❇️प्रथम जैन संगीति या सभा
▪️शासनकाल – चन्द्रगुप्त मौर्य
▪️स्थान – पाटलिपुत्र
▪️अध्यक्ष – स्थूलभद्र
▪️कार्य – जैन धर्म के १२ अंगों का सम्पादन किया गया।
▪️विवाद – जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बँट गया
पहला - दिगम्बर,
द्वितीय- श्वेताम्बर संगीति की सबसे बड़ी घटना थी कि जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बंट गया।
❇️द्वितीय जैन संगीति या सभा
▪️शासनकाल – गुप्तकाल
▪️स्थान – वल्लभी या बलभी, गुजरात
▪️अध्यक्ष – देवर्षि क्षमाश्रवण
▪️कार्य – जैन साहित्य का अंतिम संकलन जो आज तक विद्यमान है।
▪️तृतीय जैन सभा बलभी में हुई और इसमें जैन धर्म और साहित्यों को अंतिम रूप दिया
#Impfacts #Lekhpal #UPPCSpre #Lowerpcs
▪️शासनकाल – चन्द्रगुप्त मौर्य
▪️स्थान – पाटलिपुत्र
▪️अध्यक्ष – स्थूलभद्र
▪️कार्य – जैन धर्म के १२ अंगों का सम्पादन किया गया।
▪️विवाद – जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बँट गया
पहला - दिगम्बर,
द्वितीय- श्वेताम्बर संगीति की सबसे बड़ी घटना थी कि जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बंट गया।
❇️द्वितीय जैन संगीति या सभा
▪️शासनकाल – गुप्तकाल
▪️स्थान – वल्लभी या बलभी, गुजरात
▪️अध्यक्ष – देवर्षि क्षमाश्रवण
▪️कार्य – जैन साहित्य का अंतिम संकलन जो आज तक विद्यमान है।
▪️तृतीय जैन सभा बलभी में हुई और इसमें जैन धर्म और साहित्यों को अंतिम रूप दिया
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