Alfvén surface — वह ऊंचाई जिसके आगे सौर पवन तारे की सतह को प्रभावित नहीं कर सकती। #Snt #pre26
@kevalHindi 🦚
@kevalHindi 🦚
❤5👍2
प्रक्षेपण वाहनों के लिए मानव रेटिंग
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में एलवीएम-3 रॉकेट का उपयोग किया जाएगा।.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) ने इसे उन्नत किया है और वर्तमान में इसे मानव-परीक्षण के लिए प्रमाणित किया जा रहा है।. एक बार इस तरह की रेटिंग मिल जाने पर, इसे एचएलवीएम-3 कहा जाएगा और यह भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम होगा।
#SnT
Article link 🔗
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/why-human-rating-matters-as-india-prepares-for-gaganyaan/article70384738.ece
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में एलवीएम-3 रॉकेट का उपयोग किया जाएगा।.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) ने इसे उन्नत किया है और वर्तमान में इसे मानव-परीक्षण के लिए प्रमाणित किया जा रहा है।. एक बार इस तरह की रेटिंग मिल जाने पर, इसे एचएलवीएम-3 कहा जाएगा और यह भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम होगा।
#SnT
Article link 🔗
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/why-human-rating-matters-as-india-prepares-for-gaganyaan/article70384738.ece
❤7
जीपीएस/जीएनएसएस स्पूफिंग और जैमिंग में अंतर #SnT
Article link 🔗
https://indianexpress.com/article/explained/gps-jamming-spoofing-aviation-10399596/
Article link 🔗
https://indianexpress.com/article/explained/gps-jamming-spoofing-aviation-10399596/
❤3🔥1
Article on Bio-security
- जैव सुरक्षा और जैव सुरक्षा में अंतर
- भारत को जैव सुरक्षा उपायों की आवश्यकता क्यों है (हालिया रिसिन आतंकी साजिश से संबंधित चिंताएं)
- इससे संबंधित वर्तमान प्रावधान और आगे का रास्ता
#SnT #GS3
Article link 🔗
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/does-india-need-to-upgrade-its-biosecurity-measures-explained/article70400364.ece
- जैव सुरक्षा और जैव सुरक्षा में अंतर
- भारत को जैव सुरक्षा उपायों की आवश्यकता क्यों है (हालिया रिसिन आतंकी साजिश से संबंधित चिंताएं)
- इससे संबंधित वर्तमान प्रावधान और आगे का रास्ता
#SnT #GS3
Article link 🔗
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/does-india-need-to-upgrade-its-biosecurity-measures-explained/article70400364.ece
❤2👍2
इसरो ने अपने लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3-M6) रॉकेट का उपयोग करके ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह का प्रक्षेपण करके भारत के अंतरिक्ष व्यावसायीकरण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।.
इस्रो के इस प्रक्षेपण के तहत, आईएसआरओ की वाणिज्यिक शाखा एनएसआईएल और अमेरिका स्थित एएसटी स्पेसमोबाइल के बीच एक वाणिज्यिक अनुबंध के अंतर्गत 6,100 किलोग्राम के संचार उपग्रह को निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित किया गया।
यह मिशन भारत के प्रमुख प्रक्षेपण यान द्वारा अब तक ले जाया गया सबसे भारी वाणिज्यिक पेलोड है और वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार में इसरो की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है।
#SnT
Article link 🔗
https://indianexpress.com/article/explained/explained-sci-tech/isro-heaviest-ever-launch-lvm3-m6-mission-10435444/
इस्रो के इस प्रक्षेपण के तहत, आईएसआरओ की वाणिज्यिक शाखा एनएसआईएल और अमेरिका स्थित एएसटी स्पेसमोबाइल के बीच एक वाणिज्यिक अनुबंध के अंतर्गत 6,100 किलोग्राम के संचार उपग्रह को निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित किया गया।
यह मिशन भारत के प्रमुख प्रक्षेपण यान द्वारा अब तक ले जाया गया सबसे भारी वाणिज्यिक पेलोड है और वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार में इसरो की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है।
#SnT
Article link 🔗
https://indianexpress.com/article/explained/explained-sci-tech/isro-heaviest-ever-launch-lvm3-m6-mission-10435444/
❤5🔥1
@KevalHindi 🦚
NASA OSIRIS-Rex Mission:
Article link 🔗 #SnT
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/earthlife-is-made-of-space-stuff-studies-of-asteroid-bennu-hint/article70456463.ece
NASA OSIRIS-Rex Mission:
OSIRIS-REx का मतलब है ओरिजिन, स्पेक्ट्रल इंटरप्रिटेशन, रिसोर्स आइडेंटिफिकेशन, सिक्योरिटी, रेगोलिथ एक्सप्लोरर।
यह NASA का पहला मिशन है जो किसी एस्टेरॉयड से सैंपल इकट्ठा करके उसे पृथ्वी पर वापस लाएगा।
बेन्नू से OSIRIS-REx सैंपल के एनालिसिस से पता चलता है कि एस्टेरॉयड में राइबोज, ग्लूकोज, अमीनो एसिड और न्यूक्लियोबेस हैं; इस खोज में नाइट्रोजन से भरपूर पॉलीमर और सुपरनोवा से बने बहुत सारे प्रीसोलर कण भी शामिल हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि पृथ्वी को जीवन के लिए ज़रूरी चीज़ें कैसे मिलीं।
Article link 🔗 #SnT
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/earthlife-is-made-of-space-stuff-studies-of-asteroid-bennu-hint/article70456463.ece
❤1👍1
हबल ने बेटेलगेयूज़ के साथी के पीछे बनने वाले निशान को देखा
हबल दूरबीन का उपयोग करने वाले खगोलविदों ने गैस की एक 'पहाड़ी लकीर' देखी है, जिससे पता चलता है कि चमकीले लाल तारे बेटेलगेउज़ के साथ सिवारहा नाम का एक छिपा हुआ साथी तारा भी है। यह खोज बेटेलगेउज़ की चमक में होने वाले अजीबोगरीब बदलावों और ऐसे विशाल तारों के विकास की प्रक्रिया को समझने में मदद करती है। सिवारहा के गुजरने पर हर छह साल में यह लकीर दिखाई देती है।
@KevalHindi 🦚 #Snt #currentaffairs
हबल दूरबीन का उपयोग करने वाले खगोलविदों ने गैस की एक 'पहाड़ी लकीर' देखी है, जिससे पता चलता है कि चमकीले लाल तारे बेटेलगेउज़ के साथ सिवारहा नाम का एक छिपा हुआ साथी तारा भी है। यह खोज बेटेलगेउज़ की चमक में होने वाले अजीबोगरीब बदलावों और ऐसे विशाल तारों के विकास की प्रक्रिया को समझने में मदद करती है। सिवारहा के गुजरने पर हर छह साल में यह लकीर दिखाई देती है।
@KevalHindi 🦚 #Snt #currentaffairs
❤3👍2
वैज्ञानिकों ने ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियरों के पिघलने से पहले उन्हें बचाने के लिए पहाड़ी बर्फ के कोर के लिए पहला ग्लोबल रिपॉजिटरी शुरू किया है।
अंटार्कटिक पठार पर कॉनकॉर्डिया स्टेशन पर एक बर्फ की गुफा में यह सुरक्षित जगह है।
ये बर्फ के कोर "टाइम कैप्सूल" की तरह काम करते हैं, जिनमें पृथ्वी के वायुमंडल, गैसों, प्रदूषकों और धूल के बारे में ऐतिहासिक डेटा होता है।
पहले दो सैंपल मोंट ब्लैंक (फ्रांस) और ग्रैंड कॉम्बिन (स्विट्जरलैंड) से निकाले गए थे। #location
यह "आइस मेमोरी" प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे 2015 में यूरोपीय रिसर्च संस्थानों (फ्रांस, इटली और स्विट्जरलैंड से) के एक ग्रुप ने शुरू किया था।
#SnT @KevalHindi 🦚
👍6❤2👏2
PSLV-C62 मिशन अपनी तय ऑर्बिट तक पहुंचने में नाकाम रहा, जो ISRO के वर्कहॉर्स रॉकेट के लिए लगातार दूसरी नाकामी है।
रॉकेट ने पहले दो स्टेज में सामान्य रूप से काम किया, लेकिन तीसरे स्टेज में इसमें गंभीर खराबी आ गई।
पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) एक तीसरी पीढ़ी का, मीडियम-लिफ्ट रॉकेट है जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने डिज़ाइन और ऑपरेट किया है।
इसे अक्सर "ISRO का वर्कहॉर्स" कहा जाता है, यह पहला भारतीय लॉन्च व्हीकल था जिसमें लिक्विड स्टेज शामिल थे और इसने तीन दशकों से ज़्यादा समय तक भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की रीढ़ की हड्डी के रूप में काम किया है।
मुख्य तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स:
1. PSLV एक चार-स्टेज वाला रॉकेट है जिसमें बारी-बारी से सॉलिड और लिक्विड प्रोपल्शन स्टेज होते हैं।
2. पहला (PS1): सॉलिड S139 मोटर का इस्तेमाल करता है, जिसे अक्सर शुरुआती लिफ्ट-ऑफ थ्रस्ट देने के लिए छह सॉलिड स्ट्रैप-ऑन बूस्टर तक बढ़ाया जाता है।
3. दूसरा (PS2) लिक्विड स्वदेशी रूप से विकसित विकास इंजन द्वारा संचालित, जो बेहतर कंट्रोल और दक्षता देता है।
4. तीसरा (PS3) सॉलिड एक हाई-थ्रस्ट मोटर जिसे रॉकेट के घने वातावरण से बाहर निकलने के बाद गति देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
5. चौथा (PS4) लिक्विड इसमें पेलोड को सटीक ऑर्बिट में डालने के लिए ट्विन इंजन होते हैं।
पेलोड क्षमता: सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट (SSPO) में 1,750 kg तक या जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में 1,425 kg तक ले जा सकता है
#SnT
आर्टिकल लिंक 🔗
https://indianexpress.com/article/explained/explained-sci-tech/isro-second-failure-third-stage-pslv-c62-10469438/lite/
@KevalHindi 🦚 #Currentaffairs
👍14❤2👏2
Google's Project Suncatcher #SnT
Article link 🔗
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/can-datacentres-in-orbit-solve-for-ai-models-soaring-energy-demand/article70509022.ece/amp/
Article link 🔗
https://www.thehindu.com/sci-tech/science/can-datacentres-in-orbit-solve-for-ai-models-soaring-energy-demand/article70509022.ece/amp/
❤3
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
एक और भारतीय एलएलएम इन एआई शिखर सम्मेलन जो आने वाले वर्षों में बड़ी सफलता हासिल करने वाला है।
#ai #snt #pre26
#ai #snt #pre26
👍3❤2
भारतजेन ने संप्रभु कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने के तहत परम2 17बी बहुभाषी शिक्षा मंत्रालय मॉडल का अनावरण किया
भारतजेन ने पैराम2 नामक 17 अरब मापदंडों वाला बहुभाषी शिक्षा मंत्रालय का मॉडल पेश किया है, जिसे भारतीय भाषाओं के लिए अनुकूलित किया गया है, जिससे भारत की संप्रभु एआई क्षमताओं और डिजिटल मिशन को मजबूती मिलेगी।
#ai #snt #pre26
भारतजेन ने पैराम2 नामक 17 अरब मापदंडों वाला बहुभाषी शिक्षा मंत्रालय का मॉडल पेश किया है, जिसे भारतीय भाषाओं के लिए अनुकूलित किया गया है, जिससे भारत की संप्रभु एआई क्षमताओं और डिजिटल मिशन को मजबूती मिलेगी।
#ai #snt #pre26
👍5❤4