📕 भारत में पशु गणना
👉भारत में पहली पशु गणना 1919-20 में की गई थी।
अवधि: यह हर 5 वर्ष में एक बार होती है।
20वीं पशु गणना: पिछली गणना 2019 में हुई थी।
📕20वीं पशु गणना (2019) के मुख्य आंकड़े (Key Stats
विवरण (Description) संख्या/वृद्धि (Stats)
📕राज्यवार रैंकिंग (State-wise Ranking)
विभिन्न राज्यों की स्थिति इस प्रकार है:
📕पशुओं के प्रकार और प्रतिशत (Category-wise Share)
भारत में पशुओं का वितरण लगभग इस प्रकार है:
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2026 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2026 #LT #gs #gk
#Lekhpal #Lowerpcs
👉भारत में पहली पशु गणना 1919-20 में की गई थी।
अवधि: यह हर 5 वर्ष में एक बार होती है।
20वीं पशु गणना: पिछली गणना 2019 में हुई थी।
📕20वीं पशु गणना (2019) के मुख्य आंकड़े (Key Stats
विवरण (Description) संख्या/वृद्धि (Stats)
कुल पशुधन (Total Livestock) 535.78 मिलियन
वृद्धि (Increase) 2012 के मुकाबले 4.6% की वृद्धि
कुल मवेशी (Total Cattle) 192.49 मिलियन (0.8% वृद्धि)
भैंसों की संख्या (Buffaloes) 109.85 मिलियन (1% वृद्धि)
भेड़-बकरी (Sheep & Goat) बकरियों
📕राज्यवार रैंकिंग (State-wise Ranking)
विभिन्न राज्यों की स्थिति इस प्रकार है:
👉उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh): कुल पशुधन संख्या में प्रथम (1st) स्थान पर है (लगभग 67.8 मिलियन)।
👉राजस्थान (Rajasthan): दूसरे (2nd) स्थान पर।
👉मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh): तीसरे (3rd) स्थान पर।
👉पश्चिम बंगाल: मवेशियों (Cattle) की संख्या में सबसे आगे है।
📕पशुओं के प्रकार और प्रतिशत (Category-wise Share)
भारत में पशुओं का वितरण लगभग इस प्रकार है:
मवेशी (Cattle): ~35.94%
बकरियां (Goats): ~27.80%
भैंस (Buffaloes): ~20.45%
भेड़ (Sheep): ~13.87%
सूअर (Pigs): ~1.69%
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2026 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2026 #LT #gs #gk
#Lekhpal #Lowerpcs
❤3
📕यूपी राज्य पक्षी सारस की आबादी बढ़कर 9,918 हो गई |
✍ 10 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के वन विभाग द्वारा जारी नवीनतम 2024 ग्रीष्मकालीन जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, राज्य पक्षी, सारस की कुल आबादी राज्य में बढ़कर 19,918 हो गई है |
✍जो पिछले वर्ष की तुलना में 396 की वृद्धि दर्शाता है।
✍उत्तर प्रदेश वन विभाग की 2024 ग्रीष्मकालीन जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, किस वन प्रभाग में सारस पक्षी की संख्या सबसे अधिक है
👉 इटावा वन प्रभाग(3289,पक्षी),
👉उसके बाद मैनपुरी वन प्रभाग(2945)
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2026 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2026 #LT #gs #gk
#Lekhpal #Lowerpcs
✍ 10 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के वन विभाग द्वारा जारी नवीनतम 2024 ग्रीष्मकालीन जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, राज्य पक्षी, सारस की कुल आबादी राज्य में बढ़कर 19,918 हो गई है |
✍जो पिछले वर्ष की तुलना में 396 की वृद्धि दर्शाता है।
✍उत्तर प्रदेश वन विभाग की 2024 ग्रीष्मकालीन जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, किस वन प्रभाग में सारस पक्षी की संख्या सबसे अधिक है
👉 इटावा वन प्रभाग(3289,पक्षी),
👉उसके बाद मैनपुरी वन प्रभाग(2945)
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2026 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2026 #LT #gs #gk
#Lekhpal #Lowerpcs
❤4
भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान👇
◆ झारखंड
╰─────╯
◆ मणिपुर
╰─────╯
◆ सिक्किम
╰─────╯
◆ त्रिपुरा
╰───╯
◆ तमिलनाडु
╰──────╯
◆ ओडिसा
╰─────╯
1. भीतरगनिका राष्ट्रीय पार्क
2. सिंमली राष्ट्रीय पार्क
3. नन्दनकानन राष्ट्रीय चिड़ीयाघर
4. चिल्का झील अभयारण्य
◆ मिजोरम
╰─────╯
1. माउन्टेन राष्ट्रीय पार्क
2. मुरलेन राष्ट्रीय पार्क
3. फांगपुई नेशनल पार्क
4. डाम्फा अभ्यारण्य
◆ जम्मू-कश्मीर
╰───────╯
1. दाचीग्राम राष्ट्रीय पार्क
2. सलीम अली राष्ट्रीय पार्क
3. किस्तवाड़ राष्ट्रीय पार्क
4. हैमनिश नेशनल पार्क
5. जैव मण्डल रीजर्व , श्रीनगर
◆ पश्चिम बंगाल
╰───────╯
1. सुन्दरवन राष्ट्रीय पार्क
2. बुक्सा राष्ट्रीय पार्क
3. जलधपारा राष्ट्रीय पार्क
4. गोरूवारा राष्ट्रीय पार्क
5. सिंघालिला राष्ट्रीय पार्क
6. नियोरा वैली नेशनल पार्क
◆ असम
╰───╯
1. मानस राष्ट्रीय पार्क
2. काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क
3. नामेरी राष्ट्रीय पार्क
4. राजीव गांधी ओरांग पार्क
5. डिब्रूगढ़ शेखोवाल राष्ट्रीय पार्क
◆ आंध्र प्रदेश
╰──────╯
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
◆ राजस्थान
╰──────╯
1. केवला देवी राष्ट्रीय उद्यान
2. रणथ्मभोर राष्ट्रीय पार्क
3. सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान
4. डैजर्ट राष्ट्रीय पार्क
5. दर्रा राष्ट्रीय पार्क
6. घना पक्षी राष्ट्रीय पार्क
7. केवला देवी राष्ट्रीय पार्क
8. ताल छापर अभ्यारण्य
9. माउंट आबू वाईल्ड लाइफ सैंचुरी
◆ मध्य प्रदेश
╰──────╯
1. कान्हा राष्ट्रीय पार्क
2. पेंच राष्ट्रीय पार्क
3. पन्ना राष्ट्रीय पार्क
4. सतपुड़ा राष्ट्रीय पार्क
5. वन विहार पार्क
6. रुद्र सागर झील राष्ट्रीय पार्क
7. बांधवगढ नेशनल पार्क
8. संजय नेशनल पार्क
9. माधव राष्ट्रीय पार्क
10. कुनो नेशनल पार्क
11. माण्डला प्लांट फौसिल राष्ट्रीय पार्क
◆अरुणाचल प्रदेश
╰─────────╯
1. नामदफा राष्ट्रीय पार्क
◆ हरियाणा
╰─────╯
1. सुलतानपुर राष्ट्रीय पार्क
2. कलेशर राष्ट्रीय पार्क
◆ उत्तर प्रदेश
╰──────╯
1. दूधवा राष्ट्रीय पार्क
2. चन्द्रप्रभा वन्यजीव विहार
◆ झारखंड
╰─────╯
1. बेतला राष्ट्रीय पार्क
2. हजारीबाग राष्ट्रीय पार्क
3. धीमा राष्ट्रीय पार्क
◆ मणिपुर
╰─────╯
1. काइबुल लाम्झो राष्ट्रीय पार्क
2. सिरोही राष्ट्रीय पार्क
◆ सिक्किम
╰─────╯
1. खांचनजोंगा राष्ट्रीय पार्क
◆ त्रिपुरा
╰───╯
1. क्लाउडेड राष्ट्रीय पार्क
◆ तमिलनाडु
╰──────╯
1. गल्फ आफ मनार राष्ट्रीय पार्क
2. इन्दिरा गांधी ( अन्नामलाई ) राष्ट्रीय पार्क
3. प्लानी हिल्स राष्ट्रीय पार्क
4. मुकुरूथी नेशनल पार्क
5. गुनीडे नेशनल पार्क
◆ ओडिसा
╰─────╯
1. भीतरगनिका राष्ट्रीय पार्क
2. सिंमली राष्ट्रीय पार्क
3. नन्दनकानन राष्ट्रीय चिड़ीयाघर
4. चिल्का झील अभयारण्य
◆ मिजोरम
╰─────╯
1. माउन्टेन राष्ट्रीय पार्क
2. मुरलेन राष्ट्रीय पार्क
3. फांगपुई नेशनल पार्क
4. डाम्फा अभ्यारण्य
◆ जम्मू-कश्मीर
╰───────╯
1. दाचीग्राम राष्ट्रीय पार्क
2. सलीम अली राष्ट्रीय पार्क
3. किस्तवाड़ राष्ट्रीय पार्क
4. हैमनिश नेशनल पार्क
5. जैव मण्डल रीजर्व , श्रीनगर
◆ पश्चिम बंगाल
╰───────╯
1. सुन्दरवन राष्ट्रीय पार्क
2. बुक्सा राष्ट्रीय पार्क
3. जलधपारा राष्ट्रीय पार्क
4. गोरूवारा राष्ट्रीय पार्क
5. सिंघालिला राष्ट्रीय पार्क
6. नियोरा वैली नेशनल पार्क
◆ असम
╰───╯
1. मानस राष्ट्रीय पार्क
2. काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क
3. नामेरी राष्ट्रीय पार्क
4. राजीव गांधी ओरांग पार्क
5. डिब्रूगढ़ शेखोवाल राष्ट्रीय पार्क
◆ आंध्र प्रदेश
╰──────╯
1. कसरू ब्रह्मानंदा रेड्डी नेशनल पार्क
2. इन्दिरा गाँधी प्राणी विज्ञान पार्क
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
❤2
ViewPdf (1).pdf
5.9 MB
📕UPSSSC गन्ना पर्यवेक्षक भर्ती नोटिफिकेशन जारी.
कुल पद : 1182
आवेदन प्रारम्भ : 7/7
अंतिम तिथि : 28/7
कुल पद : 1182
आवेदन प्रारम्भ : 7/7
अंतिम तिथि : 28/7
संविधान के स्रोत कहां से क्या लिया गया
ब्रिटेन - संसदीय शासन , विधि का शासन , मंत्रिमंडलीय प्रणाली , एकल नागरिकता , दुसाधनीय प्रणाली , संसदीय विशेषाधिकार
• USA - उद्देश्यिका का विचार , न्यायिक पुनरावलोकन , न्यायपालिका के स्वतंत्रता ,
मूल अधिकार , उपराष्ट्रपति का पद , महाभियोग
• ऑस्ट्रेलिया - संयुक्त बैठक , उद्देश्यका की भाषा , समवर्ती सूची , विस्तृत उभयनिष्ठ सूची , व्यापार और वाणिज्य समागम की स्वतंत्रता
• आयरलैंड - राष्ट्रपति का निर्वाचन , राज्यसभा में सदस्यों का नामांकन
• जापान - विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया
• दक्षिण अफ्रीका - संविधान संशोधन , राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन
• जर्मनी - आपातकाल के समय मूल अधिकारों का स्थगन
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #vpo
❤1🔥1
📕आपदा प्रबंधन से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते और संधियाँ
1. सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework 2015-2030)
2. ह्योगो फ्रेमवर्क फॉर एक्शन (Hyogo Framework for Action - HFA 2005-2015)
3. योकोहामा रणनीति (Yokohama Strategy, 1994)
4. पेरिस जलवायु समझौता (Paris Agreement, 2015)
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
1. सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework 2015-2030)
यह वर्तमान में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के लिए सबसे प्रमुख वैश्विक ढांचा है। इसे मार्च 2015 में जापान के सेंडाई में आयोजित तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन में अपनाया गया था।
उद्देश्य: 2030 तक आपदाओं से होने वाले नुकसान (जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक) में महत्वपूर्ण कमी लाना।
सात लक्ष्य: इसमें सात विशिष्ट वैश्विक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
चार प्राथमिकताएं:
आपदा जोखिम को समझना।
आपदा जोखिम के प्रबंधन के लिए शासन (Governance) को मजबूत करना।
लचीलेपन (Resilience) के लिए आपदा न्यूनीकरण में निवेश करना।
प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयारी बढ़ाना और पुनर्प्राप्ति में "Build Back Better" (बेहतर पुनर्निर्माण) को अपनाना।
2. ह्योगो फ्रेमवर्क फॉर एक्शन (Hyogo Framework for Action - HFA 2005-2015)
सेंडाई फ्रेमवर्क से पहले यह समझौता लागू था। इसे 2005 में जापान के कोबे (ह्योगो प्रांत) में अपनाया गया था।
महत्व: यह आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए देशों और समुदायों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित था।
विरासत: इसने आपदा प्रबंधन को केवल 'राहत और प्रतिक्रिया' से हटाकर 'पूर्व-तैयारी और रोकथाम' की ओर मोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।
3. योकोहामा रणनीति (Yokohama Strategy, 1994)
यह आपदा न्यूनीकरण पर पहला महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज था।
केंद्र: इसमें यह स्वीकार किया गया कि विकासशील देश और गरीब समुदाय आपदाओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। इसने आपदाओं के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया।
4. पेरिस जलवायु समझौता (Paris Agreement, 2015)
हालांकि यह मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन से संबंधित है, लेकिन इसका आपदा प्रबंधन से सीधा संबंध है।
जुड़ाव: जलवायु परिवर्तन के कारण चक्रवात, बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है। पेरिस समझौता इन चरम मौसम की घटनाओं के अनुकूलन (Adaptation) और उनके प्रभाव को कम करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता की बात करता है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤2
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
📕बिहार दारोगा मेंस एडमिट कार्ड जारी
Admit Card Link: https://apply-bpssc.com/bpssc_5_25_mainsweadmtcards_v1/searchApplication
•Exam Date: 27/05/2026
Admit Card Link: https://apply-bpssc.com/bpssc_5_25_mainsweadmtcards_v1/searchApplication
•Exam Date: 27/05/2026
❤1
📕भारत में आपदा प्रबंधन "प्रतिक्रिया-केंद्रित" (Response-centric) दृष्टिकोण से हटकर "निवारण और तैयारी" (Prevention and Preparedness) के मॉडल को अपनाया है।
1. विधायी प्रावधान: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005
यह भारत में आपदा प्रबंधन के लिए कानूनी आधार प्रदान करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कानून है।
परिभाषा: यह अधिनियम आपदा को एक "तबाही या दुर्घटना" के रूप में परिभाषित करता है जो मानवीय या प्राकृतिक कारणों से होती है।
शक्तियाँ:
दंड का प्रावधान:
2. संस्थागत ढांचा (Institutional Framework)
भारत में आपदा प्रबंधन के लिए एक त्रि-स्तरीय (Three-tier) संरचना अपनाई गई है:
A. राष्ट्रीय स्तर (National Level)
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA):
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF):
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM):
B. राज्य स्तर (State Level)
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA):
C. जिला स्तर (District Level)
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA):
3. वित्तीय प्रावधान (Financial Provisions)
आपदा मोचन निधि (DRF):
आपदा शमन निधि (DMF):
4. प्रमुख राष्ट्रीय योजनाएं और नीतियां
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति (2009):
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP):
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
1. विधायी प्रावधान: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005
यह भारत में आपदा प्रबंधन के लिए कानूनी आधार प्रदान करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कानून है।
परिभाषा: यह अधिनियम आपदा को एक "तबाही या दुर्घटना" के रूप में परिभाषित करता है जो मानवीय या प्राकृतिक कारणों से होती है।
शक्तियाँ:
यह केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं को अनिवार्य बनाता है।
दंड का प्रावधान:
इसमें आपदा के समय राहत सामग्री के दुरुपयोग या बाधा डालने पर दंड और जुर्माने की व्यवस्था है।
2. संस्थागत ढांचा (Institutional Framework)
भारत में आपदा प्रबंधन के लिए एक त्रि-स्तरीय (Three-tier) संरचना अपनाई गई है:
A. राष्ट्रीय स्तर (National Level)
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA):
यह भारत की शीर्ष संस्था है। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। यह नीतियां और दिशानिर्देश तैयार करता है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF):
यह आपदा के समय तत्काल कार्रवाई करने वाला विशेषज्ञ बल है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM):
यह प्रशिक्षण, शोध और क्षमता निर्माण का कार्य करता है।
राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC): यह NDMA को सहायता प्रदान करती है और मंत्रालयों के बीच समन्वय करती है।
B. राज्य स्तर (State Level)
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA):
इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं। यह राज्य की आपदा योजना बनाता है और राष्ट्रीय दिशानिर्देशों को लागू करता है।
C. जिला स्तर (District Level)
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA):
इसके अध्यक्ष जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर होते हैं। यह आपदा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है जो स्थानीय स्तर पर योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है।
3. वित्तीय प्रावधान (Financial Provisions)
आपदाओं से निपटने के लिए दो विशेष निधियों का प्रावधान किया गया है:
आपदा मोचन निधि (DRF):
यह आपातकालीन प्रतिक्रिया और राहत कार्यों के लिए है (NDRF और SDRF)।
आपदा शमन निधि (DMF):
यह आपदा के जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक रोकथाम परियोजनाओं के लिए है (NDMF और SDMF)।
4. प्रमुख राष्ट्रीय योजनाएं और नीतियां
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति (2009):
यह नीति "सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी भारत" के निर्माण पर केंद्रित है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP):
इसे 2016 में जारी किया गया था। यह सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework) के लक्ष्यों के अनुरूप भारत की पहली राष्ट्रीय योजना है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤6
📕सेंदाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework for Disaster Risk Reduction 2015-2030)
👉आपदा जोखिम को कम करने के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समझौता है।
👉 इसे मार्च 2015 में जापान के सेंदाई शहर में आयोजित 'तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन' में अपनाया गया था।
यह 'ह्योगो फ्रेमवर्क (2005-2015)' का स्थान लेता है और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अगले 15 वर्षों के लिए वैश्विक रोडमैप निर्धारित करता है।
📕 मुख्य उद्देश्य (Main Goals)
इसका प्राथमिक लक्ष्य आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान (जीवन, स्वास्थ्य, और आर्थिक संपत्ति) को कम करना है।
👉इसके लिए 4 विशिष्ट प्राथमिकताओं
👉7 वैश्विक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
📕 4 कार्य प्राथमिकताएँ (4 Priorities for Action)
आपदा जोखिम कम करने में निवेश: संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक उपायों (जैसे बेहतर बुनियादी ढांचा) के जरिए आपदाओं के प्रति लचीलापन (Resilience) बढ़ाना।
बेहतर तैयारी और 'बिल्ड बैक बेटर': आपदा आने पर प्रभावी प्रतिक्रिया की तैयारी और पुनर्निर्माण के दौरान पहले से बेहतर (अधिक सुरक्षित) निर्माण करना।
📕7 वैश्विक लक्ष्य (7 Global Targets)
सेंदाई फ्रेमवर्क के तहत 2030 तक निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है
📕भारत और सेंदाई फ्रेमवर्क
भारत सेंदाई फ्रेमवर्क का एक हस्ताक्षरकर्ता देश है।
भारत ने इसके सिद्धांतों के अनुरूप अपनी 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना' (NDMP) तैयार की है, जो आपदा जोखिम को कम करने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करती है।
📕महत्वपूर्ण बिंदु:
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2026 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2026 #LT #gs #gk
#Lekhpal #Lowerpcs
👉आपदा जोखिम को कम करने के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समझौता है।
👉 इसे मार्च 2015 में जापान के सेंदाई शहर में आयोजित 'तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन' में अपनाया गया था।
यह 'ह्योगो फ्रेमवर्क (2005-2015)' का स्थान लेता है और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अगले 15 वर्षों के लिए वैश्विक रोडमैप निर्धारित करता है।
📕 मुख्य उद्देश्य (Main Goals)
इसका प्राथमिक लक्ष्य आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान (जीवन, स्वास्थ्य, और आर्थिक संपत्ति) को कम करना है।
👉इसके लिए 4 विशिष्ट प्राथमिकताओं
👉7 वैश्विक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
📕 4 कार्य प्राथमिकताएँ (4 Priorities for Action)
👉आपदा जोखिम को समझना:
👉आपदाओं के स्वरूप
👉 खतरों के बारे में डेटा और ज्ञान बढ़ाना।
👉आपदा जोखिम शासन का सुदृढ़ीकरण: आपदा प्रबंधन के लिए सरकारी संस्थानों और कानूनों को मजबूत बनाना।
आपदा जोखिम कम करने में निवेश: संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक उपायों (जैसे बेहतर बुनियादी ढांचा) के जरिए आपदाओं के प्रति लचीलापन (Resilience) बढ़ाना।
बेहतर तैयारी और 'बिल्ड बैक बेटर': आपदा आने पर प्रभावी प्रतिक्रिया की तैयारी और पुनर्निर्माण के दौरान पहले से बेहतर (अधिक सुरक्षित) निर्माण करना।
📕7 वैश्विक लक्ष्य (7 Global Targets)
सेंदाई फ्रेमवर्क के तहत 2030 तक निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है
👉वैश्विक आपदा मृत्यु दर को कम करना।
👉प्रभावित लोगों की संख्या को कम करना।
👉जीडीपी के सापेक्ष आर्थिक नुकसान को कम करना।
👉महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (अस्पताल, स्कूल) और सेवाओं को होने वाले नुकसान को कम करना।
👉2020 तक आपदा जोखिम रणनीतियों वाले देशों की संख्या में वृद्धि करना।
👉विकासशील देशों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना।
👉प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) तक लोगों की पहुंच बढ़ाना।
📕भारत और सेंदाई फ्रेमवर्क
भारत सेंदाई फ्रेमवर्क का एक हस्ताक्षरकर्ता देश है।
भारत ने इसके सिद्धांतों के अनुरूप अपनी 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना' (NDMP) तैयार की है, जो आपदा जोखिम को कम करने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करती है।
📕महत्वपूर्ण बिंदु:
यह फ्रेमवर्क स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी (Non-binding) है,
जिसमें प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राष्ट्र की अपनी सरकार की होती है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2026 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2026 #LT #gs #gk
#Lekhpal #Lowerpcs
❤6🔥1
📕 पश्चिमी विक्षोभ :—
यह शीतोष्ण चक्रवात है। इनकी उत्पत्ति के संबंध में जे.बर्कनीज द्वारा प्रस्तुत ध्रुवीय पोलर फ्रंट थ्योरी सर्वमान्य है।
इनका मुख्य प्रभाव क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, राजस्थान,पंजाब,हरियाणा,हिमाचलप्रदेश और प.उत्तर प्रदेश है, कभी-कभी ये बिहार,बंगाल,असम और अरुणाचल प्रदेश के मौसम को प्रभावित करते हैं।
यह रबी की फसल विशेषकर गेहूं की फसल के लिए बहुत फायदेमंद है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #uppcspre2026 #roaro2026 #roaromains #UPSI #LT #GIC #uplekhpal
यह शीतोष्ण चक्रवात है। इनकी उत्पत्ति के संबंध में जे.बर्कनीज द्वारा प्रस्तुत ध्रुवीय पोलर फ्रंट थ्योरी सर्वमान्य है।
भारत में आने वाले शीतोष्ण चक्रवात भूमध्य सागर के ऊपर से उत्पन्न होते हैं और पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ते हैं और इराक, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान को पार करते हुए भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में प्रवेश करते हैं चूँकि ये पश्चिमी दिशा से आते हैं इसलिए इन्हें पश्चिमी विक्षोभ कहा जाता है।
इनका मुख्य प्रभाव क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, राजस्थान,पंजाब,हरियाणा,हिमाचलप्रदेश और प.उत्तर प्रदेश है, कभी-कभी ये बिहार,बंगाल,असम और अरुणाचल प्रदेश के मौसम को प्रभावित करते हैं।
यह रबी की फसल विशेषकर गेहूं की फसल के लिए बहुत फायदेमंद है।
पश्चिमी विक्षोभ का जीवन काल 3-4 दिन का होता है इस अवधि के दौरान शीत लहर चलती है और तापमान सामान्य से 5-10 डिग्री नीचे चला जाता है सुबह-शाम धुंध और कोहरा आम बात है कई बार एक के बाद एक 2-3 पश्चिमी विक्षोभ आते हैं और 8-10 दिनों तक मौसम को प्रभावित करते रहते हैं।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #uppcspre2026 #roaro2026 #roaromains #UPSI #LT #GIC #uplekhpal
❤1
Answer Key...UPSC CSE Pre 2025.. GS I.pdf
278.8 KB
Answer Key...UPSC CSE Pre 2025.. GS I.pdf
CSAT Answer Key UPSC 2025.pdf
255.1 KB
CSAT Answer Key UPSC 2025.pdf