उत्तर प्रदेश में कुल 16 में से आठ महाजनपद थे... उनकी राजधानी एवं क्षेत्र निम्न है -
काशी: इसकी राजधानी वाराणसी थी। वर्तमान की वाराणसी व आसपास का क्षेत्र इसमें सम्मिलित रहा था।
कुरु: आधुनिक हरियाणा तथा दिल्ली का यमुना नदी के पश्चिम वाला अंश शामिल था। इसकी राजधानी आधुनिक दिल्ली (इन्द्रप्रस्थ) थी।
कोशल: उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिला, गोंडा और बहराइच के क्षेत्र शामिल थे। इसकी राजधानी श्रावस्ती थी।
चेदि: वर्तमान में बुंदेलखंड का इलाका।
इसकी राजधानी शक्तिमति थी
वत्स या वंश: आधुनिक उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद तथा मिर्ज़ापुर जिले।
राजधानी कौशांबी थी
पांचाल: पश्चिमी उत्तर प्रदेश। इसकी राजधानी अहिच्छत्र थी।
मल्ल: यह भी एक गणसंघ था और पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाके इसके क्षेत्र थे।
इसकी राजधानी कुशीनगर थी
सुरसेन या शूरसेन: इसकी राजधानी मथुरा थी।
👍1
UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
1857 विद्रोह में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जगहों से किस-किस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
👉🏼1922 में गोरखपुर चौरी चौरा में हुई हिंसक घटना ने पूरे देश में चल रहे असहयोग आंदोलन को प्रभावित किया
👉🏼 क्रांतिकारी आंदोलन के दूसरे चरण में चाहे वह काकोरी कांड हो या चंद्र शेखर आजाद द्वारा किए गए कई कृत्य हो इन सब में उत्तर प्रदेश का योगदान जरूर रहा है
👉🏼 गांधीजी के नमक तोड़ने के कानून का पालन उत्तर प्रदेश में भी किया गया और 8 अप्रैल 1930 को रायबरेली में नमक बनाया गया जिसे पंडित मोतीलाल नेहरु ने नीलाम भी किया था
👉🏼 फरवरी 1918 में यूपी में "किसान सभा" की स्थापना की गई इसका श्रेय गौरी शंकर मिश्र इन्द्र नारायण द्विवेदी व मदन मोहन मालवीय को जाता है।
👉🏼 17 अक्टूबर 1920 को बाबा रामचंद्र के प्रयास से "अवध किसान सभा" का गठन हुआ
👉🏼 1921 -22 मई रायबरेली हरदोई व आसपास के क्षेत्रों में अंग्रेजों के विरुद्ध एक किसान विद्रोह "एका आंदोलन" प्रारंभ हुआ जिसका नेतृत्व मदारी पासी एवं सहदेव ने किया।
👉🏼 1935 में संयुक्त प्रांत वर्तमान के उत्तर प्रदेश में किसान संघ की स्थापना हुई
👉🏼 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन लखनऊ में हुआ जिसकी अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती ने की।
👉🏼 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी उत्तर प्रदेश के बलिया में करो या मरो का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा
👉🏼 चित्तू पांडे के नेतृत्व में बलिया के अस्थाई सरकार की स्थापना की गई 20 अगस्त को बलिया के हनुमानगंज की कोठी में नई सरकार का शपथ ग्रहण हुआ
👉🏼 आजादी के सम्मान में गाया जाने वाला झंडा गीत (विजयी विश्व तिरंगा प्यारा) के रचयिता स्वर्गीय श्यामलाल गुप्त पार्षद उत्तर प्रदेश के कानपुर की ही माटी के फूल थे।
📕गंगा में बाएं से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ
ी
📕 गंगा की सहायक नदियों का पश्चिम से पूर्व की ओर क्रम
▪️ रामगंगा📕गंगा में दाएं से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ
▪️ गोमती नदी
▪️ घाघरा नदी
▪️ गंडक नदी
▪️ बूढ़ी गंडक
▪️ कोसी नदी
▪️ महानंदा नदी
▪️ ब्रह्मपुत्र नदी
▪️ यमुना नदी
▪️ टोंस नदी
▪️ सोन नद
ी
📕 गंगा की सहायक नदियों का पश्चिम से पूर्व की ओर क्रम
ः्र
यमुना → टोंस → गोमती → घाघरा→ सोन→ गंडक → बूढ़ी गंगा → कोसी → महानंदा →हुगली → ब्रह्मपुत
👍1
📕 उत्तर प्रदेश में "कांग्रेस भारतीय राष्ट्रीय" कांग्रेस के कुल 9 अधिवेशन :–
👉4th –इलाहाबाद(1888) –जॉर्ज यूले
👉8th –इलाहाबाद(1892) –WC बनर्जी
👉15th –लखनऊ(1899) –रमेश चंद्र दत्त
👉21st –बनारस(1905) –GK गोखले
👉26th –इलाहाबाद(1910) –वि. वेडरबर्न
👉32nd –लखनऊ(1916) –AC मजूमदार
👉41st –कानपुर(1925) –सरोजनी नायडू
👉50th –लखनऊ(1936) –JL नेहरू
👉55th –मेरठ(1946) –JB कृपलानी
👍1
👍2
📕उत्तर प्रदेश में आम
दशहरी _ मलिहाबाद, लखनऊ
चौसा _सहारनपुर,हरदोई
लंगड़ा _ वाराणसी
सफेदा _ लखनऊ
रटौल _ बाग़पत
स्टेम आम _सहारनपुर
👍2❤1
📕उत्तर प्रदेश में दलहनी फसलों का प्रतिशत
चना_ 6.08%
उड़द _5.61%
अरहर _2.90%
मूंग _0.085%
सर्वाधिक चने का उत्पादन
❤2👍1
Lower pcs देने वाले साथी बताइए आज किस subject का मैटर दे?
Anonymous Poll
47%
Polity
36%
History
46%
Hindi
UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
Lower pcs देने वाले साथी बताइए आज किस subject का मैटर दे?
Polity और history का बहुमत है,थोड़ी देर में pdf भेजता hu
👍2
👉12 अगस्त, 1946 को लॉर्ड वेवेल ने कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अंतरिम सरकार के गठन के लिए निमंत्रण दिया।
👉24 अगस्त, 1946 को पं. नेहरू के नेतृत्व में भारत की पहली अंतरिम राष्ट्रीय सरकार की घोषणा
👉2 सितंबर, 1946 को इसका गठन हुआ, जिसमें प्रारंभ में मुस्लिम लीग की भागीदारी नहीं थी।
👉 डॉ. राजेंद्र प्रसाद _ खाद्य एवं कृषि मंत्री
👉रक्षा विभाग बलदेव सिंह
👉 विदेश मामले तथा राष्ट्रमंडल _ जवाहरलाल नेहरू
👉 आसफ अली _ रेल और परिवहन विभाग
👉अक्टूबर, 1946 में लीग के पांच सदस्य सरकार में शामिल हो गए।
👉लियाकत अली _ वित्त मंत्री
👉, जिन्होंने नया बजट प्रस्तुत करते समय उद्योगपतियों और व्यापारियों पर अत्यधिक कर लगाए।
👉 अंतरिम सरकार में अबुल कलाम आजाद मंत्री नहीं थे। * इस सरकार में शामिल होने वाले 12 कांग्रेसी मंत्री थे-पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, आसफ अली, सी. राजगोपालाचारी, शरत चंद्र बोस, डॉ. जॉन मथाई, सरदार बलदेव सिंह, सर शफात अहमद खां, जगजीवन राम, सैयद अली जहीर और सी.एच. भाभा ।
👉 हालांकि 2 सितंबर, 1946 को गठित अंतरिम सरकार में लियाकत अली प्रारंभ में शामिल नहीं थे,
👉लियाकत अली सहित लीग के 5 सदस्यों को 26 अक्टूबर, 1946 को सरकार में मंत्री बनाया गया जिसके कारण तीन कांग्रेसी सदस्यों सैयद अली जहीर, शरत चंद्र बोस तथा सर शफात अहमद खां को हटना पड़ा।
👉बंगाल में ए. के. फजलुल हक के नेतृत्व में कृषक प्रजा पार्टी तथा मुस्लिम लीग की गठबंधन सरकार वर्ष 1946 के चुनाव में सत्ता में आई किंतु बाद में मुस्लिम लीग का मंत्रिमंडल गठित हुआ, जो 14 अगस्त, 1947 तक सत्ता में रहा।
👉 इसके प्रधानमंत्री एच. एस. सुहरावर्दी थे।
👉16 अगस्त, 1946 की तिथि मुस्लिम लीग द्वारा "सीधी कार्यवाही दिवस" हेतु सुनिश्चित की गई थी।
👉 इस कार्यवाही में 'नोआखाली' दंगे का प्रमुख केंद्र रहा।
Join👉https://t.me/Amoghclasses
👍2
उच्च न्यायालय
✍️भारतीय संविधान के तहत राज्यों के न्यायिक प्रशासन में उच्च न्यायालय की स्थिति शीर्ष पर होती है।
✍️ भारतीय संविधान में राज्यों के लिए उच्च न्यायालय हेतु भाग 6 के अध्याय 5 के तहत अनुच्छेद 214 से 231 तक में प्रावधान किया गया है।
✍️प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय की व्यवस्था की गई है, लेकिन सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा संसद को अनुच्छेद 231 के तहत यह अधिकार दिया गया है कि वह विधि द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों के लिए अथवा दो या अधिक राज्यों और किसी संघ राज्यक्षेत्र के लिए एक साझा उच्च न्यायालय की स्थापना कर सकती है।
✍️अनुच्छेद 230 के तहत संसद विधि द्वारा किसी - संघ राज्यक्षेत्र पर किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता का विस्तार कर सकेगी या किसी संघ राज्यक्षेत्र से किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता का अपवर्जन कर सकेगी।
✍️अनुच्छेद 214 के अनुसार, प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा।
✍️ अनुच्छेद 215 के अनुसार, प्रत्येक उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय होगा।
✍️ अभिलेख न्यायालय होने का तात्पर्य है कि उच्च न्यायालय के निर्णय, आदेश आदि अधीनस्थ न्यायालय के लिए बाध्यकर होंगे तथा उसको अपने अवमान के लिए दंड देने सहित ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियां होंगी।
✍️अनु. 216 के अनुसार, प्रत्येक उच्च न्यायालय, मुख्य न्यायमूर्ति और ऐसे अन्य न्यायाधीशों से मिलकर बनेगा, जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर नियुक्त करना आवश्यक समझे।
✍️उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है।
✍️उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु तक पद धारण करते हैं।
✍️ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, राष्ट्रपति को अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकते हैं।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#ro_aro #pcs2025
👍2
👉ब्रिटिश काल में भू राजस्व नीतियां
👉1793 ई. में लॉर्ड कार्नवालिस ने भू-राजस्व की स्थायी बंदोबस्त प्रणाली को प्रारंभ किया।
👉इसे इस्तमरारी, जागीरदारी, मालगुजारी एवं बीसवेदारी आदि भिन्न-भिन्न नामों से भी जाना जाता है।
👉यह व्यवस्था बंगाल, बिहार उड़ीसा तथा उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक के क्षेत्र में लागू थी।
✍️ इसके अंतर्गत समूचे ब्रिटिश भारत के क्षेत्रफल का लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा शामिल था।
✍️इस व्यवस्था के अंतर्गत जमींदारों के एक नए वर्ग को भू-स्वामी घोषित कर दिया गया, जिसे भूमि के लगान का 10/11 भाग कंपनी को देना था तथा 1/11 भाग अपनी सेवाओं के लिए अपने पास रखना था।
✍️ स्थायी बंदोबस्त के अंतर्गत जमींदार छोटे पूंजीपति (भद्र नवाब) थे।
✍️ दूसरी व्यवस्था रैयतवाड़ी व्यवस्था
✍️इस व्यवस्था के जन्मदाता टॉमस मुनरो और कैप्टन रीड थे तथा सर्वप्रथम इसे तमिलनाडु के बारामहल जिले में लागू किया गया।
✍️ तत्पश्चात यह व्यवस्था मद्रास, बंबई के कुछ हिस्से, पूर्वी बंगाल, असम तथा कुर्ग (आधुनिक कर्नाटक का एक भाग) में लागू की गई।
👉इस प्रथा के अंतर्गत रैयतों को भूमि के मालिकाना और कब्जादारी अधिकार दिए गए थे और प्रत्यक्ष रूप से या सीधे तथा व्यक्तिगत रूप से वे स्वयं सरकार को भू-राजस्व का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी थे।
✍️ इस व्यवस्था ने कृषक भू-स्वामित्व की स्थापना की। इसके अंतर्गत कुल ब्रिटिश भारत के भू-क्षेत्र का 51 प्रतिशत हिस्सा शामिल था। इस व्यवस्था के अंतर्गत लगान की वसूली कठोरता से की जाती थी तथा लगान की दर भी काफी ऊंची थी।
✍️महालवाड़ी पद्धति
👉 भू-राजस्व व्यवस्था कृषक के साथ नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्राम अथवा महाल (जागीर का एक भाग) के साथ स्थापित की जाती थी।
✍️ इसके अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि छोड़ देता था, तो ग्राम समाज इस भूमि को संभाल लेता था।
✍️ यह ग्राम समाज ही सम्मिलित भूमि (शामलात) तथा अन्य भूमि का स्वामी होता था।
👉यह पद्धति उ.प्र., मध्य प्रांत तथा पंजाब में (कुछ परिवर्तनों के साथ) लागू की गई, जिसके अंतर्गत कुल ब्रिटिश भारत के भू-क्षेत्र का 30 प्रतिशत हिस्सा शामिल था।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#ro_aro #pcs2025
👍1
👉उपराष्ट्रपति।
✍️'भारत में उपराष्ट्रपति का पद अमेरिका के उपराष्ट्रपति की तर्ज पर बनाया
✍️ अनुच्छेद 63 _ भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।
✍️ अनुच्छेद 64 _उपराष्ट्रपति राज्य सभा का 'पदेन सभापति' होता है।
✍️ अनु. 65 _राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन करता है, उस दौरान वह राज्य सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा तथा अनु. 97 के अधीन सभापति को संदेय वेतन-भत्ते का हकदार नहीं होगा।
✍️भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित औरमनोनीत दोनों सदस्यों द्वारा किया जाता है।
✍️अनु. 66(1) _उपराष्ट्रपति का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है तथा ऐसे निर्वाचन में मतदान गुप्त होता है।
✍️भारत के उपराष्ट्रपति को राज्य सभा के सभापति पद के लिए वर्तमान में 4 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन
✍️उपराष्ट्रपति को, उपराष्ट्रपति पद के लिए वेतन नहीं प्राप्त होता है, बल्कि राज्य सभा के सभापति के रूप में प्राप्त होता है।
✍️अनुच्छेद 66(3) _ उपराष्ट्रपति पद के लिए योग्यता
✍️अनुच्छेद 67_ उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पद ग्रहण की तिथि से 5 वर्ष तक है।
✍️अनुच्छेद 67 (क) _ उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग कर सकता है।
✍️अनुच्छेद 67 (ख) _उपराष्ट्रपति राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा, जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोक सभा सहमत है।
✍️उपराष्ट्रपति अनु. 69 में वर्णित प्रारूप में राष्ट्रपति या राष्ट्रपति के द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष पद की शपथ लेता है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#RO_ARO #pcs2025
👍1
👉
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
केंद्र- राज्य संबंध से संबंधित अनुच्छेद
👉केंद्र राज्यों का संबंध संविधान के भाग 11(अनुच्छेद 245-263) में दिया गया है
👉अनुच्छेद 245
संसद देश में कानून बना सकती है।
विधानमंडल राज्य में कानून बना सकती है।
👉अनुच्छेद 246
संघ सूची ,राज्य सूची व समवर्ती सूची के विषयों का उल्लेख।
👉अनुच्छेद 247
अतिरिक्त न्यायालय बनाया जा सकता है।
👉अनुच्छेद 248
अवशिष्ट सूची।
जो विषय बाद में जुड़े जाएंगे वह केंद्र सरकार के विषय में जोड़े जाएंगे। ex-इसरो, डीआरडीओ, साइबर क्राइम आदि।
👉अनुच्छेद 252
दो या दो से अधिक राज्यों की सहमति हो तो संसद राज्य सूची में भी कानून बना सकती है।
👉अनुच्छेद 253
अंतर्राष्ट्रीय करार या समझौते को प्रभावी बनाने के लिए संसद राज्य सूची में भी कानून बना सकती है।
👉अनुच्छेद 254
विधानमंडल ऐसा कोई कानून नहीं बनाएगी जो संसद के कानून से असंगत हो या मेल ना खाता हो।
👉अनुच्छेद 263
अन्तर्राजीय परिषद का उल्लेख।
सभी राज्य और यूटी के मुख्यमंत्री की केंद्र सरकार द्वारा वर्ष में तीन बार मीटिंग
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
👍1
राष्ट्रपति शासन लगाने की प्रक्रिया
❇️ कारण:-
▪️संवैधानिक तंत्र विफल होना
▪️बहुमत साबित न कर पाना
▪️चुनाव ना हो पाना(युद्ध आपदा आदि)
❇️ राज्यपाल केंद्र को स्थित की रिपोर्ट भेजता है
❇️ प्रधानमंत्री और कैबिनेट, राष्ट्रपति को अनुच्छेद 356 लागू करने का सुझाव देते है
❇️ राष्ट्रपति की घोषणा:-
▪️राष्ट्रपति शासन लागू होता है
▪️राज्य सरकार भंग, विधानसभा निलंबित/भंग
❇️ संसदीय अनुमोदन:-
▪️2 महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों से मंजूरी जरूरी
▪️लोकसभा और राज्यसभा में साधारण बहुमत से पास होना चाहिए
❇️ अवधि और विस्तार:-
▪️पहले 6 महीने - बिना संसदीय मंजूरी के
▪️6 महीने के बाद - हर 6 महीने पर संसद की मंजूरी जरूरी (अधिकतम 3 वर्ष तक)
❇️ न्यायिक समीक्षा:- सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती (जैसे 1994 का बोम्मई केस)
❇️ परिणाम:-
▪️प्रशासन राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार चलती है
▪️विधानसभा भंग होने पर 6 माह के भीतर चुनाव अनिवार्य
❇️ सरकारिया आयोग:- राजनीतिक दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश
❇️ कारण:-
▪️संवैधानिक तंत्र विफल होना
▪️बहुमत साबित न कर पाना
▪️चुनाव ना हो पाना(युद्ध आपदा आदि)
❇️ राज्यपाल केंद्र को स्थित की रिपोर्ट भेजता है
❇️ प्रधानमंत्री और कैबिनेट, राष्ट्रपति को अनुच्छेद 356 लागू करने का सुझाव देते है
❇️ राष्ट्रपति की घोषणा:-
▪️राष्ट्रपति शासन लागू होता है
▪️राज्य सरकार भंग, विधानसभा निलंबित/भंग
❇️ संसदीय अनुमोदन:-
▪️2 महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों से मंजूरी जरूरी
▪️लोकसभा और राज्यसभा में साधारण बहुमत से पास होना चाहिए
❇️ अवधि और विस्तार:-
▪️पहले 6 महीने - बिना संसदीय मंजूरी के
▪️6 महीने के बाद - हर 6 महीने पर संसद की मंजूरी जरूरी (अधिकतम 3 वर्ष तक)
❇️ न्यायिक समीक्षा:- सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती (जैसे 1994 का बोम्मई केस)
❇️ परिणाम:-
▪️प्रशासन राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार चलती है
▪️विधानसभा भंग होने पर 6 माह के भीतर चुनाव अनिवार्य
44वां संशोधन 1978 - 1 साल से ज्यादा विस्तार के लिए संसद के दोनों सदनों का बहुमत जरूरी
❇️ सरकारिया आयोग:- राजनीतिक दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश
👍3❤1
👉इसे 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत (adopted) किया गया था और यह 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था।
👉संविधान को अंगीकृत किए जाने के समय इसमें 395 अनुच्छेद (Articles),
👉 8 अनुसूचियां (Schedules) और लगभग 145,000 शब्द थे।
👉इस प्रकार यह अब तक अंगीकृत किया जाने वाला 'सबसे लंबा राष्ट्रीय संविधान' (Longest National Constitution) बन गया था।
👉वर्तमान में भारत के संविधान में 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं।
👉डॉ. भीम राव अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य रचनाकार माना जाता है।
👉 भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करने वाले पहले व्यक्ति बने थे।
👉यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
👉भारत का संविधान न तो मुद्रित (printed) है, न ही टंकित (typed) है।
👉यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हस्तलिखित और सुलेखित (calligraphed) है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
👉संविधान को अंगीकृत किए जाने के समय इसमें 395 अनुच्छेद (Articles),
👉 8 अनुसूचियां (Schedules) और लगभग 145,000 शब्द थे।
👉इस प्रकार यह अब तक अंगीकृत किया जाने वाला 'सबसे लंबा राष्ट्रीय संविधान' (Longest National Constitution) बन गया था।
👉वर्तमान में भारत के संविधान में 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं।
👉डॉ. भीम राव अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य रचनाकार माना जाता है।
👉 भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करने वाले पहले व्यक्ति बने थे।
👉यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
👉भारत का संविधान न तो मुद्रित (printed) है, न ही टंकित (typed) है।
👉यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हस्तलिखित और सुलेखित (calligraphed) है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
👍2❤1