बदला लेने की चाह में,
एक दिन बदल ही जाते हैं लोग
किसी का प्यार छोड़कर,
किसी के यार बन जाते हैं लोग
जो कल तक कहते थे
तुम्हारे बिना कुछ नहीं
आज वही कहते हैं
अब हमें फर्क नहीं पड़ता।
कसमें साथ निभाने की थीं,
पर निभाने का हुनर नहीं था
वक़्त आया तो पता चला,
जुबान मीठी थी,
इरादे नहीं
मतलब पूरा होते ही,
रिश्तों की शक्ल बदल गई।
अपने,पराये बन गए,
और पराये,अपने
हम आज भी वही खड़े हैं,
उसी भरोसे के साथ,
जहाँ से लोग
आसान रास्ता चुनकर
चले गए....!!
एक दिन बदल ही जाते हैं लोग
किसी का प्यार छोड़कर,
किसी के यार बन जाते हैं लोग
जो कल तक कहते थे
तुम्हारे बिना कुछ नहीं
आज वही कहते हैं
अब हमें फर्क नहीं पड़ता।
कसमें साथ निभाने की थीं,
पर निभाने का हुनर नहीं था
वक़्त आया तो पता चला,
जुबान मीठी थी,
इरादे नहीं
मतलब पूरा होते ही,
रिश्तों की शक्ल बदल गई।
अपने,पराये बन गए,
और पराये,अपने
हम आज भी वही खड़े हैं,
उसी भरोसे के साथ,
जहाँ से लोग
आसान रास्ता चुनकर
चले गए....!!
💗🥀
мєєт...✍️
👍2❤1
उस बेवफ़ा के नाम आज की ये रात लिखी है,
दिल के हर कोने में तेरी ही बात लिखी है।
तूने तो मुस्कुरा कर छोड़ दिया मेरा हाथ,
मैंने तो तेरे लिए हर साँस साथ लिखी है।
जिसे अपना समझा था दुनिया से बढ़कर,
उसी ने मुझे अजनबी बना दिया पल भर में।
वो वादे, वो कसमे, सब धुआँ बन गए,
और मैं आज भी खड़ा हूँ उसी मोड़ पर।
तेरे लिए मैं पूरी दुनिया से लड़ गया था,
अपने ही सपनों से भी मुकर गया था,
तूने क्या जाना उस दिल का दर्द,
जो तेरे एक झूठ पर ही बिखर गया था।
अब तेरे नाम की कोई दुआ नहीं करता,
बस यादों से खुद को जुदा नहीं करता,
तू खुश रह किसी और की बाहों में,
मैं अब तेरी बेवफाई का गिला नहीं करता।
@khalnayakji92
दिल के हर कोने में तेरी ही बात लिखी है।
तूने तो मुस्कुरा कर छोड़ दिया मेरा हाथ,
मैंने तो तेरे लिए हर साँस साथ लिखी है।
जिसे अपना समझा था दुनिया से बढ़कर,
उसी ने मुझे अजनबी बना दिया पल भर में।
वो वादे, वो कसमे, सब धुआँ बन गए,
और मैं आज भी खड़ा हूँ उसी मोड़ पर।
तेरे लिए मैं पूरी दुनिया से लड़ गया था,
अपने ही सपनों से भी मुकर गया था,
तूने क्या जाना उस दिल का दर्द,
जो तेरे एक झूठ पर ही बिखर गया था।
अब तेरे नाम की कोई दुआ नहीं करता,
बस यादों से खुद को जुदा नहीं करता,
तू खुश रह किसी और की बाहों में,
मैं अब तेरी बेवफाई का गिला नहीं करता।
@khalnayakji92
❤1
चाहत बन गए हो तुम,
कि आदत बन गए हो तुम,
हर सांस में यूं आते जाते हो
जैसे मेरी इबादत बन गए हो तुम।
कि आदत बन गए हो तुम,
हर सांस में यूं आते जाते हो
जैसे मेरी इबादत बन गए हो तुम।
❤1🥰1
किसी के हक़ में तो किसी के खिलाफ लिख दूंगा
मैं तो आईना हु जो देखूंगा साफ लिख दूंगा
मैं तो आईना हु जो देखूंगा साफ लिख दूंगा
👍1🥰1
किसको अर्जी दूं मैं,
मुझे खुद से छुट्टी चाहिए.
🖤
मुझे खुद से छुट्टी चाहिए.
🖤
🥰2👍1
ठहर गए है एक तेरे दर पर आकर,
जैसे कोई बेघर हो घर पर आकर !
जैसे कोई बेघर हो घर पर आकर !
❤1🥰1😁1
ठहर गए है एक तेरे दर पर आकर,
जैसे कोई बेघर हो घर पर आकर !
जैसे कोई बेघर हो घर पर आकर !
👍1🎉1
एक ही ख्वाब ने सारी रात जगाया है,
मैंने हर हर करवट सोने की कोशिश की ।
🖤
मैंने हर हर करवट सोने की कोशिश की ।
🖤
❤2👍1
सारी रात बस करवट बदली हमने,
उनकी यादों ने कुछ इस तरह तड़पाया है।
🖤
उनकी यादों ने कुछ इस तरह तड़पाया है।
🖤
❤2😁1
आज उसके गाल चूमे तो अंदाज़ा हुआ,
चाय अच्छी है बस हल्का सा मीठा कम है!!
🤍
Kiss day 💋
चाय अच्छी है बस हल्का सा मीठा कम है!!
🤍
Kiss day 💋
❤2👍1
मुझे" मेरे महबूब की बद्दुआ लगी हुई है
नींद नहीं आती इतनी बेचैनी भरी हुई है
ज़हन को तो शांत कर लेता हु जैसे तैसे
इस दिल में अभी तक आग लगी हुई हैं
#Mohd_Husain ✍
नींद नहीं आती इतनी बेचैनी भरी हुई है
ज़हन को तो शांत कर लेता हु जैसे तैसे
इस दिल में अभी तक आग लगी हुई हैं
#Mohd_Husain ✍
❤1👍1
अगर अपने लफ्जो में बयां करूं तुम्हें
*मेरी बंद आंखों का सुकून हो तुम!!*🥰
*मेरी बंद आंखों का सुकून हो तुम!!*🥰
❤2
तेरी झलक में रूह को जो सुकूँ मिला,
वो नीलमों में ढूँढ के देखा, नहीं मिला।
झील की मछली की तरह आँखें थीं तेरी,
गहराई में जाया तो बस तू ही मिला।
मैंने मकान बेचा था इक वक़्त में तेरे लिए,
वो नुक्कड़ पे एक चाय तेरा मोल मिला।
तू पूछती रही हीरों की चमक का सबब,
मैं ढूँढता रहा तेरी हँसी का क़ीमत मिला।
मोहब्बतों को वज़्न में तोला गया यहाँ,
मैं हार गया, मगर तुझे पूरा दिल मिला।
भैरव
वो नीलमों में ढूँढ के देखा, नहीं मिला।
झील की मछली की तरह आँखें थीं तेरी,
गहराई में जाया तो बस तू ही मिला।
मैंने मकान बेचा था इक वक़्त में तेरे लिए,
वो नुक्कड़ पे एक चाय तेरा मोल मिला।
तू पूछती रही हीरों की चमक का सबब,
मैं ढूँढता रहा तेरी हँसी का क़ीमत मिला।
मोहब्बतों को वज़्न में तोला गया यहाँ,
मैं हार गया, मगर तुझे पूरा दिल मिला।
भैरव
❤1🥰1
सोने नहीं देती है
इत्मीनान से आपकी याद,
ख़ुदा जाने अब कैसे
कटेगी मेरी ये रात..?
इत्मीनान से आपकी याद,
ख़ुदा जाने अब कैसे
कटेगी मेरी ये रात..?
🥰2😁1
दहेज़ प्रथा बंद करो,,,❤️🤌
दहेज नहीं, संस्कार माँगो,
सोच माँगो, अधिकार माँगो,
डिग्रियों के इस दौर में भी,
क्यों अब तक हथकंडे चार माँगो...?
जहाँ ज्ञान का दीप जलता है,
वहीं लालच क्यों पलता है...?
शादी अगर समझौता बन जाए,
तो फिर शिक्षा क्या बदलता है...?
किताबों में समानता पढ़ते,
मंचों पर नारी का मान,
फिर घर की चौखट लांघते ही,
क्यों बदल जाता है इंसान..?
बेटी को आज भी तौला जाता,
सोने-चाँदी, गाड़ी, नकद में,
क्या उसकी हँसी, उसके सपने,
कम पड़ जाते हैं हर वचन में..?
कॉलेज से निकले युवा हम,
सिर्फ़ नौकरी नहीं बदलाव हैं,
दहेज ठुकरा देना ही अब,
हमारी सबसे बड़ी पहचान है।
जब शिक्षित बेटा कहे गर्व से
मुझे इंसान चाहिए, सामान नहीं
तब हर बेटी सिर ऊँचा रखेगी,
तब समाज कहेगा यही सही।
आओ आज प्रण लें हम सब,
किताबों की बात जीवन में लाएँगे,
दहेज नहीं लेंगे, न देंगे,
एक बेहतर भारत बनाएँगे...!!
आओ सब मिलकर आवाज उठाएं ❤️✊
мєєт...✍️
❤1🥰1
ग़ज़ल
कुछ घर के मसले भी हँसी चैन लेते हैं,
हर उदासी की वजह इश्क़ नहीं होता।
दीवार-ओ-दर से भी उतरती है वीरानी,
सिर्फ़ तन्हाई में दिल कमज़ोर नहीं होता।
रिश्तों की दरारों से झरता है सन्नाटा,
हर टूटन का सबब कोई और नहीं होता।
रोटी की महक भी कभी आँख भिगो देती,
हर आँसू का रिश्ता दिल से ही नहीं होता।
बच्चों की हँसी पर भी पहरा-सा लगा रहता,
हर घर में सुकूँ यूँ ही दस्तूर नहीं होता।
माँ-बाप की ख़ामोशी बहुत कुछ तो कहती है,
हर दर्द का क़िस्सा मशहूर नहीं होता।
हम अपने ही सायों से अक्सर हैं उलझते,
हर जंग का मैदान सरहद नहीं होता।
कुछ ख़्वाब अधूरे भी जीने का सबब बनते,
हर हार का मतलब मजबूर नहीं होता।
#आकाश
कुछ घर के मसले भी हँसी चैन लेते हैं,
हर उदासी की वजह इश्क़ नहीं होता।
दीवार-ओ-दर से भी उतरती है वीरानी,
सिर्फ़ तन्हाई में दिल कमज़ोर नहीं होता।
रिश्तों की दरारों से झरता है सन्नाटा,
हर टूटन का सबब कोई और नहीं होता।
रोटी की महक भी कभी आँख भिगो देती,
हर आँसू का रिश्ता दिल से ही नहीं होता।
बच्चों की हँसी पर भी पहरा-सा लगा रहता,
हर घर में सुकूँ यूँ ही दस्तूर नहीं होता।
माँ-बाप की ख़ामोशी बहुत कुछ तो कहती है,
हर दर्द का क़िस्सा मशहूर नहीं होता।
हम अपने ही सायों से अक्सर हैं उलझते,
हर जंग का मैदान सरहद नहीं होता।
कुछ ख़्वाब अधूरे भी जीने का सबब बनते,
हर हार का मतलब मजबूर नहीं होता।
#आकाश
❤1👍1🥰1