#IAS_MOTIVATION
उम्मुल खैर हड्डी की एक बीमारी के साथ पैदा हुईं, जिसकी वजह से 28 साल की उम्र तक उन्हें 15 से भी ज्यादा बार फ्रैक्चर का सामना करना पड़ा। बचपन निज़ामुद्दीन की झुग्गी बस्ती में गुज़रा। 9वीं क्लास में माता-पिता से अलग हो गईं, क्योंकि वे उन्हें आगे पढ़ाना नहीं चाहते थे। बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर आगे की पढ़ाई मुकम्मल की।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और JNU से पोस्ट ग्रेजुएशन किया और अब UPSC के एग्जाम में 420वां रैंक हासिल कर के साबित कर दिया है कि हौसले बुलंद हों तो कुछ भी नामुमकिन नहीं। उन्होने अलग-अलग देशों में दिव्यांग लोगों के कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।
उम्मुल खैर हड्डी की एक बीमारी के साथ पैदा हुईं, जिसकी वजह से 28 साल की उम्र तक उन्हें 15 से भी ज्यादा बार फ्रैक्चर का सामना करना पड़ा। बचपन निज़ामुद्दीन की झुग्गी बस्ती में गुज़रा। 9वीं क्लास में माता-पिता से अलग हो गईं, क्योंकि वे उन्हें आगे पढ़ाना नहीं चाहते थे। बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर आगे की पढ़ाई मुकम्मल की।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और JNU से पोस्ट ग्रेजुएशन किया और अब UPSC के एग्जाम में 420वां रैंक हासिल कर के साबित कर दिया है कि हौसले बुलंद हों तो कुछ भी नामुमकिन नहीं। उन्होने अलग-अलग देशों में दिव्यांग लोगों के कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।
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#IAS_Motivation... ✍✍
"हौसला बाजार मे नहीं मिलता..
पैदा किया जाता है..
नीलकंठ तो बनना है सबको ...
पर सबसे जहर पिया नहीं जाता है..
तड़प हो तो.. पर्वत का सीना चीर नीर फूट पड़ता है..
कदम बढ़ाओ दोस्त ..upsc के जंग में मौका मांगा नहीं छीन
लिया जाता है.."
हार के बैठोगे तो खो जाओगे दुनिया की भीड़ में..
शान और पहचान बनाना है तो अपना सबकुछ दांव पर लगा दो...🎊🏆
"हौसला बाजार मे नहीं मिलता..
पैदा किया जाता है..
नीलकंठ तो बनना है सबको ...
पर सबसे जहर पिया नहीं जाता है..
तड़प हो तो.. पर्वत का सीना चीर नीर फूट पड़ता है..
कदम बढ़ाओ दोस्त ..upsc के जंग में मौका मांगा नहीं छीन
लिया जाता है.."
हार के बैठोगे तो खो जाओगे दुनिया की भीड़ में..
शान और पहचान बनाना है तो अपना सबकुछ दांव पर लगा दो...🎊🏆
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#IAS_Motivation....✍✍
आखिर कब तक गुमनाम वाली ज़िन्दगी जीते रहोगे...?
नाम के लिए खुद को जलाते क्यों नहीं...!! ✍
लोग कहते है क्या लेके आये हो और क्या लेके जाओगे..
मैं उनसे कहती हूँ ,मैं एक नाम लेके जाऊँगी,
तुम्हारी तालियों की गड़गड़ाहट लेके
जाऊँगी..!!👩💻
क्यों अंदर ही अंदर सुलग रहे हो आप ,
दुनिया धुएं के लपटों से झुकती है , अपनी
लपटे दिखाते क्यों नहीं जब ज़िंदा हो तो....
आप को भी कुछ ऐसा कर गुज़रना है जिस से दुनिया आपको याद रखे....
हज़ारों लोग बिना पहचान बनाए रोज़ मर जाते है....
इस धरती पे जन्मे हो तो ऐसा काम क्यूँ नही करते जिससे दुनिया आपको याद रखे...!
आपको उन सभी बाधाओं को पार करना है.. जो अक्सर आम students की लाइफ में आती है...
हमेशा आगे बढ़ते रहो...
रोज अपनी पढ़ी हुई चीजों की प्रैक्टिस करें ..तैयारी में कोई कसर ना छोडियेगा.. वो आप ही जिसे इस बार टॉप करना है...
आपको कोई पीछे नहीं कर सकता ..आपके अंदर वह आग है जो आपको आगे तक ले जाएगी..।🔥
आखिर कब तक गुमनाम वाली ज़िन्दगी जीते रहोगे...?
नाम के लिए खुद को जलाते क्यों नहीं...!! ✍
लोग कहते है क्या लेके आये हो और क्या लेके जाओगे..
मैं उनसे कहती हूँ ,मैं एक नाम लेके जाऊँगी,
तुम्हारी तालियों की गड़गड़ाहट लेके
जाऊँगी..!!👩💻
क्यों अंदर ही अंदर सुलग रहे हो आप ,
दुनिया धुएं के लपटों से झुकती है , अपनी
लपटे दिखाते क्यों नहीं जब ज़िंदा हो तो....
आप को भी कुछ ऐसा कर गुज़रना है जिस से दुनिया आपको याद रखे....
हज़ारों लोग बिना पहचान बनाए रोज़ मर जाते है....
इस धरती पे जन्मे हो तो ऐसा काम क्यूँ नही करते जिससे दुनिया आपको याद रखे...!
आपको उन सभी बाधाओं को पार करना है.. जो अक्सर आम students की लाइफ में आती है...
हमेशा आगे बढ़ते रहो...
रोज अपनी पढ़ी हुई चीजों की प्रैक्टिस करें ..तैयारी में कोई कसर ना छोडियेगा.. वो आप ही जिसे इस बार टॉप करना है...
आपको कोई पीछे नहीं कर सकता ..आपके अंदर वह आग है जो आपको आगे तक ले जाएगी..।🔥
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#IAS_MOTIVATION
सिविल_सेवा ..... पढ़ाई उसके लिए बोझ नही है, जो अपने मिशन से प्रेम करते हैं।
बल्कि पढाई बोझ उसके लिए है, जो अपने
लक्ष्य से प्रेम नही करते।........
क्या बच्चे अपने पैरेंट्स पर बोझ होते हैं? ..... कभी भी नही,!
क्योंकि बच्चे माँ बाप के लक्ष्य होते हैं..
आपके लिए पापा हर दुख सह सकते हैं....
आपके लिए मम्मी कुछ भी कर सकती
हैं.......
क्योंकि वे आपको बहुत प्यार करते हैं।
.......
जब यही पवित्र स्नेह आप
अपनी पढाई में पैदा कर लेंगे तो
आपको नींद नही आयेगी....
आलस्य नही आयेगा....
कहा जाता है कि,,,,,,,,
सोने वाले डूब जाते हैं ....और ...... जागने वाले जग जीत लेते हैं.......
जब आप हर समय जोश से लबरेज रहेंगे.....
सोंचिए, जब मानव चांद, मंगल और शुक्र, शनि पर झंडा लहरा सकता है तो....
UPSC में झंडा क्यों नही गाड़ सकता........
"" UPSC की परीक्षा में पताका लहराना है"".......
बस इतना ही वाक्य किसी सफल मंत्र
की तरह रोज जपते रहो, पसीना बहाते
रहो....लगे रहो पढ़ाई में
मेरे सर कहा करते है कि ज्ञान की प्यास इतनी बढ़ाओ की बुझ ना पाये.............
किताबों से तब तक जुड़े रहो,, जब तक मंज़िल ना मिल जाए ......!!!!
#All_The_Best
सिविल_सेवा ..... पढ़ाई उसके लिए बोझ नही है, जो अपने मिशन से प्रेम करते हैं।
बल्कि पढाई बोझ उसके लिए है, जो अपने
लक्ष्य से प्रेम नही करते।........
क्या बच्चे अपने पैरेंट्स पर बोझ होते हैं? ..... कभी भी नही,!
क्योंकि बच्चे माँ बाप के लक्ष्य होते हैं..
आपके लिए पापा हर दुख सह सकते हैं....
आपके लिए मम्मी कुछ भी कर सकती
हैं.......
क्योंकि वे आपको बहुत प्यार करते हैं।
.......
जब यही पवित्र स्नेह आप
अपनी पढाई में पैदा कर लेंगे तो
आपको नींद नही आयेगी....
आलस्य नही आयेगा....
कहा जाता है कि,,,,,,,,
सोने वाले डूब जाते हैं ....और ...... जागने वाले जग जीत लेते हैं.......
जब आप हर समय जोश से लबरेज रहेंगे.....
तो कलेक्टरी की तैयारी माउंट
एवरेस्ट की तरह नही
दिखेगी बल्कि,,,,,,,,,,
वह एक सामान्य चढाई मालूम
होगी .......सोंचिए, जब मानव चांद, मंगल और शुक्र, शनि पर झंडा लहरा सकता है तो....
UPSC में झंडा क्यों नही गाड़ सकता........
"" UPSC की परीक्षा में पताका लहराना है"".......
बस इतना ही वाक्य किसी सफल मंत्र
की तरह रोज जपते रहो, पसीना बहाते
रहो....लगे रहो पढ़ाई में
मेरे सर कहा करते है कि ज्ञान की प्यास इतनी बढ़ाओ की बुझ ना पाये.............
किताबों से तब तक जुड़े रहो,, जब तक मंज़िल ना मिल जाए ......!!!!
#All_The_Best
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#IAS_TIPS
सिविल सेवा किसके लिए कितनी आसान ....!
1...पढ़ने
6.....सबसे अन्त में सबसे जरूरी भी एक वैकल्पिक कैरियर दिमाग में रखिए, ताकि आगे चलकर ज्यादा हाथ - पाव ना मारना पड़े (इसको अधिकतर लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं)
#All_The_Best
सिविल सेवा किसके लिए कितनी आसान ....!
1...पढ़ने
में गहन रुचि....अगर आप 2-3घन्टे तक एक जगह बैठकर किताबों के साथ डूबे रह सकते हो...,जैसे एक गुदगुदाने वाले उपन्यास को पढ़ते समय पता ही नहीं चलता ,कब दो से तीन घंटे बीत गए अथार्त पढ़ाई को एन्जाय करते हो ।
............................................................................
2...निरन्तरता का कोई जवाब नहीं....... हर रोज़ पढने की ललक .........चाहें पांच छह घंटे ही पढ़े,क्योंकि सप्ताह में चार दिन पंद्रह-पंद्रह घंटे पढ़कर, तीन दिन मौजमस्ती करने से अच्छा है, सप्ताह के सातों दिन आठ आठ घंटे पढ़ना ....
............................................................................
3...करेंट अफेयर पर तगड़ी पकड़ .......सिविल सेवा की तैयारी 70 फीसदी डैली के न्यूजपेपर से होती हैं.....इसलिए खुद को हर दिन देश- दुनिया की खबरों व घटनाओं के प्रति alert रखता हो ,न्यूजपेपर को किताब की तरह पढ़ता हो..., लेकिन चुनिंदा खबरों तथा लेखों को ही....
.............................................................................
4......तैयारी के शुरुआती चार महीनों में हर रोज़ आधा घंटा सिविल सेवा के सिलेबस को समझने में लगाइये,उसके पश्चात् अगले चार महीने हर रोज़ आधा घंटा आईएएस के पुराने पेपरों को समझने में लगाइये.....यह याद रखिए अगर आपने सिलेबस तथा पुराने पेपरों को नहीं समझा,तो आपने UPSC के बारे में कुछ भी नहीं समझा,क्योंकि यही आपकी गीता हैं,यही आपकी कुरान हैं ......
.............................................................................
5....6-12 NCERT किताबों का खुद को विशेषज्ञ बना ले... कुछ चुनिंदा विषयों का
...........................................................................6.....सबसे अन्त में सबसे जरूरी भी एक वैकल्पिक कैरियर दिमाग में रखिए, ताकि आगे चलकर ज्यादा हाथ - पाव ना मारना पड़े (इसको अधिकतर लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं)
#All_The_Best
🔥4
👍👍Success Tips by #IAS_Toppers👌👌
👉1.पहले जाने क्यों बनना चाहते हैं IAS...
👉2 सभी टाॅपिक्स के बारे मे पता करें
👉3.पढ़ाई मे एकाग्रता बहुत जरुरी है
👉4.सिर्फ पढ़े नहीं बल्कि समझें
👉5.न्यूज पेपर रोज पढ़े।
👉6.लोकल कल्चर को जाने।
👉7.पहले ग्रेजुएशन को पूरा टाईम दें।
👉8.हर तरह के Question पूछे जाते हैं
👉9.सक्सेस का कोई शार्टकट नहीं
👉10.आपका बिहेवियर मायने रखता है।
👉1.पहले जाने क्यों बनना चाहते हैं IAS...
👉2 सभी टाॅपिक्स के बारे मे पता करें
👉3.पढ़ाई मे एकाग्रता बहुत जरुरी है
👉4.सिर्फ पढ़े नहीं बल्कि समझें
👉5.न्यूज पेपर रोज पढ़े।
👉6.लोकल कल्चर को जाने।
👉7.पहले ग्रेजुएशन को पूरा टाईम दें।
👉8.हर तरह के Question पूछे जाते हैं
👉9.सक्सेस का कोई शार्टकट नहीं
👉10.आपका बिहेवियर मायने रखता है।
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प्रारम्भिक परीक्षा के ठीक पहले ....
———————————-
प्रारम्भिक परीक्षा क्वालीफ़ाई करना कितना महत्वपूर्ण है, हम सब जानते ही हैं। आइए, समझें कि इस प्रीलिम्स परीक्षा के ठीक पहले की तनावपूर्ण घड़ी में कैसे सहज रहकर सफलता हासिल करें -
- सबसे पहले तो मन से यह ग़लतफ़हमी निकाल दें कि आप पहले पढ़ी हुई चीज़ें भूल गए हैं। निश्चिन्त रहें, परीक्षा भवन में आप सब कुछ पढ़ा हुआ रिकलेक्ट कर पाएँगे।
- विश्वास भरपूर रखें कि आपकी तैयारी अच्छी है तो सेलेक्शन की सम्भावनाएँ भी ज़्यादा हैं। वैसे भी लाखों अभ्यर्थियों में sincere या गम्भीर अभ्यर्थी काफ़ी कम ही होते हैं।
- 'निष्काम कर्मयोग' (Disinterested Action) का सिद्धांत ख़ास तौर पर प्रीलिम्स में बहुत सहारा देता है। परीक्षा को तनावमुक्त होकर देना हमारा काम है, उसके परिणाम की उधेड़बुन में लगे रहने का कोई औचित्य नहीं है। प्रीलिम्स में असफल हो जाने वाले ज़्यादातर अभ्यर्थी यह स्वीकार करते हैं कि हमने सवाल का उत्तर जानने के बावजूद जल्दबाज़ी, तनाव, स्ट्रेस में ग़लत विकल्प चुन लिया या फिर ग़लत गोला भर दिया।
- रिवीज़न ही करें, यह नया पढ़ने का समय नहीं है।
- निगेटिव मार्किंग से निपटने के लिए अभ्यास ज़रूरी है, लिहाज़ा टेस्ट पेपर हल करें और निगेटिव मार्किंग का गणित अच्छे से समझ कर अपनी एक सम्भावित रणनीति बना लें।
- पेपर एक और पेपर दो, दोनों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें।
- इस बात का सिरदर्द बिलकुल न पालें कि आपको पढ़ी हुई बातें याद हैं या नहीं। आपने साल भर जो कुछ भी पढ़ा है, वह निश्चित रूप से आपके स्मृति पटल में सुरक्षित है और वह ज़रूरत पड़ने पर स्वतः याद आ जाएगा।
- परीक्षा चूँकि सुबह होती है अतः आख़िरी के दिनों में वक़्त पर सोने और सुबह वक़्त पर उठने की आदत डाल लेना ताकि परीक्षा की सुबह तरोताज़ा उठें।
- किसी की देखादेखी अपनी नींद को नज़रअन्दाज़ न करें और रोज़ सात-आठ घंटे की नींद ज़रूर लें।
- हल्का और सुपाच्य भोजन लाइन, फल-सब्ज़ियाँ-सलाद का सेवन करें।
- सुबह या शाम के समय आधा घंटा हरियाली के बीच टहलें ज़रूर।
- अपने आराध्य पर और ख़ुद पर आस्था बनाए रखें।
- इधर-उधर की बातों या व्यर्थ के तनावों से बचें और नकारात्मकता से कोसों दूर रहें।
परीक्षा हॉल में ....
—————-
-प्रीलिम्स में होने वाली एक आम ग़लती यह है कि हम सवाल को ध्यान से या सावधानी से नहीं पढ़ते। अगर किसी बहुविकल्पीय प्रश्न में पूछा गया है कि कौन-कौन से विकल्प सही 'नहीं'हैं? और जल्दबाज़ी या लापरवाही में हमने 'नहीं' शब्द पर ध्यान नहीं दिया तो पूरी तरह आने वाला प्रश्न भी ग़लत हो जाएगा। अतः हर सवाल को धैर्यपूर्वक पढ़ें।
- प्रीलिम्स का पेपर इंग्लिश और हिंदी दो भाषाओं में आता है। मेरी व्यक्तिगत सलाह है कि यदि आपको कोई शब्द या वाक्य एक भाषा में समझ नहीं आ पा रहा है तो दूसरी भाषा में उसका अनुवाद देख लें। कभी-कभी उससे भी कुछ क्लू मिल जाता है।
- पेपर के पहले पन्ने पर दिए गए दिशानिर्देशों को ज़रूर पढ़ें। आपको उत्तर-पत्रक पर काले रंग के बॉल पेन से गोले (bubbles) भरने होते हैं। निर्देशानुसार सही तरीक़े से गोले भरें।
-पेपर को देखकर ही आपको अंदाज़ा होता है कि इस साल पेपर कैसा आया है। कुछ अभ्यर्थी कठिन पेपर देखकर बुरी तरह घबरा जाते हैं। मैं उन्हें याद दिलाना चाहूँगा कि पेपर आसान हो या कठिन, सभी अभ्यर्थियों के लिए एक जैसा ही है। अतः घबराए बग़ैर आसन्न परिस्थितियों में ही अपना बेस्ट प्रदर्शन करें।
- कुछ अभ्यर्थी इतने ज़्यादा उतावले और व्यग्र होते हैं कि पहला पेपर देने के बाद दूसरा पेपर शुरू होने के पहले फ़र्स्ट पेपर के विकल्पों की जाँच करने लगते हैं। यह सरासर ग़लत है। आप पहला पेपर कुछ घंटों के लिए उसे भूल जाएँ। ख़ुद को थोड़ा रीलैक्स करें और तरोताज़ा होकर सेकिंड पेपर देने पहुँचें।
- दोनों पेपर देने के तुरंत बाद (answer key) न ढूँढें। यदि आपको सही उत्तर जानने ही हैं, तो आराम से दो-तीन दिन बाद किसी अच्छी 'आन्सर की' से मिलान करें। ध्यान रहे, कि कोई भी 'आन्सर की' शत प्रतिशत सही नहीं है। कट ऑफ़ कितना जाएगा, इन अटकलों में उलझे बग़ैर अगले चरण यानी मुख्य परीक्षा की तैयारी में जी-जान से जुट जाएँ।
#BEST_OF_LUCK
#UPSC
#IAS
प्रारम्भिक परीक्षा के ठीक पहले ....
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प्रारम्भिक परीक्षा क्वालीफ़ाई करना कितना महत्वपूर्ण है, हम सब जानते ही हैं। आइए, समझें कि इस प्रीलिम्स परीक्षा के ठीक पहले की तनावपूर्ण घड़ी में कैसे सहज रहकर सफलता हासिल करें -
- सबसे पहले तो मन से यह ग़लतफ़हमी निकाल दें कि आप पहले पढ़ी हुई चीज़ें भूल गए हैं। निश्चिन्त रहें, परीक्षा भवन में आप सब कुछ पढ़ा हुआ रिकलेक्ट कर पाएँगे।
- विश्वास भरपूर रखें कि आपकी तैयारी अच्छी है तो सेलेक्शन की सम्भावनाएँ भी ज़्यादा हैं। वैसे भी लाखों अभ्यर्थियों में sincere या गम्भीर अभ्यर्थी काफ़ी कम ही होते हैं।
- 'निष्काम कर्मयोग' (Disinterested Action) का सिद्धांत ख़ास तौर पर प्रीलिम्स में बहुत सहारा देता है। परीक्षा को तनावमुक्त होकर देना हमारा काम है, उसके परिणाम की उधेड़बुन में लगे रहने का कोई औचित्य नहीं है। प्रीलिम्स में असफल हो जाने वाले ज़्यादातर अभ्यर्थी यह स्वीकार करते हैं कि हमने सवाल का उत्तर जानने के बावजूद जल्दबाज़ी, तनाव, स्ट्रेस में ग़लत विकल्प चुन लिया या फिर ग़लत गोला भर दिया।
- रिवीज़न ही करें, यह नया पढ़ने का समय नहीं है।
- निगेटिव मार्किंग से निपटने के लिए अभ्यास ज़रूरी है, लिहाज़ा टेस्ट पेपर हल करें और निगेटिव मार्किंग का गणित अच्छे से समझ कर अपनी एक सम्भावित रणनीति बना लें।
- पेपर एक और पेपर दो, दोनों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें।
- इस बात का सिरदर्द बिलकुल न पालें कि आपको पढ़ी हुई बातें याद हैं या नहीं। आपने साल भर जो कुछ भी पढ़ा है, वह निश्चित रूप से आपके स्मृति पटल में सुरक्षित है और वह ज़रूरत पड़ने पर स्वतः याद आ जाएगा।
- परीक्षा चूँकि सुबह होती है अतः आख़िरी के दिनों में वक़्त पर सोने और सुबह वक़्त पर उठने की आदत डाल लेना ताकि परीक्षा की सुबह तरोताज़ा उठें।
- किसी की देखादेखी अपनी नींद को नज़रअन्दाज़ न करें और रोज़ सात-आठ घंटे की नींद ज़रूर लें।
- हल्का और सुपाच्य भोजन लाइन, फल-सब्ज़ियाँ-सलाद का सेवन करें।
- सुबह या शाम के समय आधा घंटा हरियाली के बीच टहलें ज़रूर।
- अपने आराध्य पर और ख़ुद पर आस्था बनाए रखें।
- इधर-उधर की बातों या व्यर्थ के तनावों से बचें और नकारात्मकता से कोसों दूर रहें।
परीक्षा हॉल में ....
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-प्रीलिम्स में होने वाली एक आम ग़लती यह है कि हम सवाल को ध्यान से या सावधानी से नहीं पढ़ते। अगर किसी बहुविकल्पीय प्रश्न में पूछा गया है कि कौन-कौन से विकल्प सही 'नहीं'हैं? और जल्दबाज़ी या लापरवाही में हमने 'नहीं' शब्द पर ध्यान नहीं दिया तो पूरी तरह आने वाला प्रश्न भी ग़लत हो जाएगा। अतः हर सवाल को धैर्यपूर्वक पढ़ें।
- प्रीलिम्स का पेपर इंग्लिश और हिंदी दो भाषाओं में आता है। मेरी व्यक्तिगत सलाह है कि यदि आपको कोई शब्द या वाक्य एक भाषा में समझ नहीं आ पा रहा है तो दूसरी भाषा में उसका अनुवाद देख लें। कभी-कभी उससे भी कुछ क्लू मिल जाता है।
- पेपर के पहले पन्ने पर दिए गए दिशानिर्देशों को ज़रूर पढ़ें। आपको उत्तर-पत्रक पर काले रंग के बॉल पेन से गोले (bubbles) भरने होते हैं। निर्देशानुसार सही तरीक़े से गोले भरें।
-पेपर को देखकर ही आपको अंदाज़ा होता है कि इस साल पेपर कैसा आया है। कुछ अभ्यर्थी कठिन पेपर देखकर बुरी तरह घबरा जाते हैं। मैं उन्हें याद दिलाना चाहूँगा कि पेपर आसान हो या कठिन, सभी अभ्यर्थियों के लिए एक जैसा ही है। अतः घबराए बग़ैर आसन्न परिस्थितियों में ही अपना बेस्ट प्रदर्शन करें।
- कुछ अभ्यर्थी इतने ज़्यादा उतावले और व्यग्र होते हैं कि पहला पेपर देने के बाद दूसरा पेपर शुरू होने के पहले फ़र्स्ट पेपर के विकल्पों की जाँच करने लगते हैं। यह सरासर ग़लत है। आप पहला पेपर कुछ घंटों के लिए उसे भूल जाएँ। ख़ुद को थोड़ा रीलैक्स करें और तरोताज़ा होकर सेकिंड पेपर देने पहुँचें।
- दोनों पेपर देने के तुरंत बाद (answer key) न ढूँढें। यदि आपको सही उत्तर जानने ही हैं, तो आराम से दो-तीन दिन बाद किसी अच्छी 'आन्सर की' से मिलान करें। ध्यान रहे, कि कोई भी 'आन्सर की' शत प्रतिशत सही नहीं है। कट ऑफ़ कितना जाएगा, इन अटकलों में उलझे बग़ैर अगले चरण यानी मुख्य परीक्षा की तैयारी में जी-जान से जुट जाएँ।
#BEST_OF_LUCK
#UPSC
#IAS
👍4
🎯
जो अतीत में जी भर जीकर ,बिखरी आशाएं समेटकर ,
असफलताओं की प्रताड़ना में ,खुद का निर्माण कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
जिसने खुद पर किया भरोसा ,बना उसी का भाग्य अनोखा ,
साहस और हिम्मत के बल पर ,स्वयं शक्ति पहचान कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
सपना नहीं चुनौती जीवन,दृढ़ विचार रखता जो प्रति क्षण,
टूटे सपने जोड़-जोड़ कर ,सपनों का सम्मान कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
यद्यपि जीवन रहा चुनौती, हार नहीं माना जो फिर भी ,
असफलताएँ भी हैं प्रेरणा, ऐसा जो अनुमान कर सका।
वही सफल इंसान बन सका।
पग- पग मिलती रही विफलता ,प्रति क्षण फिर भी आगे बढ़ता,
अनुभव की कड़वाहट में जो ,अगम लक्ष्य संधान कर सका।
वही सफल इंसान बन सका।
#MOTIVATION_ 🎯💐💫🌄
#IAS_____
वही सफल इन्सान बन सका।✍जो अतीत में जी भर जीकर ,बिखरी आशाएं समेटकर ,
असफलताओं की प्रताड़ना में ,खुद का निर्माण कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
जिसने खुद पर किया भरोसा ,बना उसी का भाग्य अनोखा ,
साहस और हिम्मत के बल पर ,स्वयं शक्ति पहचान कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
सपना नहीं चुनौती जीवन,दृढ़ विचार रखता जो प्रति क्षण,
टूटे सपने जोड़-जोड़ कर ,सपनों का सम्मान कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
यद्यपि जीवन रहा चुनौती, हार नहीं माना जो फिर भी ,
असफलताएँ भी हैं प्रेरणा, ऐसा जो अनुमान कर सका।
वही सफल इंसान बन सका।
पग- पग मिलती रही विफलता ,प्रति क्षण फिर भी आगे बढ़ता,
अनुभव की कड़वाहट में जो ,अगम लक्ष्य संधान कर सका।
वही सफल इंसान बन सका।
#MOTIVATION_ 🎯💐💫🌄
#IAS_____
👏1
वह पथ क्या, पथिक कुशलता क्या, जिस पथ पर बिखरे शूल न हो;
नाविक की धैर्य परीक्षा क्या, यदि धाराएँ प्रतिकूल न हो।🤞📚
कलम हाथ में होगी फिर किसी चीज की क्या जरूरत,
पढ़े लिखे हैं सलीके से बदलाव लायेंगे..! ✍
#IAS
नाविक की धैर्य परीक्षा क्या, यदि धाराएँ प्रतिकूल न हो।🤞📚
कलम हाथ में होगी फिर किसी चीज की क्या जरूरत,
पढ़े लिखे हैं सलीके से बदलाव लायेंगे..! ✍
#IAS
👍36❤16🔥2
✅
बादशाह कोई भी हो
जहाँ हम कदम रख दे
वहाँ किसी की हुकूमत नही चलती...!
𝗝𝗼𝗶𝗻 👌 @iasipsmotivation
#IAS
#IPS
बादशाह कोई भी हो
जहाँ हम कदम रख दे
वहाँ किसी की हुकूमत नही चलती...!
𝗝𝗼𝗶𝗻 👌 @iasipsmotivation
#IAS
#IPS
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❤35👍10🥰2