4. BNS में किए गए मुख्य 10 बदलाव
1. मॉब लिंचिंग: भीड़ द्वारा हिंसा को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया।
2. संगठित अपराध (Organized Crime): धारा 111 के तहत इसे शामिल किया गया है।
3. क्षुद्र संगठित अपराध: धारा 112 के अंतर्गत छोटे संगठित अपराधों को जगह दी गई।
4. सामुदायिक सेवा: सजा के तौर पर सामुदायिक सेवा का नया विकल्प जोड़ा गया।
5. आतंकवादी कृत्य: धारा 113 के तहत इसे परिभाषित किया गया।
6. हिट एंड रन: सजा के प्रावधानों में बदलाव किया गया।
7. राजद्रोह: इसे हटाकर इसके स्थान पर अन्य प्रावधान रखे गए।
8. नकली मुद्रा: अब केवल नकली मुद्रा रखना (बिना इस्तेमाल के) अपराध की श्रेणी में नहीं है।
9. चोरी की परिभाषा: इसमें साइबर अपराध और साइबर धोखाधड़ी को भी जोड़कर इसका दायरा बढ़ाया गया है।
10. झपटमारी (Snatching): इसे अब एक अलग अपराध (धारा 304) माना गया है।
#UPSIBNS #Part_3
1. मॉब लिंचिंग: भीड़ द्वारा हिंसा को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया।
2. संगठित अपराध (Organized Crime): धारा 111 के तहत इसे शामिल किया गया है।
3. क्षुद्र संगठित अपराध: धारा 112 के अंतर्गत छोटे संगठित अपराधों को जगह दी गई।
4. सामुदायिक सेवा: सजा के तौर पर सामुदायिक सेवा का नया विकल्प जोड़ा गया।
5. आतंकवादी कृत्य: धारा 113 के तहत इसे परिभाषित किया गया।
6. हिट एंड रन: सजा के प्रावधानों में बदलाव किया गया।
7. राजद्रोह: इसे हटाकर इसके स्थान पर अन्य प्रावधान रखे गए।
8. नकली मुद्रा: अब केवल नकली मुद्रा रखना (बिना इस्तेमाल के) अपराध की श्रेणी में नहीं है।
9. चोरी की परिभाषा: इसमें साइबर अपराध और साइबर धोखाधड़ी को भी जोड़कर इसका दायरा बढ़ाया गया है।
10. झपटमारी (Snatching): इसे अब एक अलग अपराध (धारा 304) माना गया है।
#UPSIBNS #Part_3