बेनाम शायर💌✍️
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मेरे पोस्ट्स📩 एक नशे की तरह है
एक बार आदत पड़ गई
तो बिना पढ़े 📖 रह पाना मुश्किल होगा

इशारो इशारो में अपनी बातें रखने का दम रखता हूँ
मैं शायर📝 तो नही हूँ जनाब
मगर सीधा दिल💖 मे कदम रखता हूँ
Interact @Nameless_Poet_bot

@status_point
@nature_is_calling
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कुछ आरजू ए इश्क हमें भी बयां कर लेने दो,
इजहार न सही एक तरफा प्यार ही कर लेने दो...!!

@kataizaharila
❤10
प्यार की रूह में गजल की तरह,
रूप की झील में कमल की तरह..

तुम जो होते हो साथ मेरे,
दिन बीत जाता है एक पल की तरह…

@kataizaharila
❤14
सबसे अधिक दूरी पर धरती का कोई छोर नहीं,
दो शख्स होते हैं जो कभी बेहद करीब थे...

@kataizaharila
❤17
निगाह भर के देखना उसको
उसकी निगाह से छुपकर
ऐसी मोहब्बत का भी यार
एक जमाना खूब था ❤️

@kataizaharila
❤10
मोहब्बत की बात ना करो पड़ोसन मुझसे,
धड़कन की धड़क बन के रहती हो मुझमें।।
💝❤️

@kataizaharila
😁7❤1
प्रेम करें...
तब तक करें...
जब तक कि प्रेम हमें ये
ना समझा दे...
कि प्रेम ईश्वर है,
संगीत है, आकाश है,
धरती है... सबकुछ है...
किंतु पीड़ा नहीं है...🌹

@kataizaharila
❤19
इश्क की बदौलत ही दिल से दिल को राहत हैं
क्या करे शिकायत हम तुमसे जब मोहब्बत हैं !!

@kataizaharila
❤5👍1
अश्क़ बहते नहीं मेरे अब, दिल भर आता है मगर
किसी ने सांस मुझमें रहने दिया है जान लेकर यार!

@kataizaharila
❤1
मैं अपनी दुनिया का तुझे रब बनाता मगर
तू खुश है किसी का महबूब बन के, तो ठीक है...
मैं तुझे दे रहा था चांदनी जहान भर की मगर
तू खुश है किसी की धूप बन के, तो ठीक है... ❤️

@kataizaharila
❤4👏3
तुमसे नहीं होगा मेरा इलाज रहने दो
मेरी जान लेते जाओ ये शायराना अंदाज़ रहने दो
मेरी कलम ने लिखी है बहुत तेरे इंतजार की घड़ियां
तुमसे किसी कल मे मिलेंगे तुम आज रहने दो
खुल गया तो तेरी महफिल भी मेरी दीवानी होगी
अपनी मोहब्बत के राज को राज रहने दो
में तेरी तस्वीर को लफ्जो में रोज घड़ता हूं
लिखता तुझको ही हूं रोज तुझको ही पढ़ता हूं
इश्क बड़ा खूबसूरत सा है ये अधूरा ही रह जाए
सांसे करती है मुझसे भले एतराज रहने दो
बेशक बनारसी की जान ले लो बस उसका ये आशिकाना अंदाज़ रहने दो

@kataizaharila
❤8
मेरी हथेली पर सिमटी हैं जो लकीरें तेरी,
वो मिट रही हैं आहिस्ता तुमको इससे क्या.
मैं ढल गया हूँ किसी रात के मुसाफ़िर में
तुम्हारी सुबह का सूरज तुमको इससे क्या...

सुलग रही है जो ख़्वाबों की राख आँखों में,
धुआँ भी हँस के सहूँगा तुमको इससे क्या...
तुम अपने शहर की रौनक़ में सो गए शायद,
मैं अपनी छत पे जगा हूँ तुमको इससे क्या...
​
​पुकारती हैं तुम्हें मेरी सूनी दहलीज़ें,
वो रास्ता ही बदल लें तुमको इससे क्या...
मैं ज़हर पी के भी ज़िंदा हूँ तेरी यादों में
ये रूह काँप रही है तुमको इससे क्या...

@kataizaharila
❤6
❤8
रंगों का ईज़ाद भी नही हुआ था,
हुस्न के होठों के रंग तब से गुलाबी है..!!❤️

@kataizaharila
❤14
भले फरेब ही खाना पड़े दोबारा मुझे,
मैं फिर से जाऊंगा अगर उसने पुकारा मुझे I❤️

@kataizaharila
❤14👏7
यूं तो खत्म सी हो गई है हमारी कहानी..
तुम्हें रूबरू देख पाने की तमन्ना जिंदा बची हुई है..!!

@kataizaharila
❤7👏7😱1
मुश्किल बस इतनी है मेरे दोस्त इश्क़ में
मांगी नहीं जाती है माफ़ी गुनाहों की
छोड़ कर ही जाते लोग तो भी ठीक होता
मिटा दी जाती हैं मगर निशानियाँ राहों की 💔

@kataizaharila
💔8❤4
और उसके बाद मै बड़ा हो गया

उससे मोहब्बत मेरा आखरी बचपना था...

@kataizaharila
❤11🔥2💔1
कैसे करें एतबार दिल का, इसको ख़ुद पे इख़्तियार नहीं,
अपनी कहें तो क्या कहें हम भी कम गुनहगार नहीं..

उनके दीदार की तलब रहती है मुसलसल हमें,
तमाम हसरतें हैं दिल में, कैसे कह दें हमें उनसे प्यार नहीं...💝

(मुसलसल–लगातार)

@kataizaharila
❤6
ऐसी उदास रात में अब किसको पुकारे दिल 😔
वो जा चुका है कब का, जिसे आवाज़ देनी थी 💔

@kataizaharila
❤10🥰1
होता अगर मैं कोई जनगणना पर्यवेक्षक,
तुमको लिख लेता मैं अपने दिल के मकान नंबर पर... ☺️❤️

@kataizaharila
❤9😁1