"पिताजी कोई किरदार नहीं होते… वो तो एक खामोश किताब होते हैं।"
एक ऐसी किताब…
जिसके हर पन्ने पर त्याग लिखा होता है,
हर पंक्ति में ममता होती है,
और हर शब्द में संघर्ष छुपा होता है।
लेकिन हम उस किताब को
या तो देर से पढ़ते हैं…
या पढ़ते-पढ़ते समझते ही नहीं…
और जब समझते हैं —
तब तक उस किताब के आख़िरी पन्ने…
खामोशी से फट चुके होते हैं।
#FathersDay ❤️✨🥀
एक ऐसी किताब…
जिसके हर पन्ने पर त्याग लिखा होता है,
हर पंक्ति में ममता होती है,
और हर शब्द में संघर्ष छुपा होता है।
लेकिन हम उस किताब को
या तो देर से पढ़ते हैं…
या पढ़ते-पढ़ते समझते ही नहीं…
और जब समझते हैं —
तब तक उस किताब के आख़िरी पन्ने…
खामोशी से फट चुके होते हैं।
#FathersDay ❤️✨🥀
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