𝐀 𝐨𝐧𝐞 𝐉𝐮𝐝𝐢𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐀𝐜𝐚𝐝𝐞𝐦𝐲 (करें अपनी तैयारी बेहतर)
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A one Judicial Academy-Hindi
विधि संबंधी परीक्षाओं की "करें अपनी तैयारी बेहतर"

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HL 15. हिन्दू विधि की 'मिताक्षरा' और 'दायभाग' शाखाएँ किस प्रकार की हैं?
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35%
स्मृति
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भाज्य
18%
श्रुति
18%
उपर्युक्त में से कोई नहीं
(33) प्रीलिम्स पार रिविजन सीरिज


परिसीमा अधिनियम, 1963

धारा 27 संपत्ति पर के अधिकार का लुप्त होना
यदि कोई व्यक्ति निर्धारित परिसीमा अवधि में संपत्ति पर कब्जे के लिए वाद दायर नहीं करता, तो उसका उस संपत्ति पर अधिकार समाप्त हो जाता है।
▪️ परिसीमा अवधि समाप्त होने के बाद, संपत्ति के वर्तमान कब्जाधारी का अधिकार कानूनी रूप से मान्य हो जाता है।
▪️ धारा 27, परिसीमा अधिनियम के सामान्य सिद्धांत का अपवाद है—यह न केवल उपचार को बाधित करती है, बल्कि संपत्ति का अधिकार भी समाप्त कर देती है।
▪️ यह प्रावधान केवल संपत्ति (अचल संपत्ति) पर लागू होता है, ऋण या अन्य संपत्तियों पर नहीं।
▪️ धारा 27 के तहत, समय-सीमा समाप्त होने के बाद, पूर्व मालिक का संपत्ति पर कोई कानूनी दावा शेष नहीं रहता ।
▪️ कब्जे द्वारा स्वामित्व का अधिग्रहण इसी धारा के अंतर्गत मान्य होता है ।
▪️ परिसीमा अवधि संपत्ति के प्रकार और दावे की प्रकृति के अनुसार निर्धारित होती है।


धारा 28 निरसित


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(34) प्रीलिम्स पार रिविजन सीरिज


परिसीमा अधिनियम, 1963

धारा 29 व्यावृतियां (बचत)
उपधारा 1 इस अधिनियम की कोई बात संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 25 पर कोई प्रभाव नही डालेगी ।
▪️संविदा अधिनियम की धारा 25 प्रतिफल के बिना किया गया करार शून्य है, से सम्बंधित है ।


उपधारा 2 जहाँ कोई विशेष या स्थानीय विधि किसी वाद, अपील या आवेदन के लिए अनुसूची द्वारा निर्धारित अवधि से भिन्न परिसीमा अवधि निर्धारित करती है, तो धारा 3 के प्रावधान इस प्रकार लागू होंगे जैसे कि ऐसी अवधि अनुसूची द्वारा निर्धारित अवधि हो और किसी विशेष या स्थानीय विधि द्वारा किसी वाद, अपील या आवेदन के लिए निर्धारित किसी भी परिसीमा अवधि को निर्धारित करने के प्रयोजन के लिए, धारा 4 से 24 (दोनों सहित) में निहित प्रावधान केवल तभी और उतनी ही सीमा तक लागू होंगे, जहाँ तक उन्हें ऐसी विशेष या स्थानीय विधि द्वारा स्पष्ट रूप से अपवर्जित नहीं किया गया है ।
उपधारा 2 के लिए
उदाहरण 1 (धारा 3 का अनुप्रयोग)
▪️ मान लीजिए किसी राज्य का किराया नियंत्रण अधिनियम किराए के भुगतान के लिए एक अपील दायर करने के लिए 60 दिनों की अवधि निर्धारित करता है (जबकि परिसीमा अधिनियम की अनुसूची में ऐसी अपील के लिए 90 दिन हो सकते हैं)।
▪️ यदि आप 60 दिनों के बाद अपील दायर करते हैं, तो धारा 3 के अनुसार आपकी अपील खारिज कर दी जाएगी, भले ही वह परिसीमा अधिनियम की सामान्य अनुसूची अवधि के भीतर क्यों न हो ।

उपधारा 2 के लिए
उदाहरण 2 (धारा 4 से 24 का अनुप्रयोग)
▪️उसी किराया नियंत्रण अधिनियम में 60 दिनों की अपील अवधि है ।
▪️ मान लीजिए 60 वें दिन अपीलीय न्यायालय बंद था । परिसीमा अधिनियम की धारा 4 कहती है कि यदि अंतिम दिन न्यायालय बंद हो तो आप अगले कार्य दिवस पर अपील दायर कर सकते हैं ।
▪️ यदि किराया नियंत्रण अधिनियम में कोई विशेष प्रावधान नहीं है जो स्पष्ट रूप से धारा 4 को बाहर करता हो, तो धारा 4 किराया नियंत्रण अधिनियम द्वारा निर्धारित 60 दिनों की अवधि पर लागू होगी । यानी, आप अगले कार्य दिवस पर अपील दायर कर सकते हैं ।
▪️ लेकिन, यदि किराया नियंत्रण अधिनियम में स्पष्ट रूप से लिखा होता कि “इस अधिनियम के तहत अपील दायर करने की अवधि के लिए परिसीमा अधिनियम की धारा 4 लागू नहीं होगी,” तो आप अगले कार्य दिवस पर अपील दायर नहीं कर सकते थे, और 60 दिन समाप्त होने पर आपका अधिकार समाप्त हो जाता ।

उपधारा 3 विवाह और तलाक के संबंध में तत्समय प्रवृत्त किसी भी विधि में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, इस अधिनियम में कुछ भी ऐसी किसी विधि के अधीन किसी वाद या अन्य कार्यवाही पर लागू नहीं होगा ।
इसका मतलब है कि अगर मामला शादी या तलाक से जुड़ा है (जैसे तलाक लेना, न्यायिक पृथक्करण मांगना, गुजारा भत्ता मांगना), तो परिसीमा अधिनियम के समय वाले कड़े नियम (3 साल, 12 साल आदि) इन पर लागू नहीं होंगे ।
लेकिन यदि विवाह या तलाक से संबंधित किसी विशेष कानून में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान किया गया है कि परिसीमा अधिनियम का कोई हिस्सा लागू होगा, तो वह विशेष प्रावधान मान्य होगा ।


उपधारा 4 धारा 25, 26 और धारा 2 में ‘सुखभोग अधिकार’ की परिभाषा उन राज्यक्षेत्रों में लागू नहीं होगी जहाँ भारतीय सुखभोग अधिकार अधिनियम, 1882 (1882 का 5) वर्तमान में लागू है ।
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BNSS 33. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का मुख्य उद्देश्य भारतीय दंड संहिता (IPC) और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) के बीच किस संबंध को मजबूत करना है?
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3%
उनके बीच के अंतर को बढ़ाना
39%
सीआरपीसी को आईपीसी की तुलना में अधिक शक्तिशाली बनाना
11%
आईपीसी को सीआरपीसी से स्वतंत्र बनाना
47%
उनके बीच तालमेल और दक्षता बढ़ाना
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