिखरने नहीं देते थे... 🖤🥀
❤12👍1
Forwarded from 🦋 𖣁 𝐢 𖣁 𝐋 𝐢🦋🔥
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मैं सिक्के जोड़ने में लगी पड़ी थी, वह नोटों में बिक गया,
उसे सिगरेट की तलब थी, लेकिन वह किसी के होंठों में बिक गया।

मैं उसको सिर्फ़ प्यार दे सकती थी, वह जिस्म में बिक गया,
और मैं सिर्फ़ उसकी हो सकती थी,
वह न जाने किस-किस का हो गया।
❤9🔥5👍3
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मुँह में मिठास तो सबके है, माधव,
असल मसला तो अंदर के फ़रेब का है। 🌸राधे राधे 🌸🙏🏻
❤5👌1
उसको इस दर्जा किताबें पसंद है यारो
वो अक्सर तोहफ़े में किताबें मांगती है

खाली किताब दूं तो नाराज़ हो जाती है
वो किताबों के साथ गुलाब भी मांगती है

#Mohd_Husain ✍
❤12💯4🥰1
माधव, लोग कहते हैं गलती तो द्रौपदी की थी,
क्योंकि “अंधे का पुत्र अंधा ही तो होगा”—
यही कहकर तो महाभारत की शुरुआत हुई थी।

माधव ने एक छोटे-से वस्त्र का टुकड़ा थामते हुए पूछा—
“और किसी सभा में किसी स्त्री का वस्त्रहरण हो रहा हो,
और मैं कहूँ कि यह वस्त्र का टुकड़ा उस स्त्री को बचा सकता है,
तो तुम क्या करोगी, सखी?”

मैंने मुस्कुराकर कहा—
“मैं वह वस्त्र का टुकड़ा उन्हें दे दूँगी, माधव।”

उन्होंने पूछा—
“और यदि उसने तुम्हें कटु वचन कहे हों,
तब क्या करोगी, सखी?”

मैंने फिर दोहराया—
“मैं वह वस्त्र उन्हें दे दूँगी, माधव।”

तब माधव मुस्कुराए और बोले—
“तो तुम्हें इस बात का ज्ञान हो गया होगा, सखी…

कोई कितने भी कठोर शब्द क्यों न बोले,
किसी स्त्री को वस्त्रहीन करने का अधिकार
किसी को नहीं है।

सभा में स्वयं ईश्वर भी हों,
फिर भी किसी स्त्री के चरित्र पर उठाए गए सवाल
धर्म की बात नहीं हो सकते।

यह तो राक्षसों की पहचान है—
जो अवसर मिलते ही स्त्री के चरित्र पर वार करते हैं।

महाभारत तो उसी दिन शुरू हो गई थी
जब दुर्योधन ने शकुनि मामा का साथ लिया था।

और महाभारत में गुनहगारों के अंत की कथा
मैंने स्वयं लिखी थी।

जब द्रौपदी ने कहा था—
“यही वह कौरवों की सभा है,
जिन्होंने मेरा अपमान किया था।”

—तब न्याय का समय आ चुका था।
राधे राधे 🙏
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ख़ामोशियों का दौर 🧿 pinned «माधव, लोग कहते हैं गलती तो द्रौपदी की थी, क्योंकि “अंधे का पुत्र अंधा ही तो होगा”— यही कहकर तो महाभारत की शुरुआत हुई थी। माधव ने एक छोटे-से वस्त्र का टुकड़ा थामते हुए पूछा— “और किसी सभा में किसी स्त्री का वस्त्रहरण हो रहा हो, और मैं कहूँ कि यह वस्त्र का टुकड़ा…»
जॉइन करके प्यार और डरावनी रूह से भरी कहानी पढ़ें

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सुना था लोग थकने के बाद अपने घर जाते हैं, पर जो घर से ही थक जाए, वो कहाँ जाए...
❤7🥰1💔1
जीवन की भाग दौड में क्यों वक़्त के साथ रंगत खो जाती है,
हंसती खेलती ज़िन्दगी भी आम हो जाती है,
एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम,
और आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है ।
❤8👍2
शांति से हो गई है दोस्ती मेरी, प्रिया,
अब अंतरमन खामोश रहता है।

तुम्हें मुबारक ये झूठे दिखावे और फ़रेब,
तुम्हें मुबारक ये झूठा प्रेम और दिखावा, प्रिया।

अब ये दोस्ती भी शांति से हो गई है मेरी,
तुम्हें मुबारक ये दौलत और ये शोहरत।

तुम्हें मुबारक ये दुनियादारी की दोस्ती,
मुझे तो बस अपनी शांति मिल गई है, प्रिया।

अब न कोई शिकायत है, न कोई सवाल,
न किसी से कोई उम्मीद बाकी है।

ये दिल अब विरागी हो चुका है, प्रिया,
और खामोशी ही इसकी साथी है।

तुम्हें मुबारक तुम्हारी दुनिया,
मुझे अपनी ये शांति प्यारी है, प्रिया।

बहुत देख लिया रिश्तों का शोर,
अब ये खामोशी ही सबसे न्यारी है।

अब दिल को किसी से कुछ कहना नहीं, प्रिया,
बस शांत रहना है…
और शांत रहना है।
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Hey! Great news... मेरी series, इत्तेफ़ाक, अब Pocket FM app पर LIVE है
यह छोटी-सी success आपके साथ share करना चाहता हूँ!
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