🔲 लोरेंज वक्र– जनसंख्या में आय की विषमता को दिखाता है।
▪️गिन्नी गुणांक -यह लॉरेंज वक्र द्वारा आय की विषमता की माप को बताती हैं
🔲 कुजनेट्स वक्र– जीडीपी बढ़ने पर शुरू में आर्थिक असमानता बढ़ती है और एक बिंदु के बाद असमानता घटने लगती है (उल्टा U)
▪️पर्यावरण कुज़नेट वक्र-जीडीपी बढ़ने पर शुरू में पर्यावरणीय क्षति बढ़ती है और एक बिंदु के बाद क्षति घटने लगती है।(उल्टा U)
🔲 फिलिप्स वक्र -महंगाई बढ़ने पर बेरोजगारी घटती है अर्थात बेरोजगारी और मुद्रास्फीति की दरों के बीच व्युत्क्रम सम्बन्ध होता है।
🔲 लाफ़र वक्र –शुरू में करों की दर बढ़ाने पर कर राजस्व में वृद्धि होती है और एक बिंदु के बाद करों में वृद्धि करने पर राजस्व में गिरावट आने लगती है। (उल्टा U)
#ImpFacts #prelims
"संकल्प से सिद्धि" JOIN- @uppcs1
▪️गिन्नी गुणांक -यह लॉरेंज वक्र द्वारा आय की विषमता की माप को बताती हैं
🔲 कुजनेट्स वक्र– जीडीपी बढ़ने पर शुरू में आर्थिक असमानता बढ़ती है और एक बिंदु के बाद असमानता घटने लगती है (उल्टा U)
▪️पर्यावरण कुज़नेट वक्र-जीडीपी बढ़ने पर शुरू में पर्यावरणीय क्षति बढ़ती है और एक बिंदु के बाद क्षति घटने लगती है।(उल्टा U)
🔲 फिलिप्स वक्र -महंगाई बढ़ने पर बेरोजगारी घटती है अर्थात बेरोजगारी और मुद्रास्फीति की दरों के बीच व्युत्क्रम सम्बन्ध होता है।
🔲 लाफ़र वक्र –शुरू में करों की दर बढ़ाने पर कर राजस्व में वृद्धि होती है और एक बिंदु के बाद करों में वृद्धि करने पर राजस्व में गिरावट आने लगती है। (उल्टा U)
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👉जलवायु परिवर्तन से संबंधित भारत की प्रतिबद्धताएंँ:
1. वर्ष 2030 तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट (GW) तक बढ़ाना।
2. वर्ष 2030 तक भारत की 50% ऊर्जा आवश्यकताओं को अक्षय ऊर्जा के माध्यम से पूरा करना।
3. वर्ष 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता में 45% से अधिक की कमी करना।
4. अब से वर्ष 2030 तक इसके शुद्ध अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 1 बिलियन टन की कटौती करना।
5. वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करना।
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1. वर्ष 2030 तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट (GW) तक बढ़ाना।
2. वर्ष 2030 तक भारत की 50% ऊर्जा आवश्यकताओं को अक्षय ऊर्जा के माध्यम से पूरा करना।
3. वर्ष 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता में 45% से अधिक की कमी करना।
4. अब से वर्ष 2030 तक इसके शुद्ध अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 1 बिलियन टन की कटौती करना।
5. वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करना।
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