✨ माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन
(3 जनवरी 1831 – 10 मार्च 1897)
🌸 नारी शिक्षा की मशाल, सामाजिक क्रांति की प्रतीक 🌸
नारी-मुक्ति आंदोलन की प्रणेता,
भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं महान समाजसेविका
माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर
उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। 🙏
शिक्षा, समानता और स्वाभिमान के लिए
आपका संघर्ष हर पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। ✨
(3 जनवरी 1831 – 10 मार्च 1897)
🌸 नारी शिक्षा की मशाल, सामाजिक क्रांति की प्रतीक 🌸
नारी-मुक्ति आंदोलन की प्रणेता,
भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं महान समाजसेविका
माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर
उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। 🙏
शिक्षा, समानता और स्वाभिमान के लिए
आपका संघर्ष हर पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। ✨
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कोई नया सपना कोई नया वादा नहीं कहूंगा पुराने सपने को ही पूरा करें नए साल के दिन लोग नया-नया वादा करते हैं और होता जाता कुछ भी नहीं है 😂 क्या वह सब पूरे हुए जो 2025 के नए साल के दिन हमने खुद से कहा था ? अधिकतर लोगों का उत्तर ना होगा जिसमें मैं भी शामिल हूं😅 तो 2026 का स्वागत है लेकिन सपने वही पुराने हैं उसी को पूरा करना है इस साल
Remember your Goal
#cgpsc pre 22 feb 2026
Remember your Goal
#cgpsc pre 22 feb 2026
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99% success यही रुकी हुई है.......
आपने टॉपर्स को सुन लिया उनके सोर्सेस स्टडी मटेरियल बुक्स को जान लिया गए आपने खुद के लिए प्लान स्ट्रेटजी बना ली
अब क्या?? उस चीज को इंप्लीमेंट करो खुद को समय दो
अब मुझे ऐसा लग रहा है कि कुछ टॉपर्स ओवर गाइडेंस दे दे रहे हैं
एक छोटा सा उदाहरण दूंगा एक किसान एक बीज लगाया था और हर दिन उसे खोद कर देखता था
क्या वह बीज कभी पौधा बन पाएगा ? नही
एक और उदाहरण एक व्यक्ति 20 किलोमीटर के मैराथन रेस में दौड़ रहा है और हर एक मोड़ चौक चौराहों पर सेल्फी ले रहा है तो क्या वह कभी रेस जीत पाएगा?? नहीं
एक बार आपने लक्ष्य बना लिया रणनीति बना ली तो फिर बार-बार नई रणनीति स्ट्रेटजी के चक्कर में मत फसिए सबकी सफलता की journey अलग-अलग है आप अपने हिसाब से देखिए कि कौन सी चीज आपके लिए काम कर सकती है
अब मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि अगर आपकी तैयारी में कोई सबसे बड़ी बाधा बनेगी तो वह है ओवर गाइडेंस और टेलीग्राम..... अनइनस्टॉल कर भी देंगे तो कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा
चुपचाप शांति से पढ़ाई करें विचलित होने से बचे #22feb
आपने टॉपर्स को सुन लिया उनके सोर्सेस स्टडी मटेरियल बुक्स को जान लिया गए आपने खुद के लिए प्लान स्ट्रेटजी बना ली
अब क्या?? उस चीज को इंप्लीमेंट करो खुद को समय दो
अब मुझे ऐसा लग रहा है कि कुछ टॉपर्स ओवर गाइडेंस दे दे रहे हैं
एक छोटा सा उदाहरण दूंगा एक किसान एक बीज लगाया था और हर दिन उसे खोद कर देखता था
क्या वह बीज कभी पौधा बन पाएगा ? नही
एक और उदाहरण एक व्यक्ति 20 किलोमीटर के मैराथन रेस में दौड़ रहा है और हर एक मोड़ चौक चौराहों पर सेल्फी ले रहा है तो क्या वह कभी रेस जीत पाएगा?? नहीं
एक बार आपने लक्ष्य बना लिया रणनीति बना ली तो फिर बार-बार नई रणनीति स्ट्रेटजी के चक्कर में मत फसिए सबकी सफलता की journey अलग-अलग है आप अपने हिसाब से देखिए कि कौन सी चीज आपके लिए काम कर सकती है
अब मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि अगर आपकी तैयारी में कोई सबसे बड़ी बाधा बनेगी तो वह है ओवर गाइडेंस और टेलीग्राम..... अनइनस्टॉल कर भी देंगे तो कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा
चुपचाप शांति से पढ़ाई करें विचलित होने से बचे #22feb
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राजिवलोचन मंदिर में लगे शिलालेख के अनुसार कलचुरी राजा जगपाल देव के शिलालेख में माता का उल्लेख मिलता है. 3 जनवरी 1145 को शिलालेख लगाया गया था
इस स्थान का नाम राजिम तेलिन क्यों पड़ा: इस स्थान का नाम राजिम तेलिन के नाम पर इसलिए पड़ा क्योंकि यहां के तैलिय वंश लोग तिलहन की खेती करते थे. इन्हीं तैलिन लोगों में एक धर्मदास भी था, जिसकी पत्नी का नाम शांतिदेवी था. दोनों विष्णु के भक्त थे और उनकी बेटी का नाम राजिम था. राजिम का विवाह अमरदास नामक व्यक्ति से हुआ. राजिम भी विष्णु की भक्त थी, जो मूर्ति विहीन राजीवलोचन मंदिर में जाकर पूजा करती थी. राजिम की भक्ति, त्याग और तपस्या के चलते ही वे पूरे क्षेत्र में माता की तरह प्रसिद्ध हो गई. भगवान के प्रति अपार सेवाभाव रखने और पुण्य प्रताप के कारण ही आज पूरे देश में राजिम भक्तिन माता (Rajim Bhaktin Mata) की अलग पहचान है.
राजिम का मेला : राजिम का माघ पूर्णिमा का मेला संपूर्ण भारत में प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ के लाखों श्रद्धालु इस मेले में जुटते हैं. माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक पंद्रह दिनों का मेला लगता है. महानदी, पैरी और सोढुर नदी के तट पर लगने वाले इस मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र संगम पर स्थित कुलेश्वर महादेव का मंदिर है. अब इस मेले को राजिम माघी पुन्नी मेला भी कहा जाता है.
इस स्थान का नाम राजिम तेलिन क्यों पड़ा: इस स्थान का नाम राजिम तेलिन के नाम पर इसलिए पड़ा क्योंकि यहां के तैलिय वंश लोग तिलहन की खेती करते थे. इन्हीं तैलिन लोगों में एक धर्मदास भी था, जिसकी पत्नी का नाम शांतिदेवी था. दोनों विष्णु के भक्त थे और उनकी बेटी का नाम राजिम था. राजिम का विवाह अमरदास नामक व्यक्ति से हुआ. राजिम भी विष्णु की भक्त थी, जो मूर्ति विहीन राजीवलोचन मंदिर में जाकर पूजा करती थी. राजिम की भक्ति, त्याग और तपस्या के चलते ही वे पूरे क्षेत्र में माता की तरह प्रसिद्ध हो गई. भगवान के प्रति अपार सेवाभाव रखने और पुण्य प्रताप के कारण ही आज पूरे देश में राजिम भक्तिन माता (Rajim Bhaktin Mata) की अलग पहचान है.
राजिम का मेला : राजिम का माघ पूर्णिमा का मेला संपूर्ण भारत में प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ के लाखों श्रद्धालु इस मेले में जुटते हैं. माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक पंद्रह दिनों का मेला लगता है. महानदी, पैरी और सोढुर नदी के तट पर लगने वाले इस मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र संगम पर स्थित कुलेश्वर महादेव का मंदिर है. अब इस मेले को राजिम माघी पुन्नी मेला भी कहा जाता है.
बस्तर: स्थानीय लोगों के विरोध के बीच पर्यावरण मंत्रालय ने बैलाडीला वन क्षेत्र में खनन को मंज़ूरी दी
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में स्थित बैलाडीला आरक्षित वन के भीतर राज्य-स्वामित्व वाली एनएमडीसी को लौह अयस्क खनन के विस्तार के लिए 874.924 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्ज़न को पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की सिफारिश की है. स्थानीय लोग खनन विस्तार का विरोध कर रहे हैं.
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में स्थित बैलाडीला आरक्षित वन के भीतर राज्य-स्वामित्व वाली एनएमडीसी को लौह अयस्क खनन के विस्तार के लिए 874.924 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्ज़न को पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की सिफारिश की है. स्थानीय लोग खनन विस्तार का विरोध कर रहे हैं.
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Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (APEDA)
छत्तीसगढ़ को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, छत्तीसगढ़ में आयोजित दूसरे भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल शिखर सम्मेलन के दौरान रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया।
छत्तीसगढ़ को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, छत्तीसगढ़ में आयोजित दूसरे भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल शिखर सम्मेलन के दौरान रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया।
Doc verification.pdf
2.4 MB
👆राजीव युवा उत्थान योजना के अंतर्गत मेरिट list में चयनित अभ्यर्थी ध्यान देवे
New Delhi में UPSC कोचिंग हेतु अभ्यर्थियों का document verification 27-28 जनवरी को मीटिंग हॉल कक्ष – 04, तृतीय तल, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर, में होगा।
👉अनुसूचित जनजाति 27.जनवरी 2026 समय – 11.00 से 04.00 बजे तक
👉अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग
28.जनवरी .2026 समय – 11.00 से 04.00 बजे तक
⭕️आवश्यक दस्तावेज सत्यापन हेतु
1. प्राक्कलन परीक्षा का प्रवेश पत्र
2. कक्षा 10वीं की अंकसूची
3. स्नातक की अंकसूची
4. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र
5. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र
6. अ.पि.व. अभ्यर्थियों हेतु आय प्रमाण-पत्र
7. नोटरी द्वारा अभिप्रमाणित स्वघोषणा प्रमाण-पत्र
New Delhi में UPSC कोचिंग हेतु अभ्यर्थियों का document verification 27-28 जनवरी को मीटिंग हॉल कक्ष – 04, तृतीय तल, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर, में होगा।
👉अनुसूचित जनजाति 27.जनवरी 2026 समय – 11.00 से 04.00 बजे तक
👉अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग
28.जनवरी .2026 समय – 11.00 से 04.00 बजे तक
⭕️आवश्यक दस्तावेज सत्यापन हेतु
1. प्राक्कलन परीक्षा का प्रवेश पत्र
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5. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र
6. अ.पि.व. अभ्यर्थियों हेतु आय प्रमाण-पत्र
7. नोटरी द्वारा अभिप्रमाणित स्वघोषणा प्रमाण-पत्र
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