UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
2.57K subscribers
4.98K photos
36 videos
475 files
5.09K links
Way to Success
🟢 Amogh classess में आप सभी का स्वागत है
🔴 ONLYPCS ONE ऐप से जुड़ने - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.onlypcs.one
🟠 YouTube चैनल से जुड़े https://www.youtube.com/@amoghclasses95
Download Telegram
🔆 प्राचीन भारत में साहित्यिक गतिविधियाँ

📍 प्रारंभिक व्याकरण और कानून की पुस्तकें
✅ अष्टाध्यायी – पाणिनी (5वीं शताब्दी ईसा पूर्व) , सबसे प्रारंभिक व्याकरण पुस्तक, जिसे भगवती सूत्र भी कहा जाता है
✅ महाभाष्य – पतंजलि द्वारा लिखित
✅ मनुस्मृति – एक कानून की किताब
✅ अर्थशास्त्र – कौटिल्य द्वारा लिखित
✅ इंडिका – मेगस्थनीज द्वारा , मौर्य समाज और प्रशासन का एक स्रोत
✅ चण्डसूत्र – पिंगला द्वारा लिखित

📍 बौद्ध एवं शास्त्रीय साहित्यिक कृतियाँ
✅ बुद्धचरित – अश्वघोष द्वारा
✅ रघुवंश – कालिदास द्वारा
✅ नैषध चरित – श्री हर्ष द्वारा

📍 शास्त्रीय एवं काव्य साहित्य
✅ कामसूत्र और आर्य मंजुश्री – वात्स्यायन द्वारा
✅ पवनधूत – धोयी द्वारा
✅ स्वप्न वासवदत्ता – भासा द्वारा
✅ मतविलास प्रहसन – महेंद्रवर्मन प्रथम द्वारा
✅ हर्षचरित – बाणभट्ट द्वारा लिखित
✅ विक्रमदेव चरित – बिल्हण द्वारा लिखित

📍 संस्कृत एवं अन्य शास्त्रीय कृतियाँ
✅ दशकुमारचरित – दण्डिन द्वारा
✅ वासवदत्ता – सुबांडु द्वारा
✅ बृहत् कथामंजरी – क्षेमेन्द्र द्वारा
✅ कथासरित्सागर – सोमदेव द्वारा
✅ पंचतंत्र – विष्णुशर्मा द्वारा
✅ हितोपदेश – नारायण पंडित द्वारा

📍 यात्रा एवं ऐतिहासिक विवरण
✅ फ़ो-क्यो-की – फ़ा-हिएन द्वारा
✅ सी-यू-की – ह्वेन त्सांग द्वारा

📍 वैज्ञानिक एवं खगोलीय ग्रंथ
✅ पंचसिद्धांतिका – वराहमिहिर द्वारा
✅ सूर्यसिद्धांतिका और आर्यभट्टीयम – आर्यभट्ट द्वारा
✅ नीतिसार – कामन्दका द्वारा
✅ चरक संहिता – चरक द्वारा
✅ हस्तायुर्वेद – पालकाप्य द्वारा

📍 कानूनी और चिकित्सा ग्रंथ
✅ मिताक्षरा – विग्नेश्वर द्वारा
✅ दायभाग – जीमूतवाहन द्वारा
✅ सिद्धांत सिरोमणि – भास्कराचार्य द्वारा
✅ निगाहन्तु – धन्वन्तरि द्वारा

📍 ऐतिहासिक एवं राजनीतिक कार्य
✅ मुद्राराक्षस – विशाखदत्त द्वारा
✅ प्रबंध चिंतामणि – मेरुथुंगा द्वारा
✅ भारत का भूगोल – टॉलेमी द्वारा
✅ बृहत् कथाकोश – हरिषेण द्वारा
✅ मृचकटिका – शूद्रक द्वारा
✅ पृथ्वीराज विजया – जयानक द्वारा
✅ नाला वेम्बा – पुगालेंडी द्वारा

Join
👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #vpo
❤3
रैयतवाड़ी व्यवस्था



रैयतवाड़ी व्यवस्था: किसानों के साथ व्यक्तिगत रूप से किए गए लगान समझौते को रैयतवाड़ी कहा गया है। इस व्यवस्था के अन्तर्गत ब्रिटिश भारत की 51% भूमि आई। 1792 ई० में रैयतवाड़ी व्यवस्था वारामहल जिले में पहली बार कर्नल रीड द्वारा लागू की गई। 1820 में यह व्यवस्था मद्रास में लागू कर दी गई और इसे सुचारु रूप से चलाने के लिए मुनरो को मद्रास का गवर्नर नियुक्त किया गया। 1825 में यह व्यवस्था बम्बई में लागू कर दी गई तथा 1858 तक यह व्यवस्था सम्पूर्ण दक्कन और अन्य क्षेत्रों में लागू कर दी गई।


इस व्यवस्था की मुख्य विशेषताएँ निम्न थीं-

👉सरकार और किसान के बीच कोई बिचौलिया वर्ग नहीं था।

👉भूमि का स्वामित्व किसानों को दिया गया जिससे वे भूमि का विक्रय कर सकते थे एवं गिरवी रख सकते थे।

👉लगान की अदायगी न होने पर भूमि जब्त की जा सकती थी।

👉लगान अदाएगी की प्रत्येक 30 वर्ष बाद पुनर्समीक्षा करने की व्यवस्था की गई थी।

👉राजस्व के रूप में किसानों को उपज का 1/2 भाग देना था, जो धन के रूप में देना होता था।


oin 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #vpo
❤1
👉
कैबिनेट मिशन योजना (1946)


👉कैबिनेट मिशन 24 मार्च, 1946 को दिल्ली आया

👉 इसके अध्यक्ष भारत मंत्री लॉर्ड पैथिक लॉरेंस थे तथा अन्य दो सदस्य स्टैफोर्ड क्रिप्स (अध्यक्ष बोर्ड ऑफ ट्रेड) तथा ए.वी. एलेक्जेंडर (नौसेना मंत्री) थे।

👉कैबिनेट मिशन ने त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था को सुझाया।

👉 प्रांतों के छोटे अथवा बड़े गुट बनाने के अधिकार की पुष्टि की तथा प्रांतों को अ, ब और स तीन श्रेणियों में विभक्त किया।

👉 कैबिनेट मिशन ने अपने प्रस्तावों की घोषणा की, इसके प्रमुख प्रस्ताव थे-
(1) भारत की एकता बनाई रखी जाए।
(2) मुस्लिम लीग की पाकिस्तान कीमांग ठुकरा दी गई।

(3) भारत एक संघ होगा जिसमें ब्रिटिश प्रांत तथा देशी रियासतें शामिल होंगी।

(4) संविधान निर्मात्री संस्था या संविधान सभा का गठन प्रांतीय विधानसभाओं तथा देशी रियासतों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाए।

कैबिनेट मिशन, 1946 ने वायसराय की एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन कर अंतरिम सरकार के गठन का सुझाव दिया

👉कैबिनेट मिशन योजना के पक्ष में गांधीजी पूरी तरह से थे।

👉 इस योजना के संदर्भ में गांधीजी ने कहा-' यह योजना उस समय की परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में सबसे उत्कृष्ट योजना थी, जिसमें ऐसे बीज थे, जिनसे दुःख की मारी भारत भूमि यातना से मुक्त हो सकती थी।"

👉 मौलाना अबुल कलाम आजाद कैबिनेट मिशन के भारत आगमन के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses

#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #vpo
❤2
“सारनाथ का प्राचीन बौद्ध स्थल" यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल

दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत 2025-26 चक्र के लिए भारत की आधिकारिक दावेदारी वाले “सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल” को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया।

यह सम्मान पाने वाली यह भारत की 45वीं धरोहर बन गई है।


इस सूची में शामिल स्थल के दो भाग हैं – चौखंडी स्तूप और सारनाथ के पुरातात्विक अवशेष (धमेक स्तूप, धर्मराजिका स्तूप, मूलगंधकुटी विहार, अशोक स्तंभ, आदि), जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित हैं।


#UPSSSCPET #LOWERPCS #AGTA #VPO #JUNIOR_ASSISTANT
❤2
📕गाजीपुर को मुख्य रूप से लहुरी काशी (छोटी काशी)या काशी की बहन कहा जाता है, और इसका पुराना तथा ऐतिहासिक नाम गाधिपुर था।

👉गाधिपुर: 1330 ईस्वी से पहले इसे ऋषि विश्वामित्र के पूर्वज राजा गाधि के नाम पर 'गाधिपुर' कहा जाता था, जिसे बाद में तुगलक वंश के दौरान बदलकर गाजीपुर कर दिया गया।

 👉अफीम नगरी:
यहाँ एशिया का सबसे बड़ा सरकारी अफीम का कारखाना स्थित है, जिस कारण इसे इस नाम से भी जाना जाता ह

#UPSSSCPET #LOWERPCS #AGTA #VPO #JUNIOR_ASSISTANT
उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों से निम्नलिखित गुप्तकालीन अभिलेख प्राप्त हुए है -

👉बिलसद अभिलेख (एटा)

👉गढ़वा के अभिलेख (प्रयागराज)

👉करमदण्डा अभिलेख (फैजाबाद)

👉मनकुँवर अभिलेख (प्रयागराज)

👉मथुरा का शिलालेख (मथुरा)

👉भीतरी स्तंभलेख (गाजीपुर)

👉कहौम स्तंभ लेख (गोरखपुर)

#UPSSSCPET#LOWERPCS #AGTA #VPO #JUNIOR_ASSISTANT
❤6
🔳 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन

🟡  1885 का कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन

।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।

🟡  1886 कांग्रेस का अधिवेशन ।

◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)

🟡  1887 का कांग्रेस अधिवेशन

।
◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)

🟡 1888 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)

🟡  1896 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।

🟡  1905 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।

🟡  1906 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नैरोजी।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग किया गया।

🟡  1907 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - सूरत।
◆ अध्यक्ष - रास बिहारी घोष।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन ।

🟡  1911 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - विशन नारायण दर।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार जन गण मन का गान किया गया।

🟡  1916 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - अम्बिकचरण मजूमदार।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस-लीग के बीच लखनऊ पैक्ट (पृथक निर्वाचन स्वीकार)
◆ नरम दल और गरम दल एक हुए।

🟡 1917 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - एनी बेसेंट ( कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष बनी )
◆ तीन महिलाएं कांग्रेस की अध्यक्ष बनी ।
◆ 1917 में एनी बेसेंट।
◆ 1925 में सरोजिनी नायडू (प्रथम भातीय महिला )
◆ 1933 में नलनी सेन गुप्ता।

🟡 1919 का कांग्रेस अधिवेशन

◆ स्थान - अमृतसर।
◆ अध्यक्ष - मोती लाल नेहरू ( दो बार अध्यक्ष बने 1919,1928)

🟡  1920 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - नागपुर।
◆ अध्यक्ष - वीर राघवाचारी।
◆ असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ कांग्रेस द्वारा पहली बार भाषाई आधार पर प्रान्तों के गठन की बात की गई।

🟡 1924 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - बेलगाँव ( कर्नाटक )
◆ अध्यक्ष - महात्मा गांधी ( मात्र एक बार )

🟡  1929 का कांग्रेस अधिवेशन

।
◆ स्थान - लाहौर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निश्चय किया गया।

🟡  1931 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - कराची।
◆ अध्यक्ष - बल्लभ भाई पटेल।
◆ इस अधिवेशन में मौलिक अधिकार सम्बन्धी प्रस्ताव पारित किया गया।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था गाँधी मर सकते हैं परतन्तु गांधीवाद नहीं।

🟡  1936 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इसी अधिवेशन में नेहरू ने कहा मैं समाजवादी हूँ।

🟡  1937 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - फैजपुर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ पहली बार कांग्रेस का अधिवेशन किसी गॉव में हुआ।

🟡  1938 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - हरिपुरा ( गुजरात )
◆ अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन।

🟡  1939 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - त्रिपुरी ( जबलपुर, मध्यप्रदेश)
◆ अध्यक्ष -सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी जी से विवाद होने के कारण सुभाष द्वारा त्यागपत्र दिया जाना तथा  राजेन्द्र प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया।

🟡  1940 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान -  रामगढ़।
◆ अध्यक्ष - अबुल कलाम आजाद।
◆ ये सबसे लंबे समय तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे 1940-1945 तक।
🔳 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन

🟡  1885 का कांग्रेस का प्रथम

अधिवेशन।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।

🟡  1886 कांग्रेस का अधिवेशन ।

◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)

🟡  1887 का कांग्रेस अधिवेशन ।

◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)

🟡 1888 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)

🟡  1896 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।

🟡  1905 का कांग्रेस अधिवेशन।

◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।
#UPSSSCPET #LOWERPCS #AGTA #VPO
❤4
👉
केंद्र- राज्य संबंध से संबंधित अनुच्छेद

👉केंद्र राज्यों का संबंध संविधान के भाग 11(अनुच्छेद 245-263) में दिया गया है

👉अनुच्छेद 245
संसद देश में कानून बना सकती है।
विधानमंडल राज्य में कानून बना सकती है।

👉अनुच्छेद 246
संघ सूची ,राज्य सूची व समवर्ती सूची के विषयों का उल्लेख।

👉अनुच्छेद 247
अतिरिक्त न्यायालय बनाया जा सकता है।

👉अनुच्छेद 248
अवशिष्ट सूची।
जो विषय बाद में जुड़े जाएंगे वह केंद्र सरकार के विषय में जोड़े जाएंगे। ex-इसरो, डीआरडीओ, साइबर क्राइम आदि।

👉अनुच्छेद 252
दो या दो से अधिक राज्यों की सहमति हो तो संसद राज्य सूची में भी कानून बना सकती है।

👉अनुच्छेद 253
अंतर्राष्ट्रीय करार या समझौते को प्रभावी बनाने के लिए संसद राज्य सूची में भी कानून बना सकती है।

👉अनुच्छेद 254
विधानमंडल ऐसा कोई कानून नहीं बनाएगी जो संसद के कानून से असंगत हो या मेल ना खाता हो।

👉अनुच्छेद 263
अन्तर्राजीय परिषद का उल्लेख।
सभी राज्य और यूटी के मुख्यमंत्री की केंद्र सरकार द्वारा वर्ष में तीन बार मीटिंग



Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
👍1
Join 👉https://t.me/Aभारत की प्रमुख घाटियाँ

📕 जम्मू-कश्मीर_ घाटी

1 मर्खा घाटी_लद्दाख की प्रसिद्ध घाटी है, हेमि राष्ट्रीय उद्याने हेतु मार्ग उपलब्ध कराती है।



📕2 कश्मीर घाटी-
महान हिमालय एवं पीरपंजाल श्रेणियों के मध्य अवस्थित बनिहाल दरें द्वारा जम्मू से जुड़ी हुई है। इसकी रचना एक समभिनति में हुई है।

📕3 नुब्रा
घाटी_सियाचिन हिमनद से निकलने वाली नुब्रा नदी द्वारा निर्मित है।


📕4 शुरू
_इसका कारगिल कस्बे के लिये काफी महत्त्व है।


📕 हिमाचल प्रदेश

📕 1 किन्नौर घाटी

यह घाटी हिमाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है जो तिब्बत की सीमा के समीप है। यह हिमाचल प्रदेश के अंतिम गाँव 'चिटकुल' को मार्ग प्रदान करता है।


📕2 पार्वती घाटी
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित यह घाटी हिंदू एवं सिख तीर्थ यात्रियों को मणिकरण शहर जाने के लिये मार्ग प्रदान करती है (मणिकरण गर्म पानी के फव्वारों के लिये प्रसिद्ध है)।

📕3 सांगला घाटी_
इसे 'बास्पा घाटी' के नाम से भी जाना जाता है।

📕 4 मालना घाटी_
यह हिमाचल प्रदेश में 'छोटा यूनान' के रूप में प्रसिद्ध है।

📕5 कुल्लू घाटी

इसे 'देवताओं की घाटी' कहा जाता है। इसे सात दिवसीय दुशहरा त्योहार के लिये भी जाना जाता है। यह धौलाधर एवं पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य अवस्थित है।

📕6 पांगी घाटी

लाहुल, पंगवाला और भोटिया लोगों का आवास क्षेत्र है।

📕 7 स्पीति घाटी

बौद्धों का प्रसिद्ध 'ताबो मठ इसी घाटी में अवस्थित है।

📕8 लाहुल घाटी

इसी घाटी से होकर ही चंद्र एवं भागा नदियाँ प्रवाहित होती हैं।


📕 9 कांगड़ा घाटी _
प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल 'धर्मशाला' इसी घाटी में अवस्थित है।

📕10 chamba

भारमौर, डलहौजी एवं खज्जियार प्रमुख पर्यटन स्थल इसी घाटी में अवस्थित हैं।



📕उत्तराखंड

📕दून घाटी

यह घाटी शिवालिक हिमालय एवं लघु हिमालय के मध्य स्थित है। यह हिमालय के अनुदैर्ध्य घाटी का उदाहरण है।

📕 जोहर घाटी

इसे मिलाम घाटी एवं गौरी गंगा घाटी के नाम से भी जाना जाता है।


📕 फूलों की घाटी

चमोली जिले में स्थित, वन्य जीवों के लिये प्रसिद्ध है। इसे यूनेस्को के बायोस्फियर नेटवर्क में 2004 में शामिल किया गया।


📕 धर्मा घाटी

इसका निर्माण धर्मागंगा नदी द्वारा होता है।

📕सोर घाटी

यह घाटी पिथौरागढ़ में स्थित है। यहाँ कत्यूरी राजवंश का शासन था; ये अयोध्या से यहाँ आये थे

।

📕 नेलांग घाटी

यह घाटी उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री नेशनल पार्क में अवस्थित है। यह भारत-चीन सीमा के निकट स्थित है, जिसे वर्ष 1962 के युद्ध के बाद बंद कर दिया गया था। मई 2015 में इसे पर्यटकों के लिये खोल दिया गया है।

📕पश्चिम बंगाल

[ ] न्योरा घाट

यह दार्जिलिंग के कलिम्पोंग में स्थित है। इसे 1986 में 'राष्ट्रीय पार्क' घोषित किया गया।

📕सिक्किम

चुंबी घाटी

चुंबी घाटी के भारत (सिक्किम), भूटान व चीन (तिब्बत) तीनों के मिलन बिंदु पर स्थित होने के कारण सामरिक महत्त्व अधिक है। 'डोकलाम' क्षेत्र इसी के अंतर्गत आता है। यह घाटी सिलीगुड़ी (भारत का चिकेन नेक) से लगभग 500 किमी. की दूरी पर है। ■ चुंबी घाटी पहले सिक्किम का हिस्सा था, जो वर्ष 1792 में तिब्बत का अंग बना। यहाँ के स्थानीय निवासियों को 'प्रोमोवा' कहा जाता है, जो तिब्बती वंश के हैं। वर्ष 1904 में अंग्रेज़ी शासन और तिब्बत के बीच हुए समझौते के बाद यह ऊन, याक उत्पाद, सुहागा एवं अन्य स्थानीय उत्पादों का बड़ा व्यापारिक मार्ग बनकर उभरा
है।

👉यूथांग घाटी

हॉट स्प्रिंग के लिये प्रसिद्ध यूथांग घाटी रोडोडेंड़ान झाड़ियों व अन्य वनस्पति प्रजातियों से ढँकी हुई है।

📕नागालैंड
[ ] जुकू घाटी
भारत के पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड में स्थित, जून एवं सितंबर माह में संपूर्ण घाटी जंगली फूलों से ढँक जाती है।

📕 आंध्र प्रदेश
[ ] अराकु घाटी
[ ] यह घाटी गलीकोंडा, राक्ताकौंडा, सुंकरीमेट्टा एवं बांगर चितामोगोंडीनामक पहाड़ियों से घिरी है

📕 तमिलनाडु

कंबम घाटी
यह थेक्काड़ी, वरुसनादु एवं कोडाइकनाल पहाड़ियों इन से घिरी है।

📕केरल
[ ] शांत घाटी
जैव विविधता हेतु प्रसिद्ध, यह केरल के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी की पहाड़ियों पर स्थित है। 1847 क में शोध हेतु रॉबर्ट वाइट यहाँ आने वाले प्रथम अंग्रेज थे। कुन्थी नदी यहाँ के वन क्षेत्र से उद्गमित होती है


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
❤4
👉 अंग्रेज-मराठा संघर्ष के अन्तर्गत होने वाली प्रमुख संधियाँ

सूरत की संधि - 1775
पुरन्दर की संधि -1776
बड़गाँव की संधि-1779
सालाबाई की संधि-1782
बसीन की संधि-1802
देवगाँव की संधि -1803
सुर्जी अर्जुनगाँव की संधि -1803
राजापुर घाट की संधि -1804
नागपुर  की संधि -1816
ग्वालियर की संधि -1817
पूना की संधि -1817
मंदसौर की संधि -1818

👉 प्रथम अंगल मराठा युद्ध -
1782 ई. में सालबाई की संधि से समाप्त हुआ


👉 द्वितीय आंग्ल मराठा युद्ध -
1803 से 1805 तक लड़ा गया यह 1803 में देवगांव की संधि से समाप्त हुआ


👉 तृतीय अंगल मराठा युद्ध  -
1817 1819 में लड़ा गया और इसके द्वारा मराठा शक्ति और
पेशवा के वंशानुगत पद को खत्म कर दिया गया


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थल :–

🔰 हड़प्पा–
   खोजकर्ता:- दयाराम साहनी (1921)।
   नदी:- रावी।
   स्थान:- पंजाब(पाकिस्तान)।
   प्रमुख साक्ष्य:- ग्रेनरी (अन्नागार), पक्की ईंटों के घर, तांबे की मूर्ति, मुहरें।

🔰 मोहनजोदड़ो–
  खोजकर्ता:- R.D. बनर्जी (1922)
  नदी:- सिंधु
  स्थान:- सिंध(पाकिस्तान)
  प्रमुख साक्ष्य:- महान स्नानागार, नृत्य करती महिला की कांस्य मूर्ति, पाशुपति मुहर, अन्नागार

🔰 चन्हूदड़ो–
  खोजकर्ता:- एन.जी. मजूमदार (1931)
  नदी:- सिन्धु
  स्थान:- सिंध(पाकिस्तान)
  प्रमुख साक्ष्य:- मनके बनाने का कारखाना, पशु की आकृति वाली मुहरें, लघु अश्व स्तूप
🔰 लोथल–
  खोजकर्ता:- एस.आर. राव (1954)।
  नदी:- भोगवा नदी।
  स्थान:- गुजरात।
  प्रमुख साक्ष्य:- डॉकयार्ड (गोदी), चावल के अवशेष, जल निकासी व्यवस्था

🔰 कालीबंगा–
  खोजकर्ता:- अमलानंद घोष (1953)।
  नदी:- घग्गर-हकरा।
  स्थान:- राजस्थान।
  प्रमुख साक्ष्य:- जले हुए घर, हल चलाने के निशान, कंकाल, तांबे के औजार

🔰 धोलावीरा–
  खोजकर्ता:- J.P. जोशी (1967-68)
  स्थान:- गुजरात के कच्छ जिले में मनसर और मानसरोवर झील के पास।
  प्रमुख साक्ष्य:- जल संचयन प्रणाली, तीन भागों में बसा नगर, सबसे बड़ा हड़प्पाई लेख

🔰 राखीगढ़ी–
  खोजकर्ता:- 1963 में खोजा गया
  नदी:- घग्गर-हकरा।
  स्थान:- हरियाणा।
  प्रमुख साक्ष्य:- सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल, पक्की ईंटों के मकान, मिट्टी के बर्तन।
🔰 बनवाली–
  खोजकर्ता:- आर.एस. बिष्ट (1973)
  नदी:- रंगोई नदी।
  स्थान:- हरियाणा।
  प्रमुख साक्ष्य:- मिट्टी के बर्तन, कृषि के अवशेष, अन्न भंडारण स्थल।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
🔰 प्रथम जैन संगीति या सभा

▪️शासनकाल – चन्द्रगुप्त मौर्य
▪️स्थान – पाटलिपुत्र
▪️अध्यक्ष – स्थूलभद्र
▪️कार्य – जैन धर्म के १२ अंगों का सम्पादन किया गया।
▪️विवाद – जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बँट गया —
     पहला - दिगम्बर, द्वितीय- श्वेताम्बर
▪️इस संगीति की सबसे बड़ी घटना थी कि जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बंट गया।

🔰द्वितीय जैन संगीति या सभा

▪️शासनकाल – गुप्तकाल
▪️स्थान – वल्लभी या बलभी, गुजरात
▪️अध्यक्ष – देवर्षि क्षमाश्रवण
▪️कार्य – जैन साहित्य का अंतिम संकलन जो आज तक विद्यमान है।
▪️तृतीय जैन सभा बलभी में हुई और इसमें जैन धर्म और साहित्यों को अंतिम रूप दिया


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
Join 👉https://t.me/Aभारत की प्रमुख घाटियाँ

📕 जम्मू-कश्मीर_ घाटी

1 मर्खा घाटी_लद्दाख की प्रसिद्ध घाटी है, हेमि राष्ट्रीय उद्याने हेतु मार्ग उपलब्ध कराती है।



📕2 कश्मीर घाटी-
महान हिमालय एवं पीरपंजाल श्रेणियों के मध्य अवस्थित बनिहाल दरें द्वारा जम्मू से जुड़ी हुई है। इसकी रचना एक समभिनति में हुई है।

📕3 नुब्रा
घाटी_सियाचिन हिमनद से निकलने वाली नुब्रा नदी द्वारा निर्मित है।


📕4 शुरू
_इसका कारगिल कस्बे के लिये काफी महत्त्व है।


📕 हिमाचल प्रदेश

📕 1 किन्नौर घाटी

यह घाटी हिमाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है जो तिब्बत की सीमा के समीप है। यह हिमाचल प्रदेश के अंतिम गाँव 'चिटकुल' को मार्ग प्रदान करता है।


📕2 पार्वती घाटी
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित यह घाटी हिंदू एवं सिख तीर्थ यात्रियों को मणिकरण शहर जाने के लिये मार्ग प्रदान करती है (मणिकरण गर्म पानी के फव्वारों के लिये प्रसिद्ध है)।

📕3 सांगला घाटी_
इसे 'बास्पा घाटी' के नाम से भी जाना जाता है।

📕 4 मालना घाटी_
यह हिमाचल प्रदेश में 'छोटा यूनान' के रूप में प्रसिद्ध है।

📕5 कुल्लू घाटी

इसे 'देवताओं की घाटी' कहा जाता है। इसे सात दिवसीय दुशहरा त्योहार के लिये भी जाना जाता है। यह धौलाधर एवं पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य अवस्थित है।

📕6 पांगी घाटी

लाहुल, पंगवाला और भोटिया लोगों का आवास क्षेत्र है।

📕 7 स्पीति घाटी

बौद्धों का प्रसिद्ध 'ताबो मठ इसी घाटी में अवस्थित है।

📕8 लाहुल घाटी

इसी घाटी से होकर ही चंद्र एवं भागा नदियाँ प्रवाहित होती हैं।


📕 9 कांगड़ा घाटी _
प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल 'धर्मशाला' इसी घाटी में अवस्थित है।

📕10 chamba

भारमौर, डलहौजी एवं खज्जियार प्रमुख पर्यटन स्थल इसी घाटी में अवस्थित हैं।



📕उत्तराखंड

📕दून घाटी

यह घाटी शिवालिक हिमालय एवं लघु हिमालय के मध्य स्थित है। यह हिमालय के अनुदैर्ध्य घाटी का उदाहरण है।

📕 जोहर घाटी

इसे मिलाम घाटी एवं गौरी गंगा घाटी के नाम से भी जाना जाता है।


📕 फूलों की घाटी

चमोली जिले में स्थित, वन्य जीवों के लिये प्रसिद्ध है। इसे यूनेस्को के बायोस्फियर नेटवर्क में 2004 में शामिल किया गया।


📕 धर्मा घाटी

इसका निर्माण धर्मागंगा नदी द्वारा होता है।

📕सोर घाटी

यह घाटी पिथौरागढ़ में स्थित है। यहाँ कत्यूरी राजवंश का शासन था; ये अयोध्या से यहाँ आये थे

।

📕 नेलांग घाटी

यह घाटी उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री नेशनल पार्क में अवस्थित है। यह भारत-चीन सीमा के निकट स्थित है, जिसे वर्ष 1962 के युद्ध के बाद बंद कर दिया गया था। मई 2015 में इसे पर्यटकों के लिये खोल दिया गया है।

📕पश्चिम बंगाल

[ ] न्योरा घाट

यह दार्जिलिंग के कलिम्पोंग में स्थित है। इसे 1986 में 'राष्ट्रीय पार्क' घोषित किया गया।

📕सिक्किम

चुंबी घाटी

चुंबी घाटी के भारत (सिक्किम), भूटान व चीन (तिब्बत) तीनों के मिलन बिंदु पर स्थित होने के कारण सामरिक महत्त्व अधिक है। 'डोकलाम' क्षेत्र इसी के अंतर्गत आता है। यह घाटी सिलीगुड़ी (भारत का चिकेन नेक) से लगभग 500 किमी. की दूरी पर है। ■ चुंबी घाटी पहले सिक्किम का हिस्सा था, जो वर्ष 1792 में तिब्बत का अंग बना। यहाँ के स्थानीय निवासियों को 'प्रोमोवा' कहा जाता है, जो तिब्बती वंश के हैं। वर्ष 1904 में अंग्रेज़ी शासन और तिब्बत के बीच हुए समझौते के बाद यह ऊन, याक उत्पाद, सुहागा एवं अन्य स्थानीय उत्पादों का बड़ा व्यापारिक मार्ग बनकर उभरा
है।

👉यूथांग घाटी

हॉट स्प्रिंग के लिये प्रसिद्ध यूथांग घाटी रोडोडेंड़ान झाड़ियों व अन्य वनस्पति प्रजातियों से ढँकी हुई है।

📕नागालैंड
[ ] जुकू घाटी
भारत के पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड में स्थित, जून एवं सितंबर माह में संपूर्ण घाटी जंगली फूलों से ढँक जाती है।

📕 आंध्र प्रदेश
[ ] अराकु घाटी
[ ] यह घाटी गलीकोंडा, राक्ताकौंडा, सुंकरीमेट्टा एवं बांगर चितामोगोंडीनामक पहाड़ियों से घिरी है

📕 तमिलनाडु

कंबम घाटी
यह थेक्काड़ी, वरुसनादु एवं कोडाइकनाल पहाड़ियों इन से घिरी है।

📕केरल
[ ] शांत घाटी
जैव विविधता हेतु प्रसिद्ध, यह केरल के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी की पहाड़ियों पर स्थित है। 1847 क में शोध हेतु रॉबर्ट वाइट यहाँ आने वाले प्रथम अंग्रेज थे। कुन्थी नदी यहाँ के वन क्षेत्र से उद्गमित होती है


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
❤2
🔰 प्रथम जैन संगीति या सभा

▪️शासनकाल – चन्द्रगुप्त मौर्य
▪️स्थान – पाटलिपुत्र
▪️अध्यक्ष – स्थूलभद्र
▪️कार्य – जैन धर्म के १२ अंगों का सम्पादन किया गया।
▪️विवाद – जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बँट गया —
     पहला - दिगम्बर, द्वितीय- श्वेताम्बर
▪️इस संगीति की सबसे बड़ी घटना थी कि जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बंट गया।

🔰द्वितीय जैन संगीति या सभा

▪️शासनकाल – गुप्तकाल
▪️स्थान – वल्लभी या बलभी, गुजरात
▪️अध्यक्ष – देवर्षि क्षमाश्रवण
▪️कार्य – जैन साहित्य का अंतिम संकलन जो आज तक विद्यमान है।
▪️तृतीय जैन सभा बलभी में हुई और इसमें जैन धर्म और साहित्यों को अंतिम रूप दिया


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #grampanchayatadhikari
#vpo
🔆 प्राचीन भारत में साहित्यिक गतिविधियाँ

📍 प्रारंभिक व्याकरण और कानून की पुस्तकें
✅ अष्टाध्यायी – पाणिनी (5वीं शताब्दी ईसा पूर्व) , सबसे प्रारंभिक व्याकरण पुस्तक, जिसे भगवती सूत्र भी कहा जाता है
✅ महाभाष्य – पतंजलि द्वारा लिखित
✅ मनुस्मृति – एक कानून की किताब
✅ अर्थशास्त्र – कौटिल्य द्वारा लिखित
✅ इंडिका – मेगस्थनीज द्वारा , मौर्य समाज और प्रशासन का एक स्रोत
✅ चण्डसूत्र – पिंगला द्वारा लिखित

📍 बौद्ध एवं शास्त्रीय साहित्यिक कृतियाँ
✅ बुद्धचरित – अश्वघोष द्वारा
✅ रघुवंश – कालिदास द्वारा
✅ नैषध चरित – श्री हर्ष द्वारा

📍 शास्त्रीय एवं काव्य साहित्य
✅ कामसूत्र और आर्य मंजुश्री – वात्स्यायन द्वारा
✅ पवनधूत – धोयी द्वारा
✅ स्वप्न वासवदत्ता – भासा द्वारा
✅ मतविलास प्रहसन – महेंद्रवर्मन प्रथम द्वारा
✅ हर्षचरित – बाणभट्ट द्वारा लिखित
✅ विक्रमदेव चरित – बिल्हण द्वारा लिखित

📍 संस्कृत एवं अन्य शास्त्रीय कृतियाँ
✅ दशकुमारचरित – दण्डिन द्वारा
✅ वासवदत्ता – सुबांडु द्वारा
✅ बृहत् कथामंजरी – क्षेमेन्द्र द्वारा
✅ कथासरित्सागर – सोमदेव द्वारा
✅ पंचतंत्र – विष्णुशर्मा द्वारा
✅ हितोपदेश – नारायण पंडित द्वारा

📍 यात्रा एवं ऐतिहासिक विवरण
✅ फ़ो-क्यो-की – फ़ा-हिएन द्वारा
✅ सी-यू-की – ह्वेन त्सांग द्वारा

📍 वैज्ञानिक एवं खगोलीय ग्रंथ
✅ पंचसिद्धांतिका – वराहमिहिर द्वारा
✅ सूर्यसिद्धांतिका और आर्यभट्टीयम – आर्यभट्ट द्वारा
✅ नीतिसार – कामन्दका द्वारा
✅ चरक संहिता – चरक द्वारा
✅ हस्तायुर्वेद – पालकाप्य द्वारा

📍 कानूनी और चिकित्सा ग्रंथ
✅ मिताक्षरा – विग्नेश्वर द्वारा
✅ दायभाग – जीमूतवाहन द्वारा
✅ सिद्धांत सिरोमणि – भास्कराचार्य द्वारा
✅ निगाहन्तु – धन्वन्तरि द्वारा

📍 ऐतिहासिक एवं राजनीतिक कार्य
✅ मुद्राराक्षस – विशाखदत्त द्वारा
✅ प्रबंध चिंतामणि – मेरुथुंगा द्वारा
✅ भारत का भूगोल – टॉलेमी द्वारा
✅ बृहत् कथाकोश – हरिषेण द्वारा
✅ मृचकटिका – शूद्रक द्वारा
✅ पृथ्वीराज विजया – जयानक द्वारा
✅ नाला वेम्बा – पुगालेंडी द्वारा

Join
👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #vpo
❤2