GK Trick
1.59K subscribers
394 photos
7 videos
9 files
155 links
हमे Support के सिर्फ Subscribe कीजिये।
https://youtube.com/@timesofstudy8640

आपका अपने चैनल "Gk_trick" मे स्वागत है।
इस चैनल पर आपको सभी भर्तियों की तैयारी / संबंधित पोस्ट किए जायेगी
#करट अफेयर्स Tips & Tricks
Contact me @Zmirza_bot
Download Telegram
उत्तर:B. दूसरी

SOLUTION
* वल्लभी वह स्थान था जहाँ दूसरी जैन पारिषद आयोजित हुई थी।

* इसे 521 A.D में देवार्दि क्षाश्रमण की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था।

◆पहली जैन परिषद 300BC में पाटलिपुत्र में हुई थी।

◆ यह शतुलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी।
12 अंग का संकलन प्रथम परिषद में किया गया था।

◆ यह पवित्र पाठ अगमों को लिखने से संबंधित थी, जो पहले मौखिक रूप से प्रसारित किये जाते थे।
यह देवार्धि क्षेमसेमना के नेतृत्व में आयोजित की गयी थी।
यह 512 AD में आयोजित की गयी।


◆ Doctrine of Jainism (जैन धर्म के सिद्धांत)

● Jainism में तीन रत्न है, सम्यक श्रद्धा, सम्यक जनन और सम्यक कर्मा।
सम्यक श्रद्धा तीर्थंकरों की आस्था है।
तथा, सम्यक जनन को ज्ञान पंथ का ज्ञान कहा गया है।
और, सम्यक कर्मा जैन धर्म के पाँच व्रतों का अभ्यास है।

◆ महावीर का जन्म 540 ईसा पूर्व बिहार में वैशाली के पास कुंडग्राम नामक गाँव में हुआ था।

● महावीर के पिता का नाम सिद्धार्थ थे।

● और, वे वैशाली के वज्जी के तहत ज्नाथ्रिका क्षत्रिय वंश के प्रमुख थे।

● तथा, महावीर के माता का नाम त्रिशला थे।

●और, वे वैशाली के राजा चेतक की बहन थी।

◆ महावीर का निधन 468 ईसा पूर्व में बहत्तर वर्ष की आयु में, बिहार के पास पावापुरी में हुवा था।

और, महावीर के निधन के वाद ग्यारह गंधरस में सुधर्मन (Sudharman) शिष्य ही केवल जीवित थे।     



@Gk_trick
Share
#His
#Mahavir