पुराण प्रवचन
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हमारे पुराण ही हमारे धर्म के धरोहर है इसके ज्ञान को हमारे साथ पढ़ें और फैलाएं 🙏❤️
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भगवान बुद्ध ने सूअर का कच्चा मांस और कच्चा खून खाने-पीने की अनुमति दी!!!

एक बार एक भिक्षु पर बुरी आत्मा का साया पड़ गया। उनके गुरु और शिक्षक, जो उनकी देखभाल कर रहे थे, उन्हें ठीक नहीं कर पाए। तब वे सूअरों के वधशाला में गए और वहाँ कच्चा मांस खाया और खून पिया। परिणामस्वरूप, वे ठीक हो गए। उन्होंने यह बात बुद्ध को बताई।

“जो व्यक्ति प्रेतबाधित है, उसके लिए मैं कच्चा मांस और कच्चा रक्त खाने की अनुमति देता हूँ।”

यह कैसा विज्ञान है कि भूत-प्रेत का साया पड़ जाए तो सूअर का कच्चा मांस खाकर और खून पीकर भूत-प्रेत बाधा ठीक कर लो 🐖

सूअर से शुरू होकर सूअर पर ही खत्म होती है 🤣🤣🤣

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 𝗝𝗢𝗜𝗡👉
@PuranPravachan
😁7
क्या वैदिक काल में नवजात शिशुकन्या को जन्म लेते ही फेंक दिया या मार दिया जाता था?

जानने के लिए पढ़ें पूरा पोस्ट। 👆🏻👆🏻

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    𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
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क्या वैदिक काल में कन्या जन्म के प्रति लोग अनिच्छुक थे?

बाद के लौकिक सामाजिक त्रुटि अपने जगह है लेकिन वेदों के विधान सर्वोपरि हैं

खुद यजुर्वेद (२२/२२) में विधान आता है कि -
पुर॑न्धि॒र्योषा॑ जा॑यतां

अर्थात् - हमारे राष्ट्र में बहु बुद्धिमान कन्याएं उत्पन्न हों।

तो वेद के विधान से स्पष्ट है कन्या जन्म को लेकर।

और इसी तरह बृहदारण्यक उपनिषद् के खिल काण्ड (६/७/१७) में भी एक विधि आया है कि -
विद्वान् कन्या उत्पन्न होने के लिए यह विधि करने से उक्त योग्य विदुषी कन्या प्राप्त होगी जो १०० वर्षों के पूर्ण आयु तक जीवित रहे।

यहां पर न केवल कन्या जन्म का इच्छा का विधि बल्कि उस कन्या को १०० वर्ष जीवित रहना चाहिए इसके लिए भी विधि दिया गया है।
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    𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
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अब कुछ गधे "पुर॑न्धि॒ योषा॑" पद में जो "पुर॑न्धि॒" शब्द है उसपर रोएंगे तो उनके लिए निरुक्त से ही इसका निर्वचन प्रस्तुत कर रहा।

निरुक्त के निर्वचन से हमने जो बहु बुद्धिमान स्त्रियां अर्थ किया वह सही बैठता है।

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    𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
❤6
क्या वेद का विधान कन्या हत्या के पक्षधर है?

अथर्ववेद (१४/२/७५) में भी आता है कि -
(सुबुधा) अर्थात् उत्तम बुद्धि वाली स्त्री को १०० वर्ष के दीर्घायु प्राप्त हों। और यहां सविता देव से स्त्री के दीर्घ आयु के लिए कामना भी किया गया है।

अब अगर वेद कन्या हत्या का समर्थक होता तो उसी
वेदों में स्त्रियों के १०० वर्ष के दीर्घायु का कामना क्यों आता ?

अगर कन्या को जन्म से ही मार दिया जाए तो कन्या का १०० वर्ष के दीर्घायु का कामना कैसे हो सकेगा वेद के विधि अनुसार?

इसलिए वेद कन्याओं के दीर्घ आयु होने का कामना करता है न कि कन्या हत्या का।

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    𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
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