🍀 सपनों की राह 🍀
सपनों की राह पर बढ़ते चलो,
मन के दीपक को जलाते चलो।
मुश्किलें आएँगी ठहर-ठहरकर,
हौसलों से उन्हें टकराते चलो।
कदम डगमगाएँ तो थमना नहीं,
गिरकर सँभलना है, रुकना नहीं।
हर अँधेरे के बाद सवेरा मिलेगा,
बस अपने दिल से डरना नहीं।
छोटे सपनों से ही राह बनेगी,
हर कोशिश से मंज़िल सजेगी।
विश्वास अगर दिल में सदा रहेगा,
तो मंज़िल तुम्हें खुद बुलाएगी। ✨
सपनों की राह पर बढ़ते चलो,
मन के दीपक को जलाते चलो।
मुश्किलें आएँगी ठहर-ठहरकर,
हौसलों से उन्हें टकराते चलो।
कदम डगमगाएँ तो थमना नहीं,
गिरकर सँभलना है, रुकना नहीं।
हर अँधेरे के बाद सवेरा मिलेगा,
बस अपने दिल से डरना नहीं।
छोटे सपनों से ही राह बनेगी,
हर कोशिश से मंज़िल सजेगी।
विश्वास अगर दिल में सदा रहेगा,
तो मंज़िल तुम्हें खुद बुलाएगी। ✨
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Happy Teachers’ Day to all of you ❤️
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प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत आपके विचार हैं। इसलिए बड़ा सोचें और रोज जीतने के लिए प्रयास करें|
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तेरी दोस्ती ने बहुत कुछ सीखा दिया,
मेरी खामोश दुनिया को जैसे हँसा दिया,
कर्ज़दार हूँ मैं खुदा का, जिस ने मुझे
आप जैसे दोस्त से मिला दिया..!
मेरी खामोश दुनिया को जैसे हँसा दिया,
कर्ज़दार हूँ मैं खुदा का, जिस ने मुझे
आप जैसे दोस्त से मिला दिया..!
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🌿 “जीवन क्षणिक है...”
एक समय था जब हमारा अस्तित्व इस जगत में नहीं था,
और एक समय पुनः आएगा जब हम यहाँ नहीं होंगे।
इन दो अनंत सीमाओं के मध्य जो क्षणिक अंतराल है —
वही हमारा जीवन है।
मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से —
> “जीवन कोई पूर्वाभ्यास नहीं, यह वास्तविक प्रदर्शन है।”
इसलिए, स्वयं को अनावश्यक चिंताओं में मत उलझाओ।
गलतियाँ होंगी, मार्ग बदलेंगे, कुछ संबंध छूटेंगे —
परंतु सपनों को जीने का अधिकार
हर श्वास के साथ तुम्हारे भीतर धड़कता है।
हर अनुभव, चाहे वह सुखद हो या पीड़ादायक,
जीवन की पूर्णता में एक आवश्यक अध्याय है।
यही अनुभव हमें मानव बनाते हैं,
और यही क्षण हमें जीवन का अर्थ सिखाते हैं।
स्मरण रहे —
जीवन की लम्बाई नहीं, उसकी गहराई और गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।
क्योंकि जीवन का मूल्य वर्षों में नहीं,
बल्कि उन क्षणों में निहित है जिन्हें हमने पूर्ण समर्पण से जिया।
“जीवन छोटा है, पर हर क्षण अनंत है —
यदि तुम उसे पूरे हृदय से महसूस कर सको।”
✍️ — डॉ. धीर सिंह धाभाई
एक समय था जब हमारा अस्तित्व इस जगत में नहीं था,
और एक समय पुनः आएगा जब हम यहाँ नहीं होंगे।
इन दो अनंत सीमाओं के मध्य जो क्षणिक अंतराल है —
वही हमारा जीवन है।
मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से —
> “जीवन कोई पूर्वाभ्यास नहीं, यह वास्तविक प्रदर्शन है।”
इसलिए, स्वयं को अनावश्यक चिंताओं में मत उलझाओ।
गलतियाँ होंगी, मार्ग बदलेंगे, कुछ संबंध छूटेंगे —
परंतु सपनों को जीने का अधिकार
हर श्वास के साथ तुम्हारे भीतर धड़कता है।
हर अनुभव, चाहे वह सुखद हो या पीड़ादायक,
जीवन की पूर्णता में एक आवश्यक अध्याय है।
यही अनुभव हमें मानव बनाते हैं,
और यही क्षण हमें जीवन का अर्थ सिखाते हैं।
स्मरण रहे —
जीवन की लम्बाई नहीं, उसकी गहराई और गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।
क्योंकि जीवन का मूल्य वर्षों में नहीं,
बल्कि उन क्षणों में निहित है जिन्हें हमने पूर्ण समर्पण से जिया।
“जीवन छोटा है, पर हर क्षण अनंत है —
यदि तुम उसे पूरे हृदय से महसूस कर सको।”
✍️ — डॉ. धीर सिंह धाभाई
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“स्वधर्मे निधनं श्रेयः; परधर्मो भयावहः।”
(अपने रास्ते पर मरना भी अच्छा है, पर दूसरों के रास्ते पर चलना भय देता है।)
(अपने रास्ते पर मरना भी अच्छा है, पर दूसरों के रास्ते पर चलना भय देता है।)
❤16🫡4
ट्रेंड के पीछे भागोगे
तो थक जाओगे,
सोच के साथ चलोगे
तो पहचान बनाओगे 😊
तो थक जाओगे,
सोच के साथ चलोगे
तो पहचान बनाओगे 😊
❤13
इतना दिमाग में बैठा लो—
बिना दर्द के सफलता
सिर्फ़ कहानियों में मिलती है,
ज़िंदगी में नहीं 👊
बिना दर्द के सफलता
सिर्फ़ कहानियों में मिलती है,
ज़िंदगी में नहीं 👊
🔥19
इंसान वही श्रेष्ठ है...
जो बुरी स्थिति में फिसले नहीं..
एवं अच्छी स्थिति में उछले नहीं.....!!!! 🙌
जो बुरी स्थिति में फिसले नहीं..
एवं अच्छी स्थिति में उछले नहीं.....!!!! 🙌
👏9❤6🫡2
नींद से समझौता करना पड़ेगा, आराम से रिश्ता तोड़ना पड़ेगा।
क्योंकि जीत उन्हीं को मिलती है, जो हार मानना नहीं जानते👍
क्योंकि जीत उन्हीं को मिलती है, जो हार मानना नहीं जानते👍
❤19🔥4👍2