PM मोदी ने भारत के किस राज्य में भगवान राम की दुनिया की सबसे ऊंची 77 फुट की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया?
Anonymous Quiz
10%
मध्य प्रदेश
36%
उत्तर प्रदेश
40%
गोवा
13%
महाराष्ट्र
दिसंबर 2025 करेंट अफेयर्स (07)
फीफा शांति पुरस्कार: फुटबॉल यूनाइट्स द वर्ल्ड
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
👉 Facebook
👉 Instagram
फीफा शांति पुरस्कार: फुटबॉल यूनाइट्स द वर्ल्ड
▪️अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) ने इस नए वार्षिक पुरस्कार की घोषणा नवंबर 2025 में की।
▪️इस पुरस्कार का नाम "FIFA Peace Prize – Football Unites the World" रखा गया है। इसका उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने शांति और वैश्विक एकता को बढ़ावा देने के लिए "असाधारण और विशेष कार्रवाई" की है।
▪️यह पुरस्कार पहली बार 5 दिसंबर 2025 को वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित 2026 फीफा विश्व कप ड्रॉ समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
▪️फीफा शांति पुरस्कार के पहले विजेता अमेरिका के राष्ट्रीय डोनाल्ड जे. ट्रंप हैं ।
▪️फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो के अनुसार, ट्रंप को "विश्वभर में शांति और एकता को बढ़ावा देने के उनके असाधारण और अद्वितीय कार्यों" की मान्यता के रूप में यह पुरस्कार दिया गया।
▪️ आलोचना - इस पुरस्कार के पहले विजेता के चयन को लेकर वैश्विक स्तर पर बड़ी आलोचना और विवाद हुआ। आलोचकों ने इसे फीफा द्वारा एक राजनीतिक कदम बताया, क्योंकि ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा व्यक्त करते रहे हैं और फीफा अध्यक्ष इन्फैंटिनो के साथ उनके करीबी संबंध हैं।
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
❤3
#Self_Study_Diary_Notes (UP APO 2025)
पुलिस अधिनियम [23]
धारा 32(A) सामूहिक ड्रिल एवं सामूहिक प्रशिक्षण का निषेध
धारा 32(B) धारा 32(A) के आदेश के उल्लंघन के लिए दण्ड
जॉइन टेलीग्राम - @AoneJA
पुलिस अधिनियम [23]
धारा 32(A) सामूहिक ड्रिल एवं सामूहिक प्रशिक्षण का निषेध
▪जिला मजिस्ट्रेट यदि लोक सुरक्षा या शांति केलिए आवश्यक समझता है तो सामूहिक ड्रिल (अस्त्र सहित) तथा सामूहिक प्रशिक्षण को प्रतिषिद्ध के लिए सार्वजनिक नोटिस निकाल सकता है ।
▪ऐसा आदेश जारी करने की तिथि से 3 मास तक लागू रह सकता है । परन्तु राज्य सरकार इसे 6 माह ओर बढ़ा सकती है । अर्थात ऐसे आदेश की अवधि कुल मिलकर 9 माह तक की हो सकती है ।
▪जिला मजिस्ट्रेट ऐसे आदेश को स्वयं द्वारा या किसी व्यक्ति के आवेदन पर परिवर्तित कर सकता है।
▪राज्य सरकार ऐसे आदेश को स्वयं द्वारा या किसी व्यक्ति के आवेदन पर विखंडित या परिवर्तित कर सकती है ।
धारा 32(B) धारा 32(A) के आदेश के उल्लंघन के लिए दण्ड
▪6 माह तक के कारावास से या 2000 हज़ार रूपये तक के या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।
▪ऐसे उल्लंघन के अपराध संज्ञेय अपराध होंगे । अर्थात पुलिस बिना वारन्ट के गिरफ्तार कर सकती है ।
जॉइन टेलीग्राम - @AoneJA
❤3
भारत में Stalink Satelite Internet के प्लान की कीमत ₹ 8,600 / प्रतिमाह होगी । शुरुआत में ₹ 36,000 की किट लगवानी होगी जिसमें 1 माह फ्री सबक्रिप्शन मिलेगा ।
क्या लगता है यह भारत में सफल हो पाएगा ?
क्या लगता है यह भारत में सफल हो पाएगा ?
Anonymous Poll
46%
हां
54%
नहीं
❤1
पूर्व CJI BR गवई पर जूता उछलने वाले वकील राकेश किशोर को दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में एक अन्य वकील ने गालियां देते हुए जूतों से मारा...
वीडियो वायरल https://youtu.be/Rr39EVe3i24?si=gM59CN41qi2Z6r_X
वीडियो वायरल https://youtu.be/Rr39EVe3i24?si=gM59CN41qi2Z6r_X
👍5
सिंगर विशाल ददलानी ने वर्तमान राजनीति को लेकर तगड़ा तंज़ कसते हुए कहा कि,
कल संसद में 'वन्दे मातरम्' पर बहस होने से देश की कई सारी समस्याएँ ठीक हो गई होगी...
— भारत मे बेरोजगारी ख़त्म हो गई
— भारत मे महँगाई कम हो गई
— भारत में वायु प्रदूषण ठीक हो गया
— इंडिगो की दिक्कत भी ठीक हो गई
विशाल ददलानी ने कहा कि संसद में एक मिनट का खर्च 2,50,000 रुपये आता है। और कल 10 घंटे 'वन्दे मातरम्' पर बहस हुई मतलब 6,00 मिनट बहस हुई।
15 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद शायद ये सारी समस्याएं हल हो गईं होगी।
कल संसद में 'वन्दे मातरम्' पर बहस होने से देश की कई सारी समस्याएँ ठीक हो गई होगी...
— भारत मे बेरोजगारी ख़त्म हो गई
— भारत मे महँगाई कम हो गई
— भारत में वायु प्रदूषण ठीक हो गया
— इंडिगो की दिक्कत भी ठीक हो गई
विशाल ददलानी ने कहा कि संसद में एक मिनट का खर्च 2,50,000 रुपये आता है। और कल 10 घंटे 'वन्दे मातरम्' पर बहस हुई मतलब 6,00 मिनट बहस हुई।
15 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद शायद ये सारी समस्याएं हल हो गईं होगी।
👍5👎2
वंदे मातरम पर संसद में हालिया चर्चा
वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर, हाल ही में भारतीय संसद (लोकसभा और राज्यसभा) में इस पर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई।
मुख्य विषय और आरोप
1. पीएम मोदी का आरोप:
▪️प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1937 में गीत के "महत्वपूर्ण छंदों को हटाकर" इसके साथ अन्याय किया।
▪️उन्होंने कहा कि यह निर्णय तुष्टिकरण की राजनीति का परिणाम था और इसी ने देश के विभाजन के बीज बोए।
▪️उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर मोहम्मद अली जिन्ना के दबाव में झुकने और राष्ट्रगीत के साथ समझौता करने का आरोप लगाया।
2. कांग्रेस का बचाव:
▪️कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया और जोर देकर कहा कि 1937 का फैसला महात्मा गांधी, सरदार पटेल, मौलाना आजाद और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे सभी बड़े नेताओं की सहमति से हुआ था, और यह केवल एक सर्वसम्मत और व्यावहारिक निर्णय था।
▪️कांग्रेस ने कहा कि वे ही इस गीत को आज़ादी के आंदोलन में लाए थे, और पीएम मोदी बेरोजगारी, असमानता जैसे वर्तमान मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
3. विपक्ष की प्रतिक्रिया:
▪️विपक्ष के कई सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। समाजवादी पार्टी जैसे कुछ नेताओं ने कहा कि वे किसी को भी गीत गाने के लिए मजबूर करने के खिलाफ हैं, क्योंकि यह संविधान के विरुद्ध होगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि इंडी अलायंस के कुछ सदस्य जानबूझकर तब बाहर चले जाते हैं जब संसद में 'वन्दे मातरम्' का गान होता है।
4. "बेवजह की चर्चा" के पहलू
कुछ राजनीतिक विश्लेषक और विपक्षी दल इस चर्चा को "बेवजह" या "अनावश्यक" मानते हैं क्योंकि:
वे इसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या महंगाई, बेरोजगारी जैसे वर्तमान जन-मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास मानते हैं।
▪️वे तर्क देते हैं कि 'वन्दे मातरम्' पर 1937 में सर्वसम्मति से निर्णय लिया जा चुका था, और दशकों पुराने विवाद को फिर से उठाना राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देता है।
वन्दे मातरम् विवाद का इतिहास
▪️'वन्दे मातरम्' गीत की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 19वीं सदी में की थी, और यह उनके उपन्यास 'आनंद मठ' में शामिल है। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक शक्तिशाली मंत्र बन गया था।
▪️विवाद की जड़: गीत में मातृभूमि को देवी दुर्गा और देवी लक्ष्मी जैसे हिंदू देवी-देवताओं के रूप में चित्रित किया गया है।
▪️1937 का कांग्रेस का निर्णय: मुस्लिम लीग के कुछ वर्गों द्वारा धार्मिक आपत्तियों को उठाने के बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 1937 में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
▪️फैसला: यह तय किया गया कि केवल गीत के पहले दो पद ही राष्ट्रीय समारोहों में गाए जाएंगे। इन शुरुआती दो पदों को धर्मनिरपेक्ष और आपत्ति रहित माना गया।
▪️तर्क: कांग्रेस ने कहा कि यह निर्णय रवींद्रनाथ टैगोर सहित कई वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर लिया गया था, ताकि अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जा सके।
▪️आजादी के बाद: 'जन गण मन' को राष्ट्रगान और 'वन्दे मातरम्' के शुरुआती दो पदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया।
▪️आधुनिक विवाद: समय-समय पर यह मुद्दा उठता रहा है कि क्या मुसलमानों को धार्मिक कारणों से यह गीत गाने के लिए मजबूर किया जा सकता है या नहीं।
❤4
#latest_imp_case
जो महिला अपना गुजारा कर सकती है, पति से अपना गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
अंकित शाह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, 2025
जो महिला अपना गुजारा कर सकती है, पति से अपना गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
अंकित शाह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, 2025
👍3❤1
दिसंबर 2025 करेंट अफेयर्स (14)
चैम्पियन ऑफ द अर्थ 2025 पुरस्कार
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
👉 Facebook
👉 Instagram
चैम्पियन ऑफ द अर्थ 2025 पुरस्कार
▪️चैम्पियन ऑफ द अर्थ 2025 पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान है, जो हाल ही में घोषित किया गया है।
▪️वर्ष 2025 के चैंपियंस ऑफ द अर्थ पुरस्कार में भारत की आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू को सम्मानित किया गया है। उनकी सतत शीतलन, पारिस्थितिकी पुनर्स्थापना और जलवायु अनुकूलन पहलों ने 25 लाख हरित नौकरियां पैदा कीं तथा 1.2 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया।
▪️यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा उन उत्कृष्ट व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है जो पर्यावरण की रक्षा के लिए साहसिक कदम उठाते हैं और जलवायु, प्रकृति और प्रदूषण के वैश्विक संकटों से निपटने के लिए अभिनव समाधान प्रदान करते हैं।
अन्य विजेता
▪️पेसिफिक आइलैंड्स स्टूडेंट्स फाइटिंग क्लाइमेट चेंज: नीति नेतृत्व श्रेणी में जलवायु न्याय पर आईसीजे की ऐतिहासिक राय।
▪️मरियम इस्सूफू (माली): साहेल क्षेत्र में जलवायु प्रतिरोधी भवनों के लिए।
▪️इमाज़ॉन (ब्राजील): एआई से अमेज़न वनों की कटाई रोकने के लिए।
▪️मैनफ्रेडी कल्टागिरोने (मरणोपरांत): मीथेन उत्सर्जन पर आजीवन योगदान।
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
❤2
2. BNSS के कौन से अध्याय नागालैंड और जनजातीय क्षेत्रों लागू होते है ।
Anonymous Quiz
47%
9, 11 और 12
23%
9, 10 और 12
21%
9, 10 और 11
9%
पूरी संहिता लागू होती है ।
3. प्रतिभूति के साथ छोड़े जाने के लिए कोई वचनबंध कहलाता है ?
Anonymous Quiz
47%
बंधपत्र
13%
शपथ पत्र
40%
जमानतपत्र
1%
शिकायत पत्र
❤1
4. यदि सेशन न्यायालय की राय में पक्षकारों और साक्षियों की सुविधा के लिए अपनी बैठक को किसी अन्य स्थान पर करना चाहता है तो उसकी सहमति प्राप्त करनी होगी ?
Anonymous Quiz
15%
अभियोजन की
10%
अभियुक्त की
69%
अभियोजन और अभियुक्त दोनों की
6%
अभियोजन या अभियुक्त में किसी एक की
5. BNSS के अनुसार निम्न में से कौन दंड न्यायालय का वर्ग नहीं है ?
Anonymous Quiz
4%
प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट
51%
उपखण्ड मजिस्ट्रेट
18%
जिला मजिस्ट्रेट का न्यायालय
27%
सिविल जज सीनियर डिविजन का
दिसंबर 2025 करेंट अफेयर्स (15)
प्रसिद्ध समाजसेवक एवं श्रमिक नेता बाबा अवध का निधन
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
👉 Facebook
👉 Instagram
प्रसिद्ध समाजसेवक एवं श्रमिक नेता बाबा अवध का निधन
▪️वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रमिक नेता डॉ. बाबासाहेब पांडुरंग अधव, जिन्हें बाबा अवध के नाम से भी जाना जाता था, का 95 वर्ष की आयु में पुणे (महाराष्ट्र) के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया ।
▪️उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दुख व्यक्त करते हुए उन्हें वंचितों के सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण को आगे बढ़ाने वाला बताया।
मुख्य योगदान
▪️डॉ. बाबा अधव छह दशकों से अधिक समय तक महाराष्ट्र में सामाजिक और मजदूर आंदोलनों के एक प्रमुख स्तंभ रहे। उन्हें विशेष रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए जाना जाता है:
1. श्रमिकों के अधिकार : उन्होंने हमालों (माल ढोने वाले मजदूरों), रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के अन्य मजदूरों के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
2. हमाल पंचायत : वह माल ढोने वाले मजदूरों की यूनियन 'हमाल पंचायत' के संस्थापक थे।
3. सामाजिक समानता : उन्होंने सामाजिक बुराइयों और जातिगत भेदभाव के खिलाफ 'एक गांव – एक पनवथा' जैसे जन आंदोलनों का नेतृत्व किया, जिसका उद्देश्य सभी जातियों के लिए पानी के स्रोतों पर समान पहुँच सुनिश्चित करना था।
4. समाजवाद : वे एक प्रखर समाजवादी नेता और परिवर्तनवादी कार्यकर्ता थे।
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
🫡1
दिसंबर 2025 करेंट अफेयर्स (16)
विश्व असमानता रिपोर्ट 2026
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
👉 Facebook
👉 Instagram
विश्व असमानता रिपोर्ट 2026
▪️विश्व असमानता रिपोर्ट 2026 वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब द्वारा जारी तीसरा संस्करण है, जो वैश्विक आय, संपत्ति और जलवायु असमानताओं पर केंद्रित है।
▪️रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे धनी 1% लोगों के पास वैश्विक संपत्ति का 37% और धनी 10% के पास 75% हिस्सा है।
▪️सबसे अमीर 10% लोग विश्व आय का 53% अर्जित करते हैं, जबकि अरबपतियों की संपत्ति 1990 के दशक से 8% सालाना बढ़ी।
▪️धनी 10% 77% कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं, जबकि निचले 50% केवल 3% के।
भारत पर आंकड़े
▪️रिपोर्ट भारत को आर्थिक असमानता के मामले में दुनिया के सबसे चरम देशों में से एक मानती है।
▪️भारत में धनी 1% के पास 40% संपत्ति और 10% के पास 65% संपत्ति है, जो आय असमानता को दुनिया में सबसे ऊंचा बनाता है।
▪️शीर्ष 10% राष्ट्रीय आय का 58% लेते हैं, जबकि निचले 50% को 15%।
▪️लिंग असमानता गंभीर है, महिलाएं पुरुषों की तुलना में 61% कम कमाती हैं।
▪️भारत एक "अत्यधिक गरीब और अत्यधिक असमान" देश बना हुआ है, जिसमें एक छोटा सा 'समृद्ध अभिजात वर्ग' है और बाकी आबादी काफी पीछे छूट गई है।
हमे फॉलो करें :-
👉 WhatsApp Channle
👉 Youtube
❤3