❤🔥15💔2👍1
सुनो पड़ोसन...
"मणिकर्णिका" घाट सी हो तुम🥰
एक क्षण का मिलन भी तुमसे मेरे "मोक्ष" के समस्त द्वार को खोल देता है...
@kataizaharila
"मणिकर्णिका" घाट सी हो तुम🥰
एक क्षण का मिलन भी तुमसे मेरे "मोक्ष" के समस्त द्वार को खोल देता है...
@kataizaharila
❤7🔥5👍4
सुनों पड़ोसन..❣️
मैं तुम्हारे लिए ऐसे भोजन पका तो नही सकता किन्तु प्यार से.. ताउम्र तुम्हे अपने हाथों से खिला जरूर सकता हूँ..
जो तैयार होगा हमारे प्रतीक्षा की भिनि आंच पर, जिसमें मेरे वफ़ा का छौंका और तुम्हारे प्रेम का तड़का मिला होगा.. जो इसके स्वाद में उत्तरोत्तर वृद्धि करेगा...!!
बुझी की नही "पड़ोसन"
बोलो
बोलो न..!!
@kataizaharila
मैं तुम्हारे लिए ऐसे भोजन पका तो नही सकता किन्तु प्यार से.. ताउम्र तुम्हे अपने हाथों से खिला जरूर सकता हूँ..
जो तैयार होगा हमारे प्रतीक्षा की भिनि आंच पर, जिसमें मेरे वफ़ा का छौंका और तुम्हारे प्रेम का तड़का मिला होगा.. जो इसके स्वाद में उत्तरोत्तर वृद्धि करेगा...!!
बुझी की नही "पड़ोसन"
बोलो
बोलो न..!!
@kataizaharila
❤8👍5
"जो तुम्हारे हो गए होते हम तो..."
ये ढलती शाम न उदास करती, ये उड़ती तितलियां न परेशान करती।
न होती अतीत की परछाई, न मन में उलझे अरमान होते।
न की होती ख्वाहिशों ने खुदकुशी, न विरान सपनों के घर होते ऐ काश के जो तुम्हारे हम होते!
@kataizaharila
ये ढलती शाम न उदास करती, ये उड़ती तितलियां न परेशान करती।
न होती अतीत की परछाई, न मन में उलझे अरमान होते।
न की होती ख्वाहिशों ने खुदकुशी, न विरान सपनों के घर होते ऐ काश के जो तुम्हारे हम होते!
@kataizaharila
💔9❤4
सुनो लड़कियों....
पुरुष पत्थर होता है,
स्त्री जैसा चाहें तराश सकती है।
उसकी कठोरता में निहित,
अनगिनत संभावनाएँ छिपी हैं।
तुम्हारी नज़रें जब उसे छूती हैं,
वो मोम की तरह पिघलने लगता है।
तुम्हारे स्पर्श की ऊष्मा में,
वो अपनी पहचान को खोने लगता है।
तुम्हारे प्रेम की मूरत में,
वो आकार पाता है।
तुम्हारे सपनों की चाँदनी में,
उसकी आत्मा झिलमिलाती है।
सुनो लड़कियों,
तुम्हारे हाथों में है वो चाबी,
जिससे खुलते हैं उसके दिल के दरवाजे।
तुम्हारी मुस्कान से संवरता है,
उसका अस्तित्व और जीवन का हर फलसफा।
तो याद रखना,
पुरुष पत्थर हो सकता है,
मगर तुम्हारी चाहत से,
वो किसी भी रूप में ढल सकता है।
@kataizaharila
पुरुष पत्थर होता है,
स्त्री जैसा चाहें तराश सकती है।
उसकी कठोरता में निहित,
अनगिनत संभावनाएँ छिपी हैं।
तुम्हारी नज़रें जब उसे छूती हैं,
वो मोम की तरह पिघलने लगता है।
तुम्हारे स्पर्श की ऊष्मा में,
वो अपनी पहचान को खोने लगता है।
तुम्हारे प्रेम की मूरत में,
वो आकार पाता है।
तुम्हारे सपनों की चाँदनी में,
उसकी आत्मा झिलमिलाती है।
सुनो लड़कियों,
तुम्हारे हाथों में है वो चाबी,
जिससे खुलते हैं उसके दिल के दरवाजे।
तुम्हारी मुस्कान से संवरता है,
उसका अस्तित्व और जीवन का हर फलसफा।
तो याद रखना,
पुरुष पत्थर हो सकता है,
मगर तुम्हारी चाहत से,
वो किसी भी रूप में ढल सकता है।
@kataizaharila
👍13❤1
अपने हिस्से की शिकायतें लिये
मैं उस रेल में बैठा हूँ
जो तुम्हारे शहर से कोसों दूर आ चुकी है।
चाहा था कि
कह दूँ तुम्हे विदा लेते हुए वह सब
जिसे कहने के लिये सालों इंतजार किया था
महज एक मुलाकात का।
लेकिन आज फिर तुम्हारी आँखो में झांकता हुआ मैं
अपनी झिझक तोड़ नहीं पाया
नहीं कह पाया तुमसे इन शिकायतों को
जो अब चीख रहे हैं भीतर
जैसे नहीं कह सका था सालों पहले कि
चाहने लगा हूँ तुम्हे।
तुमसे विदा लेते हुए तुम्हारे एकदम करीब
छोड़ आया हूँ अपनी चाहत
और अपने हिस्से की शिकायतें लिये
मैं उस रेल में बैठा हूँ
जो तुम्हारे शहर से कोसों दूर आ चुकी है।
अलविदा तुम्हे... ❤
@kataizaharila
मैं उस रेल में बैठा हूँ
जो तुम्हारे शहर से कोसों दूर आ चुकी है।
चाहा था कि
कह दूँ तुम्हे विदा लेते हुए वह सब
जिसे कहने के लिये सालों इंतजार किया था
महज एक मुलाकात का।
लेकिन आज फिर तुम्हारी आँखो में झांकता हुआ मैं
अपनी झिझक तोड़ नहीं पाया
नहीं कह पाया तुमसे इन शिकायतों को
जो अब चीख रहे हैं भीतर
जैसे नहीं कह सका था सालों पहले कि
चाहने लगा हूँ तुम्हे।
तुमसे विदा लेते हुए तुम्हारे एकदम करीब
छोड़ आया हूँ अपनी चाहत
और अपने हिस्से की शिकायतें लिये
मैं उस रेल में बैठा हूँ
जो तुम्हारे शहर से कोसों दूर आ चुकी है।
अलविदा तुम्हे... ❤
@kataizaharila
❤🔥8❤4👍2
जैसे सती को शिव मिले थे
वैसे मुझे तुम आ मिलो
हो प्रेम की वर्षा नयन से
ऐसे हृदय से आ मिलो।
तुम प्रेम का सागर वृहद
मैं भाव की अविरल नदी
मैं बहती तुममें जा मिलूँ
तुम लहरों सा मुझसे आ मिलो।
मैं विरह में जलती पथिक सी
तुम चांदनी शीतल शशि की
मैं गगन में तुमसे जा मिलूँ
तुम धरा पर मुझसे आ मिलो।
जैसे सिया को राम मिले थे
वैसे मुझे तुम आ मिलो
रहे प्रेम अपना ये युगों तक
ऐसे हृदय से आ मिलो। ❤️
@kataizaharila
वैसे मुझे तुम आ मिलो
हो प्रेम की वर्षा नयन से
ऐसे हृदय से आ मिलो।
तुम प्रेम का सागर वृहद
मैं भाव की अविरल नदी
मैं बहती तुममें जा मिलूँ
तुम लहरों सा मुझसे आ मिलो।
मैं विरह में जलती पथिक सी
तुम चांदनी शीतल शशि की
मैं गगन में तुमसे जा मिलूँ
तुम धरा पर मुझसे आ मिलो।
जैसे सिया को राम मिले थे
वैसे मुझे तुम आ मिलो
रहे प्रेम अपना ये युगों तक
ऐसे हृदय से आ मिलो। ❤️
@kataizaharila
👍15❤7
उसे छूआ पर छूआ नही
इश्क हुआ पर हुआ नही
दिल टूटा पर टूटा नही
दर्द हुआ पर हुआ नही
वो मेरा है पर मेरा नही
दूर हुआ पर हुआ नही
मै खफ़ा पर खफ़ा नही
उसे खोया पर खोया नही
उसे छूआ पर छूआ नही..
@kataizaharila
इश्क हुआ पर हुआ नही
दिल टूटा पर टूटा नही
दर्द हुआ पर हुआ नही
वो मेरा है पर मेरा नही
दूर हुआ पर हुआ नही
मै खफ़ा पर खफ़ा नही
उसे खोया पर खोया नही
उसे छूआ पर छूआ नही..
@kataizaharila
❤15😁3👍1
गजलों में लिख देता हूँ मैं नाम तुम्हारा..
बस मेरे प्रेम की है इतनी सरल परिभाषा...
तुम...और तुम्हारा साथ!!
कभी उकेर देता हूँ पन्नों पर अपनी लेखनी सी तस्वीर तुम्हारी
कभी बिंदी, कभी पाजेब, कभी आँखों पर गढ़ देता हूँ छवि एक प्यारी!!
सौम्यता.. सहजता... सुंदरता का सार हो !
हाँ पड़ोसन!
मेरी कविताओं की तुम इकलौती अधिकार हो!!
❣️❣️
@kataizaharila
बस मेरे प्रेम की है इतनी सरल परिभाषा...
तुम...और तुम्हारा साथ!!
कभी उकेर देता हूँ पन्नों पर अपनी लेखनी सी तस्वीर तुम्हारी
कभी बिंदी, कभी पाजेब, कभी आँखों पर गढ़ देता हूँ छवि एक प्यारी!!
सौम्यता.. सहजता... सुंदरता का सार हो !
हाँ पड़ोसन!
मेरी कविताओं की तुम इकलौती अधिकार हो!!
❣️❣️
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❤11
वो ज़हर देती तो पूरी दुनियां की निगाह में आ जाती
तो उसने ये किया कि वक़्त पर दवाईयां ना दी.....!!
@kataizaharila
तो उसने ये किया कि वक़्त पर दवाईयां ना दी.....!!
@kataizaharila
😢17💔1
❤15
उसकी "typing..." पर, खुशी से काँपती मेरी उँगलियाँ.. इश्क़ है..❤️
उसकी "New profile pic" को.. मिनटों तक.. एकटक झाँकती पलकों की पंखुड़ियाँ.. इश्क़ है..
गुफ्तगू करने की.. अनगिनत ख्वाहिशों के बीच..
"online" होकर भी चीखती खामोशियाँ.. इश्क़ है..
जरा सी आहट पे.. फोन पकड़ कर बैठ जाना..
वो "notification" की टनटनाती घंटियाँ.. इश्क़ है..
कैसी हो? पूछने पर.. "i am fine" बताना
लिख कर मिटाना.. मिटा कर छिपाना,
वो "draft" में बेबस पड़ी अनकही अर्जियाँ .. इश्क़ है..
अनंत तक चलने वाली "conver" में..
"Hmm" और "K" की तल्खियाँ.. इश्क़ है..
मशरुफ़ियत.. कितनी भी भारी पड़े कैफ़ियत पूछने पर..
बस इक बार.. "Last seen" देखने वाली बेचैनियाँ.. इश्क़ है..
हर सुबह की "gm" और देर रात की "gn " इश्क़ है
बस बेइंतहा इश्क़ है ❤️❤️
@kataizaharila
उसकी "New profile pic" को.. मिनटों तक.. एकटक झाँकती पलकों की पंखुड़ियाँ.. इश्क़ है..
गुफ्तगू करने की.. अनगिनत ख्वाहिशों के बीच..
"online" होकर भी चीखती खामोशियाँ.. इश्क़ है..
जरा सी आहट पे.. फोन पकड़ कर बैठ जाना..
वो "notification" की टनटनाती घंटियाँ.. इश्क़ है..
कैसी हो? पूछने पर.. "i am fine" बताना
लिख कर मिटाना.. मिटा कर छिपाना,
वो "draft" में बेबस पड़ी अनकही अर्जियाँ .. इश्क़ है..
अनंत तक चलने वाली "conver" में..
"Hmm" और "K" की तल्खियाँ.. इश्क़ है..
मशरुफ़ियत.. कितनी भी भारी पड़े कैफ़ियत पूछने पर..
बस इक बार.. "Last seen" देखने वाली बेचैनियाँ.. इश्क़ है..
हर सुबह की "gm" और देर रात की "gn " इश्क़ है
बस बेइंतहा इश्क़ है ❤️❤️
@kataizaharila
❤8👍3🔥2
स्त्री को भी छूने का तरीका होता है जनाब........
.....अब यह हमारे नीयत पर निर्भर करता है
कि हम उसका जिस्म छूते हैं या रूह....🍁🍂
@kataizaharila
.....अब यह हमारे नीयत पर निर्भर करता है
कि हम उसका जिस्म छूते हैं या रूह....🍁🍂
@kataizaharila
❤18
तुम्हे भी मेरी कमी खलती होगी.. "है ना"-?आंटा गूथते वक्त 'जब बाल चेहरे पर आ जाते होंगे'☺️
@kataizaharila
@kataizaharila
❤9🥰2👏1😁1
अपनी प्रियतमा की यादों में बहाए होंगे आंसू किसी
प्रेमी ने.... कब से ए सितंबर इतना बरसने लगा हैं.💔🥀
@kataizaharila
प्रेमी ने.... कब से ए सितंबर इतना बरसने लगा हैं.💔🥀
@kataizaharila
❤7🔥1😢1
एक रात एक बात लिखेंगे..
हर कोई पढ़ सके, इतना
साफ लिखेंगे...
कोई ऐसी बात नहीं, अपने
अरमान लिखेंगे..
हसीन आलम नहीं अपने
हालात लिखेंगे...
बहुत शिकायत है हमें तुमसे ऐ जिंदगी,
अब तेरे बारे में एक किताब लिखेंगे...
लिखते लिखते खत्म ना हो यह जिंदगी
एक ही शब्द में पूरी कायनात लिखेंगे...🖊️
@kataizaharila
हर कोई पढ़ सके, इतना
साफ लिखेंगे...
कोई ऐसी बात नहीं, अपने
अरमान लिखेंगे..
हसीन आलम नहीं अपने
हालात लिखेंगे...
बहुत शिकायत है हमें तुमसे ऐ जिंदगी,
अब तेरे बारे में एक किताब लिखेंगे...
लिखते लिखते खत्म ना हो यह जिंदगी
एक ही शब्द में पूरी कायनात लिखेंगे...🖊️
@kataizaharila
👍10❤3
मैं हिंदी की
छोटी बिंदी
और वो गणित का
कठिन सवाल
मेरा तो अर्थ
बस एक ही है
उसके होते हैं
समीकरण हज़ार... 🦋
@kataizaharila
छोटी बिंदी
और वो गणित का
कठिन सवाल
मेरा तो अर्थ
बस एक ही है
उसके होते हैं
समीकरण हज़ार... 🦋
@kataizaharila
👍13
तबाही की दहलीज पर आकर खड़े है, मत पूछो ये मंजर क्या है।
बाहर से जरूर ठीक नजर आते है, सच पूछो मेरे अंदर क्या है।
निकलते नही बूंद भर आंसू भी, मेरी आंखों से ज्यादा बंजर क्या है।
और टूटे हुए सपनो का दर्द इतना गहरा है, मत नापो ये समंदर क्या है l 🩶💔🥀
@kataizaharila
बाहर से जरूर ठीक नजर आते है, सच पूछो मेरे अंदर क्या है।
निकलते नही बूंद भर आंसू भी, मेरी आंखों से ज्यादा बंजर क्या है।
और टूटे हुए सपनो का दर्द इतना गहरा है, मत नापो ये समंदर क्या है l 🩶💔🥀
@kataizaharila
👍6💔2