Pheministt xhaat bhar ka fuddist - saar saar women budhha ban sakti hai saaar blbee me saar
Le budhha - l#de ulta latka pel dunga aurat kabhi nahi banegi budhha 🔥🔥🔥🔥🔥
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पुरन्धिः यह बना कैसे ?
पुरु का अर्थ - बहुत (निघंटु ३/१)
धी: का अर्थ - बुद्धि (निघंटु ३/९)
धी: का अर्थ - कर्म (निघंटु २/१)
आचार्य सायण ने ऋग्वेद (३/६१/१) भाष्य में बताते हैं -
और ऋग्वेद (६/४९/१४) में भाष्य में लिखते हैं -
अर्थात् - बहु बुद्धि अथवा बहु कर्म ।
तो यह निघंटु शब्दकोश से "पुरन्धिः" शब्द के शाब्दिक अर्थ है। यही शब्द यजुर्वेद (२२/२२) में स्त्रियों के लिए भी आता है।
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𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
पुरु + धी: = पुरन्धिः
पुरु का अर्थ - बहुत (निघंटु ३/१)
धी: का अर्थ - बुद्धि (निघंटु ३/९)
धी: का अर्थ - कर्म (निघंटु २/१)
आचार्य सायण ने ऋग्वेद (३/६१/१) भाष्य में बताते हैं -
पुरु बहु धीः यस्याः पुरंधिर्बहुधीः' इति यास्कः
और ऋग्वेद (६/४९/१४) में भाष्य में लिखते हैं -
पुरंधिः बहुधी बहुप्रज्ञो वा बहुकर्मा वा
अर्थात् - बहु बुद्धि अथवा बहु कर्म ।
तो यह निघंटु शब्दकोश से "पुरन्धिः" शब्द के शाब्दिक अर्थ है। यही शब्द यजुर्वेद (२२/२२) में स्त्रियों के लिए भी आता है।
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क्या घोसुंडी शिलालेख संस्कृत का नहीं है?
राजेंद्र प्रसाद सिंह का बकलोली का खंडन अवश्य देखें।
नमः संकर्षण वासुदेवाभ्याम् 🙏🏻🙏🏻
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𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
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THEY KIDNAPPED ME FROM MY HOME.
— Dhruv Rathee
24 hour kame tha umar khalid wale treatment missing 😔😔
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आर्य समाज मंदिर, जूही, कानपुर का साप्ताहिक यज्ञ संपन्न हुआ।
पवित्र वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञ में श्रद्धापूर्वक आहुतियाँ दी गईं।
“अग्निर्वै देवानां मुखम्।”
— *शतपथ ब्राह्मण*
अर्थात् अग्नि देवताओं का मुख है। यज्ञ में अग्नि के माध्यम से दी गई आहुति देवताओं तक पहुँचती है।
वैदिक काल में यज्ञ एवं संध्या-उपासना ही ईश्वर-उपासना के प्रमुख माध्यम थे। कालांतर में इनकी जगह मूर्ति-पूजा जैसी पद्धतियों का प्रचलन बढ़ा।
आइए, हम वेदों की वैज्ञानिक एवं यज्ञप्रधान उपासना-पद्धति को समझें और अपने जीवन में अपनाएँ। 🚩
पवित्र वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञ में श्रद्धापूर्वक आहुतियाँ दी गईं।
“अग्निर्वै देवानां मुखम्।”
— *शतपथ ब्राह्मण*
अर्थात् अग्नि देवताओं का मुख है। यज्ञ में अग्नि के माध्यम से दी गई आहुति देवताओं तक पहुँचती है।
वैदिक काल में यज्ञ एवं संध्या-उपासना ही ईश्वर-उपासना के प्रमुख माध्यम थे। कालांतर में इनकी जगह मूर्ति-पूजा जैसी पद्धतियों का प्रचलन बढ़ा।
आइए, हम वेदों की वैज्ञानिक एवं यज्ञप्रधान उपासना-पद्धति को समझें और अपने जीवन में अपनाएँ। 🚩
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🚨 BREAKING UPDATE
Reports claim Delhi Police entered the Press Club of India during the CJP press conference.
1 year in peace bhule gaya saurav das oh woh toh apne pita ji ke name hi bhule rakha hai
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