असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षार्थी ग्रुप
1.26K subscribers
109 photos
592 links
Download Telegram
आप सभी जो हमसे जुड़े हुए हैं उनसे कहना है कि थोड़ा ट्विटर पर सक्रियता दिखाइए और जैसे हम आयोग को लिख रहे हैं कम से कम उसका समर्थन करिए। हम अपनी तरफ से कुछ नहीं कह रहे हैं।
देश में न्यायपालिका सर्वोच्च है और न्यायपालिका का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। न्यायपालिका का सम्मान करना आयोग का भी कर्तव्य है इसलिए जैसा कि माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट डबल बेंच का निर्णय है कि 28 विषयों की ओएमआर का मूल्यांकन कार्य नहीं किया जाएगा और उनका पुराना परीक्षा परिणाम ही मान्य होगा, इस बात को माननीय आयोग को उनके ट्विटर अकाउंट पर लिखिए।
🙏3
जब हम आयोग को लिख सकते हैं तो आप क्यों नहीं लिखते हैं? प्रयास तो करना चाहिए।
❤2🙏1
कुछ छात्रों का कहना है कि उनकी ओएमआर का मूल्यांकन किया जाए अन्यथा उन्हें परीक्षा देने क्यों बुलाया था। कोई इनसे पूछे कि इन्हें परीक्षा देने के लिए किसने बुलाया था जबकि समाचार पत्रों में स्पष्ट न्यूज प्रकाशित हुई थी कि पुनर्परीक्षा केवल पाँच विषयों तक सीमित है।
👍4❤1👌1
सुप्रीम कोर्ट में पूरे मैटर को देख लिया गया है। अभी चंदानी का केस डिफेक्ट में है। उसके डिफेक्ट सही किए जाएंगे। कैवीएट भी दाखिल हो चुकी है। जल्द ही वीडियो में सारी बातें विस्तार से बताएंगे।
👍9❤1
जैसा हमने सुबह कहा था कि वीडियो के माध्यम से सारी बातें बताएंगे तो वीडियो बनाकर अपलोड कर दिया गया है। आप सभी से निवेदन है कि वीडियो को देख लीजिए और सारी बातों को समझ लीजिए। बातचीत का निष्कर्ष सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से एक लंबी वार्ता के पश्चात निकाला गया है। जय श्री कृष्ण!
❤1
जिन लोगों को सुप्रीम कोर्ट में केस करने के बाद भी आयोग जाकर ज्ञापन देना पड़ रहा है तो समझ लीजिए याचिका में कितना बल है। क्या सरकार ने हाईकोर्ट में पैरवी नहीं की थी? और सरकार तो सुप्रीम कोर्ट में याची बनी ही नहीं है। आप लोग भी थोड़ा सतर्क हो जाइए। फेल छात्र आपके मार्ग में रोड़े अटकाने पर तुले हुए हैं। ट्विटर पर जाकर समर्थन करिए अगर चाहते हैं कि अतिशीघ्र साक्षात्कार कार्यक्रम जारी हो जाए।
❤1👍1🙏1