पोर्नोग्राफी वैध करने की तैयारी में यूक्रेन
यूक्रेन युद्ध के बढ़ते खर्च और आर्थिक दबाव के बीच वयस्क मनोरंजन उद्योग को कानूनी मान्यता देकर उस पर टैक्स लगाने पर विचार किया है। समर्थकों का अनुमान है कि इससे सालाना लगभग 25 मिलियन डॉलर राजस्व मिल सकता है, जिससे सैन्य जरूरतों के लिए धन जुटाया जा सकेगा।
इस खबर के आधार पर एथिक्स में एक बहुत महत्वपूर्ण distinction समझा जा सकता है। एक सवाल जो महत्वपूर्ण हो जाता है अब वो ये है कि,
“क्या Ethics परिस्थितियों के अनुसार बदलती है?”अर्थात् एथिक्स परिस्थितिजन्य होती है या सार्वभौमिक?
इंपॉर्टेंट चीज जो याद रखनी है—
“नैतिकता परिस्थितियों से प्रभावित अवश्य होती है, किंतु परिस्थितियों की दासी नहीं होती। एक लोकसेवक का दायित्व है कि वह बदलते संदर्भ में निर्णय ले, परंतु न्याय, मानव गरिमा, निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और लोकहित जैसे मूलभूत नैतिक मूल्यों की सीमा के भीतर।”
युद्ध, महामारी और प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में कठिन निर्णय लेने पड़ सकते हैं। फिर भी आवश्यकता, आनुपातिकता, वैधता, जवाबदेही और मानव गरिमा जैसे सिद्धांतों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए।
#COPIED
यूक्रेन युद्ध के बढ़ते खर्च और आर्थिक दबाव के बीच वयस्क मनोरंजन उद्योग को कानूनी मान्यता देकर उस पर टैक्स लगाने पर विचार किया है। समर्थकों का अनुमान है कि इससे सालाना लगभग 25 मिलियन डॉलर राजस्व मिल सकता है, जिससे सैन्य जरूरतों के लिए धन जुटाया जा सकेगा।
इस खबर के आधार पर एथिक्स में एक बहुत महत्वपूर्ण distinction समझा जा सकता है। एक सवाल जो महत्वपूर्ण हो जाता है अब वो ये है कि,
“क्या Ethics परिस्थितियों के अनुसार बदलती है?”अर्थात् एथिक्स परिस्थितिजन्य होती है या सार्वभौमिक?
इंपॉर्टेंट चीज जो याद रखनी है—
“नैतिकता परिस्थितियों से प्रभावित अवश्य होती है, किंतु परिस्थितियों की दासी नहीं होती। एक लोकसेवक का दायित्व है कि वह बदलते संदर्भ में निर्णय ले, परंतु न्याय, मानव गरिमा, निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और लोकहित जैसे मूलभूत नैतिक मूल्यों की सीमा के भीतर।”
युद्ध, महामारी और प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में कठिन निर्णय लेने पड़ सकते हैं। फिर भी आवश्यकता, आनुपातिकता, वैधता, जवाबदेही और मानव गरिमा जैसे सिद्धांतों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए।
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