आप सभी को सूचित किया जाता है कि जो भी विद्यार्थी अपने छात्रवृत्ति आवेदन को नवीनीकरण कर रहे हैं उनको लॉगिन करने पर इस प्रकार प्रदर्शित होगा जैसा कि ऊपर यह लिखा है प्रमाणीकरण हेतु आधार नंबर डालें आप उस पर क्लिक करेंगे तो आपको आधार नंबर डालने के बाद आपका आधार नंबर पर ओटीपी जाएगी और उसे सबमिट करने पर आपका प्रमाणीकरण हो जाएगा इसके तत्पश्चात आपके मोबाइल नंबर सत्यापन करना होगा आप कोई भी मोबाइल नंबर सत्यापन कर सकते हैं परंतु वर्तमान में मोबाइल नंबर भरकर सबमिट करने पर सॉरी कह दे रहा है साइट ना चलने की वजह से जब यह मोबाइल नंबर सत्यापित हो जाएगा उसके बाद नवीनीकरण आवेदन पत्र को संशोधित करने का ऑप्शन खुलेगा....!
#UPSCHOLARSHIP 2023-24
#UPCM
#UTTARPRADESH
@upsissccivilservices
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नाक के बदले नाक ही चाहिए...
एक शख्स ने अपने पत्नी की नाक दांत से काटकर अलग कर दी। अब पीड़ित पत्नी भी नाक के बदले नाक कटवाने की मांग कर रही है।
#UttarPradesh #Gonda
कैसे कैसे लोग है यहां 🤒
एक शख्स ने अपने पत्नी की नाक दांत से काटकर अलग कर दी। अब पीड़ित पत्नी भी नाक के बदले नाक कटवाने की मांग कर रही है।
#UttarPradesh #Gonda
कैसे कैसे लोग है यहां 🤒
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22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है. इसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने अयोध्या सीमा को बंद करने का ऐलान किया है.
#ayodhya #RamMandir #uttarpradesh
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🙏7😐2
General studies & current affairs DSSSB TGT ,PGT, PRT ,बिहार शिक्षक भर्ती लेटेस्ट अपडेट
गाजीपुर में बस में करेंट उतरने से कई लोगो की मौत की खबर, CNG बस कोपागंज से बारात लेकर गाजीपुर के मरदह के महाहर आ रही थी। 20 से ज्यादा लोग सवार थे इसमें😢😢
UP के गाजीपुर में बड़ा हादसा हुआ है। बस पर हाईटेंशन तार गिरने से आग लग गई। इससे कई जिंदा जल गए। बताया जा रहा है कि 25 लोग हादसे का शिकार हुए हैं। बस शादी समारोह से लौट रही थी।
#Ghazipur #UttarPradesh😭26
पति के मरने के बाद सिंचाई विभाग में नौकरी मांगने पहुंच गईं तीन पत्नियां, अफसर परेशान किसको दें नौकरी
#UttarPradesh #Jhansi #GovernmentJobs #IrrigationDepartment
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लखनऊ में एक रोचक मामला सामने आया है. एक पति ने दावा किया है कि उसने अपनी पत्नी को सिंगर बनाने के लिए अपनी पाई पाई जोड़कर के खूब मेहनत की और फिर जब उसकी पत्नी फेमस हो गई, सिंगर बन गई तब वह छोड़कर चली गई. पति अरविंद कुमार ने बताया कि कोविड के समय में उसकी पत्नी ने सिंगर बनने की इच्छा जाहिर की थी,जिसके लिए उन्होंने कठिन परिश्रम कर अलग-अलग जगह पर ले जाकर अपनी पत्नी से लोगों को मिलवाया और उसको कोम दिलवाया. अब 4 साल बाद उसकी पत्नी कामयाब हो गई है. अब वह घर नहीं आती. धर्मेंद्र नाम के युवक के साथ लिव इन में रहती है.
#Lucknow #UttarPradesh #Husband #Singer #wife #latestnews #hindinews #ABPGanga
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🤯6❤2👍2
पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत के गांव पुरा महादेव को धरोहर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम 2024 के लिए चुना गया है।
प्रदेश की उत्कृष्ट धरोहर को देश के माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी के कर कमलों से उपाधि प्राप्त होने पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई!
#UttarPradesh #UPTourism
प्रदेश की उत्कृष्ट धरोहर को देश के माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी के कर कमलों से उपाधि प्राप्त होने पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई!
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मेरठ के सौरभ राजपूत मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस का दावा है कि पूरी साजिश सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी की थी. इसी प्लानिंग के तहत प्रेमी साहिल और मुस्कान ने सौरभ की हत्या की. पुलिस के मुताबिक, मुस्कान साहिल को बताती थी कि वह उसकी मृत मां से बात करती है. साहिल इसी बात पर यकीन करके मुस्कान की हर बात मानता था. मुस्कान ने साहिल को बताया था कि उसकी मरी मां ने सौरभ का वध करने का आदेश दिया है. मुस्कान ने 22 फरवरी को चिकन काटने के नाम पर 2 चाकू खरीदे थे.
#SaurabhrajpootMurderCase #Meerut #Uttarpradesh
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👍3🤯1😐1
अयोध्या… संदिग्ध हालत में महिला आरक्षी का कमरे में लटका मिला शव.
जौनपुर की रहने वाली थी महिला आरक्षी शांति यादव…
#UttarPradesh #UPP
जौनपुर की रहने वाली थी महिला आरक्षी शांति यादव…
#UttarPradesh #UPP
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हरदोई ( उत्तरप्रदेश)
एसपी साहब अपने दफ्तर आ रहे थे , रास्ते मे एक दारोगा जी बिना हेलमेट लगाए मोटरसाइकिल चलाते हुए दिख गए । एसपी साहब ने दारोगा जी को रुकवाकर उनकी बाईक का चालान करवा दिया ।
सावधान चलिए , सुरक्षित चलिए ,
#Hardoi #UttarPradesh #UPPolice #trafficRules
Hardoi Police UP Police
एसपी साहब अपने दफ्तर आ रहे थे , रास्ते मे एक दारोगा जी बिना हेलमेट लगाए मोटरसाइकिल चलाते हुए दिख गए । एसपी साहब ने दारोगा जी को रुकवाकर उनकी बाईक का चालान करवा दिया ।
सावधान चलिए , सुरक्षित चलिए ,
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Hardoi Police UP Police
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यूपी पीसीएस 2024 की परीक्षा में दंपती ने एक साथ सफलता प्राप्त की है। पत्नी लेखपाल है, जबकि पति हाईकोर्ट में कनिष्ठ सहायक
मोनाली नर्वल तहसील में लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनके पति लखनऊ कोर्ट में कार्यरत हैं।
मोनाली की शादी 2022 में आकर्ष से हुई थी। दोनों खाली समय में पीसीएस की तैयारी करने लगे। दोनों ने नौकरी के साथ सेल्फ स्टडी की।
मोनाली की बड़ी बहन बेसिक शिक्षा में अध्यापक हैं। मोनाली का चयन असिस्टेंट कमिश्नर कामर्शियल टैक्स बन गईं हैं, वहीं उनके पति आकर्ष का चयन वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर हुआ है। तहसील में भी अधिकारियों व कर्मचारियों ने फोन कर मोनाली को बधाई व शुभकामनाएं दी।
#PCS2024 #UttarPradesh
मोनाली नर्वल तहसील में लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनके पति लखनऊ कोर्ट में कार्यरत हैं।
मोनाली की शादी 2022 में आकर्ष से हुई थी। दोनों खाली समय में पीसीएस की तैयारी करने लगे। दोनों ने नौकरी के साथ सेल्फ स्टडी की।
मोनाली की बड़ी बहन बेसिक शिक्षा में अध्यापक हैं। मोनाली का चयन असिस्टेंट कमिश्नर कामर्शियल टैक्स बन गईं हैं, वहीं उनके पति आकर्ष का चयन वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर हुआ है। तहसील में भी अधिकारियों व कर्मचारियों ने फोन कर मोनाली को बधाई व शुभकामनाएं दी।
#PCS2024 #UttarPradesh
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General studies & current affairs DSSSB TGT ,PGT, PRT ,बिहार शिक्षक भर्ती लेटेस्ट अपडेट
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"आईएएस रिंकू सिंह की इस चिट्ठी ने ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचा रखा है.. 6 पन्नों में सरकारी सिस्टम कि बखिया उधेड़ दी है उन्होंने.. ये चिट्ठी सबको जरूर पढ़नी चाहिए.."
आईएएस रिंकू सिंह राही जालौन में एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात हैं.. कुछ दिन पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.. किसी तरह वो बवाल शांत हुआ तो अब उन्होंने चिट्ठी लिखकर एक दूसरा बवाल खड़ा कर दिया है..
आईएएस रिंकू सिंह की इस चिट्ठी से साफ है कि सरकारी सिस्टम में ईमानदारी से काम करना कितना मुश्किल है..
वो लिखते हैं, आम जनता के हित और सरकारी कामों की निरंतरता के लिए मैंने कई मौकों पर व्यक्तिगत मान्यताओं और अंतरात्मा के प्रतिकूल व्यावहारिक संतुलन अपनाने का प्रयास किया.. विधायक गौरी शंकर वर्मा के सामने डीएम ने आदेश दिया की तहसील क्षेत्र में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के मामले में कोई कार्रवाई न की जाए..
इस आदेश की उपेक्षा की जगह मैंने बीच का रास्ता निकालते हुए सिर्फ प्राप्त शिकायतों पर ही नियमानुसार कार्रवाई शुरू की.. नतीजा ये हुआ कि शिकायतें बढ़ने लगीं.. और शिकायतों का फर्जी निस्तारण होने लगा..
रिंकू सिंह लिख रहे हैं कि जनपद की रैंक ऊपर रखने के लिए आईजीआरएस और एंटी भू माफिया के मामलों का फर्जी निस्तारण स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया.. इसका भी रास्ता मैंने निकाला, लेकिन मना कर दिया गया..
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के नाम से अवैध कब्जे की जांच को लेकर ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने साजिश करके विवाद किया जिसके चलते मेरा तबादला कर दिया गया..
उन्होंने लिखा, ईमानदार पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को जब ऐसे परिणाम का सामना करना पड़ सकता है तो अन्य अधिकारी और कर्मचारियों की स्थिति तो और भी चुनौती पूर्ण हो सकती है.
रिंकू सिंह ने पहले भी कहा था, काम नहीं तो वेतन नहीं.. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, एसडीएम न्यायिक के तौर पर कोर्ट में उन्हें 2 घंटे काम करना होता है.. कोर्ट के बाहर फाइल्स को समझने और कानूनी कार्य करने के लिए चार घंटे और लग जाते हैं.. अगर रोज काम के 8 घंटे माने जाए तो भी यह 50 फीसदी ही है..
उन्होंने लिखा कि अभी वो आधा ही काम कर रहे हैं इसलिए उन्हें वेतन भी आधा ही दिया जाए..
रिंकू सिंह ने डीएम के जनता दर्शन की भी पोल-पट्टी खोली है..
उन्होंने लिखा कि जनता दर्शन में डीएम साहब के साथ बैठना होता है.. हालांकि, डीएम साहब शिकायतों के निस्तारण का दिखावा ही करते हैं जिससे अंतर्मन को ठेस पहुंचती है.. इसलिए डीएम साहब के साथ जनता दर्शन में समय गुजारना खुद को धोखा देना है..
उन्होंने पत्र में लिखा है कि जब नौकरी के शुरुआती दौर में ही एक तहसील जैसे छोटे से प्रशासनिक क्षेत्र में नियमित एसडीएम के रूप में काम करने का मौका नहीं मिल रहा है तो आगे क्या मौके मिलेंगे!! वर्तमान हालात ऐसे है कि भविष्य में सीडीओ, नगर आयुक्त, डीएम जैसे पदों के लिए मेरी उपयोगिता के मूल्यांकन को प्रभावित कर सकते हैं.
उन्होंने लिखा कि डीएम साहब ने मुझे एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात किया है, अगर मुझसे कोई गलती हुई हो.. जिसके लिए मैं जिम्मेदार हूं तो मुझे नियमानुसार दंडित किया जाए.. और दंड की कार्रवाई पूरी होने के बाद अगर संभव हो तो उन्हें सीखने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग के समान और पर्याप्त मौके उपलब्ध कराने के लिए जालौन की किसी तहसील में नियमानुसार एसडीएम के पद पर तैनाती के निर्देश दें..
अगर कोई तैनाती संभव न हो तो मेरा कैडर बदलने के लिए अनुमति और संस्तुति प्रदान करें..
उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि जब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक 22 जुलाई 2026 से उन्हें आधा वेतन ही दिया जाए..
#ias #SDM #officer #jalaun #bureaucrats #bureaucracy #Governance #government #system #UttarPradesh #letters
आईएएस रिंकू सिंह राही जालौन में एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात हैं.. कुछ दिन पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.. किसी तरह वो बवाल शांत हुआ तो अब उन्होंने चिट्ठी लिखकर एक दूसरा बवाल खड़ा कर दिया है..
आईएएस रिंकू सिंह की इस चिट्ठी से साफ है कि सरकारी सिस्टम में ईमानदारी से काम करना कितना मुश्किल है..
वो लिखते हैं, आम जनता के हित और सरकारी कामों की निरंतरता के लिए मैंने कई मौकों पर व्यक्तिगत मान्यताओं और अंतरात्मा के प्रतिकूल व्यावहारिक संतुलन अपनाने का प्रयास किया.. विधायक गौरी शंकर वर्मा के सामने डीएम ने आदेश दिया की तहसील क्षेत्र में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के मामले में कोई कार्रवाई न की जाए..
इस आदेश की उपेक्षा की जगह मैंने बीच का रास्ता निकालते हुए सिर्फ प्राप्त शिकायतों पर ही नियमानुसार कार्रवाई शुरू की.. नतीजा ये हुआ कि शिकायतें बढ़ने लगीं.. और शिकायतों का फर्जी निस्तारण होने लगा..
रिंकू सिंह लिख रहे हैं कि जनपद की रैंक ऊपर रखने के लिए आईजीआरएस और एंटी भू माफिया के मामलों का फर्जी निस्तारण स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया.. इसका भी रास्ता मैंने निकाला, लेकिन मना कर दिया गया..
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के नाम से अवैध कब्जे की जांच को लेकर ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने साजिश करके विवाद किया जिसके चलते मेरा तबादला कर दिया गया..
उन्होंने लिखा, ईमानदार पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को जब ऐसे परिणाम का सामना करना पड़ सकता है तो अन्य अधिकारी और कर्मचारियों की स्थिति तो और भी चुनौती पूर्ण हो सकती है.
रिंकू सिंह ने पहले भी कहा था, काम नहीं तो वेतन नहीं.. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, एसडीएम न्यायिक के तौर पर कोर्ट में उन्हें 2 घंटे काम करना होता है.. कोर्ट के बाहर फाइल्स को समझने और कानूनी कार्य करने के लिए चार घंटे और लग जाते हैं.. अगर रोज काम के 8 घंटे माने जाए तो भी यह 50 फीसदी ही है..
उन्होंने लिखा कि अभी वो आधा ही काम कर रहे हैं इसलिए उन्हें वेतन भी आधा ही दिया जाए..
रिंकू सिंह ने डीएम के जनता दर्शन की भी पोल-पट्टी खोली है..
उन्होंने लिखा कि जनता दर्शन में डीएम साहब के साथ बैठना होता है.. हालांकि, डीएम साहब शिकायतों के निस्तारण का दिखावा ही करते हैं जिससे अंतर्मन को ठेस पहुंचती है.. इसलिए डीएम साहब के साथ जनता दर्शन में समय गुजारना खुद को धोखा देना है..
उन्होंने पत्र में लिखा है कि जब नौकरी के शुरुआती दौर में ही एक तहसील जैसे छोटे से प्रशासनिक क्षेत्र में नियमित एसडीएम के रूप में काम करने का मौका नहीं मिल रहा है तो आगे क्या मौके मिलेंगे!! वर्तमान हालात ऐसे है कि भविष्य में सीडीओ, नगर आयुक्त, डीएम जैसे पदों के लिए मेरी उपयोगिता के मूल्यांकन को प्रभावित कर सकते हैं.
उन्होंने लिखा कि डीएम साहब ने मुझे एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात किया है, अगर मुझसे कोई गलती हुई हो.. जिसके लिए मैं जिम्मेदार हूं तो मुझे नियमानुसार दंडित किया जाए.. और दंड की कार्रवाई पूरी होने के बाद अगर संभव हो तो उन्हें सीखने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग के समान और पर्याप्त मौके उपलब्ध कराने के लिए जालौन की किसी तहसील में नियमानुसार एसडीएम के पद पर तैनाती के निर्देश दें..
अगर कोई तैनाती संभव न हो तो मेरा कैडर बदलने के लिए अनुमति और संस्तुति प्रदान करें..
उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि जब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक 22 जुलाई 2026 से उन्हें आधा वेतन ही दिया जाए..
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