पुराण प्रवचन
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हमारे पुराण ही हमारे धर्म के धरोहर है इसके ज्ञान को हमारे साथ पढ़ें और फैलाएं 🙏❤️
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पोप जी का दोगलापन

🙏 सभी आर्य मित्रों को नमस्ते 🙏
जिन २०% लोगों ने हमारे Poll में ब्रह्मा, विष्णु महादेव को भिन्न-भिन्न मानकर उनके एकत्व को नकारा था और अपना मूल्यवान मत दान किया था, देखिये कैसे पुराणों में मतभेद के कारण आपकी विजय हुई

पुराणों के नरक की यातनाओं से बचने एवं पुनर्जन्म के अधिकारी बने रहने के लिए आप सभी सत्य प्रेमियों को हार्दिक बधाई 🏆🏅

आपको यदि सत्य के दर्शन हुए है तो कृपया Max Reaction दीजिये 🙏💐🙏


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त्रिपिटक में वेदों का वर्णन।

त्रिपिटक ( खुद्दकनिकाय, सुत्तनिपात ) के "सेलसुत्त" की टिका का एक पांडुलिपि जो गांधार से मिली थी। यह पांडुलिपि लगभग 100 CE - 200 CE का है।

इस पांडुलिपि में स्पष्ट उल्लेख है कि
एक सेल नाम के ब्राह्मण था जो तीनों वेदों, निघण्टु,अक्षरप्रभेद, पंचम में इतिहास ( संभवतः महाभारत ), व्याकरण और ज्योतिष आदि विषयों के विद्वान् था।

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नहीं बेटा बुद्ध वचन पाली में है और उसी पाली बुद्ध वचन में ही तीनों वेद, उसके व्याकरण, निघण्टु आदि का वर्णन भी है बेटा💀😂

यह कौन बताएगा?

अगर तब वेदों का जन्म नहीं हुआ था तो तेरे त्रिपिटक में बुद्ध वचन में ही तीनों वेदों का नाम कहां से आया??

और इसका प्रमाण तो 1 st century CE के त्रिपिटक के टिका के 2000 साल प्राचीन पांडुलिपि तक में भी मिल जाता है 😂

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सांख्य के दो नमूने टीकाकार एक विज्ञान भिखारी दूसरा निरुद्ध ये दोनों मूर्ख है पहले अध्याय में ईश्वर की अधिष्ठान रूप से सिद्धि स्वीकार करते लेकिन लेकिन

5 अध्याय में आकर इनको मिर्गी का दौरा पड़ता इनको ही नहीं बाकी 2 तीन को भी 🤣 पूर्वपक्ष के सूत्र को जो ईश्वर खण्डन में था उसे उत्तर पक्ष में डाल कर ईश्वर का खंडन कर देते है अद्भुत मतलब अपने थोपड़े पर खुद से थप्पड़ मारते है ये मूर्ख यह महिमा है इन नवीन भाष्यकारों की
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पुराण प्रवचन
सांख्य के दो नमूने टीकाकार एक विज्ञान भिखारी दूसरा निरुद्ध ये दोनों मूर्ख है पहले अध्याय में ईश्वर की अधिष्ठान रूप से सिद्धि स्वीकार करते लेकिन लेकिन 5 अध्याय में आकर इनको मिर्गी का दौरा पड़ता इनको ही नहीं बाकी 2 तीन को भी 🤣 पूर्वपक्ष के सूत्र को जो ईश्वर…
मैने इन नवीन भाष्यकारों से दोगला किसी और को नहीं देखा इसलिए जो इनके चक्कर में फसेगा जीवन में शास्त्र का अर्थ क्या कभी नहीं जान पाएगा और सर्वस्व अनिवार्चनीय जैसी बौद्धों वाली प्रतिज्ञा करके मर जाएगा 😂
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woman rights in sanatan vs Islam.pdf
7.3 MB
🌺 Women Rights In Sanatan VS Islam 🔥

Note: यह PDF हमने नहीं बनाया है और इसमें एक जो तंत्र ग्रंथ से प्रमाण दिया गया वो हमारा है नहीं तंत्रग्रंथ वैदिक ग्रंथ से अलग होने से वेद और महाभारत के प्रमाण ही ज्यादा ग्रहणीय है ।
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बौद्ध राजा बिम्बिसार की गजब बेइज्जती 😂

विनयपिटक (महावग्ग) -
उस समय मागधराज बिम्बिसार को भगन्दर रोग हो गया था। पहने हुए वस्त्र रक्तरञ्जित हो जाते थे। रानियाँ इसे देखकर राजा से परिहास करतीं- देव! 'ऋतुमती' (रजस्वला) हो गये हैं। आपको गर्भपुष्प प्रस्फुटित हो गया है। शीघ्र ही आप बालक को जन्म देंगे

वाह क्या रोस्ट किए थे मगधराज के रानियों ने इसका 😂😂
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भारतीय संविधान में रामायण के चित्र।

तो संविधान को कट्टरता से मानने वाले भीमटो यह देखो

संविधान के भाग -३ में रामायण से संबंधित चित्र हैं जिसमें श्री राम जी, सीता जी और लक्ष्मण जी को आदर्श रूप में दर्शाया गया है।

अब संविधान को मानते हो तो राम जी को भी मानना होगा क्यों कि राम जी भी संविधान में आदर्श के रूप में है। 😂😂

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जब एक “कट्टर आस्थावान” मिक्स ब्रीड पौराणिक/अद्वैतवादी ने करना चाहा हमारा खंडन, बेचारा भावनाओं में इतना बह गया

करने लगा हमारे ही मत का मंडन
अब आप लोग देखिये, हमने कब और कहाँ कहा कि परमात्मा एक नहीं है, ये तो गरुड़ पुराण और पोप जी का मानना है, अर्थात् “कट्टर पौराणिक” मिक्स ब्रीड ने अपने ही पोप जी का खंडन कर दिया 🤣

लगता है इस मिक्स ब्रीड ने महर्षि दयानन्द का सिद्धांत पढ़ा तो दूर जाना तक नही
अब ऐसे अनपढ़ जो भयभीत हुए गुप्त चैनल से खंडन करने की इच्छा रखते है, वो मादक पदार्थों का सेवन कम करने के पश्चात् हमारा खंडन करने के प्रयास करे ।

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@Pakhand_khandan
देखिए अब थाईलैंड के बौद्ध सरकार द्वारा भगवान् विष्णु जी के मूर्तियों को तोड़ कर उसके स्थान में बुद्ध के मूर्ति लगाया जा रहा है।

और हमारे हिन्दू क्या करते हैं राम मंदिर तक में राम जी के प्रतिमा के साथ बुद्ध को स्थान दे दिया है १० में अवतार मान के

लेकिन क्यों ?

आज तक किसी भी बौद्ध स्तूप में न राम जी को स्थान मिला न कृष्ण और न शिव जी को फिर बुद्ध को अवतार मान के क्यों पूज रहे हो??

महाभारत में भी बुद्ध का १० अवतारों में कहीं दूर दूर तक नाम नहीं है। फिर अवतारों के स्थान में बुद्ध क्यों शामिल है??
मैं तो तुरंत मांग करने को बोलता हु राम मंदिर परिषद् से राम जी के मूर्ति के साथ बुद्ध के मूर्ति को हटा के वहां बलराम जी का मूर्ति होना चाहिए। वो स्थान बलराम जी का है उनको वो स्थान दीजिए।
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UGC हटाओ अन्याय होने से बचाओ

BJP पता नहीं आज कल भारतीय जनता पार्टी कम

भीमटा जनता पार्टी ज्यादा लग रहा है।
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आदि शंकराचार्य जी के वैज्ञानिक अलंकार

आदि शंकर जी ने अपने गुरु पादुका स्तोत्र के दूसरे ही श्लोक में गुरु के लिए लिखते हैं -
कवित्व वाराशि निशाकराभ्यां

अर्थात् - उमड़ते हुए ज्ञान रूपी समुद्र के लिए वह (गुरु) पूर्ण चन्द्रमा के सदृश है।
इस वाक्यांश को अगर ठीक से समझे तो यह अत्यंत ही वैज्ञानिक अलंकार है जिसमें समुद्र के जल का उमड़ने का सीधा संबंध जो है वह पूर्णिमा के चन्द्र से ही लिया गया है।

अर्थात् आदि शंकर ने तो गुरु को यहां पूर्ण चंद्र रूप मान के उनसे ज्ञान रूपी समुद्र का ऊपर उठना माना है।

कुछ लोग आर्य समाजीयो को ही अलंकार समाजी बोलते हैं जब की उन्हीं के आदि शंकराचार्य ने अपने रचित स्तोत्र में इतने सुंदर और वैज्ञानिक अलंकार का प्रयोग किया है।
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Media is too big
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अब कुछ 2000 साल बाद यही लोग भिंडी रोना करेंगे कि रामचरित मानस को ब्राह्मण लोगों ने ही भीम चरित मानस से copy कर के लिख दिया 😂😂

जैसे इन धूर्त बौद्धों ने रामायण को copy कर के दशरथ जातक लिख दिया था

और आज कुछ भीमटे दशरथ जातक को रामायण से प्राचीन बताते हैं 😂
😂
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Forwarded from Logic God 🧠🗣️
वायु भी ब्रह्म का ही एक नाम है जिससे अद्वैतवाद के निर्गुण ब्रह्म की अवधारणा खंडित होती है और जब ब्रह्म के अलावा और कुछ है नहीं तो रक्षा किसकी करेगा अद्वैतवाद का निर्गुण ब्रह्म? और उपर से अकर्ता है |

फिर आयेगी व्यवहार पारमार्थ की जलेबी परंतु व्यवहार मे भी तो जगत मिथ्या ही है नवीन अद्वैतियों के अनुसार परंतु प्राचीन अद्वैतियों के अनुसार जगत सत्य है पर क्या लाभ? जब ब्रह्म और ईश्वर को अलग अलग मानते है |

अतः अद्वैतवाद उपनिषदों के भी विरुद्ध है |

ओ३म् 🙏



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