GK Trick
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इस चैनल पर आपको सभी भर्तियों की तैयारी / संबंधित पोस्ट किए जायेगी
#करट अफेयर्स Tips & Tricks
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भारत चुनाव आयोग

© यह मुख्य रूप से भारत गणराज्य का एक स्वशासी निकाय है। इसका संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पर नियंत्रण होता है।

✍️ EIC की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी। ECI का मुख्यालय नई दिल्ली में है। ECI 15 अक्टूबर 1989 तक भारत के "मुख्य चुनाव आयुक्त" के साथ एक सदस्यीय निकाय था।

✍️ 16 अक्टूबर 1989 से, भारत के चुनाव आयुक्त ने दो और चुनाव आयुक्तों को नामित किया और फिर मतदान की आयु 21 से बदलकर 18 वर्ष कर दी गई। ECI एक बहु-सदस्यीय निकाय है और इसमें तीन चुनाव आयुक्त हैं।

✍️ इस प्रकार, भारत के संविधान का भाग XV चुनाव के भाग से संबंधित है। "अनुच्छेद 324 से 329" चुनाव आयोग और सदस्यों की पात्रता, शक्तियां, कार्यकाल और कार्य से संबंधित है।


✍️ ECI की भूमिका
भारत के चुनाव आयोग की मुख्य और महत्वपूर्ण भूमिका पूरे देश में "स्वतंत्र और निष्पक्ष" चुनाव को लागू करना और संचालित करना और हिंसा और उल्लंघन के किसी भी मामले के लिए उचित कार्रवाई करना है।

✍️ ECI ने 1952 से भारत में राज्यों और राष्ट्रीय चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन किया है।

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#polity
Current topics
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Election Commission of India

© It is primarily a self-governing body of the Republic of India. It has control over the entire election process.

✍️ EIC was established on 25 January 1950. The headquarter of ECI is in New Delhi. ECI was a single-member body with the "Chief Election Commissioner" of India as its head until 15 October 1989.

✍️ From 16 October 1989, the Election Commissioner of India nominated two more Election Commissioners and then the voting age was changed from 21 to 18 years. ECI is a multi-member body and has three Election Commissioners.

✍️ Thus, Part XV of the Constitution of India deals with the part of elections. "Articles 324 to 329" deals with the eligibility, powers, tenure and functions of the Election Commission and members.

✍️ Role of ECI
The main and vital role of the Election Commission of India is to implement and conduct “free and fair” elections throughout the country and take appropriate action for any cases of violence and violations.

✍️ ECI has successfully conducted state and national elections in India since 1952.

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#polity
Current topics
Import questions

1) मिट्टी की अम्लीय प्रकृति ............... की उच्च सांद्रता से प्रदर्शित होती है। 
1. हाइड्रोजन
2. फॉस्फोरस
3. नाइट्रोजन
4. ऑक्सीजन
उत्तर - हाइड्रोजन


2) मेडागास्कर महासागर में स्थित है।    
1. प्रशांत
2. आर्कटिक
3. भारतीय
4. अटलांटिक
उत्तर- भारतीय

3)बल की सीमा 10−16 मीटर के क्रम की है।
1. विद्युत चुम्बकीय
2. गुरुत्वाकर्षण
3. मजबूत परमाणु
4. कमजोर परमाणु
उत्तर - कमजोर परमाणु


4)ऋग्वेद में ऋषि विश्वामित्र और देवी के रूप में पूजी जाने वाली दो नदियों के बीच संवाद के रूप में एक भजन है। ये नदियाँ कौन सी हैं?
1. अलकनंदा और भागीरथी
2. रावी और चिनाब
3. गंगा और यमुना
4. ब्यास और सतलज
उत्तर- ब्यास और सतलुज

5) निम्नलिखित में से कौन सी वह प्रक्रिया है जिसमें गर्म, कम सघन पदार्थ ऊपर की ओर उठते हैं और उनके स्थान पर ठंडे, अधिक सघन पदार्थ ले लेते हैं?
1. चालन
2. विकिरण
3. संघनन
4. संवहन
उत्तर - संवहन

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Import questions

1) Acidic nature of soil is shown by high concentration of ...............
1. Hydrogen
2. Phosphorus
3. Nitrogen
4. Oxygen
Answer - Hydrogen

2) Madagascar is situated in the ocean.
1. Pacific
2. Arctic
3. Indian
4. Atlantic
Answer - Indian

3) The range of force is of the order of 10−16 m.
1. Electromagnetic
2. Gravitational
3. Strong nuclear
4. Weak nuclear
Answer - Weak nuclear

4) Rig Veda has a hymn in the form of a dialogue between sage Vishwamitra and two rivers worshipped as goddesses. Which are these rivers?
1. Alaknanda and Bhagirathi
2. Ravi and Chenab
3. Ganga and Yamuna
4. Beas and Sutlej
Answer- Beas and Sutlej

5) Which of the following is the process in which hot, less dense substances rise upwards and are replaced by cold, more dense substances?
1. Conduction
2. Radiation
3. Condensation
4. Convection
Answer- Convection
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#Quiz
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भूगोल का अर्थ

✍️भूगोल शिक्षा का मतलब है, पृथ्वी के बारे में अध्ययन करना और जानना कि यह कैसे बनी है. भूगोल, पृथ्वी की भूमि, विशेषताओं, निवासियों और घटनाओं का अध्ययन है. भूगोल शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, 'भू' यानी पृथ्वी और 'गोल'. भूगोल की दो शाखाएं हैं, भौतिक और मानव. भौतिक भूगोल बताता है कि प्राकृतिक घटनाओं ने मौसम विज्ञान और जलवायु विज्ञान जैसे अध्ययन के क्षेत्रों के माध्यम से पृथ्वी को आकार दिया है. मानव भूगोल इस बात पर चर्चा करता है कि मनुष्यों ने पृथ्वी के निर्माण को कैसे प्रभावित किया है. भूगोल, पर्यावरण, स्थानों और स्थानों की अवधारणाओं के बारे में सोचने का इतिहास है. भूगोल, प्रमुख समसामयिक मुद्दों, जैसे वैश्वीकरण और पर्यावरण परिवर्तन, के साथ-साथ स्थानीय मतभेदों की विस्तृत सराहना में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है.
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#Geo
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बिग बैंग थ्योरी
✍️ यह जॉर्जेस लेमैत्रे द्वारा प्रस्तावित किया गया था। बिग बैंग एक विस्फोट था जो 13.8 अरब साल पहले हुआ था, जिससे सितारों और अन्य खगोलीय पिंडों की आकाशगंगाओं का निर्माण हुआ

स्थिर-अवस्था सिद्धांत
✍️ बोंडी, गोल्ड और फ्रेड हॉयल ने इस सिद्धांत को विकसित किया और कहा कि यद्यपि ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है, फिर भी यह समय के साथ अपना स्वरूप बदलता है, और इसकी कोई शुरुआत और अंत नहीं है।

स्पंदन सिद्धांत
✍️ इस सिद्धांत के अनुसार, ब्रह्मांड को बारी-बारी से विस्तार और संकुचन यानी स्पंदनशील माना जाता है। वर्तमान समय में ब्रह्माण्ड का विस्तार हो रहा है।


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#Geo
✅ राज्य सभा सम्पूर्ण जानकारी

80-अनुच्छेद के अनुसार 3 अप्रेल, 1952 को राज्य सभा का गठन किया गया था।

राज्य सभा कि प्रथम बैठक 13 मई, 1952 को हुई थी।

राज्य सभा के उपनाम-
-(1) संसद का उच्च/वरिष्ठ सदन
-(2) विद्ववानो का सदन
-(3) राज्यो का सदन
-(4) अलोकप्रिय सदन
-(5) संसद का द्वितिय सदन
-(6) संसद का स्थाई सदन (क्योकि राज्य सभा को कभी भंग नही किया जा सकता है केवल स्थगित किया जा सकता है।

अध्यक्ष-
-राज्य सभा के अध्यक्ष को सभापति भी कहते है जो कि वर्तमान का उपराष्ट्रपति होता है।

-राज्य सभा एकमात्र ऐसा सदन है जिसका अध्यक्ष उस सदन का सदस्य न होते हुए भी अध्यक्ष होता है।

-भारत का प्रथम राज्य सभा अध्यक्ष (प्रथम उपराष्ट्रपति) डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन था

वर्तमान राज्य सभा अध्यक्ष (उपराष्ट्रपति) वैकेया नायडु है।

उपाध्यक्ष-
-राज्य सभा के सदस्य अपने मे से ही उपसभापति/उपाध्यक्ष का चयन करते है
-राज्य सभा का प्रथम उपाध्यक्ष S.V कृष्णामूर्ति राव था

त्याग पत्र-
राज्य सभा का अध्यक्ष अपना त्याग-पत्र (उपराष्ट्रपति के रूप मे) राष्ट्रपति को देता है जबकि उपाध्यक्ष अपना त्याग-पत्र अध्यक्ष (उपराष्ट्रपति) को देता है।

कार्यकाल-
राज्य सभा के सभापति का कार्यकाल (उपराष्ट्रपति के रूप मे) 5 वर्ष होता है जबकि उपाध्यक्ष व सदस्यो का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।

निर्वाचन (चुनाव)-
-राज्य सभा के सदस्यो का निर्वाचन उस राज्य कि विधान सभाओ के निर्वाचित सदस्यो (M.L.A) द्वारा किया जाता है।
-राज्य सभा के एक तिहाई सदस्य प्रति 2 वर्षो बाद सेवानिवृत होते रहते है और उनके स्थान पर नये सदस्य आ जाते है तथा सेवानिवृत सदस्यो को पुनः भी चुना जा सकता है

आयु-

-राज्य सभा सदस्य हेतु न्यून्तम आयु 30 वर्ष तथा अधिकतम कितनी भी हो सकती है।

शपथ-
-राज्य सभा के अध्यक्ष को शपत राष्ट्रपति दिलाता है जब राष्ट्रपति अनुपस्थित हो तो राष्ट्रपति द्वारा नामित/नियुक्त व्यक्ति शपत दिलाता है

- राज्य सभा सदस्यो को शपत राज्य सभा अध्यक्ष दिलाता है।

वर्तमान राज्य सभा सिटें - 245
(1) राज्यो+केन्द्रशासित प्रदेशो से निर्वाचित- 233
(2) राष्ट्रपति द्वारा मनोनित- 12

अधिकतम राज्य सभा सिटें - 250

(1) राज्यों + केन्द्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित- 238
(2) राष्ट्रपति द्वारा मनोनित- 12

-अनुच्छेद 80 के तहत राष्ट्रपति द्वारा 12 सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा, खेल जगत आदि क्षेत्रो से मनोनित किये जाते है।

-राष्ट्रपति द्वारा संसद मे कुल 14 सदस्य (2 लोक सभा+ 12 राज्य सभा) मनोनित किये जाते है।

-सर्वाधिक राज्य सभा सिटो वाला राज्य उत्तर प्रदेश है जिसमे कुल 31 सिटे है।

-राजस्थान कि कुल राज्य सभा सिटे 10 है
-दिल्ली कि कुल राज्य सभा सिटे 3 है
-पोण्डिचेरी कि कुल राज्य सभा सिट 1 है


राज्य सभा के विशेष अधिकार/शक्तियां

(1) अनुच्छेद 249-
-इस अनुच्छेद के अनुसार राज्य सभा राज्य सुची के किसी भी विषय को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा दे सकती है।

(2) अनुच्छेद 252-
-इस अनुच्छेद के अनुसार राज्य सभा दो/दो से अधिक विधान मण्डलो द्वारा पारित विषय पर कानून बना सकती है।

-(3) अनुच्छेद 312-
-इस अनुच्छेद के अनुसार केवल राज्य सभा ही नयी अखिल-भारतीय सेवाओ का सर्जन/गठन कर सकती है

-भारत मे वर्तमान मे कुल 3 अखिल-भारतीय/प्रशासनिक सेवाएं है।

जैसे-
-(अ) I.A.S- Indian Administrative Service (भारतीय प्रशासनिक सेवा)
-(ब) I.P.S- Indian Police Service (भारतीय पुलिस सेवा)
-(स) I.F.S- Indian Forest Service (भारतीय वन सेवा)

लॉर्ड रिपन-
-सिविल सर्विस/अखिल भारतीय सेवाओं के जनक लॉर्ड रिपन है।

-सिविल सर्विस डे 21 अप्रेल को मनाया जाता है।

-राज्य सभा धन विधेयक मे कोई फेर बदल नही कर सकती केवल सुझाव दे सकती है।

-राज्य सभा सदस्य बनने वाला प्रथम अभिनेता पृथ्वीराज कपूर है।

-राज्य सभा सदस्य बनने वाली प्रथम अभिनेत्री नरगिस दत है।

-राज्य सभा सदस्य बनने वाला प्रथम खिलाड़ी सचिन तेन्दुलकर है।

-राज्य सभा सदस्य बनने वाला प्रथम वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस है।

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#polity
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🌞 Kings and their Kingdoms 🌞
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▪️ सन वंश - सामन्तसेन

▪️ गर्जर प्रतिहार वंश - हरिश्चंद्र/नागभट्ट

▪️ चौहान वंश - वासुदेव

▪️ चदेल वंश - नन्नुक

▪️ गलाम वंश - कुतुबुद्दीन ऐबक

▪️ खिलजी वंश - जलालुद्दीन फिरोज ख़िलजी

▪️ तगलक वंश - गयासुद्दीन तुगलक

▪️ सयद वंश - खिज्र खान

▪️ लोदी वंश - बहलोल लोदी

▪️ विजयनगर साम्राज्य - एवं बुक्का

▪️ बहमनी साम्राज्य - हसन गंगू

▪️ मगल वंश - बाबर

▪️ हर्यक वंश - बिम्बिसार

▪️ नन्द वंश - महापदम नन्द

▪️ मौर्य साम्राज्य - चन्द्रगुप्त मौर्य

▪️ गप्त वंश - श्री गुप्त श्रीगुप्त

▪️ पाल वंश - गोपाल

▪️ पल्लव वंश - सिंहविष्णु

▪️ राष्ट्रकूट वंश - दन्तिदुर्ग

▪️ चालुक्य-वातापी वंश - पुलकेशिन प्रथम

▪️ चालुक्य-कल्याणी वंश - तैलप द्वितीय

▪️ चोल वंश - विजयालय

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भारत की अवस्थिति और विस्तार

✍️ भारत की अवस्थिति विषुवत रेखा के उत्तर में 8º 4’से 37º 6’उत्तरी अक्षांश और 68º 7’ से 97º 25’ पूर्वी देशान्तर के मध्य विस्तृत है।
भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर एवं दक्षिण में हिन्द महासागर स्थित है।
भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किमी. है।
भारत विश्व का क्षेत्रफल की दृष्टि से रूस, कनाडा, चीन, अमेरिका, ब्राजील एवं ऑस्ट्रेलिया के बाद सातवें तथा जनसंख्या की दृष्टि से चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है।

#Geo
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✍️ भारत की उत्तर से दक्षिण तक लम्बाई लगभग 3214 किमी० एवं पूर्व से पश्चिम तक लम्बाई लगभग 2933 किमी है।
भारत के पश्चिम में 68º 7’देशान्तर रेखा और पूर्व में 97º 25’देशांतर रेखा के मध्य तक 30º देशांतर रेखा का विस्तार है।
पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती हुयी पृथ्वी पर कुल 360º देशांतर रेखायें हैं। पृथ्वी को 360º घूमने में 24घंटे (1440 मिनट) का समय लगता है।

@Gk_trick
#Geo
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✍️ पृथ्वी 4 मिनट में 1º देशांतर को पार करती है, इसलिए भारत के पश्चिमी छोर (68º7’ पूर्वी देशांतर) से पूर्वी छोर (97º25’ पूर्वी देशांतर) तक घूमने में पृथ्वी को लगभग 120 मिनट का समय लगता है। अरुणाचल प्रदेश व गुजरात के मध्य समय में 2 घण्टे का अंतर है।
विश्व में अधिक देशान्तरीय विस्तार वाले देशों में मध्य की देशान्तर रेखा को मानक समय रेखा मान लिया जाता है। अतः वहां जो समय होगा उसे ही पूरे देश का मानक समय स्वीकार कर लिया जाता है।
भारत में इस समस्या का समाधान करनें के लिए 82½º देशान्तर रेखा को भारत के मानक समय (IST) के निर्धारण हेतु मानक याम्योत्तर (Standard Meridian) के रूप में स्वीकार किया गया है। इस प्रकार 82½º याम्योत्तर रेखा पर जो समय होगा, वही पूरे देश का समय माना जायेगा।
अंतर्राष्ट्रीय मानक समय रेखा 0º देशांतर लंदन के ग्रीनविच नामक स्थान से होकर गुजरती है।
0º देशांतर से लेकर 82½º पूर्वी देशांतर के मध्य 5 घण्टा 30 मिनट का समयांतराल है, चूंकि भारत पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है इसलिए भारतीय मानक समय (82½º पूर्वी देशांतर) ग्रीनविच समय से 5 घण्टा 30 मिनट आगे है। अर्थात् यदि भारत में शाम के 5:30 बजरहे हैं, तो लंदन में दिन का समय 12:00 बजे होगा।
भारतीय मानक समय रेखा भारत के 5 राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीशाएवं आन्ध्र प्रदेश से होकर गुजरती है।
23½º उत्तरी अक्षांश रेखा या कर्क रेखा भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है, जिसके कारण यह सम्पूर्ण देश को प्रायः दो कटिबन्धों- दक्षिण में उष्णकटिबन्ध एवं उत्तर में उपोष्णकटिबन्ध में विभाजित करती है।
@Gk_trick
#Geo
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✍️ पश्चिम बंगाल तथा त्रिपुरा के मध्य कर्क रेखा बांग्लादेश से होकर गुजरती है। भारत में कर्क रेखा की सर्वाधिक लम्बाई मध्य प्रदेश राज्य में तथा न्यूनतम लम्बाई राजस्थान में है।
कर्क रेखा देश के आठ राज्यों से होकर गुजरती है, जो पश्चिम से पूर्व इस प्रकार है- गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम।

✍️भारत की तटीय सीमा की कुल लम्बाई 6100 किमी0 है, किन्तु मुख्य भूमि तथा द्वीपों की लम्बाई भी इसमें जोड़कर कुल लम्बाई 6 किमी० (लगभग 7517 किमी०) हो जाती है। भारत की स्थल सीमा की कुल लम्बाई लगभग 15,200 किमी० है।
भारत के 9 राज्यों जिनमें – कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश, उड़ीशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र एवं गोवा शामिल है एवं 5 केन्द्र शासित प्रदेश – पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादर एवं नागर हवेली तथा दमन एवं दीव की सीमाएं समुद्री तटरेखा से लगी हुई है
भारतीय प्रायद्वीप का दक्षिणी हिस्सा त्रिभुजाकार है, जो कि दक्षिण में हिन्द महासागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम में अरब सागर से घिरा हुआ है। इसके अतिरिक्त भारतीय प्रायद्वीप के चारों ओर कुछ अन्य संकरी खाड़ियां, क्रीक और चैनल विद्यमान है।

✍️गुजरात के दक्षिण में स्थित संकरे समुद्र को खम्भात की खाड़ी, गुजरात के पश्चिम में स्थित संकरे समुद्र को कच्छ की खाड़ी तथा भारत व श्रीलंका के मध्य स्थित संकरे समुद्र को मन्नार की खाड़ी कहते हैं।
दो द्वीपों के मध्य स्थित संकरे समुद्र को चैनल कहते हैं। भारत के आस-पास स्थित चैनलों के नाम अक्षांश रेखाओं के नाम पर किया गया है। उदाहरण के लिए मालदीव व मिनिकाय के मध्य 8º चैनल इसके उत्तर में मिनिकाय व लक्षद्वीप के मध्य 9º चैनल तथा लिटिल अंडमान व कार निकोबार के मध्य 10º चैनल स्थित ह

✍️भारत की सबसे लम्बी तट रेखा वाला राज्य गुजरात है तथा आन्ध्रप्रदेश एवं तमिलनाडु क्रमशः दूसरी एवं तीसरी सबसे लंबी तट रेखा वाले राज्य हैं।
भारत की सबसे छोटी तट रेखा वाला राज्य गोवा है।
भारतीय प्रायद्वीप का दक्षिणतम बिन्दु कन्याकुमारी है, किन्तु भारत का दक्षिणतम बिन्दु ग्रेट निकोबार में स्थित इंदिरा प्वाइंट है।
भारत का उत्तरतम बिन्दु इंदिरा कॉल (जम्मू और कश्मीर) औरसबसे पश्चिमी बिन्दु गुहार मोता (गुजरात) है, जबकि सबसे पूर्वी बिन्दु किबिथु (अरुणाचल प्रदेश) है।

@Gk_trick
#Geo
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गोवा में पुर्तगाली शासन

✍️ भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा वर्ष 1510 से वर्ष 1961 तक एक पुर्तगाली उपनिवेश था।
इस छोटे तटीय क्षेत्र को अफोंसो-डी-अल्बुकर्क ने जीत लिया, जो पूर्वी मसाला व्यापार के लिये एक महत्त्वपूर्ण व्यापार केंद्र बन गया।
उल्लेखनीय रूप से गोवा ने 450 वर्षों तक केप ऑफ गुड होप के पूर्व में संपूर्ण पुर्तगाली साम्राज्य की राजधानी के रूप में कार्य किया।

✍️ वर्ष 1940 के दशक में जैसे ही भारत, ब्रिटिशराज से स्वतंत्र हुआ, गोवा में भी स्वतंत्रता के लिये संघर्ष शुरू हो गया।
अंततः 19 दिसंबर, 1961 को अपने उपनिवेशीकरण की चार शताब्दियों से भी अधिक समय पश्चात् गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कर दिया गया।
@Gk_trick
#His
चर्चा में क्यों?

✍️ हाल ही में विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी एक ज्ञापन के कारण पिछले कुछ महीनों में गोवा के 100 से अधिक लोगों के पासपोर्ट निरस्त कर दिये गए हैं

✍️ विदेश मंत्रालय का वर्ष 2022 का ज्ञापन:
विदेश मंत्रालय ने 30 नवंबर, 2022 को एक ज्ञापन जारी किया, जिसके अनुसार विशेष रूप से "पूर्व भारतीय नागरिक द्वारा विदेशी राष्ट्रीयता प्राप्त करने के बाद भारतीय पासपोर्ट को जमा किया जाना था।
ज्ञापन में पासपोर्ट जमा/सरेंडर प्रमाणपत्रों से संबंधित मामलों को वर्गीकृत किया गया है और एक विशेष श्रेणी के परिणामस्वरूप कुछ गोवावासियों के पासपोर्ट निरस्त कर दिये गए हैं।

@Gk_trick
महावीर जयंती क्या है?

परिचय
✍️ महावीर जयंती, जैन समुदाय में सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है।
यह दिन वर्धमान महावीर के जन्म का प्रतीक है, जो 24वें या अंतिम तीर्थंकर तथा 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के उत्तराधिकारी बने।
जैन ग्रंथों के अनुसार, भगवान महावीर का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष के 13वें दिन हुआ था।

✍️ ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, महावीर जयंती आमतौर पर मार्च या अप्रैल महीने में मनाई जाती है।
भगवान महावीर की मूर्ति के साथ एक जुलूस निकाला जाता है जिसे रथ यात्रा कहा जाता है।
स्तवन अथवा जैन प्रार्थनाओं का पाठ करते हुए, भगवान की मूर्तियों का औपचारिक स्नान कराया जाता है जिसे अभिषेक कहा जाता है।

भगवान महावीर:

✍️ भगवान महावीर स्वामी ने अपनी गहन आध्यात्मिक प्रथाओं और शिक्षाओं के माध्यम से मानवता पर एक अमिट छाप छोड़ी।
बचपन में भगवान महावीर का नाम वर्धमान था यानी 'जो बढ़ता है'।
अपनी बारह वर्ष की आध्यात्मिक साधना के दौरान भगवान महावीर ने चार असाधारण गुणों का प्रदर्शन किया:
गहन और अबाधित ध्यान: उनके अटूट ध्यान ने उन्हें गहन अंतर्दृष्टि प्राप्त करने में मदद की।

कठोर तपस्या: अपनी आत्मा को शुद्ध करने के लिये उन्होंने अत्यधिक शारीरिक कष्ट सहे।
दर्द की सहनशक्ति: महावीर स्वामी ने अद्भुत सहनशक्ति का प्रदर्शन किया।

सर्वश्रेष्ठ संतुलन: उनका आंतरिक संतुलन स्थिर रहा।
वैशाख के दसवें दिन, महावीर की यात्रा एक निर्णायक क्षण पर पहुँची।
इन 5 शिक्षाओं में ब्रह्मचर्य (ब्रह्मचर्य/शुद्धता) को महावीर द्वारा जोड़ा गया था।

@Gk_trick
जैन धर्म क्या है?

✍️ 'जैन' शब्द जिन या जैन से बना है जिसका अर्थ है 'विजेता'।

तीर्थंकर एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है 'नदी निर्माता', अर्थात् जो नदी को पार कराने में सक्षम हो, वही सांसारिक जीवन के सतत् प्रवाह से पार कराएगा।
जैन धर्म अहिंसा को अत्यधिक महत्त्व देता है।

यह 5 महाव्रतों का उपदेश देता है

अहिंसा
सत्य
अस्तेय या आचार्य (चोरी न करना)
अपरिग्रह (गैर-आसक्ति/गैर-आधिपत्य)
ब्रह्मचर्य (शुद्धता
)

इन 5 शिक्षाओं में महावीर द्वारा ब्रह्मचर्य (ब्रह्मचर्य/शुद्धता) को जोड़ा गया था।
जैन धर्म के तीन रत्न या त्रिरत्न में शामिल हैं:
सम्यक् दर्शन (सही विश्वास)।
सम्यक् ज्ञान (सही ज्ञान)।
सम्यक् चरित्र (सही आचरण)।

बाद के समय में जैन धर्म दो संप्रदायों में विभाजित हो गया:

स्थलबाहु के अधीन श्वेतांबर (श्वेत वस्त्रधारी)।
भद्रबाहु के नेतृत्व में दिगंबर (आकाश-आवरणधारी)।


जैन धर्म में महत्त्वपूर्ण विचार यह है कि पूरी दुनिया सजीव है: यहाँ तक कि पत्थरों, चट्टानों और पानी में भी जीवन है।
जीवित प्राणियों, विशेषकर मनुष्यों, जानवरों, पौधों और कीड़ों को चोट न पहुँचाना जैन दर्शन का केंद्र है।

✍️ जैन की शिक्षाओं के अनुसार, जन्म और पुनर्जन्म का चक्र कर्म के माध्यम से आकार लेता है।
स्वयं को कर्म के चक्र से मुक्त करने और आत्मा की मुक्ति के लिये संन्यास एवं तपस्या की आवश्यकता होती है।
संथारा की प्रथा भी जैन धर्म का हिस्सा है।
यह आमरण अनशन की रस्म है। श्वेतांबर जैन इसे संथारा कहते हैं, जबकि दिगंबर इसे सल्लेखना कहते हैं।

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