📕पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा
संवैधानिक दर्जा क्या है?
जब किसी संस्था को संविधान में स्थायी दर्जा, अधिकार व दायित्व मिलते हैं, तो उसे संवैधानिक दर्जा कहा जाता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
👉लोकसभा में पारित: 22 दिसंबर 1992
👉राज्यसभा में पारित: 23 दिसंबर 1992
👉राष्ट्रपति की स्वीकृति: 20 अप्रैल 1993
👉प्रभावी तिथि: 24 अप्रैल 1993 (संवैधानिक दर्जा प्रभावी)
👉संविधान के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला l
👉प्रधानमंत्री (उस समय): पी. वी. नरसिम्हा राव
✍73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
✍भाग-9 (अनु. 243-क से 243-ण) जोड़ा गया
✍ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषयों का उल्लेख
✍उत्तर प्रदेश में इनमें से 16 विषय पंचायतों को हस्तांतरित l
🍁नीति निदेशक तत्व:
अनुच्छेद 40 – ग्राम पंचायतों की स्थापना हेतु राज्यों को निर्देश
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🔴पहली बार 2010 में मनाया गया
हर वर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाता है
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संवैधानिक दर्जा क्या है?
जब किसी संस्था को संविधान में स्थायी दर्जा, अधिकार व दायित्व मिलते हैं, तो उसे संवैधानिक दर्जा कहा जाता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
👉लोकसभा में पारित: 22 दिसंबर 1992
👉राज्यसभा में पारित: 23 दिसंबर 1992
👉राष्ट्रपति की स्वीकृति: 20 अप्रैल 1993
👉प्रभावी तिथि: 24 अप्रैल 1993 (संवैधानिक दर्जा प्रभावी)
👉संविधान के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला l
👉प्रधानमंत्री (उस समय): पी. वी. नरसिम्हा राव
👉संविधान संशोधन:
✍73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
✍भाग-9 (अनु. 243-क से 243-ण) जोड़ा गया
✍ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषयों का उल्लेख
✍उत्तर प्रदेश में इनमें से 16 विषय पंचायतों को हस्तांतरित l
🍁नीति निदेशक तत्व:
अनुच्छेद 40 – ग्राम पंचायतों की स्थापना हेतु राज्यों को निर्देश
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राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस:
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📕 पंचायतों से संबंधित अनुच्छेद एक दृष्टि में
अनुच्छेद विषय - वस्तु
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अनुच्छेद विषय - वस्तु
◾️243 परिभाषाएँ
◾️243 (A) ग्राम सभा
◾️243 (B) पंचायतों का गठन
◾️243 (C) पंचायतों की संरचना
◾️243 (D) स्थानों का आरक्षण
◾️243 (E) पंचायतों की अवधि आदि
◾️243 (F) सदस्यता के लिए निरर्हताएँ
◾️243 (G) पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
◾️243 (H) पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्तियाँ और उनकी निधियाँ
◾️243 (I) वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन के लिए वित्त आयोग का गठन
◾️243 (J) पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा
◾️243 (K) पंचायतों के लिए निर्वाचन
◾️243 (L) संघ-राज्य क्षेत्रोंं में लागू होना
◾️243 (M) इस भाग का कतिपय क्षेत्रोंं पर लागू न होना
◾️243 (N) विद्यमान विधियों और पंचायतों का बने रहना
◾️243 (O) निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्ज़न
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आज आधुनिक इतिहास का रिवीजन कराया जाएगा👆👆
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क्रिप्स मिशन
👉मार्च, 1942 में भारत आया।
👉 प्रस्ताव
1. युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन राज्य का दर्जा दिया जाएगा जो किसी बाहरी सत्ता के अधीन नहीं होगा।
2. भारतीयों को अपना संविधान निर्मित करने का अधिकार दिया जाएगा, जिसके लिए युद्ध के बाद एक संविधान निर्मात्री परिषद बनेगी, जिसमें ब्रिटिश भारत के प्रांतों के निर्वाचित सदस्य और देशी रजवाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
3. ब्रिटिश भारत का कोई प्रांत यदि नए संविधान को स्वीकार न करना चाहे, तो उसे वर्तमान संवैधानिक स्थिति बनाए रखने का अधिकार होगा। नए संविधान को न स्वीकार करने वाले प्रांतों को अपना अलग संविधान बनाने की आज्ञा होगी।
4. युद्ध के दौरान ब्रिटिश वायसराय की एक नई कार्यकारी परिषद का गठन किया जाएगा, जिसमें भारतीय जनता के प्रमुख वर्गों के प्रतिनिधि शामिल होंगे लेकिन रक्षा मंत्रालय ब्रिटिश नेतृत्व के पास होगा।
👉महात्मा गांधी ने इसे 'उत्तर तिथीय चेक' (Post-Dated Cheque) की संज्ञा दी।
👉क्रिप्स मिशन के साथ कांग्रेस के आधिकारिक वार्ताकार पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं मौलाना आजाद थे।
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👉12 अगस्त, 1946 को लॉर्ड वेवेल ने कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अंतरिम सरकार के गठन के लिए निमंत्रण दिया।
👉24 अगस्त, 1946 को पं. नेहरू के नेतृत्व में भारत की पहली अंतरिम राष्ट्रीय सरकार की घोषणा
👉2 सितंबर, 1946 को इसका गठन हुआ, जिसमें प्रारंभ में मुस्लिम लीग की भागीदारी नहीं थी।
👉 डॉ. राजेंद्र प्रसाद _ खाद्य एवं कृषि मंत्री
👉रक्षा विभाग बलदेव सिंह
👉 विदेश मामले तथा राष्ट्रमंडल _ जवाहरलाल नेहरू
👉 आसफ अली _ रेल और परिवहन विभाग
👉अक्टूबर, 1946 में लीग के पांच सदस्य सरकार में शामिल हो गए।
👉लियाकत अली _ वित्त मंत्री
👉, जिन्होंने नया बजट प्रस्तुत करते समय उद्योगपतियों और व्यापारियों पर अत्यधिक कर लगाए।
👉 अंतरिम सरकार में अबुल कलाम आजाद मंत्री नहीं थे। * इस सरकार में शामिल होने वाले 12 कांग्रेसी मंत्री थे-पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, आसफ अली, सी. राजगोपालाचारी, शरत चंद्र बोस, डॉ. जॉन मथाई, सरदार बलदेव सिंह, सर शफात अहमद खां, जगजीवन राम, सैयद अली जहीर और सी.एच. भाभा ।
👉 हालांकि 2 सितंबर, 1946 को गठित अंतरिम सरकार में लियाकत अली प्रारंभ में शामिल नहीं थे,
👉लियाकत अली सहित लीग के 5 सदस्यों को 26 अक्टूबर, 1946 को सरकार में मंत्री बनाया गया जिसके कारण तीन कांग्रेसी सदस्यों सैयद अली जहीर, शरत चंद्र बोस तथा सर शफात अहमद खां को हटना पड़ा।
👉बंगाल में ए. के. फजलुल हक के नेतृत्व में कृषक प्रजा पार्टी तथा मुस्लिम लीग की गठबंधन सरकार वर्ष 1946 के चुनाव में सत्ता में आई किंतु बाद में मुस्लिम लीग का मंत्रिमंडल गठित हुआ, जो 14 अगस्त, 1947 तक सत्ता में रहा।
👉 इसके प्रधानमंत्री एच. एस. सुहरावर्दी थे।
👉16 अगस्त, 1946 की तिथि मुस्लिम लीग द्वारा "सीधी कार्यवाही दिवस" हेतु सुनिश्चित की गई थी।
👉 इस कार्यवाही में 'नोआखाली' दंगे का प्रमुख केंद्र रहा।
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👉 अंग्रेज-मराठा संघर्ष के अन्तर्गत होने वाली प्रमुख संधियाँ
👉 प्रथम अंगल मराठा युद्ध -
👉 द्वितीय आंग्ल मराठा युद्ध -
👉 तृतीय अंगल मराठा युद्ध -
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सूरत की संधि - 1775
पुरन्दर की संधि -1776
बड़गाँव की संधि-1779
सालाबाई की संधि-1782
बसीन की संधि-1802
देवगाँव की संधि -1803
सुर्जी अर्जुनगाँव की संधि -1803
राजापुर घाट की संधि -1804
नागपुर की संधि -1816
ग्वालियर की संधि -1817
पूना की संधि -1817
मंदसौर की संधि -1818
👉 प्रथम अंगल मराठा युद्ध -
1782 ई. में सालबाई की संधि से समाप्त हुआ
👉 द्वितीय आंग्ल मराठा युद्ध -
1803 से 1805 तक लड़ा गया यह 1803 में देवगांव की संधि से समाप्त हुआ
👉 तृतीय अंगल मराठा युद्ध -
1817 1819 में लड़ा गया और इसके द्वारा मराठा शक्ति और
पेशवा के वंशानुगत पद को खत्म कर दिया गया
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📕 होमरूल लीग (1916)
📕 चंपारण सत्याग्रह (1917)–
👉 अहमदाबाद मिल आंदोलन (1918)–
👉 खेड़ा सत्याग्रह (1918)–
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👉अप्रैल 1916 में पुणे में बाल गंगाधर तिलक द्वारा होमरूल लीग प्रारंभ किया गया।
👉सितंबर 1916 में मद्रास में एनी बेसेंट द्वारा होम रूल आंदोलन प्रारंभ किया गया।
👉इस आंदोलन के मुख्य सहयोगी जॉर्ज अरुडेल , सीपी रामास्वामी अय्यर तथा बीपी वाडिया थे।
📕 चंपारण सत्याग्रह (1917)–
बिहार के चंपारण में गांधी जी द्वारा सत्याग्रह का पहला प्रयोग 1917 में किया गया।
नील बागान मालिकों द्वारा तिनकाठिया पद्धति से किसानों की स्थिति बहुत दर्दनीय हो गई थी।
किसान राजकुमार शुक्ला ने गांधी जी को इस स्थिति से अवगत कराया।
👉 अहमदाबाद मिल आंदोलन (1918)–
▪️यह आंदोलन मिल मालिकों एवं मजदूरों के बीच प्लेग बोनस को लेकर हुआ।
👉 खेड़ा सत्याग्रह (1918)–
👉खेड़ा में किसानों की अकाल पड़ने के कारण फसल बर्बाद हो गई थी , इसके बावजूद सरकार द्वारा मालगुजारी वसूल की जा रही थी।
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📕 महत्वपूर्ण घटना क्रम
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👉जलियाँवाला बाग हत्याकांड –13 अप्रैल 1919
👉रॉलेट एक्ट–19 मार्च 1919
👉असहयोग आंदोलन की शुरुआत–1 अगस्त 1920
👉असहयोग आंदोलन की समाप्ति–12 फरवरी 1922
👉चौरी चौरा कांड–4 फरवरी 1922
👉स्वराज पार्टी की स्थापना–1 जनवरी 1923
👉साइमन कमीशन का भारत आगमन–3 फरवरी 1928
👉बारदोली सत्याग्रह–1928
👉नमक सत्याग्रह / दांडी मार्च–12 मार्च 1930
👉सविनय अवज्ञा आंदोलन –6 अप्रैल 1930
👉गाँधी-इरविन समझौता –5 मार्च 1931
👉कम्युनल अवार्ड की घोषणा–16 अगस्त 1932
👉पूना पैक्ट–24 सितंबर 1932
👉मुस्लिम लीग द्वारा घोषित मुक्ति दिवस–22 दिसंबर 1939
👉मुस्लिम लीग द्वारा पाकिस्तान की मांग–24 मार्च 1940
👉अगस्त प्रस्ताव–8 अगस्त 1940
👉शिमला सम्मेलन–25 जून 1945
👉नौसेना विद्रोह–फरवरी 1946
👉कैबिनेट मिशन का भारत आगमन–24 मार्च 1946
👉प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस की घोषणा–16 अगस्त 1946
👉अंतरिम सरकार का गठन–2 सितंबर 1946
👉भूदान आंदोलन की शुरुआत–18 अप्रैल 1951
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📕स्वदेशी आंदोलन
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👉7 अगस्त, 1905 को कलकत्ता टाउनहॉल में आयोजित एक विशाल बैठक में बहिष्कार प्रस्ताव के पारित होने के साथ, स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा की गई।
👉क्रोध करने के लि स्वदेशी आंदोलन की जड़ें विभाजन विरोधी आंदोलन में थीं, जो लॉर्ड कर्ज़न के बंगाल प्रांत को विभाजित करने के फैसले का विरोध करने के लिये शुरू किया गया था।
वर्ष 1906 में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कलकत्ता में कॉन्ग्रेस का अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें स्वशासन या स्वराज को INC के लक्ष्य के रूप में घोषित किया गया।
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🔳 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
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▪️ स्थापना–एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम द्वारा 1885ई.▪️ बंगाल विभाजन ( 1905)–
▪️ पहला अधिवेशन – 28 दिसंबर 1885 को बंबई के "गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज" में किया गया ।
▪️इस समय वायसराय लॉर्ड डफरिन था।
▪️प्रथम अधिवेशन में भाग लेने वाले सदस्यों की संख्या 72 थी।
▪️प्रथम अधिवेशन के अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी तथा सचिव ए. ओ. ह्यूम थे।
▪️ प्रथम पारसी अध्यक्ष – दादाभाई नौरोजी(कलकत्ता,1886)
▪️ प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष – बदरुद्दीन तैयबजी(मद्रास,1887)
▪️ प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष – जॉर्ज युले(इलाहाबाद,1888)
▪️ प्रथम महिला अध्यक्ष – एनी बेसेंट (कलकत्ता,1917)
▪️ प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष – श्रीमती सरोजिनी नायडू ( कानपुर,1925)
▪️1907 ईस्वी में कांग्रेस में विभाजन हुआ।
▪️गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन के काल में ।
▪️20 जुलाई,1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा हुई।
▪️7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हॉल में बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन की घोषणा हुई
▪️16 अक्टूबर 1905 से बंगाल विभाजन की घोषणा लागू हुई।
▪️कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में स्वदेशी आंदोलन का अनुमोदन किया गया।
▪️इसी दौरान अंग्रेज अधिकारी वैलेंटाइंस शिरोल ने तिलक को भारतीय अशांति का जनक कहा ।
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📕 आंग्ल सिख संघर्ष
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▪️ प्रथम आंग्ल सिख युद्ध ( 1845–46)–
▪️गवर्नर जनरल लॉर्ड हार्डिंग के नेतृत्व में।
▪️ लाहौर की संधि – 1846
▪️ भैरोवाल की संधि – 1846
▪️ द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध ( 1848–49)–
▪️ लॉर्ड डलहौजी के नेतृत्व में।
▪️ रामनगर का युद्ध –1848
▪️ चिलियावाला युद्ध –1849
▪️ मार्च 1849 ईस्वी में लॉर्ड डलहौजी ने सिख राज्य को अंग्रेजी राज्य में मिला लिया।
▪️ रणजीत सिंह (1780 –1839)–
▪️ ये सुकरचकिया मिसल से सम्बन्धित थे
▪️रणजीत सिंह ने लाहौर को अपनी राजधानी बनाया तथा "अदालत ए आला" नामक न्यायालय की स्थापना की।
▪️रणजीत सिंह ने 1809 में चार्ल्स मेंटकाफ से अमृतसर की संधि की।
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📕 अंग्रेजी शासन के विरुद्ध महत्वपूर्ण विद्रोह
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▪️ सन्यासी विद्रोह(1763–1800ई.)
▪️तात्कालिक कारण अंग्रेजों द्वारा हिंदू और मुस्लिम तीर्थ स्थान की यात्रा पर लगाया गया प्रतिबंध था।
▪️ प्रभावित क्षेत्र– बिहार, बंगाल
▪️बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखित उपन्यास आनंद मठ(1882) का कथानक सन्यासी विद्रोह पर आधारित है।
▪️इस आंदोलन को वारेन हेस्टिंग ने दबाया।
▪️ फकीर विद्रोह(1776–77)
▪️ नेता – मजनूमशाह एवं चिराग अली
▪️ पाइक विद्रोह (1817–25)
▪️उड़ीसा की पाइक जाति द्वारा
▪️ अहोम विद्रोह(1828–33)
▪️असम क्षेत्र
▪️नेता – गोमधर कुंवर, रुपचन्द्र कोनार
▪️ फराजी विद्रोह(1838–57)
▪️बंगाल के क्षेत्र में।
▪️नेता – शरीयतुल्ला एवं दादू मियां
▪️ खासी विद्रोह(1833)
▪️मेघालय क्षेत्र में।
▪️नेता – तीरथ सिंह
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📕 अंग्रेजी शासन के विरुद्ध महत्वपूर्ण विद्रोह
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▪️ संथाल विद्रोह (1855–1856)
▪️बिहार एवं बंगाल क्षेत्र में।
▪️नेता – सिद्धू कान्हु
▪️ मुंडा विद्रोह(1899–1900)
▪️बिहार क्षेत्र
▪️नेता – बिरसा मुंडा
▪️ नील विद्रोह (1859–60)
▪️बंगाल क्षेत्र में।
▪️नेता – दिगंबर विश्वास, विष्णु विश्वास
▪️ पाबना विद्रोह(1873–76)
▪️बंगाल क्षेत्र में।
▪️नेता – ईसानचंद्र राय एवं संभुपाल
▪️ दक्कन विद्रोह (1874–75)
▪️महाराष्ट्र क्षेत्र में
▪️ मोपला विद्रोह(1920–22)
▪️केरल क्षेत्र( मालाबार)
▪️नेता – अली मुसलियार
▪️ कूका आंदोलन(1840–72)
▪️पंजाब क्षेत्र में ।
▪️नेता – भगत जवाहर मल
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📕 अंग्रेजी शासन के विरुद्ध महत्वपूर्ण विद्रोह
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▪️ पागलपंथी विद्रोह(1825–1850)
▪️बंगाल क्षेत्र में।
▪️नेता – करमशाह
▪️ वहाबी आंदोलन(1826–71)
▪️बिहार, उत्तर प्रदेश क्षेत्र में।
▪️नेता – सय्यद अहमद बरेलवी
▪️ कोल आंदोलन (1831–32)
▪️छोटा नागपुर क्षेत्र में
▪️नेता – बुद्धू भगत
▪️ ताना भगत आंदोलन(1914)
▪️बिहार क्षेत्र में।
▪️नेता – जतरा भगत
▪️ एका आंदोलन(1921–1922)
▪️अवध क्षेत्र
▪️नेता – मदारी पासी
▪️ तेभागा आंदोलन (1946)
▪️बंगाल क्षेत्र में।
▪️नेता – कपाराम सिंह एवं भवन सिंह।
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