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जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
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@RamsingRajput786 https://t.me/HistoryChatAdda
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▪️औरंगजेब के काल की घटनाएं

▪️बुंदेलखंड विद्रोह 1661 में ओरछा के चम्पतराय द्वारा विद्रोह व आत्महत्या, पुत्र छत्रसाल ने विद्रोह जारी रखा।

▪️युसुफजईयों का विद्रोह / अफगान विद्रोह 1667 भागू द्वारा

▪️गोकुल के नेतृत्व में जाटों का विद्रोह- 1669 ई.

▪️सतनामी विद्रोह 1672

▪️अफरीदियों का विद्रोह -1672 अकमल खाँ द्वारा

▪️गुरु तेग बहादुर की हत्या - 1675 ई.

▪️शहजादा अकबर का विद्रोह 1681

▪️राजाराम के नेतृत्व में जाटों का विद्रोह- 1685


▪️भांग की पैदावार पर रोक 1659

▪️ झरोखा दर्शन प्रथा बंद 1669

▪️ तुलादान की प्रथा बंद 1670

▪️तम्बाकू पर चुंगी कर समाप्त1666


#Fact_Education ❤️🔱

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❤2
सयूरगाल/ मदद ए माश - लगान मुक्त जमीन

जब्ती - जमीन की पैमाइश

मुफ्ती - कानून की व्याख्या करने वाल

हरकारा - सन्देश वाहक,

मीर-ए-तोजक - धार्मिक उत्सवों का प्रबंधक,

मुसद्दी - बंदरगाहों का प्रशासन देखने वाला

खम्स - लूट का माल

मीर-ए-बहर = नौसेना प्रभारी,

मीर-ए-बर्र/मीर बार = वन अधीक्षक/ जंगलों का अधिकारी

मुगलकाल.......

#Fact@HistoryEducation08 ❤️🔱
❤1
▪️सरंजाम- सैन्य सेवा के बदले भूमि अनुदान

▪️मोकासा- यह सैन्य और असैन्य दोनों प्रकार की सेवा के बदले दिया गया भूमि अनुदान था।

▪️वतन - पुश्तैनी भूमि होती थी और तब तक वतनदार परिवार के पास रहती थी जब तक वह अपना कर्त्तव्य निभाते।

▪️इनाम - यह स्थायी भूमिदान था जिसके साथ कोई शर्त नहीं जुड़ी होती थी।

▪️मीरास- वह भूमि जिस पर व्यक्ति का एकछत्र पुश्तैनी अधिकार हो। इस पर मीरासदार का अधिकार तब तक रहता जब तक वह उसका विक्रय या उपहार स्वरूप न दे। जब शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ तो मराठा सरदारों को शिवाजी की अधीनता स्वीकार करनी पड़ी और मीरास-पट्टी (सिंहासन-पट्टी) कर भी चुकाना पड़ा।

▪️उपरी - यह अस्थायी भूमि होती थी। सरकार की कृषि योग्य भूमि
में से कुछ भूमि उपरियों के रूप में पट्टे पर दी जाती थी। पट्टे के समाप्त होने पर उपरियों के दावे व अधिकार भी समाप्त हो जाते थे ।

🔸मराठा साम्राज्य......
#Fact_Education 🔱❤️
____
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🤷‍♀2❤1👍1
इल्तुतमिश ने राजपूत राज्यों के विरुद्ध कई अभियान किये–

(ⅰ) रणथम्भौर विजय - 1226

(ii) मण्डोर के विरूद्ध अभियान - 1227

(iii) जालौर के विरुद्ध अभियान - 1228–29

(iv) नागौर विजय: 1230

(v) ग्वालियर दुर्ग :- 1231 (इस समय ग्वालियर शासक मलयवर्मा देव था)

(vi) कालिंजर अभियान - 1233/1234 (तायसी का नेतृत्व)

(vii) मालवा अभियान - 1234-1235
• महाकाल मन्दिर तोडा/ शिवलिंग

• भिलसा दुर्ग पर अधिकार किया।।

(viii) भूताला युद्ध - 1226 -27 →नागदा को लूटा

#Fact_Education 🔱❤️
❤5😁1
इल्तुतमिश ने शिक्षा हेतु निम्न मदरसे स्थापित किए - 🔱❤️

(ⅰ) दिल्ली
- मदरसा- ए-मुइज्जी (मोहम्मद गौरी की स्मृति में)

• मदरसा -ए-नासिरीया (अपने ज्येष्ठ पुत्र नासिरूद्दीन मुहम्मद की स्मृति में)
रजिया सुल्तान ने मिन्हाज-उस-सिराज को इसका प्रधानाचार्य बनाया।

(ii) बदायूं – मदरसा-ए-मुइज्जी

#Fact_Education 🔱❤️
Forwarded from ArchaeoHistories🌐 (Nayankumar)
आजकल संत और लोकदेवताओं की D.O.B. भी पूछ रहे है
बड़े से छोटे की तरफ

गोगाजी -1003 विक्रम संवत्

तेजाजी -1073 ई

पाबूजी -1239 ई

देव नारायण जी -1243 ई

रामदेवजी-1352 ई

मल्लीनाथ जी -1358 ई

हड़बुज़ी राव जोधा के समकालीन थे यानी 1438-1489

संत धन्ना जी -1415 ई

संत पीपा जी -1425 ई

जाँभोजी-1451 ई

जसनाथ जी-1482 ई

लालदास जी -1504 ई

संत हरिदास जी-1455 ई

दादू दयाल जी -1544 ई

मीरा बाई -1498 ई संत मावजी -1714 ई

#fact

@his_inq
❤5🔥2
▪️खानकाह

शेख बुरहानुद्दीन – दौलताबाद

फरीद बाबा - अजोधन (मुल्तान)

नि. औलिया – दिल्ली (ग्यासपुर) -

सिराजुद्दीन उस्मानी - बंगाल

नसीरुद्दीन चिराग देहलवी – दिल्ली

गेसूदराज - गुलबर्गा

बहा. जकारिया – मुल्तान

सलीम चिश्ती - फतेहपुर सीकरी

जलालुद्दीन तबरीजी - बंगाल

मुईनुद्दीन चिश्ती - अजमेर

नियामतुल्लाह - उच्छ (मुल्तान)

मुहम्मद गौस - ग्वालियर

-बदरुद्दीन शाह मदार – मानकपुर (कानपुर)

सामग्री - सूफी आंदोलन

#Fact_Education

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👍1
मलफुजात :- पीर द्वारा मुरीद को जो उपदेश दिये जाते थे, पीर की अनुमति से संकलित होते थे।

दलैल-उल- आरिफिन - मुझ्नुद्दीन चिश्ती के उपदेश

फवायद - उस-सालिकीन - बख्तियार काकी के उपदेश, जिन्हें फरीद बाबा द्वारा संकलित किया गया

अफजाल - उल-सवाहिद - निजामुद्दीन औलिया के उपदेश, जिन्हें अमीर खुसरो द्वारा संकलित

फवायद - उल-फुआद (प्राचीन) निजामुद्दीन औलिया के उपदेश, जिन्हें अमीर हसन सिज्जी द्वारा संकलित

सुरूर-उस- सुदूर- हमीउद्दीन नागौरी के उपदेश, जिन्हे फरीदुद्दीन द्वारा संकलित

खैर-उल-मजलिस - चिराग-ए-दहेलवी के उपदेश, जिन्हें हमीर कलंदर द्वारा संकलित।

#Fact_Education.... 🖊️❤️
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आजकल संत और लोकदेवताओं की D.O.B. भी पूछ रहे है
बड़े से छोटे की तरफ

गोगाजी -1003 विक्रम संवत्

तेजाजी -1073 ई

पाबूजी -1239 ई

देव नारायण जी -1243 ई

रामदेवजी-1352 ई

मल्लीनाथ जी -1358 ई

हड़बुज़ी राव जोधा के समकालीन थे यानी 1438-1489

संत धन्ना जी -1415 ई

संत पीपा जी -1425 ई

जाँभोजी-1451 ई

जसनाथ जी-1482 ई

लालदास जी -1504 ई

संत हरिदास जी-1455 ई

दादू दयाल जी -1544 ई

मीरा बाई -1498 ई संत मावजी -1714 ई

#fact

@his_inq
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▪️अमीर-ए-हाजिब _दरबार के अनुशासन व अमीरों के पदानुक्रम के निर्धारण से सम्बंधित

▪️सर-ए-जानदार_ प्रमुख अंगरक्षक

▪️अमीर-ए-मजलिस ____सम्बंधित राजकीय उत्सव, समारोह व दावतों से

▪️दबीर-ए-मुमालिक ___दीवान-ए-इंशा विभाग में विदेशी पत्राचार में मुख्य भूमिका

▪️जिम्मी ___रक्षित गैर मुसलमान

▪️ममलूक ____दास अधिकारी

▪️मुनही ____गुप्तचर

दिल्ली सल्तनत

#Fact_Education ❤️🔱
❤3
▪️.....वैष्णव आंदोलन ने कृष्णदेवराय के समय से कन्नड़ साहित्य पर जबरदस्त प्रभाव डालना शुरू किया। 'नारणप्पा' नामक एक ब्राह्मण लेखक ने जिसे 'कुमार व्यास' की उपाधि प्राप्त थी। 'महाभारत' के प्रथम दस पर्वों का कन्नड़ भाषा में अनुवाद किया। PYQ -2025
उसने गडग के मंदिर में प्रतिष्ठित देवता को अपनी कृति समर्पित की। अतः इसे 'गडगीन भारत' भी कहा गया।
तिमन्ना ने महाभारत के शेष 8 पर्वो का अनुवाद कर अपने संरक्षक कृष्णदेवराय के नाम पर उसका नाम 'कृष्णराय भारत' रखा। ब्राह्मणीय दृष्टिकोण से लिखित कन्नड़ भाषा के प्रथम रामायण 'तोरवे रामायण' का रचियता 'नरहरि' था। इस काल में कन्नड़ में वैष्णव भक्ति का एक रूप 'दासो 'द्वारा' रगले छंद' में लोकप्रिय गीतों का गायन था।...🖊️

#Fact@HistoryEducation08
.......🖊️कहा जाता है कि विजयनगर साम्राज्य में महिला पहलवान, महिला ज्योतिषी, महिला भविष्यवक्त आदि थी तथा राजदरबार के लेखे-जोखे का कार्य महिला लिपिकों और एकाउंटेंटों द्वारा किया जाता था।

▪️नूनिज महिला विद्वानों और लेखिकाओं, कवियत्रियों, गायिकाओं, संगीतज्ञों, अंगरक्षिकाओं, मल्लयुद्ध तथा भविष्यवाणी करने वाली स्त्रियों का उल्लेख करते हुए अवलोकन करता है PYQ 2024 ..... विजयनगर के राजतंत्र में न्यायाधीश तथा पहरेदार इत्यादि भी महिलाएं थीं।

- विजयनगर साम्राज्य में बाल विवाह की भी प्रथा थी और दहेज खुलकर मांगा जाता था तथा गर्व से दिया भी जाता था। राजपरिवार एवं सामन्तों के अतिरिक्त समाज के अन्य वर्गों में एक पत्नीत्व की प्रथा थी। निकोलो कान्टी के अनुसार विजयनगर में राजा के 12000 रानियां थीं जिनमें से 4000 उसके साथ हर जगह जाती थी। समाज में गणिकाओं का विशाल वर्ग विद्यमान था। अब्दुर्रज्जाक विजयनगर की राजधानी के ही अंदर वेश्यालय के अस्तित्व का भी उल्लेख करता है।

- समाज में सती प्रथा के प्रचलन का विवरण अभिलेखों एवं विदेशी यात्रियों (वारबोसा, नूनिज, सीजर फ्रेडरिक, पियत्रो डेलावाले) के वृत्तांतों से मिलता है।

#Fact_Education....

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▪️नाटककार भास कृत प्रतिमानाटक, महाकवि कालिदास कृत रघुवंशम्, भवभूति कृत उत्तररामचरित, राजशेखर कृत बाल रामायण, रामायण के कथानक पर आधारित रचनाएँ हैं। - 2020 PYQ ✅

कुमारदास कृत जानकीहरण, भट्टि कृत भट्टि काव्य (रावण वध)
भी रामायण आधारित रचनाएँ हैं।

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▪️लॉर्ड कर्जन के प्रमुख कार्य–

1901 इंपीरियल कैडेट कोपर्स की स्थापना लार्ड कर्जन।।

1901 - शिमला कॉन्फ्रेंस ऑन एजुकेशन

1902 - रैले कमीशन

1903 - एडवर्ड सप्तम के राजा बनने के अवसर पर दरबार का आयोजन, एडवर्ड सप्तम ने अपने प्रतिनिधि 'ड्यूक ऑफ कनॉट' को भेजा

1904– प्राचीन स्मारक प्रतिरक्षण अधिनियम पारित।

1904 - इंडियन यूनिवर्सिटीज एक्ट

1904 - इंडियन ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट

1905 पूसा - (वर्तमान बिहार) में कृषि अनुसंधान संस्थान की स्थापना वायसराय लॉर्ड कर्जन ।

1905 - उद्योग व वाणिज्य विभाग की स्थापना, वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य जॉन हेवेट द्वारा।

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🔸#Fact – मुहम्मद बिन तुगलक के काल में 34 विद्रोह हुए जिसमें से 27 दक्षिण भारत में हुए।

मुख्य विद्रोह का कालक्रम इस प्रकार
है:–

▪️बहाउद्दीन गुरशास्प (मुहम्मद बिन तुगलक का चचेरा भाई)का विद्रोह
1326 - 27

▪️बहराम आएबा उर्फ किशलू खां का विद्रोह - 1327-28 में

▪️कमालपुर (सिंध) का विद्रोह 1328-29 में काजी व खतीब द्वारा किये इस विद्रोह को ख्वाजा-ए-जहाँ ने शांत किया।

▪️गियासुद्दीन बहादुर (बुरा) का विद्रोह 1330-31 में

▪️सेहवान का विद्रोह - सिंध के सेहवान में दूसरा विद्रोह 1333 में

▪️माबर (मदुरा) का विद्रोह 1335

▪️ विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में हरिहर व बुक्का द्वारा

▪️बंगाल में मलिक फखरुद्दीन का विद्रोह - 1338

▪️आइन उल मुल्क का विद्रोह 1340 -41

▪️सादाह अमीरों के विद्रोह 1336 - 45

▪️दौलताबाद में विद्रोह 1346

▪️बहमनी साम्राज्य की स्थापना 1347 में हसन गंगू द्वारा ।

▪️गुजरात में तगी का विद्रोह 1351 में

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▪️एसोसिएटेड प्रेस ऑफ इंडिया

केशव चंद्र रॉय द्वारा स्थापित Associated Press of India (API) पहली राष्ट्रीय समाचार एजेंसी थी, आजादी के बाद Press Trust of India (PTI) के नाम से दुबारा रजिस्टर्ड हुई।

रॉयटर्स - यह राष्ट्रीय (भारतीय) नहीं थी, अंतरराष्ट्रीय थी। इसकी स्थापना API से पहले 1851 में लंदन में पॉल रॉयटर ने की थी। 1851 में ही इसका एक ऑफिस बम्बई में स्थापित किया गया। अतः भारत में काम करने वाली सबसे पुरानी न्यूज एजेंसी तो रॉयटर्स है, राष्ट्रीय पूछे तो API है।

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▪️लाला लाजपत राय ने अपने अमेरिका प्रवास (1914-19) के दौरान 1917 में अमेरिका में इंडियन होम रूल लीग की स्थापना की व जनवरी 1918 में मासिक समाचार पत्र 'यंग इंडिया' का पहला अंक प्रकाशित किया। लाला लाजपत राय ने 1917 में 'Young India: An Interpretation and A History of The Nationalist Movement' नामक किताब भी लिखी। ब्रिटिशर्स द्वारा बैन किये जाने के कारण भारत में यह 1927 में प्रकाशित हो सकी।

🔹गांधी जी ने भारत सितम्बर 1919 में गुजराती साप्ताहिक 'नवजीवन' व अक्टूबर 1919 में अंग्रेजी साप्ताहिक 'यंग इंडिया' समाचार पत्र प्रकाशित किया।

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▪️ "लाला लाजपत राय की पुस्तकें-💐💐

1. The Story of My Deportation (1908)

2. The Arya Samaj (1915)

3. The United States of America: A Hindu's impression and a study (1916)

4. England's Debt to India: A Historical Narrative to Britain's Fiscal Policy in India (1917)

5. Unhappy India (1928)- यह कैथरीन मेयो की 1927 में प्रकाशित 'Mother India' के जवाब में लिखी।

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🔸#Fact – मुहम्मद बिन तुगलक के काल में 34 विद्रोह हुए जिसमें से 27 दक्षिण भारत में हुए।

मुख्य विद्रोह का कालक्रम इस प्रकार
है:–

▪️बहाउद्दीन गुरशास्प (मुहम्मद बिन तुगलक का चचेरा भाई)का विद्रोह
1326 - 27

▪️बहराम आएबा उर्फ किशलू खां का विद्रोह - 1327-28 में

▪️कमालपुर (सिंध) का विद्रोह 1328-29 में काजी व खतीब द्वारा किये इस विद्रोह को ख्वाजा-ए-जहाँ ने शांत किया।

▪️गियासुद्दीन बहादुर (बुरा) का विद्रोह 1330-31 में

▪️सेहवान का विद्रोह - सिंध के सेहवान में दूसरा विद्रोह 1333 में

▪️माबर (मदुरा) का विद्रोह 1335

▪️ विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में हरिहर व बुक्का द्वारा

▪️बंगाल में मलिक फखरुद्दीन का विद्रोह - 1338

▪️आइन उल मुल्क का विद्रोह 1340 -41

▪️सादाह अमीरों के विद्रोह 1336 - 45

▪️दौलताबाद में विद्रोह 1346

▪️बहमनी साम्राज्य की स्थापना 1347 में हसन गंगू द्वारा ।

▪️गुजरात में तगी का विद्रोह 1351 में

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इल्तुतमिश ने राजपूत राज्यों के विरुद्ध कई अभियान किये–

(ⅰ) रणथम्भौर विजय - 1226

(ii) मण्डोर के विरूद्ध अभियान - 1227

(iii) जालौर के विरुद्ध अभियान - 1228–29

(iv) नागौर विजय: 1230

(v) ग्वालियर दुर्ग :- 1231 (इस समय ग्वालियर शासक मलयवर्मा देव था)

(vi) कालिंजर अभियान - 1233/1234 (तायसी का नेतृत्व)

(vii) मालवा अभियान - 1234-1235
• महाकाल मन्दिर तोडा/ शिवलिंग

• भिलसा दुर्ग पर अधिकार किया।।

(viii) भूताला युद्ध - 1226 -27 →नागदा को लूटा

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