NCERT-Hindi-Class-10-Science.pdf
14.1 MB
#Ncert6th
नोट: विश्व में सबसे अधिक वर्षा मेघालय में स्थित मौसिनराम में होती है।
जलवायु: किसी स्थान पर अनेक वर्षा में मापी गई मौसम की औसत दशा को जलवायु कहते हैं।
प्राकृतिक वनस्पति: झाड़ियां तथा पौधे जो बिना मनुष्य की सहायता के उपजते हैं उन्हें प्राकृतिक वनस्पति कहा जाता है।
हमें वनों की आवश्यकता क्यों है?
वन हमारे लिए बहुत ही लाभदायक है यह विभिन्न कार्य करते हैं पेड़, पौधे ऑक्सीजन छोड़ते हैं जिसे हम सांस लेते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करते हैं।
पेड़ पौधे की जड़े मिट्टी को बांध कर रखती है तथा इस प्रकार वह मिट्टी के अपरदन को रोकते हैं।
वनों से हमें ईंधन, लकड़ी, चारा, जड़ी बूटियां, लाख, शहद, गोंद इत्यादि प्राप्त होते हैं वन्य वन्यजीवो के प्राकृतिक निवास है।
नोट: बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु है।
वन्य प्राणी
बाघ भारत के विभिन्न भागों में पाया जाता है गुजरात के गिर वन में एशियाई शेरों का निवास है।
हाथी तथा एक सींग वाले गैंडे असम के जंगलों में पाए जाते हैं। हाथी केरल एवं कर्नाटक में भी मिलते हैं।
ऊंट भारत के रेगिस्तान तथा जंगली गधा कच्छ के रण में पाए जाते हैं।
जंगली बकरी, हिम तेंदुआ, भालू इत्यादि हिमालय के क्षेत्र में पाए जाते हैं।
इनके अतिरिक्त बहुत से दूसरे जानवर जैसे बंदर, सियार, भेड़िया नीलगाय, चीता इत्यादि भी हमारे देश में पाए जाते हैं।
नोट: मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।
नोट: भारत में सांपों की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती है उनमें कोबरा एवं करैत प्रमुख है।
भारत सरकार ने समाप्त / लुप्त हो रहे जानवरों के प्रजाति के लिए क्या किया है?
वनों के कटने तथा जानवरों की शिकार के कारण भारत में पाए जाने वाले वन्यजीवों की प्रजातियां तेजी से घट रही है बहुत सी प्रजातियां तो समाप्त भी हो चुकी है। उनको बचाने के लिए बहुत से नेशनल पार्क, पशु विहार तथा जीव मंडल आरक्षित क्षेत्र स्थापित किए गए हैं। सरकार ने हाथियों तथा बाघों को बचाने के लिए बाघ परियोजना एवं हस्ति परियोजना जैसी परियोजनाओं को शुरू किया है।
प्रवासी पक्षी: कुछ पक्षी पिंटेल, बत्तख कर्लियू, फ्लैमिंगो, आस्प्रे, लिटिल स्टिंग प्रत्येक वर्ष सर्दी के मौसम में हमारे देश में आते हैं। सबसे छोटी लिटिल स्टिंग जिसका वजन लगभग 15 ग्राम होता है आर्टिक प्रदेश से 800 किलोमीटर की दूरी तय करके भारत आती है।
#Geo
#Ncert #Ncert6th
#Gk_trick
Share करे
नोट: विश्व में सबसे अधिक वर्षा मेघालय में स्थित मौसिनराम में होती है।
जलवायु: किसी स्थान पर अनेक वर्षा में मापी गई मौसम की औसत दशा को जलवायु कहते हैं।
प्राकृतिक वनस्पति: झाड़ियां तथा पौधे जो बिना मनुष्य की सहायता के उपजते हैं उन्हें प्राकृतिक वनस्पति कहा जाता है।
हमें वनों की आवश्यकता क्यों है?
वन हमारे लिए बहुत ही लाभदायक है यह विभिन्न कार्य करते हैं पेड़, पौधे ऑक्सीजन छोड़ते हैं जिसे हम सांस लेते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करते हैं।
पेड़ पौधे की जड़े मिट्टी को बांध कर रखती है तथा इस प्रकार वह मिट्टी के अपरदन को रोकते हैं।
वनों से हमें ईंधन, लकड़ी, चारा, जड़ी बूटियां, लाख, शहद, गोंद इत्यादि प्राप्त होते हैं वन्य वन्यजीवो के प्राकृतिक निवास है।
नोट: बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु है।
वन्य प्राणी
बाघ भारत के विभिन्न भागों में पाया जाता है गुजरात के गिर वन में एशियाई शेरों का निवास है।
हाथी तथा एक सींग वाले गैंडे असम के जंगलों में पाए जाते हैं। हाथी केरल एवं कर्नाटक में भी मिलते हैं।
ऊंट भारत के रेगिस्तान तथा जंगली गधा कच्छ के रण में पाए जाते हैं।
जंगली बकरी, हिम तेंदुआ, भालू इत्यादि हिमालय के क्षेत्र में पाए जाते हैं।
इनके अतिरिक्त बहुत से दूसरे जानवर जैसे बंदर, सियार, भेड़िया नीलगाय, चीता इत्यादि भी हमारे देश में पाए जाते हैं।
नोट: मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।
नोट: भारत में सांपों की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती है उनमें कोबरा एवं करैत प्रमुख है।
भारत सरकार ने समाप्त / लुप्त हो रहे जानवरों के प्रजाति के लिए क्या किया है?
वनों के कटने तथा जानवरों की शिकार के कारण भारत में पाए जाने वाले वन्यजीवों की प्रजातियां तेजी से घट रही है बहुत सी प्रजातियां तो समाप्त भी हो चुकी है। उनको बचाने के लिए बहुत से नेशनल पार्क, पशु विहार तथा जीव मंडल आरक्षित क्षेत्र स्थापित किए गए हैं। सरकार ने हाथियों तथा बाघों को बचाने के लिए बाघ परियोजना एवं हस्ति परियोजना जैसी परियोजनाओं को शुरू किया है।
प्रवासी पक्षी: कुछ पक्षी पिंटेल, बत्तख कर्लियू, फ्लैमिंगो, आस्प्रे, लिटिल स्टिंग प्रत्येक वर्ष सर्दी के मौसम में हमारे देश में आते हैं। सबसे छोटी लिटिल स्टिंग जिसका वजन लगभग 15 ग्राम होता है आर्टिक प्रदेश से 800 किलोमीटर की दूरी तय करके भारत आती है।
#Geo
#Ncert #Ncert6th
#Gk_trick
Share करे
सजीव जीवो के लक्ष्ण :-
● सजीव वस्तुओं को भोजन की आवश्यकता होती है।
●सजीवों में वृद्धि होती है।
●सभी सजीव शोषण करते हैं /सांस लेते हैं।
●सभी सजीव उद्दीपन करते हैं।
●सभी सजीव उत्सर्जन करते हैं।
●सभी सजीव गति करते हैं।
●सभी सजीव प्रजनन करते हैं।
उद्दीपन :-
◆मनोविज्ञान में अर्थ :- इंद्रियों द्वारा पकड़े जाने योग्य किसी भी 'परिवर्तन' को उद्दीपन कहते हैं।
◆उद्दीपन का शाब्दिक अर्थ :- ज्योति अग्नि अथवा किसी भाव को बढ़ा देना है। 'उत्' उपसर्ग पूर्वक 'दीप' मूल शब्द में 'णिच्' (संस्कृत) 'अन' (हिंदी) प्रत्यय लगाने पर उद्दीपन शब्द की निष्पत्ति होती है।
◆ उत्सर्जन :- सजीवों द्वारा अपशिष्ट पदार्थों के निष्कासन के प्रक्रम को उत्सर्जन कहते हैं।
Book Notes :-
●किसी स्थान का परिवेश जिसमें पौधे, जंतु एवं अन्य जीव रहते हैं उनका आवास कहलाता है।
●विभिन्न प्रकार के पौधे एवं जंतुओं एक ही आवास में एक साथ रह सकते हैं।
●पौधों और जीवो के विशिष्ट लक्षण एवं स्वभाव जो उन्हें एक आवास विशेष में रहने के अनुकूल बनाते हैं अनुकूलन कहलाता है।
●आवास अनेक प्रकार के होते हैं परंतु सामान्यतः इन्हें स्थलीय (जमीन पर) एवं जलीय आवास (जल में) वर्गीकृत किया जाता है।
●विभिन्न आवास में सजीवों की विविध प्रजातियां पाई जाती है।
पौधे, जंतु एवं सूक्ष्म जीव संयुक्त रूप से जैव घटक बनाते हैं।
●चट्टान, मिट्टी, वायु, जल, प्रकाश एवं ताप हमारे परिवेश के कुछ अवशेष घटक हैं।
●सजीव वस्तुओं के कुछ सामान्य लक्षण है :- उन्हें भोजन की आवश्यकता होती है, वह श्वसन, उत्सर्जन, पर्यावरण के प्रति अनुक्रिया, प्रजनन, वृद्धि एवं गति करते हैं।
#scinotes #ncertscie6th #ncertscie #scinotes #gktrick #ncertseries #ncert6sci #Ncert6chap9
@Gk_trick
● सजीव वस्तुओं को भोजन की आवश्यकता होती है।
●सजीवों में वृद्धि होती है।
●सभी सजीव शोषण करते हैं /सांस लेते हैं।
●सभी सजीव उद्दीपन करते हैं।
●सभी सजीव उत्सर्जन करते हैं।
●सभी सजीव गति करते हैं।
●सभी सजीव प्रजनन करते हैं।
उद्दीपन :-
◆मनोविज्ञान में अर्थ :- इंद्रियों द्वारा पकड़े जाने योग्य किसी भी 'परिवर्तन' को उद्दीपन कहते हैं।
◆उद्दीपन का शाब्दिक अर्थ :- ज्योति अग्नि अथवा किसी भाव को बढ़ा देना है। 'उत्' उपसर्ग पूर्वक 'दीप' मूल शब्द में 'णिच्' (संस्कृत) 'अन' (हिंदी) प्रत्यय लगाने पर उद्दीपन शब्द की निष्पत्ति होती है।
◆ उत्सर्जन :- सजीवों द्वारा अपशिष्ट पदार्थों के निष्कासन के प्रक्रम को उत्सर्जन कहते हैं।
Book Notes :-
●किसी स्थान का परिवेश जिसमें पौधे, जंतु एवं अन्य जीव रहते हैं उनका आवास कहलाता है।
●विभिन्न प्रकार के पौधे एवं जंतुओं एक ही आवास में एक साथ रह सकते हैं।
●पौधों और जीवो के विशिष्ट लक्षण एवं स्वभाव जो उन्हें एक आवास विशेष में रहने के अनुकूल बनाते हैं अनुकूलन कहलाता है।
●आवास अनेक प्रकार के होते हैं परंतु सामान्यतः इन्हें स्थलीय (जमीन पर) एवं जलीय आवास (जल में) वर्गीकृत किया जाता है।
●विभिन्न आवास में सजीवों की विविध प्रजातियां पाई जाती है।
पौधे, जंतु एवं सूक्ष्म जीव संयुक्त रूप से जैव घटक बनाते हैं।
●चट्टान, मिट्टी, वायु, जल, प्रकाश एवं ताप हमारे परिवेश के कुछ अवशेष घटक हैं।
●सजीव वस्तुओं के कुछ सामान्य लक्षण है :- उन्हें भोजन की आवश्यकता होती है, वह श्वसन, उत्सर्जन, पर्यावरण के प्रति अनुक्रिया, प्रजनन, वृद्धि एवं गति करते हैं।
#scinotes #ncertscie6th #ncertscie #scinotes #gktrick #ncertseries #ncert6sci #Ncert6chap9
@Gk_trick
YouTube
Ncert class 6th geography |Ncert |Geography |times of study | Ncert notes | State pcs |uppsc
#ncert #ncertseries #ncertgeographysummaryinhindi
#ncetgeography
#ncerthindi
#ncertinhindi
#ncertlecture
#ncertfulllecture
upsc,ncert for upsc,geography for upsc,geography in hindi for upsc,physical geography,physical geography for upsc,upsc cse,how to…
#ncetgeography
#ncerthindi
#ncertinhindi
#ncertlecture
#ncertfulllecture
upsc,ncert for upsc,geography for upsc,geography in hindi for upsc,physical geography,physical geography for upsc,upsc cse,how to…
👍1