Forwarded from 🔱 पाखंड खंडन 🔱
पोप जी की हुण्डी
विषय :-
नमस्ते आर्य मित्रों
इस पोस्ट के माध्यम से आपको सत्य के दर्शन होंगे, आप जानेंगे कैसे युरोप के “पोप जी” की लीला और आर्यावर्त के “पौराणिक पोप जी” की लीला में कितनी समानता है, कैसे इन दोनों ही मत वालों ने एक ही प्रकार का पाखंड रचकर जनता को ठगा, क्योंकि वे भी भली भांति जानते है मृत्यु के बाद आत्मा के साथ कुछ नहीं जाता और न ही उसके पाप क्षमा होते है, इसमें पुराणों का एक श्लोक भी है, जो कुछ इस प्रकार है ⬇️
अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्म शुभाशुभं ।
ना भुक्तं क्षीयते कर्म कल्प कोटि शतैरपि ।।
अर्थ - शुभ कर्म (पुण्य) हो या अशुभ कर्म (पाप) हो बिना उसका फल भोगे कोई भी छूट नहीं सकता अर्थात् बिना भोगे कर्म कभी नष्ट नहीं होते फिर चाहे करोड़ों जन्म ही क्यों न लेने पड़े ।
आशा है आप सब को अब समझ आ गया होगा क्यों “पोप जी” आपको शास्त्रज्ञान से वंचित रखना चाहते है
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@Pakhand_khandan
विषय :-
क्या पोप जी को दान देने से स्वर्ग का टिकट पक्का होता है ?
नमस्ते आर्य मित्रों
इस पोस्ट के माध्यम से आपको सत्य के दर्शन होंगे, आप जानेंगे कैसे युरोप के “पोप जी” की लीला और आर्यावर्त के “पौराणिक पोप जी” की लीला में कितनी समानता है, कैसे इन दोनों ही मत वालों ने एक ही प्रकार का पाखंड रचकर जनता को ठगा, क्योंकि वे भी भली भांति जानते है मृत्यु के बाद आत्मा के साथ कुछ नहीं जाता और न ही उसके पाप क्षमा होते है, इसमें पुराणों का एक श्लोक भी है, जो कुछ इस प्रकार है ⬇️
नारद पु॰/उत्तर भाग/अ॰ २९/श्ल॰ १८
अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्म शुभाशुभं ।
ना भुक्तं क्षीयते कर्म कल्प कोटि शतैरपि ।।
अर्थ - शुभ कर्म (पुण्य) हो या अशुभ कर्म (पाप) हो बिना उसका फल भोगे कोई भी छूट नहीं सकता अर्थात् बिना भोगे कर्म कभी नष्ट नहीं होते फिर चाहे करोड़ों जन्म ही क्यों न लेने पड़े ।
आशा है आप सब को अब समझ आ गया होगा क्यों “पोप जी” आपको शास्त्रज्ञान से वंचित रखना चाहते है
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क्या बौद्ध धर्म में कभी कोई स्त्री बुद्ध बनी भी है?
दीघनिकाय (महापदान सुत्त) में गौतम बुद्ध कौनसे कल्प में कौनसे बुद्ध हुए हैं उनके बारे में विस्तृत रूप से बताया है।
वो बताते हैं कि-
अगर इनके यहां स्त्रियों को बुद्ध बनने का अधिकार होता तो भाई इतने कल्पों में ७ बुद्धों में से कोई एक भी स्त्री बुद्ध का नाम क्यों नहीं है???
और वैसे MN(115) में बुद्ध ने भी खुद बोला है कि कोई एक ही काल में कोई एक ही बुद्ध हो सकता है।
और इतने काल तक जो भी बुद्ध बने हैं अपने अपने काल में वो सब पुरुष ही है कोई स्त्री नहीं बनी है बुद्ध।
दीघनिकाय (महापदान सुत्त) में गौतम बुद्ध कौनसे कल्प में कौनसे बुद्ध हुए हैं उनके बारे में विस्तृत रूप से बताया है।
वो बताते हैं कि-
उनके समय से ९१ कल्प पूर्व विपस्सी बुद्ध हुए, उसके बाद उनसे ३१ कल्प पूर्व सिखी बुद्ध हुए। उसी ३१ वे कल्प में वेस्सभू बुद्ध हुए। और उनके वर्तमान कल्प में ककुसन्घ बुद्ध, उनके बाद कोणागमन बुद्ध,कस्सप और उनके बाद वो स्वयं गौतम बुद्ध हुए।अब आप स्वयं सोचिए इनके यहां कल्प पे कल्प बीतता गया है दिन पे दिन बीतता गया है पर गौतम बुद्ध के काल तक एक भी स्त्री का नाम भी दूर दूर तक नहीं जो किसी कल्प में बुद्ध बनी हो।
अगर इनके यहां स्त्रियों को बुद्ध बनने का अधिकार होता तो भाई इतने कल्पों में ७ बुद्धों में से कोई एक भी स्त्री बुद्ध का नाम क्यों नहीं है???
और वैसे MN(115) में बुद्ध ने भी खुद बोला है कि कोई एक ही काल में कोई एक ही बुद्ध हो सकता है।
और इतने काल तक जो भी बुद्ध बने हैं अपने अपने काल में वो सब पुरुष ही है कोई स्त्री नहीं बनी है बुद्ध।
सांची में भी इन्हीं ७ बुद्धों के चित्रण हैं उसमें भी कोई बुद्ध स्त्री हुआ हो नहीं दिखाया गया।
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पुराण प्रवचन
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अच्छा यह जो बोल रहा था कि बहुधातुक सूत्त में जो स्त्रियों के लिए निषेध आया है वो चीनी आगम के अनुवाद में नहीं मिलता।
इसका खंडन ऐसे भी हो जाता है कि बुद्धघोष ने जो बुद्धवचन उद्धृत किया है अपने समय में उसका पूरा लक्षण प्राचीन काल में भी दिख रहा है।
जैसे बुद्ध ने जो ७ बुद्ध कौनसे कौनसे कल्प में हुए इसका वर्णन किया है वो तो पाली और चीनी आगम दोनों में मिलता है
लेकिन बुद्ध ने जो यह कहा था कि एक ही काल में दो बुद्ध नहीं होंगे सिर्फ एक ही बुद्ध होंगे
और अगर हम देखें विपस्सी बुद्ध से लेकर गौतम बुद्ध तक जितने कल्प है उनमें जिस जिस समय में एक एक बुद्ध हुए हैं वो कोई पुरुष ही है।
यह बात इसकी पुष्टि करती है जो बुद्धघोष ने अंगुत्तरनिकाय (१/२८९) में बुद्ध वचन उद्धृत किया था कि
और हम देख भी रहे हैं उदाहरणों से की विपस्सी से लेके गौतम बुद्ध तक सब कल्पों में जब भी कोई बुद्ध बना है वो पुरुष ही बना रहा है कोई स्त्री नहीं बन रहा।
इसका खंडन ऐसे भी हो जाता है कि बुद्धघोष ने जो बुद्धवचन उद्धृत किया है अपने समय में उसका पूरा लक्षण प्राचीन काल में भी दिख रहा है।
जैसे बुद्ध ने जो ७ बुद्ध कौनसे कौनसे कल्प में हुए इसका वर्णन किया है वो तो पाली और चीनी आगम दोनों में मिलता है
लेकिन बुद्ध ने जो यह कहा था कि एक ही काल में दो बुद्ध नहीं होंगे सिर्फ एक ही बुद्ध होंगे
और अगर हम देखें विपस्सी बुद्ध से लेकर गौतम बुद्ध तक जितने कल्प है उनमें जिस जिस समय में एक एक बुद्ध हुए हैं वो कोई पुरुष ही है।
यह बात इसकी पुष्टि करती है जो बुद्धघोष ने अंगुत्तरनिकाय (१/२८९) में बुद्ध वचन उद्धृत किया था कि
अट्ठानमेतं, भिक्खवे, अनवकासो यं इत्थी अरहं अस्स सम्मा सम्बुद्धो। नेतं ठानं विज्जति। ठानं च खो एतं, भिक्खवे, विज्जति यं पुरिसो अरहं अस्स सम्मासम्बुद्धो । ठानमेतं विज्जतीअर्थात् एक ही समय में जो कोई एक बुद्ध बनेगा वो केवल पुरुष ही होगा।
और हम देख भी रहे हैं उदाहरणों से की विपस्सी से लेके गौतम बुद्ध तक सब कल्पों में जब भी कोई बुद्ध बना है वो पुरुष ही बना रहा है कोई स्त्री नहीं बन रहा।
और इन ७ केवल पुरुष बुद्धों के ही अंकन सांची स्तूप में भी मिलने से यह बात भी पक्का हो जाता है कि पुरुष ही बुद्ध हुए हैं कोई स्त्री नहीं यह 3rd Century BCE तक भी प्रचलित थी।
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Forwarded from NEWSORA
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Lokesh Machines Ltd to supply total 1,013 ASMI SMGs to the Assam Rifles
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इस भिखारी का इतने बुरे ढंग से खंडन होने के बाद भी रोड़ी रोना खत्म नहीं हुआ बाला शब्द पे 😂😂
अबे गधे "बाला" शब्द का प्रयोग युवावस्था के युवतियों के लिए भी हो सकता है।
जैसे विराट पर्व में जहां अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह का वर्णन है वहां उसे युवती कहा गया है।
और वैसे ही विराट पर्व में ही द्रोपदी के लिए भी बाला शब्द और युवती शब्द एक साथ प्रयोग हुआ है।
अबे गधे "बाला" शब्द का प्रयोग युवावस्था के युवतियों के लिए भी हो सकता है।
जैसे विराट पर्व में जहां अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह का वर्णन है वहां उसे युवती कहा गया है।
और वैसे ही विराट पर्व में ही द्रोपदी के लिए भी बाला शब्द और युवती शब्द एक साथ प्रयोग हुआ है।
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पुराण प्रवचन
इस भिखारी का इतने बुरे ढंग से खंडन होने के बाद भी रोड़ी रोना खत्म नहीं हुआ बाला शब्द पे 😂😂 अबे गधे "बाला" शब्द का प्रयोग युवावस्था के युवतियों के लिए भी हो सकता है। जैसे विराट पर्व में जहां अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह का वर्णन है वहां उसे युवती कहा गया है।…
क्या अभिमन्यु बालक (छोटा बच्चा) है?
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पुराण प्रवचन
Voice message
द्रोपदी तक को "बाला" बोला है विराट पर्व में अब खुद सोच ले कि क्या द्रोपदी भी शिशु थी और साथ में उसके पुत्र अभिमन्यु भी शिशु था?
मां बेटे दोनों साथ में शिशु कैसे हो सकते है बे 😂😂
मां बेटे दोनों साथ में शिशु कैसे हो सकते है बे 😂😂
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पुराण प्रवचन
मेरे बेटा है तू मेरे आंग_ड से निकला बच्चा है तू जरा यहां मूल श्लोक में कहां युवाओं से तुलना वाक्य आया है वो दिखा दे जरा हम भी देखें ??
अब ये मूर्ख सातवलेकर का दिखा रहा अरे संस्कृत पाठ दोनों में एक ही है बेटा😂 इतनी सी बात नहीं समझ आती क्या?
पुराण प्रवचन
अब ये मूर्ख सातवलेकर का दिखा रहा अरे संस्कृत पाठ दोनों में एक ही है बेटा😂 इतनी सी बात नहीं समझ आती क्या?
गीता प्रेस हो चाहे सातवलेकर हो तू मूल श्लोक में दिखा कहां युवाओं से तुलना आया है बे?