हाल ही में अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने कहा है कि वह मेस अयनाक में प्राचीन बुद्ध प्रतिमाओं की रक्षा करेगा।
मेस अयनाक एक ताँबा खदान स्थल भी है, जहाँ तालिबान सरकार चीनी निवेश की उम्मीद कर रही है।
तालिबान की स्थिति उस समय के विपरीत है, जब उसने पहले अफगानिस्तान पर शासन किया था एवं वैश्विक आक्रोश के सामने बामियान में सदियों पुरानी बुद्ध की मूर्तियों को तोपखाने, विस्फोटक और रॉकेट का उपयोग करके गिराया गया।
बामियान बुद्धों की विरासत:
कहा जाता है कि बलुआ पत्थर की चट्टानों से काटकर बनी बामियान बुद्ध की मूर्तियाँ 5वीं शताब्दी ईस्वी पूर्व की हैं और कभी दुनिया की सबसे ऊँची बुद्ध की खड़ी प्रतिमा थी।
उनकी रोमन ड्रैपरियों में और दो अलग-अलग मुद्राओं के साथ मूर्तियाँ गुप्त, ससैनियन एवं हेलेनिस्टिक कलात्मक शैलियों के संगम के महान उदाहरण थीं।
स्थानीय लोगों द्वारा बुलाए जाने वाले ‘साल्सल’ और ‘शमामा’ क्रमशः 55 और 38 मीटर की ऊँचाई तक की थीं।
साल्सल का अर्थ है "प्रकाश ब्रह्मांड के माध्यम से चमकता है", जबकि शमामा "रानी माँ" है।
#MainsGS1 #culture
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मेस अयनाक एक ताँबा खदान स्थल भी है, जहाँ तालिबान सरकार चीनी निवेश की उम्मीद कर रही है।
तालिबान की स्थिति उस समय के विपरीत है, जब उसने पहले अफगानिस्तान पर शासन किया था एवं वैश्विक आक्रोश के सामने बामियान में सदियों पुरानी बुद्ध की मूर्तियों को तोपखाने, विस्फोटक और रॉकेट का उपयोग करके गिराया गया।
बामियान बुद्धों की विरासत:
कहा जाता है कि बलुआ पत्थर की चट्टानों से काटकर बनी बामियान बुद्ध की मूर्तियाँ 5वीं शताब्दी ईस्वी पूर्व की हैं और कभी दुनिया की सबसे ऊँची बुद्ध की खड़ी प्रतिमा थी।
उनकी रोमन ड्रैपरियों में और दो अलग-अलग मुद्राओं के साथ मूर्तियाँ गुप्त, ससैनियन एवं हेलेनिस्टिक कलात्मक शैलियों के संगम के महान उदाहरण थीं।
स्थानीय लोगों द्वारा बुलाए जाने वाले ‘साल्सल’ और ‘शमामा’ क्रमशः 55 और 38 मीटर की ऊँचाई तक की थीं।
साल्सल का अर्थ है "प्रकाश ब्रह्मांड के माध्यम से चमकता है", जबकि शमामा "रानी माँ" है।
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जोशीमठ में भू-धंसाव
👉भू-धंसाव के कारण -
👉1976 की एक रिपोर्ट (मिश्रा आयोग) में पाया गया था कि जोशीमठ एक प्राचीन भूस्खलन स्थल पर स्थित है ।
👉क्षेत्र में बिखरी हुई चट्टानें पुराने भूस्खलन के मलबे से ढकी हुई हैं, जिनमें बोल्डर, नीस चट्टानें (अत्यधिक अपक्षयित), और ढीली मिट्टी होने के कारण इनकी वहन क्षमता कम होती है।
👉पिछले कुछ दशकों में निर्माण में वृद्धि, पनबिजली परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण ने ढलानों को अत्यधिक अस्थिर बना दिया है।
👉विष्णुप्रयाग से लगातार बहने वाली जल धारायें और प्राकृतिक धाराओं के साथ पाई जाने वाली फिसलन अन्य प्रमुख कारणों में से एक है।
👉ऋषि गंगा नदी की बाढ़ तथा 2021 में अगस्त से अक्टूबर के बीच लगातार बारिश के कारण स्थिति और ज्यादा खराब हो गयी है।
👉जोशीमठ उच्च जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्र-V में शामिल है ।
#MainsGS1 #Disaster
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👉भू-धंसाव के कारण -
👉1976 की एक रिपोर्ट (मिश्रा आयोग) में पाया गया था कि जोशीमठ एक प्राचीन भूस्खलन स्थल पर स्थित है ।
👉क्षेत्र में बिखरी हुई चट्टानें पुराने भूस्खलन के मलबे से ढकी हुई हैं, जिनमें बोल्डर, नीस चट्टानें (अत्यधिक अपक्षयित), और ढीली मिट्टी होने के कारण इनकी वहन क्षमता कम होती है।
👉पिछले कुछ दशकों में निर्माण में वृद्धि, पनबिजली परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण ने ढलानों को अत्यधिक अस्थिर बना दिया है।
👉विष्णुप्रयाग से लगातार बहने वाली जल धारायें और प्राकृतिक धाराओं के साथ पाई जाने वाली फिसलन अन्य प्रमुख कारणों में से एक है।
👉ऋषि गंगा नदी की बाढ़ तथा 2021 में अगस्त से अक्टूबर के बीच लगातार बारिश के कारण स्थिति और ज्यादा खराब हो गयी है।
👉जोशीमठ उच्च जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्र-V में शामिल है ।
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