UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
2.55K subscribers
4.98K photos
36 videos
475 files
5.09K links
Way to Success
🟢 Amogh classess में आप सभी का स्वागत है
🔴 ONLYPCS ONE ऐप से जुड़ने - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.onlypcs.one
🟠 YouTube चैनल से जुड़े https://www.youtube.com/@amoghclasses95
Download Telegram
🔰प्रमुख संधियाँ

👉बड़गांव की मंधि - 1779

👉मालबार्ड की मंधि - 1782

👉बमीन की मंधि - 31 दिसम्बर, 1802

👉देवगांव की संधि - 17 दिसम्बर, 1803

join👉https://t.me/Amoghclasses

#pcsfact2026 #RO2026 #Roaro #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #BPSC
#Ab_ki_bar_lower_par
❤3
📕भारतीय भाषा

👉आठवीं अनुसूची - इसमें भारतीय संविधान द्वारा वर्तमान में मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है।
मूलतः इसमें 14 भाषाएं थीं।

👉वर्ष 1967 में सिंधी को 21वें संविधान संशोधन द्वारा,

👉वर्ष 1992 में कोंकणी, नेपाली तथा मणिपुरी को 71वें संविधान संशोधन द्वारा(KMN )

👉वर्ष 2004 में संथाली, डोगरी, मैथिली तथा बोडो को 92वें संविधान संशोधन, 2003 द्वारा आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है।
(BDMS)

Join👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact

#pcsfact2026 #RO2026  #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #pet #upssscpet
#Ab_ki_bar_lower_par
📕राज्यपाल से संबंधित प्रमुख प्रावधान


🔰अनुच्छेद154 के अनुसार, राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती

👉अनुच्छेद 153 के अनुसार, प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होताहै, लेकिन सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 से एक ही व्यक्तिको दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल भी नियुक्त किया जा सकता है।

👉 संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति भारतके राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

👉सामान्यतया, राज्यपाल का कार्यकालपदग्रहण से पांच वर्ष की अवधि के लिए होता है।

👉अनुच्छेद 156(1)के तहत राज्यपाल, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपना पद धारण करताहै।

👉अनुच्छेद 156(2) के तहत राज्यपाल, राष्ट्रपति को संबोधित अपनेहस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग कर सकता है।

🔰अनुच्छेद157 के अनुसार, राज्यपाल पद के लिए अर्हताएं हैं-

(1) वह भारत कानागरिक हो
(2) वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।

👉अनुच्छेद166 के तहत, राज्य सरकार के सभी कार्यकारी कार्य औपचारिक रूपसे राज्यपाल के नाम पर होते हैं।

👉 अनुच्छेद 202(3) (क) के अनुसार,राज्यपाल की उपलब्धियां, भत्ते तथा उसके पद से संबंधित अन्य व्ययराज्य की संचित निधि पर भारित होते हैं।

👉 संविधान के अनुच्छेद 164(1)के अनुसार, मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी तथा अन्यमंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा

join👉https://t.me/Amoghclasses


#pcsfact2026 #RO2026  #mppsc #ukpcs #ROAROReExam
❤3
📕Biology की कुछ महत्वपूर्ण शाखाएँ

1. एन्‍थोलॉजी (Anthology) - पुुष्‍पों का अध्‍ययन

2. सिल्विकल्चर (Silviculture) - काष्ठी पेड़ों का संवर्धन (जंगल विज्ञान)

3.  सॉरोलॉजी (Saurology) - छिपकलियों का अध्ययन

4. माइकोलॉजी (Mycology) - कवकों का अध्ययन

5. फाइकोलॉजी (Phycology) - शैवालों का अध्ययन

6. पोमोलॉजी (Pomology) - फलों का अध्ययन

7. ऑर्निथोलॉजी (Ornithology) - पक्षियों का अध्ययन

8. इक्थ्योलॉजी (Ichthyology) - मछलियों का अध्ययन

9. एण्टोमोलॉजी (Entomology) - कीटों का अध्ययन

10.डेन्‍ड्रोलॉजी (Dendrology) - वृक्षों एवं झाड़ियों का अध्ययन

11. ओफियोलॉजी (Ophiology) - सर्पों (snakes) का अध्ययन

12. पीसीकल्चर (Pisciculture) - मत्स्य पालन का अध्ययन

13. सेरीकल्वर (Sericulture) - रेशम कीट पालन का अध्ययन

14. एपीकल्चर (Apiculture) - मधुमक्खी पालन का अध्ययन

Join 👉https://t.me/Amoghclasses

#pcsfact2026 #RO2026 #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #pet #upssscp
❤3
📕 नवीं अनुसूची से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य


👉भारतीय संविधान (प्रथम) संशोधन अधिनियम, 1951 के जरिए संविधान में नौवीं अनुसूची तथा अनुच्छेद 31-क और 31-ख जोड़े गए।

👉संसद द्वारा विधि विशेष (यथा- भूमि सुधार विधियां) को नौवीं अनुसूची में रखा जा सकता है, जिन्हें न्यायिक समीक्षा से बचाव दिया जाना आशयित हो।

👉वर्तमान में (मई, 2022 की स्थिति अनुसार) नौवीं अनुसूची में ऐसी 282 विधियां शामिल हैं।

👉अनुच्छेद 31-ख यह कहता है कि नौवीं अनुसूची में उल्लिखित नियमों और विनियमों को इस आधार पर शून्य नहीं
समझा जाएगा कि वे भाग 3 के किन्हीं उपबंधों और प्रदत्त अधिकारों में से किसी से असंगत हैं या उनको छीन लेते हैं या न्यून करते हैं।

👉किंतु वर्ष 2007 में सर्वोच्च न्यायालय ने आई.आर. कोएल्हो बनाम तमिलनाडु के मामले में निर्णय देते हुए यह स्पष्ट किया कि संसद को नौवीं अनुसूची में विधि विशेष को प्रविष्टि करने की शक्ति प्रदान की गई है, किंतु यह न्यायिक संवीक्षा के दायरे से बाहर नहीं है।
👉न्यायालय ने निर्धारित किया कि 24 अप्रैल, 1973 (केशवानंद भारती वाद निर्णय की तिथि) के बाद नौवीं अनुसूची में शामिल किए गए विधायनों की न्यायिक समीक्षा इस आधार पर की जा सकेगी कि वे अनुच्छेद 21, 14 एवं 19 में प्रतिबिम्बित संविधान के मूल ढांचे की अवधारणा का उल्लंघन करते हैं।

Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#pcsfact2026 #RO2026  #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #pet #upssscpet
#Ab_ki_bar_lower_par
📕आठवीं अनुसूची में किया गया संशोधन

👉कुल 22 भाषा

👉 मूल रूप से 14 भाषा शामिल

👉92वां संविधान (संशोधन) अधिनियम (2003):
आंठवीं अनुसूची में बोडो, डोगरी, मैथली और संथाली (BDMS) भाषाओं का समावेश।

👉71वां संविधान (संशोधन) अधिनियम (1992):
कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली(KMN )भाषा को सम्मिलित किया गया।

👉21वां संविधान (संशोधन) अधिनियम (1967):

सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची के अंतर्गत पंद्रहवीं भाषा के रूप में शामिल किया गया

#pcsfact2025 #ROAROReExam

Join 👉https://t.me/Amoghclasses
👍1
📕प्रस्तावनाः संविधान का हिस्सा है या नहीं

बेरुबारी मामले में (1960):

प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है।

गोलकनाथ बनाम पंजाब 1967
वाद में उद्देशिका संविधान की मूल आत्मा है

केशवानंद भारती मामले (1973) में:

सुप्रीम कोर्ट ने पहले की राय को खारिज कर दिया और कहा कि प्रस्तावना संविधान का एक हिस्सा है और इसमें संशोधन किया जा सकता है, बशर्ते कि बुनियादी सुविधाओं में कोई संशोधन नहीं किया गया हो।

यह संविधान की सच्ची भावना की व्याख्या करने के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है
।

एलआईसी ऑफ इंडिया केस (1995)

ने प्रस्तावना को बरकरार रखा और कहा कि यह संविधान का एक अभिन्न अंग है।

प्रस्तावना न तो विधायिका की शक्ति का स्रोत है और न ही विधायिका की शक्ति पर रोक है। यह न्यायोचित नहीं है, अर्थात इसके प्रावधान कानून की अदालत में लागू करने योग्य नहीं हैं।

#pcsfact2025 #RO2023 #Roaro #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #BPSC #prelims
👍1
📕संसद का संविधान में संशोधन करने की शक्ति

शंकरी प्रसाद बनाम भारत सरकार, 1951

संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति है।


सज्जन सिंह बनाम राजस्थान सरकार, 1965

. संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति है।


गोलक नाथ बनाम पंजाब सरकार, 1967

संसद को संविधान के भाग III (मौलिक अधिकारों) में संशोधन करने का अधिकार नहीं है।

केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार, 1973

संसद के किसी भी प्रावधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन 'बुनियादी संरचना' को कमजोर नहीं कर सकती है।


https://t.me/Amoghclasses
#esbar_RO_par

#pcsfact2025 #RO2023 #Roaro #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #BPSC #prelims
❤3👍1
📕राज्य का राज्यपाल , विवेकानुसार कार्य 👉

1. विधानसभा में सरकार को अपना बहुमत सिद्ध करने को कहने के लिए।

2. अल्पमत में आए मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने के लिए।

3. किसी विधेयक पर अनुमति देने, अनुमति रोकने अथवा भारत के राष्ट्रपति के विचारार्थ उस विधेयक को आरक्षित करने के लिए (अनु. 200)।

4. विधायिका द्वारा पारित किसी विधेयक को पुनर्विचार हेतु वापस करने के लिए (अनु. 200 का परंतुक)।

🔥इनके अतिरिक्त राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने तथा विधानसभा के समय पूर्व विघटन जैसे कुछ अन्य संदर्भों में भी वह अपने विवेक का प्रयोग कर सकता है

🔥उसे उच्च न्यायालय से परामर्श मांगने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।

Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #esbar_RO_par
#pcsfact2025 #RO2023  #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #pet #upssscpet
👍2💯1
🔰राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां

👉 राष्ट्रपति संसद का एक अभिन्न अंग है।
👉राष्ट्रपति भारतीय निर्वाचन आयोग से परामर्श कर संसद के किसी सदस्य की निर्हरता के प्रश्न पर निर्णय करता है

👉संसद को आहूत करता है

👉लोकसभा को विघटित कर सकता है।

👉संसद के संयुक्त अधिवेशन अनु०108 का आह्वान कर सकता है जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष अनु०118(4) करता है।

👉 प्रत्येक नए चुनाव के बाद तथा प्रत्येक वर्ष संसद के प्रथम अधिवेशन को संबोधित कर सकता है।

👉संसद में लंबित किसी विधेयक या अन्यथा किसी संबंध में संसद को संदेश भेज सकता है।

👉यदि लोकसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष दोनों के पद रिक्त हों तो वह लोकसभा के किसी भी सदस्य को सदन की अध्यक्षता सौंप सकता है।

👉इसी प्रकार यदि राज्यसभा के सभापति व उप-सभापति दोनों पद रिक्त हों तो वह राज्यसभा के किसी भी सदस्य को सदन की अध्यक्षता सौंप सकता है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses

#pcsfact2026 #RO2026 #Roaro #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #BPsc
📕 नवीं अनुसूची से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य


👉भारतीय संविधान (प्रथम) संशोधन अधिनियम, 1951 के जरिए संविधान में नौवीं अनुसूची तथा अनुच्छेद 31-क और 31-ख जोड़े गए।

👉संसद द्वारा विधि विशेष (यथा- भूमि सुधार विधियां) को नौवीं अनुसूची में रखा जा सकता है, जिन्हें न्यायिक समीक्षा से बचाव दिया जाना आशयित हो।

👉वर्तमान में (मई, 2022 की स्थिति अनुसार) नौवीं अनुसूची में ऐसी 282 विधियां शामिल हैं।

👉अनुच्छेद 31-ख यह कहता है कि नौवीं अनुसूची में उल्लिखित नियमों और विनियमों को इस आधार पर शून्य नहीं
समझा जाएगा कि वे भाग 3 के किन्हीं उपबंधों और प्रदत्त अधिकारों में से किसी से असंगत हैं या उनको छीन लेते हैं या न्यून करते हैं।

👉किंतु वर्ष 2007 में सर्वोच्च न्यायालय ने आई.आर. कोएल्हो बनाम तमिलनाडु के मामले में निर्णय देते हुए यह स्पष्ट किया कि संसद को नौवीं अनुसूची में विधि विशेष को प्रविष्टि करने की शक्ति प्रदान की गई है, किंतु यह न्यायिक संवीक्षा के दायरे से बाहर नहीं है।
👉न्यायालय ने निर्धारित किया कि 24 अप्रैल, 1973 (केशवानंद भारती वाद निर्णय की तिथि) के बाद नौवीं अनुसूची में शामिल किए गए विधायनों की न्यायिक समीक्षा इस आधार पर की जा सकेगी कि वे अनुच्छेद 21, 14 एवं 19 में प्रतिबिम्बित संविधान के मूल ढांचे की अवधारणा का उल्लंघन करते हैं।

Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact
#esbar_RO_par
#pcsfact2025 #RO2023  #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #pet #upssscpet
संविधान सभा की समितियां एवं उनके अध्यक्ष इस प्रकार हैं-

समिति. अध्यक्ष

संघ संविधान समिति. जवाहरलाल नेहरू

नियम समिति. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

संचालन समिति. डॉ.राजेंद्रप्रसाद

प्रारूप समिति. डॉ. भीम राव अम्बेडकर

मौलिक अधिकारों
एवं अल्पसंख्यकों हेतु. सरदार वल्लभभाई पटेल

सलाहकार समिति

(i) मूल अधिकार उपसमिति. जेबी कृपा से

(ii) अल्पसंख्यक उपसमिति. एच.सी. मुखर्जी

संघ शक्ति समिति. जवाहरलाल नेहरू

प्रांतीय संविधान समिति. सरदार वल्लभभाई पटेल


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact

#pcsfact2026 #RO2026 #mppsc #ukpcs #ROAROReExam #pet #upssscpet