❤2
Revision Fast:
✅ *मौलिक अधिकार*
▪️ भारतीय संविधान के *भाग 3 में अनुच्छेद 12 से 35 तक* मौलिक अधिकारों का वर्णन है।
▪️ इसे *भारत का मैग्नाकार्टा* या अधिकार पत्र भी कहा जाता है।।
▪️ इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
▪️ मौलिक अधिकारों में संशोधन हो सकता है एवं राष्ट्रीय आपात के दौरान जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के आधार को छोड़कर अन्य मौलिक अधिकारों को स्थगित किया जा सकता है।
▪️ मौलिक अधिकार असीमित नहीं है लेकिन वाद योग्य होते हैं।
▪️ *मूल संविधान में 7 मौलिक अधिकार थे।*
▪️ 44 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978 के द्वारा "संपत्ति का अधिकार" को मौलिक अधिकार की सूची से हटा दिया गया।
▪️ *डॉ एस राधाकृष्णन के अनुसार* –मूल अधिकार हमारे लोगों के लिए एक प्रतिज्ञा तथा सभ्य विश्व के साथ किया गया एक समझौता है।
▪️ मूल अधिकार व अधिकार होते हैं जो व्यक्ति के जीवन के लिए मूलभूत तथा अपरिहार्य होने के कारण संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदान किए गए हैं।
▪️ *मूल अधिकार राज्य कृत्य के विरुद्ध एक गारंटी हैं किंतु वह आत्यंतिक नहीं है।*
▪️ सामान्यतः मूल अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों को प्रदान किया गया है।
▪️ कुछ मूल अधिकार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रदान किया गया है जैसे अनुच्छेद 15 (2), अनुच्छेद 17 ,अनुच्छेद 23 और अनुच्छेद 24।
▪️ कुछ मूल अधिकार *केवल नागरिकों को* जैसे *अनुच्छेद 15, 16 ,19 ,20 तथा 30* प्रदान किया गया है।
▪️ अनुच्छेद 359 के अनुसार आपात के समय राष्ट्रपति अनुच्छेद 20 तथा अनुच्छेद 21 के अलावा अन्य सभी मूल अधिकारों को निलंबित कर सकता है।
▪️ *मूल अधिकार की प्रकृति सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों है।*
▪️ अनुच्छेद *19 ,25 से 28 सकारात्मक* प्रकृति के मूल अधिकार हैं।
▪️ *अनुच्छेद 14 ,15, 16 ,21 आदि नकारात्मक* प्रकृति के मूल अधिकार हैं।
▪️ मूल अधिकार का अधित्यजन नहीं किया जा सकता है।
▪️संसद साधारण विधि द्वारा किसी भी प्रकार से मूल अधिकार में कमी नहीं कर सकती, किंतु अनुच्छेद 368 के तहत इसमें संशोधन कर सकती है।
#Polity
✅ समानता का अधिकार ―
▪️अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समानता : राज्य, भारत के राज्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समता या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा।
"विधि के समक्ष समता" का विचार ब्रिटिश संविधान से लिया गया है ,जबकि "विधियों के समान संरक्षण" को अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
▪️अनुच्छेद 15 – धर्म ,मूल, वंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर विभेद का निषेध।
▪️अनुच्छेद 16 – लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता।( पिछड़ा वर्ग ,अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए विशेष प्रावधान का उल्लेख अनुच्छेद 15 (4)और अनुच्छेद 16 (4) में किया गया है।)
▪️अनुच्छेद 17 –अस्पृश्यता का अंत
▪️अनुच्छेद 18 – उपाधियों का अंत (सेना या विद्या संबंधी सम्मान के अतिरिक्त कोई भी उपाधि राज्य द्वारा प्रदान नहीं की जाएगी।)
#Polity
✅ स्वतंत्रता का अधिकार ―
▪️ मूल संविधान में सात प्रकार की स्वतंत्रता का उल्लेख था किंतु वर्तमान में 6 है।
▪️अनुच्छेद 19 – इसके अंतर्गत कुल 6 प्रकार की स्वतंत्रता के अधिकार प्राप्त हैं –
अनुच्छेद 19(1): वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 19(2): शांतिपूर्ण बिना हथियारों के सम्मेलन की स्वतंत्रता ।
अनुच्छेद 19(3): संघ या समिति बनाने के स्वतंत्रता ।
अनुच्छेद 19(4): देश के किसी भी भाग में आवागमन की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 19(5): देश के किसी भी क्षेत्र में निवास करने या बसने की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 19(6): कोई भी व्यापार या जीविका चलाने की स्वतंत्रता।
▪️अनुच्छेद 20 – अपराधों के लिए दोष सिद्ध के संबंध में संरक्षण
▪️अनुच्छेद 21 – प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
▪️अनुच्छेद 21(A) – राज्य द्वारा 6 से 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का उपलब्ध कराया जाना
"इसे 86वे संविधान संशोधन अधिनियम ,2002 के द्वारा जोड़ा गया।"
▪️अनुच्छेद 22 – कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध में संरक्षण
#Polity
✅ धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार ―
▪️अनुच्छेद 25 – अंतःकरण की और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता।
▪️अनुच्छेद 26 – धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
▪️अनुच्छेद 27 – राज्य किसी भी व्यक्ति को ऐसे कर देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता जिसकी आय किसी विशेष धर्म अथवा धार्मिक संप्रदाय की उन्नति में व्यय करने के लिए निश्चित की गई हो।
▪️अनुच्छेद 28 – राज्य विधि से पूर्णता पोषित किसी शिक्षण संस्था में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी।
#Polity
✅ संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार ―
✅ *मौलिक अधिकार*
▪️ भारतीय संविधान के *भाग 3 में अनुच्छेद 12 से 35 तक* मौलिक अधिकारों का वर्णन है।
▪️ इसे *भारत का मैग्नाकार्टा* या अधिकार पत्र भी कहा जाता है।।
▪️ इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
▪️ मौलिक अधिकारों में संशोधन हो सकता है एवं राष्ट्रीय आपात के दौरान जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के आधार को छोड़कर अन्य मौलिक अधिकारों को स्थगित किया जा सकता है।
▪️ मौलिक अधिकार असीमित नहीं है लेकिन वाद योग्य होते हैं।
▪️ *मूल संविधान में 7 मौलिक अधिकार थे।*
▪️ 44 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978 के द्वारा "संपत्ति का अधिकार" को मौलिक अधिकार की सूची से हटा दिया गया।
▪️ *डॉ एस राधाकृष्णन के अनुसार* –मूल अधिकार हमारे लोगों के लिए एक प्रतिज्ञा तथा सभ्य विश्व के साथ किया गया एक समझौता है।
▪️ मूल अधिकार व अधिकार होते हैं जो व्यक्ति के जीवन के लिए मूलभूत तथा अपरिहार्य होने के कारण संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदान किए गए हैं।
▪️ *मूल अधिकार राज्य कृत्य के विरुद्ध एक गारंटी हैं किंतु वह आत्यंतिक नहीं है।*
▪️ सामान्यतः मूल अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों को प्रदान किया गया है।
▪️ कुछ मूल अधिकार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रदान किया गया है जैसे अनुच्छेद 15 (2), अनुच्छेद 17 ,अनुच्छेद 23 और अनुच्छेद 24।
▪️ कुछ मूल अधिकार *केवल नागरिकों को* जैसे *अनुच्छेद 15, 16 ,19 ,20 तथा 30* प्रदान किया गया है।
▪️ अनुच्छेद 359 के अनुसार आपात के समय राष्ट्रपति अनुच्छेद 20 तथा अनुच्छेद 21 के अलावा अन्य सभी मूल अधिकारों को निलंबित कर सकता है।
▪️ *मूल अधिकार की प्रकृति सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों है।*
▪️ अनुच्छेद *19 ,25 से 28 सकारात्मक* प्रकृति के मूल अधिकार हैं।
▪️ *अनुच्छेद 14 ,15, 16 ,21 आदि नकारात्मक* प्रकृति के मूल अधिकार हैं।
▪️ मूल अधिकार का अधित्यजन नहीं किया जा सकता है।
▪️संसद साधारण विधि द्वारा किसी भी प्रकार से मूल अधिकार में कमी नहीं कर सकती, किंतु अनुच्छेद 368 के तहत इसमें संशोधन कर सकती है।
#Polity
✅ समानता का अधिकार ―
▪️अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समानता : राज्य, भारत के राज्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समता या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा।
"विधि के समक्ष समता" का विचार ब्रिटिश संविधान से लिया गया है ,जबकि "विधियों के समान संरक्षण" को अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
▪️अनुच्छेद 15 – धर्म ,मूल, वंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर विभेद का निषेध।
▪️अनुच्छेद 16 – लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता।( पिछड़ा वर्ग ,अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए विशेष प्रावधान का उल्लेख अनुच्छेद 15 (4)और अनुच्छेद 16 (4) में किया गया है।)
▪️अनुच्छेद 17 –अस्पृश्यता का अंत
▪️अनुच्छेद 18 – उपाधियों का अंत (सेना या विद्या संबंधी सम्मान के अतिरिक्त कोई भी उपाधि राज्य द्वारा प्रदान नहीं की जाएगी।)
#Polity
✅ स्वतंत्रता का अधिकार ―
▪️ मूल संविधान में सात प्रकार की स्वतंत्रता का उल्लेख था किंतु वर्तमान में 6 है।
▪️अनुच्छेद 19 – इसके अंतर्गत कुल 6 प्रकार की स्वतंत्रता के अधिकार प्राप्त हैं –
अनुच्छेद 19(1): वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 19(2): शांतिपूर्ण बिना हथियारों के सम्मेलन की स्वतंत्रता ।
अनुच्छेद 19(3): संघ या समिति बनाने के स्वतंत्रता ।
अनुच्छेद 19(4): देश के किसी भी भाग में आवागमन की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 19(5): देश के किसी भी क्षेत्र में निवास करने या बसने की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 19(6): कोई भी व्यापार या जीविका चलाने की स्वतंत्रता।
▪️अनुच्छेद 20 – अपराधों के लिए दोष सिद्ध के संबंध में संरक्षण
▪️अनुच्छेद 21 – प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
▪️अनुच्छेद 21(A) – राज्य द्वारा 6 से 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का उपलब्ध कराया जाना
"इसे 86वे संविधान संशोधन अधिनियम ,2002 के द्वारा जोड़ा गया।"
▪️अनुच्छेद 22 – कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध में संरक्षण
#Polity
✅ धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार ―
▪️अनुच्छेद 25 – अंतःकरण की और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता।
▪️अनुच्छेद 26 – धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
▪️अनुच्छेद 27 – राज्य किसी भी व्यक्ति को ऐसे कर देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता जिसकी आय किसी विशेष धर्म अथवा धार्मिक संप्रदाय की उन्नति में व्यय करने के लिए निश्चित की गई हो।
▪️अनुच्छेद 28 – राज्य विधि से पूर्णता पोषित किसी शिक्षण संस्था में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी।
#Polity
✅ संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार ―
❤1
▪️ अनुच्छेद 29 – अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण ( कोई भी अल्पसंख्यक वर्ग अपनी भाषा लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रख सकता है, और केवल भाषा ,जाति,धर्म और संस्कृति के आधार पर उसे किसी भी सरकारी शैक्षिक संस्था में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा।)
▪️ वर्तमान में छह समुदायों मुस्लिम ,पारसी ,ईसाई ,सिख ,बौद्ध एवं जैन को अल्पसंख्यक वर्ग का दर्जा प्रदान किया गया है।
▪️अनुच्छेद 30 – शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार । (कोई भी अल्पसंख्यक वर्ग अपनी पसंद का शैक्षणिक संस्था चला सकता है और सरकार उसे अनुदान देने में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करेगी।
#Polity
✅ संवैधानिक उपचारों का अधिकार ―
▪️ मौलिक अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को पांच प्रकार की रिट जारी करने की शक्ति प्रदान की गई है– बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश ,प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा
▪️ संवैधानिक उपचारों के अधिकार को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने संविधान की आत्मा कहा है।
#Polity
▪️ वर्तमान में छह समुदायों मुस्लिम ,पारसी ,ईसाई ,सिख ,बौद्ध एवं जैन को अल्पसंख्यक वर्ग का दर्जा प्रदान किया गया है।
▪️अनुच्छेद 30 – शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार । (कोई भी अल्पसंख्यक वर्ग अपनी पसंद का शैक्षणिक संस्था चला सकता है और सरकार उसे अनुदान देने में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करेगी।
#Polity
✅ संवैधानिक उपचारों का अधिकार ―
▪️ मौलिक अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को पांच प्रकार की रिट जारी करने की शक्ति प्रदान की गई है– बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश ,प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा
▪️ संवैधानिक उपचारों के अधिकार को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने संविधान की आत्मा कहा है।
#Polity
🔥2❤1