लक्ष्य को पाना ही होगा। 🔥जगा जल्दी अपने मन को
लक्ष्य पर उसे लगना ही होगा
दुनिया चल पड़ी है
अब तुम्हें दौड़ना ही होगा।
हाथ पर हाथ धरे कब तक बैठोगे
बढ़कर आगे, अब जादू करना ही होगा
केवल सोचने से मंजिलें पास नहीं आती
कुछ कर के सपनों को पाना ही होगा।
दुनिया चल पड़ी है
अब तुम्हें दौड़ना ही होगा।
कब तक खुद के जीवन से खेलोगे
अब कम समय में अधिक करना ही होगा।
सामने दरिया बहुत है पार करने को
अब तो तैरने का हुनर सीखना ही होगा।
दुनिया चल पड़ी है
अब तुम्हें दौड़ना ही होगा।
आस यही है कि तुम्हें पाना है
ऐ मंजिल, तुम्हें गले लगना ही होगा।
तू दूर है मुझसे, यह अभी का सच है
मेरे कदमों को, तुझे कल चूमना ही होगा।
दुनिया चल पड़ी है
अब तुम्हें दौड़ना ही होगा।
कल का सूरज ढल गया तो क्या
आज उगता सूरज बनना ही होगा।
काले बादल का घूंघट सामने है तो क्या
घूंघट को उठाकर, तुझे ( मंजिल ) पाना ही होगा।
दुनिया चल पड़ी है
अब तुम्हें दौड़ना ही होगा।
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🔺
1⃣ 21- 22 साल की आयु में सोचना की कैरियर बनाने को बहुत वक्त है, ये उनकी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
2⃣ प्रेम के चक्कर में पड़ कर शादी की जल्दी करना, ये उनकी दूसरी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
3⃣ मन में ये वहम कि हम सदा इतने ही खूबसूरत और जवान रहेंगे, ये इनकी तीसरी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
4⃣ अपने माता-पिता को अपने से अज्ञानी समझना, ये उनकी चौथी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
5⃣ हमें सब पता है वाली भावना में बहुत सी चीजों के ज्ञान को गवा देना,ये उनकी पांचवी ग़लतफहमी है।
6⃣ जो मिल जाए उससे आगे न बढ़ना और उसी में मस्त हो जाना, ये उनकी छठवीं ग़लतफहमी है।
7⃣ 2 दिन के प्यार में अंधे होकर अपना सब कुछ दांव पर लगा देना, यहां तक कि अपनी पढ़ाई और जीवन भी, ये उनकी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है
8⃣ अपने को कम आकना और चमक-दमक की दुनिया से जल्दी से प्रभावित होना,ये उनकी आठवीं ग़लतफहमी है।
यह 8 चीजें आज ही छोड़ देना वरना जिंदगी भर पछताओगे.✍1⃣ 21- 22 साल की आयु में सोचना की कैरियर बनाने को बहुत वक्त है, ये उनकी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
2⃣ प्रेम के चक्कर में पड़ कर शादी की जल्दी करना, ये उनकी दूसरी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
3⃣ मन में ये वहम कि हम सदा इतने ही खूबसूरत और जवान रहेंगे, ये इनकी तीसरी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
4⃣ अपने माता-पिता को अपने से अज्ञानी समझना, ये उनकी चौथी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।
5⃣ हमें सब पता है वाली भावना में बहुत सी चीजों के ज्ञान को गवा देना,ये उनकी पांचवी ग़लतफहमी है।
6⃣ जो मिल जाए उससे आगे न बढ़ना और उसी में मस्त हो जाना, ये उनकी छठवीं ग़लतफहमी है।
7⃣ 2 दिन के प्यार में अंधे होकर अपना सब कुछ दांव पर लगा देना, यहां तक कि अपनी पढ़ाई और जीवन भी, ये उनकी सबसे बड़ी ग़लतफहमी है
8⃣ अपने को कम आकना और चमक-दमक की दुनिया से जल्दी से प्रभावित होना,ये उनकी आठवीं ग़लतफहमी है।
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हमारा दिमाग कंप्यूटर से भी ज्यादा तेज है, जो हमारी कल्पना से कई गुना ज्यादा बातें याद रखता है। लेकिन जीवन में कुछ मुश्किलें ऐसे आती हैं, जिनमें हम असफल हो जाते हैं। इसी कारण हम अपने आप को कमजोर मानने लगते हैं। हमें लगता है कि हमारा दिमाग 100% काम नहीं करता।
ऐसे में इंसान खुद को कमजोर मानने लगता है। इसीलिए हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए ताकि हम अपने आप को कमजोर न समझे तभी हम दिमाग का अच्छे से पूरा उपयोग कर सकते हैं। आइए जानते हैं हम अपने दिमाग का 100 परसेंट कैसे उपयोग कर सकते हैं।
1. बुद्धि
इसके लिए बुद्धि का तेज होना भी जरूरी है। अपने दिमाग को तेज करने के लिए पहेलियां सुलझाना चाहिए, कुछ कोडिंग गेम्स भी खेलनी चाहिए। जिससे आपका दिमाग ज्यादा उपयोग होगा और मुश्किल से मुश्किल कामों को करने में आसानी होगी।
2. ध्यान
अगर आप कोई भी काम कर रहे हो, तो उस काम पर ध्यान लगाना बहुत ज्यादा जरूरी है। तभी उस काम को अच्छे से कर पाएंगे। ध्यान लगाने के लिए रोज कम से कम 15 से 30 मिनट के लिए मेडिटेशन और योग करें।
3. ज्ञान
दिमाग को तेज करने के लिए ज्ञान भी जरूरी है और ज्ञान किताबों से मिलता है। एक अच्छी किताब पढ़ने से आप बहुत सारा ज्ञान पा सकते हैं क्योंकि किताबों में लेखकों ने अपनी जीवन भर का ज्ञान और अनुभव दिया होता है।
4. याददाश्त
याददाश्त तेज करने के लिए मेहनत और ध्यान जरूरी है। कुछ भी याद करने के लिए नोट्स का उपयोग करें। इससे आपको किसी भी चीज को याद करने में ज्यादा आसानी होगी।
5. सीखना
सबसे ज्यादा तेजी से सीखने का गुण बच्चों में होता है और वह आसानी से बातों को याद कर लेते हैं। बच्चों की तरह जिज्ञासा बढ़ाने के लिए आस पास की चीजों और रोचक बातों में ध्यान लगाए इससे आप बढ़ती उम्र में भी ज्ञान बढ़ा पाएंगे।
ऐसे में इंसान खुद को कमजोर मानने लगता है। इसीलिए हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए ताकि हम अपने आप को कमजोर न समझे तभी हम दिमाग का अच्छे से पूरा उपयोग कर सकते हैं। आइए जानते हैं हम अपने दिमाग का 100 परसेंट कैसे उपयोग कर सकते हैं।
1. बुद्धि
इसके लिए बुद्धि का तेज होना भी जरूरी है। अपने दिमाग को तेज करने के लिए पहेलियां सुलझाना चाहिए, कुछ कोडिंग गेम्स भी खेलनी चाहिए। जिससे आपका दिमाग ज्यादा उपयोग होगा और मुश्किल से मुश्किल कामों को करने में आसानी होगी।
2. ध्यान
अगर आप कोई भी काम कर रहे हो, तो उस काम पर ध्यान लगाना बहुत ज्यादा जरूरी है। तभी उस काम को अच्छे से कर पाएंगे। ध्यान लगाने के लिए रोज कम से कम 15 से 30 मिनट के लिए मेडिटेशन और योग करें।
3. ज्ञान
दिमाग को तेज करने के लिए ज्ञान भी जरूरी है और ज्ञान किताबों से मिलता है। एक अच्छी किताब पढ़ने से आप बहुत सारा ज्ञान पा सकते हैं क्योंकि किताबों में लेखकों ने अपनी जीवन भर का ज्ञान और अनुभव दिया होता है।
4. याददाश्त
याददाश्त तेज करने के लिए मेहनत और ध्यान जरूरी है। कुछ भी याद करने के लिए नोट्स का उपयोग करें। इससे आपको किसी भी चीज को याद करने में ज्यादा आसानी होगी।
5. सीखना
सबसे ज्यादा तेजी से सीखने का गुण बच्चों में होता है और वह आसानी से बातों को याद कर लेते हैं। बच्चों की तरह जिज्ञासा बढ़ाने के लिए आस पास की चीजों और रोचक बातों में ध्यान लगाए इससे आप बढ़ती उम्र में भी ज्ञान बढ़ा पाएंगे।
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ठोकरें अपना काम करेंगी,
तू अपना काम करता चल…
वो गिर आएंगी बार-बार,
तू उठकर फिर से चलता चल...
हर वक्त, एक ही रफ्तार से,
दौड़ना कतई जरूरी नहीं तुम्हारा…
मौसम की प्रतिकूलता हो,
वो बेशक थोड़ा सा ठहरता चल...
अपनों से भरोसा न हटे,
बस ये ध्यान रहे तुम्हें सदा...
नकारात्म ख्याल दूर रहे तुझसे,
उनसे थोड़ा संभलता चल...
पसीने की पूंजी लुटाकर
दिन रात मंजिल की राह में...
दिल के ख्वाबों को,
जमीनी हकीकत में बदलता चल...
एक दिन मैं नहीं लगते,
किसी भी पेड़ पर फल कभी भी…
पड़ाव दर पड़ाव ही सही,
अपनी मंजिल की ओर सरकता चल।।
तू अपना काम करता चल…
वो गिर आएंगी बार-बार,
तू उठकर फिर से चलता चल...
हर वक्त, एक ही रफ्तार से,
दौड़ना कतई जरूरी नहीं तुम्हारा…
मौसम की प्रतिकूलता हो,
वो बेशक थोड़ा सा ठहरता चल...
अपनों से भरोसा न हटे,
बस ये ध्यान रहे तुम्हें सदा...
नकारात्म ख्याल दूर रहे तुझसे,
उनसे थोड़ा संभलता चल...
पसीने की पूंजी लुटाकर
दिन रात मंजिल की राह में...
दिल के ख्वाबों को,
जमीनी हकीकत में बदलता चल...
एक दिन मैं नहीं लगते,
किसी भी पेड़ पर फल कभी भी…
पड़ाव दर पड़ाव ही सही,
अपनी मंजिल की ओर सरकता चल।।
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इस दुनिया की सबसे कीमती चीज है समय, समय हमें बिल्कुल मुफ्त में मिलता है और एक बार समय हाथ से निकलने के बाद हमें वापस दोबारा नहीं मिलता और जो लोग इस समय का सदुपयोग नहीं करते, वे सिवाय पछतावे के और कुछ नहीं कर सकते।
जो लोग व्यर्थ के कामों में समय बर्बाद कर देते हैं, समय उनके जीवन को अपने इच्छा अनुसार बदल देता है इसलिए आप इन 24 घंटे यानी 86400 सेकंड का ऐसे ही प्रयोग करें जैसे एक गरीब मजदूर अपने मेहनत से कमाए हुए रुपयों का उपयोग सोच समझकर करता है क्योंकि आपका आने वाला भविष्य कैसा होगा यह इसी बात पर निर्भर करता है कि आज आप क्या कर रहे हैं।
पर उस समय दुख की बात यह होगी कि तब आप उसे खो चुके होंगे और गुजरा हुआ वक्त वापस नहीं लाया जा सकता हमारे जीवन के 1 सेकंड कीमत इतनी है कि दुनिया का अमीर से अमीर आदमी अपनी सारी दौलत भेज कर भी उसे नहीं खरीद सकता. अब मुद्दे की बात करें करते हैं कि बर्बाद हो रहे हैं टाइम को कैसे मैनेज करें।
जो लोग व्यर्थ के कामों में समय बर्बाद कर देते हैं, समय उनके जीवन को अपने इच्छा अनुसार बदल देता है इसलिए आप इन 24 घंटे यानी 86400 सेकंड का ऐसे ही प्रयोग करें जैसे एक गरीब मजदूर अपने मेहनत से कमाए हुए रुपयों का उपयोग सोच समझकर करता है क्योंकि आपका आने वाला भविष्य कैसा होगा यह इसी बात पर निर्भर करता है कि आज आप क्या कर रहे हैं।
लोग अपना व्यक्त प्यार मोहब्बत में, मूवी, टीवी और स्मार्टफोन और सोशल मीडिया फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप, पर बर्बाद कर देते हैं. ये सब चीजें गलत नहीं लेकिन हद से ज्यादा इन सब में लगे रहना मूर्खता है. इनका इस्तेमाल सीमित रूप से करना चाहिए क्योंकि ये सब ऐसे चोर है जो हमारे कीमती वक्त को चुरा रहे हैं इसलिए इन पर लगाम लगाना आवश्यक है।
पर उस समय दुख की बात यह होगी कि तब आप उसे खो चुके होंगे और गुजरा हुआ वक्त वापस नहीं लाया जा सकता हमारे जीवन के 1 सेकंड कीमत इतनी है कि दुनिया का अमीर से अमीर आदमी अपनी सारी दौलत भेज कर भी उसे नहीं खरीद सकता. अब मुद्दे की बात करें करते हैं कि बर्बाद हो रहे हैं टाइम को कैसे मैनेज करें।
1. अपनी दिनचर्या पर नजर रखें कि आपका वक्त कहां बर्बाद हो रहा है।
2. जितना हो सके प्यार मोहब्बत से दूर रहें क्योंकि आप माने या ना माने दुनिया के लाखों लोग इसी वजह से अपने जीवन को बर्बाद कर देते हैं।
3. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो खुद तो कुछ करते नहीं और दूसरों को भी फालतू की बातों से उलझा कर उनका भी समय नष्ट करते हैं इसलिए ऐसे लोगों से दूर ही रहे।
4. आज का काम कल के लिए ना टाले, बहानेबाजी से बचे।
5. बेहतर यही रहेगा कि सोने से पहले कल के कामों का नोट बुक में लिख ले।
6. जरूरी कामों को अलग लिखें और गैरजरूरी कामों को अलग लिखें।
7. अपनी दिनचर्या के हिसाब से समय का प्रबंध करें, जैसे 5 बजे जगना, 6 से 7 बजे तक व्यायाम करना ऐसे ही अपने दिन भर के कामों की टाइमिंग सेट कर ले।
8. किसी काम को करते वक्त खुद से एक सवाल पूछे कि इस काम को करने से मेरे जीवन में क्या बदलाव आएगा. क्या यह काम मेरे लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित हो सकता हैं।👍5👏1
🔺सफल लोगों की 5 आदतें 🏆
हम लोगों में से बहुत सारे जब भी किन्ही सफल या अमीर लोगों को देखते हैं, तो सोचते हैं कि ऐसी शोहरत और सफलता हम लोग कभी नहीं प्राप्त कर पाएंगे। क्योंकि उन सफल लोगों के पास ऐसा कुछ है जो हमारे पास नहीं है। यह सोचकर हम बोलते हैं कि यह सब हमारी किस्मत में कहां है, उनके जैसी किस्मत मेरे को नहीं मिली।
अगर मैं बोलू कि आप वह सब प्राप्त कर सकते हैं जो भी आप चाहते हैं, तो क्या आप यकीन करेंगे?
जी हां आप सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं। बस नीचे दी गई कुछ आदतें (Habits) है, जो आपको अपनानी हैं। ये वही आदते है जो सुपर सक्सेसफुल लोगों की होती है।
तो चलिए इन पावरफुल Habits को अपने जीवन का अंग बनाते हैं:
1.
सफल व्यक्ति दृढ़ता से सपनों पर डटे रहते हैं। जिन लोगों ने भी सफलता पायी है और वह जहां पर भी है, वह महज इत्तेफाक नहीं। उन्होंने एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगाया हैं अपने सपनों को पाने की जिद पर डटे रहे है। हर उस चीज का अभ्यास किया है,जो अपने सपनों तक पहुंचने के लिए जरूरी है। अपने फौलादी इरादों, चट्टानों सा धैर्य और कड़ी मेहनत से उन्होंने अपने सपनों को हकीकत में बदला है।
आपके सपने भी आपका इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पूरा करें, फोकट में समय बर्बाद ना करें।
सफल व्यक्ति अपने वादे पर डटे रहते हैं, चाहे वो खुद से वादा हो या दूसरों से, अपनी जबान के पक्के रहते हैं।
किसी भी चीज को अगर आप नहीं कर सकते हैं तो ना कहना सीखे। क्योंकि आपने सारी दुनिया का ठेका नहीं ले रखा है। दूसरों से भी वही वादे करो, जो आप पूरा कर सकते हैं। इससे आप एक लॉयल पर्सनालिटी बन जायेंगे। हर कोई आप पर भरोसा करने लग जाएगा।
सफल आदमी जो भी करते हैं, अच्छे से करते हैं। उनके पास लेज़र जैसा फोकस होता हैं। इसलिए तो उनके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास झलकता हैं।
लेकिन हम लोग अपनी एनर्जी को फालतू के कामों में बर्बाद करते रहते हैं। जिससे जरूरी काम में पूरा फोकस नहीं रख पाते और उस काम में असफल हो जाते हैं।
सारी एनर्जी एक चीज पर फोकस रखने से उस कार्य को करने की असीम क्षमता आ जाती हैं। फिर उस कार्य को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
इसलिए अपनी प्राथमिकताएं तय करें उसी के अनुसार उनको अपना टाइम दे।
सफल लोग ऐसे वातावरण में रहते हैं, जिसमे उनका उत्साहवर्धन करने वाले, नई चीज़ो के लिए प्रेरित करने वाले लोग रहते हैं।
अगर आपके पास भी ऐसे दोस्त हैं, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित नहीं करते हैं, हमेशा आपका समय खराब करते हैं, आपको नीचा गिराने की कोशिश करते हैं। तो आपको तुरंत उन्हें जहर के समान समझ कर छोड़ देना चाहिए। और सकारात्मक माहौल का निर्माण करना चाहिए
क्योंकि एक नकारात्मक माहौल में आप कभी भी सकारात्मक और रचनात्मक नहीं हो सकते हैं।
5. सफल लोग हमेशा नई चीजें सीखते रहते हैं
सफल लोग हर दिन कुछ नया सीखते रहते हैं, जो उनके लक्ष्य के नजदीक ले जाता हैं।
इसलिए आप अपना कंफर्ट जोन छोड़ कर, नई जिंदगी जीने के लिए नई चीजें सीखे। इसके लिए आप सफल लोगों की जीवनी पढ़े या मोटिवेशनल वेबसाइट को विजिट करे, या यूट्यूब पर अच्छे-अच्छे वीडियो देखे या अच्छी अच्छी किताबें पढ़े।
इन सबसे आपको नए और रचनात्मक विचार मिलेंगे, जिन्हें आप अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर आपको अभी तक वो नहीं मिला, जो आप चाहते हैं, तो आपको वो करना पढ़ेगा, जो आपने अभी तक नहीं किया। इसलिए आपको सीरियस होकर मेहनत करनी पड़ेगी। अगर आपने ये आदते अपना ली, तो आपको सक्सेसफुल बनाने से कोई नहीं रोक सकता हैं।
हम लोगों में से बहुत सारे जब भी किन्ही सफल या अमीर लोगों को देखते हैं, तो सोचते हैं कि ऐसी शोहरत और सफलता हम लोग कभी नहीं प्राप्त कर पाएंगे। क्योंकि उन सफल लोगों के पास ऐसा कुछ है जो हमारे पास नहीं है। यह सोचकर हम बोलते हैं कि यह सब हमारी किस्मत में कहां है, उनके जैसी किस्मत मेरे को नहीं मिली।
अगर मैं बोलू कि आप वह सब प्राप्त कर सकते हैं जो भी आप चाहते हैं, तो क्या आप यकीन करेंगे?
जी हां आप सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं। बस नीचे दी गई कुछ आदतें (Habits) है, जो आपको अपनानी हैं। ये वही आदते है जो सुपर सक्सेसफुल लोगों की होती है।
तो चलिए इन पावरफुल Habits को अपने जीवन का अंग बनाते हैं:
1.
सफल व्यक्ति लगातार अभ्यास करते रहते हैंसफल व्यक्ति दृढ़ता से सपनों पर डटे रहते हैं। जिन लोगों ने भी सफलता पायी है और वह जहां पर भी है, वह महज इत्तेफाक नहीं। उन्होंने एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगाया हैं अपने सपनों को पाने की जिद पर डटे रहे है। हर उस चीज का अभ्यास किया है,जो अपने सपनों तक पहुंचने के लिए जरूरी है। अपने फौलादी इरादों, चट्टानों सा धैर्य और कड़ी मेहनत से उन्होंने अपने सपनों को हकीकत में बदला है।
आपके सपने भी आपका इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पूरा करें, फोकट में समय बर्बाद ना करें।
2. सफल व्यक्ति वादे के पक्के होते हैंसफल व्यक्ति अपने वादे पर डटे रहते हैं, चाहे वो खुद से वादा हो या दूसरों से, अपनी जबान के पक्के रहते हैं।
किसी भी चीज को अगर आप नहीं कर सकते हैं तो ना कहना सीखे। क्योंकि आपने सारी दुनिया का ठेका नहीं ले रखा है। दूसरों से भी वही वादे करो, जो आप पूरा कर सकते हैं। इससे आप एक लॉयल पर्सनालिटी बन जायेंगे। हर कोई आप पर भरोसा करने लग जाएगा।
3. सफल आदमी अपनी एनर्जी को फोकस रखते हैंसफल आदमी जो भी करते हैं, अच्छे से करते हैं। उनके पास लेज़र जैसा फोकस होता हैं। इसलिए तो उनके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास झलकता हैं।
लेकिन हम लोग अपनी एनर्जी को फालतू के कामों में बर्बाद करते रहते हैं। जिससे जरूरी काम में पूरा फोकस नहीं रख पाते और उस काम में असफल हो जाते हैं।
सारी एनर्जी एक चीज पर फोकस रखने से उस कार्य को करने की असीम क्षमता आ जाती हैं। फिर उस कार्य को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
इसलिए अपनी प्राथमिकताएं तय करें उसी के अनुसार उनको अपना टाइम दे।
4. सफल लोग सकारात्मक वातावरण में रहते हैंसफल लोग ऐसे वातावरण में रहते हैं, जिसमे उनका उत्साहवर्धन करने वाले, नई चीज़ो के लिए प्रेरित करने वाले लोग रहते हैं।
अगर आपके पास भी ऐसे दोस्त हैं, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित नहीं करते हैं, हमेशा आपका समय खराब करते हैं, आपको नीचा गिराने की कोशिश करते हैं। तो आपको तुरंत उन्हें जहर के समान समझ कर छोड़ देना चाहिए। और सकारात्मक माहौल का निर्माण करना चाहिए
क्योंकि एक नकारात्मक माहौल में आप कभी भी सकारात्मक और रचनात्मक नहीं हो सकते हैं।
5. सफल लोग हमेशा नई चीजें सीखते रहते हैं
सफल लोग हर दिन कुछ नया सीखते रहते हैं, जो उनके लक्ष्य के नजदीक ले जाता हैं।
इसलिए आप अपना कंफर्ट जोन छोड़ कर, नई जिंदगी जीने के लिए नई चीजें सीखे। इसके लिए आप सफल लोगों की जीवनी पढ़े या मोटिवेशनल वेबसाइट को विजिट करे, या यूट्यूब पर अच्छे-अच्छे वीडियो देखे या अच्छी अच्छी किताबें पढ़े।
इन सबसे आपको नए और रचनात्मक विचार मिलेंगे, जिन्हें आप अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कॉन्क्लूज़नअगर आपको अभी तक वो नहीं मिला, जो आप चाहते हैं, तो आपको वो करना पढ़ेगा, जो आपने अभी तक नहीं किया। इसलिए आपको सीरियस होकर मेहनत करनी पड़ेगी। अगर आपने ये आदते अपना ली, तो आपको सक्सेसफुल बनाने से कोई नहीं रोक सकता हैं।
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📚Success Story Of IAS Topper Varnit Negi ✍
सिविल इंजीनियर से IAS, कैसे तय किया वर्णित नेगी ने यह सफर ?
उत्तराखंड के वर्णित नेगी ने साल 2018 में यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक लाकर अपने राज्य और माता-पिता का नाम रोशन किया. यह वर्णित का तीसरा प्रयास था. पहले प्रयास में वर्णित केवल प्री तक पहुंचे थे और दूसरे प्रयास में उनका सेलेक्शन तो हुआ पर रैंक 504 मिली. इस रैंक के अंतर्गत उन्हें रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में असिस्टेंट सिक्योरिटी कमीशनर का पद मिला. वर्णित इस एचीवमेंट से खुश तो थे पर उनके मन में हमेशा से आईएएस बनने की इच्छा थी. वर्णित ने अपनी इस इच्छा को बरकरार रखा और असिस्टेंट सिक्योरिटी कमीशनर के पद पर रहते हुए फिर से परीक्षा की तैयारी की. इस बार वर्णित का और उनके पिताजी का सपना सच हुआ और उन्होंने टॉपर्स में जगह बनायी. जी हां, वर्णित के पिताजी भी आईएएस बनना चाहते थे पर जब किसी कारण उनका सपना नहीं पूरा हुआ तो वे बेटे के लिए यही चाह रखने लगे. हालांकि वर्णित भी काफी छोटी उम्र में ही तय कर चुके थे कि उन्हें सिविल सर्विसेस में ही जाना है. आज जानते हैं वर्णित के सफर के बारे में.
वर्णित की शुरुआती पढ़ाई –
वर्णित का बचपन जसपुर में बीता और यहीं उनकी शुरुआती शिक्षा पूरी हुयी. क्लास सात में वे बिलासपुर शिफ्ट हो गए थे और क्लास सात से दस तक वहीं पढ़ें. इसके बाद वर्णित ने ग्यारहवीं-बारहवीं कोटा से करी. वर्णित ने हायर एजुकेशन के लिए एनआईटी, सूरथकल कर्नाटक को चुका, जहां से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. यहां उन्हें कैम्पस प्लेसमेंट मिला और वे पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, पंजाब में काम करने लगे. यहां उन्होंने पूरे डेढ़ साल काम किया. मार्च 2016 में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर दिल्ली का रुख किया जहां से वे सिविल सर्विसेस की तैयारी करना चाह रहे थे. तैयारी के उपरांत पहली बार साल 2016 में वर्णित ने यूपीएससी परीक्षा दी, जिसमें वे केवल प्री ही पास कर पाए. उन्होंने फिर प्रयास किया और 2017 में सेलेक्ट हो गए पर रैंक मिली 504. आखिरकार तीसरे प्रयास में वर्णित की मेहनत का फल उन्हें मिला जब 2018 में वे आईएएस पद के लिए सेलेक्ट हुए।
वर्णित का अनुभव –👇
दूसरे यूपीएससी कैंडिडेट्स को सलाह देते हुए वर्णित कहते हैं कि इस परीक्षा में सफल होने के लिए सबसे जरूरी है सेल्फ-बिलीफ. अगर आपके मन में यही चलता रहे कि इस परीक्षा में तो लाखों लोग बैठते हैं और वही आईएएस बन सकता है जो टॉप 100 में आता है तो आप कभी सफल नहीं हो पाएंगे. अपने ऊपर विश्वास करें कि आप कर सकते हैं, तभी आप सफलता हासिल कर पाएंगे. दूसरी महत्वपूर्ण बिंदु वर्णित मानते हैं स्मार्ट वर्क और हार्ड वर्क को. वे कहते हैं केवल मेहनत करने से काम नहीं चलता बल्कि स्मार्ट तरह से मेहनत करना जरूरी होता है. ऐसा इसलिए कि यूपीएससी का सिलेबस ऐसा है कि अगर आप स्मार्ट वर्क को नहीं चुनेंगे तो कभी समय से सिलेबस पूरा नहीं कर पाएंगे. तीसरा जरूरी प्वॉइंट है फैमिली, फ्रेंड्स और टीचर्स का सपोर्ट. यूपीएससी के इस सफर में कई मौके ऐसे आते हैं जब इंसान निराश होने लगता है. ऐसे में आपके आसपास सही लोगों की मौजूदगी आपको निराशा के इस दौर से निकलने में मदद करती है. चौथा सबसे जरूरी मुद्दा है अपनी गलतियों से सीखना. जो अपनी गलतियों से नहीं सीखते वे आगे नहीं बढ़ पाते. वर्णित कहते हैं मैंने भी तीन साल तक अपनी गलतियों को समझा और उन्हें दूर किया तब जाकर मंजिल तक पहुंच पाया. अंत में वर्णित आंसर राइंटिंग पर बहुत जोर देते हैं. वे कहते हैं कई बार कैंडिडेट्स को आंसर पता होता है पर वे उसे ठीक से लिख नहीं पाते या रुचिकर नहीं बना पाते खासकर इंजीनियरिंग के कैंडिडेट्स जिन्हें लिखने की बिलकुल प्रैक्टिस नहीं होती. इसलिए खूब लिखें ये ऐस्से में भी मदद करेगा. अगर मेहनत के साथ ही स्मार्टली वर्क करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।
सिविल इंजीनियर से IAS, कैसे तय किया वर्णित नेगी ने यह सफर ?
उत्तराखंड के वर्णित नेगी ने साल 2018 में यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक लाकर अपने राज्य और माता-पिता का नाम रोशन किया. यह वर्णित का तीसरा प्रयास था. पहले प्रयास में वर्णित केवल प्री तक पहुंचे थे और दूसरे प्रयास में उनका सेलेक्शन तो हुआ पर रैंक 504 मिली. इस रैंक के अंतर्गत उन्हें रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में असिस्टेंट सिक्योरिटी कमीशनर का पद मिला. वर्णित इस एचीवमेंट से खुश तो थे पर उनके मन में हमेशा से आईएएस बनने की इच्छा थी. वर्णित ने अपनी इस इच्छा को बरकरार रखा और असिस्टेंट सिक्योरिटी कमीशनर के पद पर रहते हुए फिर से परीक्षा की तैयारी की. इस बार वर्णित का और उनके पिताजी का सपना सच हुआ और उन्होंने टॉपर्स में जगह बनायी. जी हां, वर्णित के पिताजी भी आईएएस बनना चाहते थे पर जब किसी कारण उनका सपना नहीं पूरा हुआ तो वे बेटे के लिए यही चाह रखने लगे. हालांकि वर्णित भी काफी छोटी उम्र में ही तय कर चुके थे कि उन्हें सिविल सर्विसेस में ही जाना है. आज जानते हैं वर्णित के सफर के बारे में.
वर्णित की शुरुआती पढ़ाई –
वर्णित का बचपन जसपुर में बीता और यहीं उनकी शुरुआती शिक्षा पूरी हुयी. क्लास सात में वे बिलासपुर शिफ्ट हो गए थे और क्लास सात से दस तक वहीं पढ़ें. इसके बाद वर्णित ने ग्यारहवीं-बारहवीं कोटा से करी. वर्णित ने हायर एजुकेशन के लिए एनआईटी, सूरथकल कर्नाटक को चुका, जहां से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. यहां उन्हें कैम्पस प्लेसमेंट मिला और वे पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, पंजाब में काम करने लगे. यहां उन्होंने पूरे डेढ़ साल काम किया. मार्च 2016 में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर दिल्ली का रुख किया जहां से वे सिविल सर्विसेस की तैयारी करना चाह रहे थे. तैयारी के उपरांत पहली बार साल 2016 में वर्णित ने यूपीएससी परीक्षा दी, जिसमें वे केवल प्री ही पास कर पाए. उन्होंने फिर प्रयास किया और 2017 में सेलेक्ट हो गए पर रैंक मिली 504. आखिरकार तीसरे प्रयास में वर्णित की मेहनत का फल उन्हें मिला जब 2018 में वे आईएएस पद के लिए सेलेक्ट हुए।
वर्णित का अनुभव –👇
दूसरे यूपीएससी कैंडिडेट्स को सलाह देते हुए वर्णित कहते हैं कि इस परीक्षा में सफल होने के लिए सबसे जरूरी है सेल्फ-बिलीफ. अगर आपके मन में यही चलता रहे कि इस परीक्षा में तो लाखों लोग बैठते हैं और वही आईएएस बन सकता है जो टॉप 100 में आता है तो आप कभी सफल नहीं हो पाएंगे. अपने ऊपर विश्वास करें कि आप कर सकते हैं, तभी आप सफलता हासिल कर पाएंगे. दूसरी महत्वपूर्ण बिंदु वर्णित मानते हैं स्मार्ट वर्क और हार्ड वर्क को. वे कहते हैं केवल मेहनत करने से काम नहीं चलता बल्कि स्मार्ट तरह से मेहनत करना जरूरी होता है. ऐसा इसलिए कि यूपीएससी का सिलेबस ऐसा है कि अगर आप स्मार्ट वर्क को नहीं चुनेंगे तो कभी समय से सिलेबस पूरा नहीं कर पाएंगे. तीसरा जरूरी प्वॉइंट है फैमिली, फ्रेंड्स और टीचर्स का सपोर्ट. यूपीएससी के इस सफर में कई मौके ऐसे आते हैं जब इंसान निराश होने लगता है. ऐसे में आपके आसपास सही लोगों की मौजूदगी आपको निराशा के इस दौर से निकलने में मदद करती है. चौथा सबसे जरूरी मुद्दा है अपनी गलतियों से सीखना. जो अपनी गलतियों से नहीं सीखते वे आगे नहीं बढ़ पाते. वर्णित कहते हैं मैंने भी तीन साल तक अपनी गलतियों को समझा और उन्हें दूर किया तब जाकर मंजिल तक पहुंच पाया. अंत में वर्णित आंसर राइंटिंग पर बहुत जोर देते हैं. वे कहते हैं कई बार कैंडिडेट्स को आंसर पता होता है पर वे उसे ठीक से लिख नहीं पाते या रुचिकर नहीं बना पाते खासकर इंजीनियरिंग के कैंडिडेट्स जिन्हें लिखने की बिलकुल प्रैक्टिस नहीं होती. इसलिए खूब लिखें ये ऐस्से में भी मदद करेगा. अगर मेहनत के साथ ही स्मार्टली वर्क करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।
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1. समय बचाने का सीधा सा रास्ता है कि मल्टीटास्किंग बनें…. अक्सर हमारी दिनचर्या के ऐसे बहुत से काम होते है जिनमें हम दो कामों को या इससे अधिक कामों को एक साथ कर सकते हैं …ऐसे कामों को चिन्हित करके हम अपने समय की बचत कर सकते हैं !!
2. आप रात में अगले दिन के लिए कामो की सूची बना लीजिये …यानि एक लिस्ट उनकी जो काम आपको कल करने हैं …..और फिर उस लिस्ट को अगले दिन अपने पास रखिये … इससे आपको हर पल अहसास होता रहेगा कि कितना काम आप ख़तम कर चुके और कितना अभी शेष बचा है ..!!
3. हर दिन रात में खुद अपनी टारगेट लिस्ट का मूल्यांकन जरूर करें ..जिससे आपको पता चले कि बीते कल की रात अपने खुद को कितना टारगेट दिया था और आप कितने टास्क ख़तम कर पाए .., इससे दूसरे दिन आप काम करने की स्पीड स्वतः बढ़ा देंगे !!
4. माने या न माने ..पर आज के समय में सबसे ज्यादा टाइम लेता है सोशल मीडिया ….फेसबुक पर घंटो होम पेज स्क्रॉल करना … अगर कोई फोटो या स्टेटस डाला है तो बार बार जाकर लिखे और कमेंट का वेट करना ! सही माने तो ऐसी हालत में अगर हम फेसबुक लॉगआउट भी कर देते हैं तो भी मस्तिष्क तुरंत वहां से नहीं हटा पाते …. इससे हमारा बहुत सा समय नष्ट हो जाता है !!
5. एक व्यवस्थित टाइम टेबल जरूर बनायें …और सबसे जरुरी कि उसे फॉलो करें .! अक्सर लोग बस टाइम टेबल बना लेते हैं और एक या दो दिन से ज्यादा फॉलो नहीं कर पाते ….
6. मोबाइल पर घंटो चिपके रहने वालों से बचने का प्रयास कीजिये ..,, खुद को यह समझने का प्रयास कीजिये की अभी यह सब आपके और आपके भविष्य के लिए सही नहीं है ..और एक सिम पर्सनल भी रखिये..जिसके नंबर सिर्फ आपके खास लोगो के पास हों … ताकि पढाई के दौरान नार्मल नंबर स्विच ऑफ कर सको !!
7. सुबह जल्दी उठने की आदत डालिये ..इससे दिन भर आलास नहीं रहेगा ! हम लोग व्हाट्सप्प , फेसबुक , मोबाइल के चक्कर में अक्सर देर रात सोते हैं ..तो दूसरे दिन देर से उठते भी हैं ….इससे सारा टाइम मैनेजमेंट बिगड़ जाता है !!
8. हमेशा घडी को 5 या 10 मिनट आगे रखिये …..इससे आप कामों को तय सीमा के भीतर ख़तम कर सकेंगे …और ऐसा करने से एक फायदा और होगा कि आप कभी भी लेट नहीं होंगे !!
9. समय व्यर्थ बिलकुल भी न गंवाएं …किसी भी काम को करने से पहले एक बार जरूर सोचें कि क्या वह आपके लिए किसी भी तरह से फायदेमंद है ? ..आपको खुद तय करना होगा कि इस समय आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है …और आपको किसे टाइम देना चाहिए !!
10. एक बात सबसे महत्वपूर्ण अगर आप कर सकें तो ….रोज किये जाने वाले कामों को स्टॉप वाच लगाकर करना स्टार्ट कर दीजिये …इससे आप डेली कुछ न कुछ स्पीड बढ़ा पाएंगे !!
हौंसले हो बुलंद तो हर मुश्किल को आसां बना देंगे ,
छोटी टहनियों की क्या बिसात, हम बरगद को ही हिला देंगे।🏆🎯1. समय बचाने का सीधा सा रास्ता है कि मल्टीटास्किंग बनें…. अक्सर हमारी दिनचर्या के ऐसे बहुत से काम होते है जिनमें हम दो कामों को या इससे अधिक कामों को एक साथ कर सकते हैं …ऐसे कामों को चिन्हित करके हम अपने समय की बचत कर सकते हैं !!
2. आप रात में अगले दिन के लिए कामो की सूची बना लीजिये …यानि एक लिस्ट उनकी जो काम आपको कल करने हैं …..और फिर उस लिस्ट को अगले दिन अपने पास रखिये … इससे आपको हर पल अहसास होता रहेगा कि कितना काम आप ख़तम कर चुके और कितना अभी शेष बचा है ..!!
3. हर दिन रात में खुद अपनी टारगेट लिस्ट का मूल्यांकन जरूर करें ..जिससे आपको पता चले कि बीते कल की रात अपने खुद को कितना टारगेट दिया था और आप कितने टास्क ख़तम कर पाए .., इससे दूसरे दिन आप काम करने की स्पीड स्वतः बढ़ा देंगे !!
4. माने या न माने ..पर आज के समय में सबसे ज्यादा टाइम लेता है सोशल मीडिया ….फेसबुक पर घंटो होम पेज स्क्रॉल करना … अगर कोई फोटो या स्टेटस डाला है तो बार बार जाकर लिखे और कमेंट का वेट करना ! सही माने तो ऐसी हालत में अगर हम फेसबुक लॉगआउट भी कर देते हैं तो भी मस्तिष्क तुरंत वहां से नहीं हटा पाते …. इससे हमारा बहुत सा समय नष्ट हो जाता है !!
5. एक व्यवस्थित टाइम टेबल जरूर बनायें …और सबसे जरुरी कि उसे फॉलो करें .! अक्सर लोग बस टाइम टेबल बना लेते हैं और एक या दो दिन से ज्यादा फॉलो नहीं कर पाते ….
6. मोबाइल पर घंटो चिपके रहने वालों से बचने का प्रयास कीजिये ..,, खुद को यह समझने का प्रयास कीजिये की अभी यह सब आपके और आपके भविष्य के लिए सही नहीं है ..और एक सिम पर्सनल भी रखिये..जिसके नंबर सिर्फ आपके खास लोगो के पास हों … ताकि पढाई के दौरान नार्मल नंबर स्विच ऑफ कर सको !!
7. सुबह जल्दी उठने की आदत डालिये ..इससे दिन भर आलास नहीं रहेगा ! हम लोग व्हाट्सप्प , फेसबुक , मोबाइल के चक्कर में अक्सर देर रात सोते हैं ..तो दूसरे दिन देर से उठते भी हैं ….इससे सारा टाइम मैनेजमेंट बिगड़ जाता है !!
8. हमेशा घडी को 5 या 10 मिनट आगे रखिये …..इससे आप कामों को तय सीमा के भीतर ख़तम कर सकेंगे …और ऐसा करने से एक फायदा और होगा कि आप कभी भी लेट नहीं होंगे !!
9. समय व्यर्थ बिलकुल भी न गंवाएं …किसी भी काम को करने से पहले एक बार जरूर सोचें कि क्या वह आपके लिए किसी भी तरह से फायदेमंद है ? ..आपको खुद तय करना होगा कि इस समय आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है …और आपको किसे टाइम देना चाहिए !!
10. एक बात सबसे महत्वपूर्ण अगर आप कर सकें तो ….रोज किये जाने वाले कामों को स्टॉप वाच लगाकर करना स्टार्ट कर दीजिये …इससे आप डेली कुछ न कुछ स्पीड बढ़ा पाएंगे !!
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किसी टॉपर के नोट्स बिल्कुल मत पढ़ो...खुद के नोट्स बनाओ...करना तुमको ही है...अतः जो भी करो सॉलिड करो...मात्र सामग्री एकत्र करने से कुछ नही होगा... 20 पेज ही पढ़ो लेकिन कंठस्थ रखो...ये मत सोचो कि तुम कुछ नहीं कर सकते....कोई एक वैकल्पिक विषय चुन लो और उसकी
तैयारी शुरू कर दो...समाचार पत्रों की लेखों की कटिंग रखना शुरू करो... पत्रिकाओं के लेखों को टॉपिक वाइज नोट्स बनाओ...ध्यान रहे- यह लिखने का विषय है जितना लिखोगे सफलता की गारेंटी उतनी
ही प्रचण्ड होगी
तैयारी शुरू कर दो...समाचार पत्रों की लेखों की कटिंग रखना शुरू करो... पत्रिकाओं के लेखों को टॉपिक वाइज नोट्स बनाओ...ध्यान रहे- यह लिखने का विषय है जितना लिखोगे सफलता की गारेंटी उतनी
ही प्रचण्ड होगी
जीत तक जारी रखिये जंग👏3
❣मान लिया हजार वजह है जिसमे से आप नही कर पा रहें! अरे एक वजह तो ढूंढ लो जिसमे से आप कर सकते हो” 🏆
“जब डिजायर चूज करना ही है| तो बड़े से बड़ा चूज करो न, बड़े से बड़ा इस दुनिया का सबसे बड़ा”
“अरे मिलेगा भाई, इतना मिलेगा जितना आप सपने में भी नही सोच सकते, खिलाडी तो बनो, अपने फील्ड के पक्के खिलाड़ी तो बनों”
“हम उन चीजों की तरफ देखते है जो हमारे पास में नहीं है और हम चाहते है तो हमारी किस्मत बुरी होती है और जब हम उन चीजों की तरफ देखते है जो हमारे पास में है उस मूवमेंट में हमारी किस्मत अच्छी होती है”
“जो कर्म आपको अन्दर से स्ट्रोंग करता है वो अच्छा कर्म है| जो अन्दर से वीक करता है कमजोर करता है वो सब बुरे कर्म है”
“अभी अगर आप लोग अपने खुद के कमिटमेंट पूरे नही कर पा रहे| तो किसी और को दिए हुए कमिटमेंटस आप कैसे पूरे करोगें”
“जो में करना चाहता हूँ! चाहे उसको करने में कितना भी दर्द क्यों न हो उस दर्द को सहने के लिए मै तैयार हूँ”
“अगर इस दुनिया मैं कोई भी ऐसा काम है जो आप दिल से करना चाहते हो और उस काम को इस दुनिया एक भी ऐसा इंसान है जो कर रहा है तो आप भी खेल-खेल मै उस काम को कर सकते हो”
“जिसका डिजायर जितना बड़ा है उसकी सक्सेस उतनी ही बड़ी है”
“चाहो भी तो इस जिन्दगी के खेल में आउट नही हो सकते| तब-तक जब-तक की आप मैदान को छोर करके भाग नही जाते”
“अन्दर से सिर्फ एक चीज बोलते रहना है “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” मरते दम तक करना है करते रेहना है|
अन्दर से जिस दिन आगया न की मुझे कुछ करना है और वो करना भी “आसान है” अरे तो कौन रोके आपको भाई “सोचो” बढो आगे आपका टाइम शुरु”⏰ 🔥
“जब डिजायर चूज करना ही है| तो बड़े से बड़ा चूज करो न, बड़े से बड़ा इस दुनिया का सबसे बड़ा”
“अरे मिलेगा भाई, इतना मिलेगा जितना आप सपने में भी नही सोच सकते, खिलाडी तो बनो, अपने फील्ड के पक्के खिलाड़ी तो बनों”
“हम उन चीजों की तरफ देखते है जो हमारे पास में नहीं है और हम चाहते है तो हमारी किस्मत बुरी होती है और जब हम उन चीजों की तरफ देखते है जो हमारे पास में है उस मूवमेंट में हमारी किस्मत अच्छी होती है”
“जो कर्म आपको अन्दर से स्ट्रोंग करता है वो अच्छा कर्म है| जो अन्दर से वीक करता है कमजोर करता है वो सब बुरे कर्म है”
“अभी अगर आप लोग अपने खुद के कमिटमेंट पूरे नही कर पा रहे| तो किसी और को दिए हुए कमिटमेंटस आप कैसे पूरे करोगें”
“लाइफ में आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है ? की आपको खुद की नजरो में उठना है| जो इंसान खुद की नजरों में उठ गया, वो दुनिया की नजरो में तो अपने आप उठ जाएगा”“जो में करना चाहता हूँ! चाहे उसको करने में कितना भी दर्द क्यों न हो उस दर्द को सहने के लिए मै तैयार हूँ”
“अगर इस दुनिया मैं कोई भी ऐसा काम है जो आप दिल से करना चाहते हो और उस काम को इस दुनिया एक भी ऐसा इंसान है जो कर रहा है तो आप भी खेल-खेल मै उस काम को कर सकते हो”
“जिसका डिजायर जितना बड़ा है उसकी सक्सेस उतनी ही बड़ी है”
“चाहो भी तो इस जिन्दगी के खेल में आउट नही हो सकते| तब-तक जब-तक की आप मैदान को छोर करके भाग नही जाते”
“अन्दर से सिर्फ एक चीज बोलते रहना है “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” मरते दम तक करना है करते रेहना है|
अन्दर से जिस दिन आगया न की मुझे कुछ करना है और वो करना भी “आसान है” अरे तो कौन रोके आपको भाई “सोचो” बढो आगे आपका टाइम शुरु”⏰ 🔥
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🔺सिविल सेवा की तैयारी के दौरान खुद को उत्साहित रखना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए आप क्या करते हैं?
चुनौतियों का सामना करते हैं और जितना हो सके नकारात्मक विचार वाले लोगो से दूर रहने की कोशिश करते हैं।
एक लड़का पहाड़ की चोटी पर चढ़ने का सोचता है और आगे बढ़ता है।
बाकी के सारे लोग शोर मचाने लगते हैं "ये असंभव है।
आज तक कोई नहीं चढ़ा।
ये असंभव है..
नहीं चढ़ पाओगे"
मगर वह लड़का आख़िर पहाड़ की चोटी पर पहुँच ही जाता है।
जानते हैं क्यो ?
क्योंकि वो लड़का "बहरा" होता है और सारे लोगों को चिल्लाते देख सोचता है कि सारे उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं।
इसलिए अगर आपको अपने लक्ष्य पर पहुंचना है तो नकारात्मक लोगों के प्रति "बहरे" हो जाइए।
चुनौतियों का सामना करते हैं और जितना हो सके नकारात्मक विचार वाले लोगो से दूर रहने की कोशिश करते हैं।
चलिये आपको हम एक छोटी सी कहानी सुनाते हैं।एक लड़का पहाड़ की चोटी पर चढ़ने का सोचता है और आगे बढ़ता है।
बाकी के सारे लोग शोर मचाने लगते हैं "ये असंभव है।
आज तक कोई नहीं चढ़ा।
ये असंभव है..
नहीं चढ़ पाओगे"
मगर वह लड़का आख़िर पहाड़ की चोटी पर पहुँच ही जाता है।
जानते हैं क्यो ?
क्योंकि वो लड़का "बहरा" होता है और सारे लोगों को चिल्लाते देख सोचता है कि सारे उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं।
इसलिए अगर आपको अपने लक्ष्य पर पहुंचना है तो नकारात्मक लोगों के प्रति "बहरे" हो जाइए।
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आप एक घने जंगल से होकर गुजर रहे है, अचानक शेर की दहाड़ सुनाई देती है। आप यह कहने का साहस जुटा सकते हो कि आज मूड नहीं है इसलिए नहीं दौडूगा।
आपको तैरना नहीं आता और आप पानी में डूब रहे हैं,
तो आप यह कहने का साहस कर सकते है कि" बचाओ बचाओ " चिल्लाने का मूड नहीं है क्या आप बत्रा धाम घूमने के लिए मूड की इजाज़त लेते हो?
क्या आप शुक्रवार को हिट मूवी का first show देखने के लिए मूड का सहारा लेते हो?
क्या आप अपनी गर्ल फ्रेंड से बात करने के लिए मूड का सहारा लेते हो नहीं ना तो फिर पढ़ाई में हर बार मूड की हेल्प क्यों?
आप कोशिश कर देख लीजिए जब भी आप अपने मूड से पूछेंगे, तो कम से कम आधे दिन आपका मन कहेंगा पढ़ने का मन नहीं है, जो असफलता की नींव तैयार करने में मदद करेगा, इसलिए कभी जरूरी काम के लिए मूड की तबीयत ना पूछें।
मैंने कई छात्रों से सुना है ,मैं IAS बनना तो चाहता हूँ, पर पढ़ने में मन नहीं लगता क्या करूँ अगर आपने आईएएस बनने का संकल्प किया है तो इसका मतलब तो यह हुआ ना आपने सबसे कठिन कामों को करने का फैसला किया है।
दोस्तों जैसे मन्दिर में पूजा -पाठ करने के लिए पुजारी कभी मूड का सहारा नहीं लेते, शीत ऋतु में बर्फ जैसे ठंडे पानी में सूर्योदय से पहले नहाकर बैठ जाता है, वह यह काम साल के 365 दिन बिना मूड का सहारा लिए हर रोज़ करता है, उसी तरह आपको बिना बहाना बनाएँ अपने काम को लगन से हर रोज़ करना ही करना है।
इसलिए मित्रों जो काम जरूरी है, उसके लिए मूड का सवाल भी पैदा नहीं होता। मूड के आज से ही दास नहीं मालिक बन जाईये फिर देखिए आपकी मंसूरी की राह कितनी सुगम तथा आसान हो जाती हैं ...
IAS मूड का बहाना ना बनाएँ ......आप एक घने जंगल से होकर गुजर रहे है, अचानक शेर की दहाड़ सुनाई देती है। आप यह कहने का साहस जुटा सकते हो कि आज मूड नहीं है इसलिए नहीं दौडूगा।
आपको तैरना नहीं आता और आप पानी में डूब रहे हैं,
तो आप यह कहने का साहस कर सकते है कि" बचाओ बचाओ " चिल्लाने का मूड नहीं है क्या आप बत्रा धाम घूमने के लिए मूड की इजाज़त लेते हो?
क्या आप शुक्रवार को हिट मूवी का first show देखने के लिए मूड का सहारा लेते हो?
क्या आप अपनी गर्ल फ्रेंड से बात करने के लिए मूड का सहारा लेते हो नहीं ना तो फिर पढ़ाई में हर बार मूड की हेल्प क्यों?
आप कोशिश कर देख लीजिए जब भी आप अपने मूड से पूछेंगे, तो कम से कम आधे दिन आपका मन कहेंगा पढ़ने का मन नहीं है, जो असफलता की नींव तैयार करने में मदद करेगा, इसलिए कभी जरूरी काम के लिए मूड की तबीयत ना पूछें।
मैंने कई छात्रों से सुना है ,मैं IAS बनना तो चाहता हूँ, पर पढ़ने में मन नहीं लगता क्या करूँ अगर आपने आईएएस बनने का संकल्प किया है तो इसका मतलब तो यह हुआ ना आपने सबसे कठिन कामों को करने का फैसला किया है।
दोस्तों जैसे मन्दिर में पूजा -पाठ करने के लिए पुजारी कभी मूड का सहारा नहीं लेते, शीत ऋतु में बर्फ जैसे ठंडे पानी में सूर्योदय से पहले नहाकर बैठ जाता है, वह यह काम साल के 365 दिन बिना मूड का सहारा लिए हर रोज़ करता है, उसी तरह आपको बिना बहाना बनाएँ अपने काम को लगन से हर रोज़ करना ही करना है।
इसलिए मित्रों जो काम जरूरी है, उसके लिए मूड का सवाल भी पैदा नहीं होता। मूड के आज से ही दास नहीं मालिक बन जाईये फिर देखिए आपकी मंसूरी की राह कितनी सुगम तथा आसान हो जाती हैं ...
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🔥 ना बोलूंगा ना देखूंगा, दुनिया से नाता तोडूंगा।
ना थकूंगा ना टूटूंगा, अपने सपने पूरे कर छोडूंगा।।
मैं जान फूंक दूंगा अपनी, पर रास्ता ना मोडूँगा।
सपने पूरे करके छोडूंगा, सपने पूरे करके छोडूंगा।।
टकराना है चट्टानों से, भिड़ना है मैदानों मे।
जुड़ना है धरती से मुझे, उड़ना है आसमानो मे ।।
रोक सके जज़्बात मेरे अब, वो दम कहाँ तुफानो मे।
सालों लगे चाहे मुझको, राहों से मुख न मोडूँगा।।
सपने पूरे कर छोडूंगा, सपने पूरे कर छोडूंगा।।
है सब्र का फल मीठा, लेकिन सब्र हैँ कहाँ इंसानों मे।
हो लक्ष्य ना जिसका जीवन मे, वो रहते हैँ शमशानों मे।।
मेरा दर्द क्या जानेगा कोई , कई राज़ छुपे हैँ मुस्कानो मे।
टकराऊँगा हर दीवार से, पर हाथ कभी ना जोड़ूंगा।।
सपने पूरे कर छोडूंगा, सपने पूरे कर छोडूंगा।
जब तक पूरे हो न जाये, चैन कहा अरमानो को।।
लगे न फल जब पेड़ों मे, जाता कौन बागानों को।
मन मे जब भाई ठान लिया, रोकेगा कौन दीवानों को।।
रच के मैं इक पाठ नया पन्ना, इतिहास मे जोड़ूंगा।
सपने पूरे कर छोडूंगा, सपने पूरे कर छोडूंगा।।
ना थकूंगा ना टूटूंगा, अपने सपने पूरे कर छोडूंगा।।
मैं जान फूंक दूंगा अपनी, पर रास्ता ना मोडूँगा।
सपने पूरे करके छोडूंगा, सपने पूरे करके छोडूंगा।।
टकराना है चट्टानों से, भिड़ना है मैदानों मे।
जुड़ना है धरती से मुझे, उड़ना है आसमानो मे ।।
रोक सके जज़्बात मेरे अब, वो दम कहाँ तुफानो मे।
सालों लगे चाहे मुझको, राहों से मुख न मोडूँगा।।
सपने पूरे कर छोडूंगा, सपने पूरे कर छोडूंगा।।
है सब्र का फल मीठा, लेकिन सब्र हैँ कहाँ इंसानों मे।
हो लक्ष्य ना जिसका जीवन मे, वो रहते हैँ शमशानों मे।।
मेरा दर्द क्या जानेगा कोई , कई राज़ छुपे हैँ मुस्कानो मे।
टकराऊँगा हर दीवार से, पर हाथ कभी ना जोड़ूंगा।।
सपने पूरे कर छोडूंगा, सपने पूरे कर छोडूंगा।
जब तक पूरे हो न जाये, चैन कहा अरमानो को।।
लगे न फल जब पेड़ों मे, जाता कौन बागानों को।
मन मे जब भाई ठान लिया, रोकेगा कौन दीवानों को।।
रच के मैं इक पाठ नया पन्ना, इतिहास मे जोड़ूंगा।
सपने पूरे कर छोडूंगा, सपने पूरे कर छोडूंगा।।
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अगर लोग आपकी अच्छाई को आपकी कमजोरी समझने लगते है,
तो यह उनकी समस्या है आपकी नहीं।
🅿️🌺
तो यह उनकी समस्या है आपकी नहीं।
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🇮🇳
जहां आदर नहीं वहां जाना मत,
जो सुनता नहीं उसे समझाना मत,
जो पचता नहीं उसे खाना मत,
और जो सत्य पर भी रूठे उसे मनाना मत ।।।
😇🥰
जहां आदर नहीं वहां जाना मत,
जो सुनता नहीं उसे समझाना मत,
जो पचता नहीं उसे खाना मत,
और जो सत्य पर भी रूठे उसे मनाना मत ।।।
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जीवन उड़ान नहीं भर सकता लेकिन बदल सकता है। उम्मीद कम हो सकती है, लेकिन मर नहीं सकती।🌺
Join 🙏 @UPSCEXAMTIPS
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