UPSC Exam tips & motivational dose
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"आपके सपनों को हकीकत में बदलने का समय आ गया है।

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सिर्फ एक इंसान ही
आपको आगे लेकर जाएगा,
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UPSC Exam tips & motivational dose pinned «जुनून जीवन के किसी भी इम्तेहान के लिए आपको सिर्फ जुनून और कठिन परिश्रम की जरूरत होती है । अगर आपके अंदर वो आग है जो आपका मन कहीं और भटकने नही देती, वो जुनून है जो आपको कभी रुकने नही देती, वो संकल्प है जो कभी आपको थकने नहीं देती, तो बधाई हो, आप winner हो ।…»
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प्रारम्भिक परीक्षा के ठीक पहले ....
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प्रारम्भिक परीक्षा क्वालीफ़ाई करना कितना महत्वपूर्ण है, हम सब जानते ही हैं। आइए, समझें कि इस प्रीलिम्स परीक्षा के ठीक पहले की तनावपूर्ण घड़ी में कैसे सहज रहकर सफलता हासिल करें -

- सबसे पहले तो मन से यह ग़लतफ़हमी निकाल दें कि आप पहले पढ़ी हुई चीज़ें भूल गए हैं। निश्चिन्त रहें, परीक्षा भवन में आप सब कुछ पढ़ा हुआ रिकलेक्ट कर पाएँगे।

- विश्वास भरपूर रखें कि आपकी तैयारी अच्छी है तो सेलेक्शन की सम्भावनाएँ भी ज़्यादा हैं। वैसे भी लाखों अभ्यर्थियों में sincere या गम्भीर अभ्यर्थी काफ़ी कम ही होते हैं।

- 'निष्काम कर्मयोग' (Disinterested Action) का सिद्धांत ख़ास तौर पर प्रीलिम्स में बहुत सहारा देता है। परीक्षा को तनावमुक्त होकर देना हमारा काम है, उसके परिणाम की उधेड़बुन में लगे रहने का कोई औचित्य नहीं है। प्रीलिम्स में असफल हो जाने वाले ज़्यादातर अभ्यर्थी यह स्वीकार करते हैं कि हमने सवाल का उत्तर जानने के बावजूद जल्दबाज़ी, तनाव, स्ट्रेस में ग़लत विकल्प चुन लिया या फिर ग़लत गोला भर दिया।

- रिवीज़न ही करें, यह नया पढ़ने का समय नहीं है।

- निगेटिव मार्किंग से निपटने के लिए अभ्यास ज़रूरी है, लिहाज़ा टेस्ट पेपर हल करें और निगेटिव मार्किंग का गणित अच्छे से समझ कर अपनी एक सम्भावित रणनीति बना लें।

- पेपर एक और पेपर दो, दोनों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें।

- इस बात का सिरदर्द बिलकुल न पालें कि आपको पढ़ी हुई बातें याद हैं या नहीं। आपने साल भर जो कुछ भी पढ़ा है, वह निश्चित रूप से आपके स्मृति पटल में सुरक्षित है और वह ज़रूरत पड़ने पर स्वतः याद आ जाएगा।

- परीक्षा चूँकि सुबह होती है अतः आख़िरी के दिनों में वक़्त पर सोने और सुबह वक़्त पर उठने की आदत डाल लेना ताकि परीक्षा की सुबह तरोताज़ा उठें।

- किसी की देखादेखी अपनी नींद को नज़रअन्दाज़ न करें और रोज़ सात-आठ घंटे की नींद ज़रूर लें।

- हल्का और सुपाच्य भोजन लाइन, फल-सब्ज़ियाँ-सलाद का सेवन करें।

- सुबह या शाम के समय आधा घंटा हरियाली के बीच टहलें ज़रूर।

- अपने आराध्य पर और ख़ुद पर आस्था बनाए रखें।

- इधर-उधर की बातों या व्यर्थ के तनावों से बचें और नकारात्मकता से कोसों दूर रहें।

परीक्षा हॉल में ....
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-प्रीलिम्स में होने वाली एक आम ग़लती यह है कि हम सवाल को ध्यान से या सावधानी से नहीं पढ़ते। अगर किसी बहुविकल्पीय प्रश्न में पूछा गया है कि कौन-कौन से विकल्प सही 'नहीं'हैं? और जल्दबाज़ी या लापरवाही में हमने 'नहीं' शब्द पर ध्यान नहीं दिया तो पूरी तरह आने वाला प्रश्न भी ग़लत हो जाएगा। अतः हर सवाल को धैर्यपूर्वक पढ़ें।

- प्रीलिम्स का पेपर इंग्लिश और हिंदी दो भाषाओं में आता है। मेरी व्यक्तिगत सलाह है कि यदि आपको कोई शब्द या वाक्य एक भाषा में समझ नहीं आ पा रहा है तो दूसरी भाषा में उसका अनुवाद देख लें। कभी-कभी उससे भी कुछ क्लू मिल जाता है।

- पेपर के पहले पन्ने पर दिए गए दिशानिर्देशों को ज़रूर पढ़ें। आपको उत्तर-पत्रक पर काले रंग के बॉल पेन से गोले (bubbles) भरने होते हैं। निर्देशानुसार सही तरीक़े से गोले भरें।

-पेपर को देखकर ही आपको अंदाज़ा होता है कि इस साल पेपर कैसा आया है। कुछ अभ्यर्थी कठिन पेपर देखकर बुरी तरह घबरा जाते हैं। मैं उन्हें याद दिलाना चाहूँगा कि पेपर आसान हो या कठिन, सभी अभ्यर्थियों के लिए एक जैसा ही है। अतः घबराए बग़ैर आसन्न परिस्थितियों में ही अपना बेस्ट प्रदर्शन करें।

- कुछ अभ्यर्थी इतने ज़्यादा उतावले और व्यग्र होते हैं कि पहला पेपर देने के बाद दूसरा पेपर शुरू होने के पहले फ़र्स्ट पेपर के विकल्पों की जाँच करने लगते हैं। यह सरासर ग़लत है। आप पहला पेपर कुछ घंटों के लिए उसे भूल जाएँ। ख़ुद को थोड़ा रीलैक्स करें और तरोताज़ा होकर सेकिंड पेपर देने पहुँचें।

- दोनों पेपर देने के तुरंत बाद (answer key) न ढूँढें। यदि आपको सही उत्तर जानने ही हैं, तो आराम से दो-तीन दिन बाद किसी अच्छी 'आन्सर की' से मिलान करें। ध्यान रहे, कि कोई भी 'आन्सर की' शत प्रतिशत सही नहीं है। कट ऑफ़ कितना जाएगा, इन अटकलों में उलझे बग़ैर अगले चरण यानी मुख्य परीक्षा की तैयारी में जी-जान से जुट जाएँ।

#BEST_OF_LUCK
#UPSC
#IAS
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✅हमारी जिंदगी का मकसद
खुश रहना है।
😇🥰😂😎

@UPSCEXAMTIPS

You learn nothing from life,
If you think you are right all the time.
सफलता तब मिलती है
जब आपके सपने
आपके बहानो से बड़े हो जाते है📚🏆


कामयाब इंसान खुश रहे ना रहे
लेकिन खुश रहने वाले लोग
जरूर कामयाब हो जाते है
❤️😇
सिविल सेवा के प्रारम्भिक परीक्षा के अभ्य्यार्थियों को विशेष शुभकामनाएं, धैर्य बनाये रखे परीक्षा काल मे जीत आपकी निश्चित है👍👍
🌱☕❤
💯"Don't take tension, You will get ur destination. Don't make ur mind jam, due to the exam. Believe urself, GOD will help you to get success. Wishing you the best of luck officers!"💯
❤📚☕
हर कामयाबी पर आपका नाम होगा,
आपके हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा,

मुश्किलों का सामना हिम्मत से करना,
उम्मीद है एक दिन वक़्त भी आपका गुलाम होगा…❤📚


#Prelims2021
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जिंदगी में ऐसें लोग भी मिलते हैं जो वादे तो नहीं करते लेकिन निभा बहुत कुछ जाते हैं, अक्सर वही रिश्ते लाजबाब होते हैं जो एहसानो से नहीं एहसासो से बने होते हैं.


🌺 🅿️
@UPSCEXAMTIPS🌺
🤞🏆📚
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आखिर क्यों ❓


● आखिर क्यों हम एक किताब 10 बार पढ़ने की बजाय 10 तरह की किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं !
Ex . - सिविल सेवा की तैयारी करने वाला छात्र अपने घर को लाइब्रेरी बनाकर बैठ जाता है ... सफलता बहुत सी किताबें पढ़ने से नहीं बल्कि एक किताब को बहुत बार पढ़ने से मिलती है

● आखिर क्यों हम सीखने के समय में सीखने की बजाय सिखाना ज्यादा पसंद करते हैं !
Ex . - हर रोज प्रतियोगी छात्र फरमान जारी करते हैं ...मैं आईएएस की तैयारी के लिए ग्रुप बना रहा हूँ ... अपना no .कमेंट बॉक्स में लिखिए ......" मेरे प्यारे भाई इस समय आपका एक एक सेकंड अमूल्य है ...कृपया पहले आप बन जाइये फिर और ज्यादा ऊर्जा और संसाधनों के साथ आप सबकी मदद कर पाएंगे "

● आखिर क्यों हम एक ही मार्गदर्शक पर यकीन नहीं रख पाते हर रोज नए मार्गदर्शक की खोज में लगे रहते हैं ...सभी का अपना एक अलग तरीका होता है ...और उस चक्कर में आपकी अपनी तैयारी कभी पटरी में आ ही नहीं पाती ...हमेशा नयी शुरुआत करते रह जाते हैं !

● आखिर क्यों हम सब सपने तो हमेशा बड़े देखते हैं लेकिन मात्र 10 प्रतिशत लोग ही उसकी कीमत चुकाने को तैयार होते हैं !
Ex . - बनना तो कलेक्टर ही है पर 8 घंटे सोना नहीं छोड़ सकते ....और न ही 8 घंटे पढ़ने में मन लग सकता ...तो भाई इंतजार करो शायद कोई बाबा किसी घुंटी का अविष्कार कर दे ...जो आपको सीधे मसूरी भेज दे

● आखिर क्यों हम हर काम या नयी शुरुआत को कल पर टाल देते हैं ..
..और वो भी इतने यकीन के साथ जैसे हम कल का दिन देखने ही वाले हों !


● आखिर क्यों अपने ही मष्तिष्क पर हमारा नियंत्रण नहीं रह पाता....हम जानते हैं कि इस समय ये चीजें हमारे लिए बुरी हैं पर फिर भी हम कर डालते हैं ...और बाद में खुद को समझा देते हैं कि आगे से ऐसा नहीं होगा और फिर अगली बार होता है ...और फिर से आप यही लाइन दोहरा लेते हैं !

● आखिर क्यों हम अपने समय की कीमत नहीं समझ पाते और उसे यूँ बर्बाद करते हैं जैसे ऊपर वाले के साथ 500 साल का एग्रीमेंट करके आये हो .....जरा सोच लो अगर अगले ही पल आपके सामने मौत खड़ी हो ..तो क्या छोड़ कर जा रहे हो यहाँ जिससे लोग आपको याद रखें .."" कुछ नहीं किया अब तक मेरे भाई ..मत सोच इतना "" ?

● आखिर क्यों हम हर दिन कुछ नया पढ़ते हैं ..." .जैसे फेसबुक में में ही कोई नया मोटिवेशनल थॉट ही लेलो " .......और उसके नीचे " wavvv " का कमेंट भी कर देते हैं .... जरा सोचो कि कितनी बार अपने ऐसा किया ? ...शायद सैकड़ों बार .....पर उसमें से कितनी लाइन्स को खुद की जिंदगी पर लागू किया ..? ..अगर एक लाइन भी लागू कर देते मेरे भाई तो आपकी जिंदगी उसी वक़्त बदल जाती ....!!
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Success Story Of IAS Topper Pratishtha 📚❣

बचपन में देखा था IAS बनने का सपना, फिर पहले ही अटेम्पट में प्रतिष्ठा बनीं टॉपर

दिल्ली की प्रतिष्ठा ममगेन उन चुनिंदा कैंडिडेट्स में से हैं जो अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर लेते हैं. आइये जानें कैसे पायी प्रतिष्ठा ने यह सफलता.

 दिल्ली की रहने वाली प्रतिष्ठा उन गिने-चुने कैंडिडेट्स में से आती हैं, जिनका पहला प्रयास ही इतना सधा हुआ और सही दिशा में होता है कि वे सेलेक्ट हो जाते हैं और उन्हें सालों एक परीक्षा पास करने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता. अपार मेहनत और सही स्ट्रेटजी की इस सफलता में अहम भूमिका होती है. ये शायद वे कैंडिडेट होते हैं जो पहले ही इतनी तैयारी कर लेते हैं कि गलती करने का कोई स्कोप नहीं रह जाता. इसके साथ ही किस्मत भी इनका साथ देती है. आज जानते हैं प्रतिष्ठा से कि कैसे उन्होंने पहली बार में यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर ली।

प्रतिष्ठा की सलाह
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प्रतिष्ठा कहती हैं सबसे पहले यूपीएससी के नोटिफिकेशन को देखकर सिलेबस का ठीक पता लगाएं और फिर सिलेबस के अनुसार लिमिटेड स्टडी मैटीरियल इकट्ठा करें. अपनी स्ट्रेटजी अपने हिसाब से प्लान करें और टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू कर दें. हर दिन का टारगेट रखें कि आज क्या-क्या पढ़ना है और शेड्यूल ऐसा बनाएं जिसमें अधिकतम विषय आ जाएं ताकि आप पढ़ते समय बोर न हों. शुरुआत उस विषय से कर सकते हैं जो आपकी रुचि का हो. दिन के कुछ घंटे न्यूज पेपर के लिए निकालें जिसका इस परीक्षा में बहुत जरूरी रोल है. सही तरीका सीखें ताकी कम समय में पेपर पढ़ पाएं. प्रतिष्ठा कहती हैं जिन्हें पहले से न्यूज पढ़ना, सुनना पसंद होता है, उन्हें खास दिक्कत नहीं होती. साथ ही वे ये भी सजेस्ट करती हैं कि जब आप किसी भी क्लास की पढ़ाई कर रहे हों, न्यूज पढ़ना और आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस करना तो तभी शुरू कर सकते हैं. ये दो प्वॉइंट बहुत जरूरी हैं पर ऐसे नहीं कि इन्हें तभी अपनाया जाए जब यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें. अपने केस में टॉपर्स के इंटरव्यू देखकर वे पहले ही जान चुकी थी कि इनकी जरूरत पड़ेगी तो प्रतिष्ठा पहले ही अखबार पढ़ने की और आंसर राइटिंग की खूब प्रैक्टिस कर चुकी थी
।

अगला अहम स्टेप प्रतिष्ठा रिवीजन को मानती हैं. वे कहती हैं कि पढ़ता तो हर कोई है पर याद हर कोई नहीं रख पाता. वे भी पढ़ा हुआ बार-बार भूल जाती थी. ऐसे में उन्होंने मल्टीपल रिवीज़न करना शुरू किया. एक चीज को बार-बार पढ़ती थी तब जाकर वह पक्की होती थी. प्रतिष्ठा कहती हैं वे सुबह उठते ही वे हिस्सा उठाती थीं जिसे याद रखना है, जैसे नाम, जगहें, तारीखें फैक्ट्स आदि क्योंकि इस समय उनका दिमाग फ्रेश होता था. उसके बाद अखबार पढ़ती थी और नेक्स्ट स्टेप में ऑप्शनल या जीएस पर आती थी. दिन खत्म होने पर बेड पर जाने से पहले प्रतिष्ठा बुकलेट देखती थी. अंत में उनकी सलाह मॉक टेस्ट्स देने की है ताकि कैंडिडेट को अपनी गलतियां पता चल सकें. प्रतिष्ठा ने साल 2017 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा 50वीं रैंक के साथ पास करी थी.

प्रतिष्ठा कहती हैं कि अगर कैंडिडेट ठीक से प्लान करके चले और पूरी मेहनत और ईमानदारी से कोशिश करे तो सफलता मिलने में न देर लगती है न ही असफल होने की संभावना बचती है. बस परीक्षा का नेचर और जरूरत समझकर तैयारी शुरू करें।
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🎀 Success Story Of IAS Topper Abhijeet Sinha 📚🎊

इंजीनियर से IAS ऑफिसर तक, कैसे तय किया अभिजीत ने यह सफर, जानें यहां


अभिजीत सिन्हा ने साल 2017 में 19वीं रैंक के साथ अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की थी. जानते हैं इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के अभिजीत ने कैसे किया अपना सपना साकार. अभिजीत सिन्हा ने साल 2017 में अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा न केवल पास की थी बल्कि 19वीं रैंक के साथ टॉपर्स लिस्ट में भी शामिल हुए. अभीजीत ने आईआईटी कानपुर से बीटेक किया है. इसके पहले के प्रयास में भी अभिजीत इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे थे पर यहां तक पहुंचकर भी उनका फाइनल सेलेक्शन नहीं हुआ था. यह दौर अभिजीत के लिए काफी निराशा भरा था पर परिवार के सहयोग से वे फिर उठ खड़े हुए और अपनी कमियों को दूर करते हुए उन्होंने दोगुनी मेहनत से दूसरा अटेम्पट दिया और चयनित भी हुए. अभिजीत यूपीएससी के इस सफर के लिए तीन एलिमेंट्स को सबसे अधिक जरूरी मानते हैं और वे तीन एलिमेंट्स हैं डेडिकेशन, डिस्प्लिन और डेटेरमिनेशन. इन तीनों के कांबिनेशन से सफलता पायी जा सकती है. इसके अलावा भी अभिजीत अपनी स्ट्रेटजी शेयर करते हुये कहते हैं कि हर कैंडिडेट अलग होता है पर कुछ बातें हर किसी पर लागू होती हैं. आप भी अपनी स्ट्रेटजी अपने हिसाब से बनाएं लेकिन कुछ मूल बातों का ध्यान रखें।

सबसे अहम तीन सलाह –

अभिजीत कहते हैं यूपीएससी की तैयारी शुरू करने से पहले उनके हिसाब से तीन बातों का ध्यान रखना सबसे अधिक जरूरी है. पहला है राइट मोटिवेशन यानी इस परीक्षा को देने के पीछे आपका मकसद क्या है. मकसद कुछ भी हो बस वह इतना सॉलिड होना चाहिए कि आपको साल दर साल मोटिवेट करने की क्षमता रखता हो. चूंकि इस परीक्षा में सफलता आसानी से नहीं पायी जा सकती साथ ही यह प्रक्रिया भी बहुत लंबी है इसलिए सही मोटिवेशन का होना बहुत जरूरी है. दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु है न्यूज पेपर पढ़ना और सही तरीके से पढ़ना. अभिजीत कहते हैं यह एक ऐसी हैबिट है जो आपको बाकी परीक्षाओं में भी बहुत मदद करेगी साथ ही यूपीएससी में तो इसका खास रोल है. स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स के स्कैंडल छोड़कर बाकी हिस्से जिसमें देश के डेवलेपमेंट आदि से जुड़े मुद्दे हों, वे जरूर पढ़ें. तीसरा अहम बिंदु अभिजीत मानते हैं एग्जाम की तैयारी शुरू करने से पहले एग्जाम के नेचर को समझना. आखिर इस परीक्षा में क्या देखने की कोशिश की जाती है, ज्ञान के अलावा यहां किस-किसी चीज की परख की जाती है, परीक्षा पैटर्न क्या है आदि समझने के बाद ही तैयारी के लिए आगे बढ़ें. इसी क्रम में ऑप्शनल भी सोच-समझकर चुनें.


एनसीईआरटी से करें बेस मजबूत –

अभिजीत कहते हैं यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए एनसीईआरटी किताबों की बहुत अहम भूमिका है. इनसे अपना बेस मजबूत करें और खासतौर पर क्लास 8 से 12 तक की किताबें एक नॉवेल की तरह पढ़ डालें विशेषकर ज्योग्राफी, हिस्ट्री और इकोनॉमिक्स की बुक्स. अगले चरण में अभिजीत सलाह देते हैं कि गिनी-चुनी किताबें सेलेक्ट करें जो स्टैंडर्ड बुक्स यूपीएससी की तैयारी के लिए अच्छी मानी जाती हैं और इनसे ही बार-बार पढ़ें. पहली रीडिंग इनकी भी केवल समझने के लिहाज से नॉवेल की तरह करें, दूसरी रीडिंग में नोट्स बनाएं. नोट्स बनाते समय सिलेबस जरूर चेक कर लें और उसके अनुसार ही विषयवार नोट्स बनाते चलें ताकि अंत तक पहुंचते-पहुंचते कुछ भूलें न. अभिजीत डिजिटल नोट्स बनाने की सलाह देते हैं. इससे अपने टॉपिक्स को तलाशना आसान हो जाता है. साथ ही बीच में कुछ घटाना या बढ़ाना है तो वो भी डिजिटल नोट्स में आसानी से किया जा सकता है।

आंसर राइटिंग और टेस्ट सीरीज़ पर दें ध्यान –

अभिजीत अंत में आंसर राइटिंग और टेस्ट सीरीज़ पर फोकस करने के लिए कहते हैं. वे कहते हैं मेन्स के पेपर के लिए जितना लिख-लिखकर प्रैक्टिस करेंगे उतना अच्छा रहेगा. केवल आंसर पता होना ही काफी नहीं होता बल्कि उसे कैसे प्रभावशाली तरीके से लिखा जाए यह भी पता होना चाहिए. इसके साथ ही प्री और मेन्स दोनों के लिए खूब मॉक टेस्ट दें. मॉक टेस्ट से आप समय-सीमा के अंदर पेपर खत्म करना और अपनी गलतियों को सुधारना सीख पाते हैं. बाकी कैंडिडेट्स को अभिजीत यही सलाह देते हैं कि इस पूरे सफर में मेहनत के साथ ही धैर्य भी रखना जरूरी है क्योंकि यहां सफलता इतनी आसानी से नहीं मिलती. लेकिन जो हिम्मत नहीं हारते वे एक न एक दिन मंजिल तक अवश्य पहुंचते हैं।
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