अलवर/नीमूचाणा किसान आंदोलन (1923-24)
कारण: सूअरों की समस्या और लगान वृद्धि।
नीमूचाणा हत्याकांड (14 मई 1925): पुलिस कमांडर छाजू सिंह ने गोलियां चलवाईं।
कारण: सूअरों की समस्या और लगान वृद्धि।
नीमूचाणा हत्याकांड (14 मई 1925): पुलिस कमांडर छाजू सिंह ने गोलियां चलवाईं।
गांधीजी की टिप्पणी: महात्मा गांधी ने इसे 'जलियांवाला बाग हत्याकांड से भी वीभत्स' बताया और इसे "दोहरी डायरशाही" (Double Dyerism) कहा।
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▪️देवस्थान विभाग द्वारा संचालित निशुल्क तीर्थ यात्रा योजना के तहत पहली बार कामाख्या देवी के दर्शन
Smart Fact ✍️
◾ देवस्थान विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाएं
✓ देवस्थान विभाग की स्थापना - 1949।
✓ वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना:-
• प्रारम्भ - 2013 (रेल यात्रा प्रारम्भ)
• 2016 से हवाई यात्रा प्रारम्भ।
✓ सिंधु दर्शन योजना:-
• 1 अप्रैल,2016 से प्रारम्भ।
• लद्दाख स्थित सिंधु दर्शन स्थल तीर्थ यात्रा।
• कुल व्यय का 50% या अधिकतम ₹ 15,000 की आर्थिक सहायता।
✓ मोक्ष कलश योजना:-
• 22 सितम्बर, 2020 से प्रारम्भ।
• परिवार के अधिकतम दो सदस्यों को हरिद्वार की नि:शुल्क यात्रा।
✓ कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा योजना:-
• योजना के तहत राज्य के प्रत्येक तीर्थयात्री को कैलाश मानसरोवर की तीर्थ यात्रा के लिए ₹ 1 लाख की वित्तीय सहायता।
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🌺 REET भर्ती परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण....
♥️✨ राजस्थान में हस्तकला से संबंधित प्रमुख जानकारी ✨♥️
• अजरख व मलीर प्रिंट - बाड़मेर
• बगरू प्रिंट - जयपुर
• सांगानेरी प्रिंट - जयपुर
• थेवा कला - प्रतापगढ़
• मिट्टी व गोंद का दाबू - आकोला, चित्तौड़गढ़
• मोम दाबू - सवाई माधोपुर
• मिट्टी का दाबू - बालोतरा
• कावड़ - बस्सी, चित्तौड़गढ़
• टेराकोटा - मोलेला, राजसमंद
• कागजी टेराकोटा - अलवर
• फड - शाहपुरा, भीलवाड़ा
• ब्लू पोटरी , मीनाकारी, पीतल पर मीनाकारी ,कुंदन कला, जरी ,कुट्टी का काम ,पाव रजाई - जयपुर
• चांदी पर मीनाकारी - नाथद्वारा,राजसमंद
• तांबे पर मीनाकारी - भीलवाड़ा
• सोने पर मीनाकारी - प्रतापगढ़
• कठपुतली बनाने का कार्य - उदयपुर और चित्तौड़गढ़
• तीर कमान - चंदूजी का गढा ( बांसवाड़ा) व बोडीगामा( डूंगरपुर)
• रमकडा - गलियाकोट
• सूंघनी नसवार, तिल पट्टी - ब्यावर
• खेसला, मोती भारत - जालौर
• तलवारे - सिरोही
• मेहंदी व गरासियो की फाग - सोजत
• मामाजी के घोड़े - हरजी गांव, जालौर
• उस्ता ,मथेरण ,सुनहरी पोटरी,मटके - बीकानेर
• खेल का सामान - हनुमानगढ़
• चंदन की काष्ठकला - चुरू
• लाल पत्थर की मूर्तियां - थानागाजी, अलवर व सिकंदरा दौसा
• संगमरमर की मूर्तिया - जयपुर
• बादला ( जस्ते से निर्मित पानी की बोतल) - जोधपुर
• मसूरिया साड़ी - कैथून कोटा
• ब्लैक पोटरी - कोटा, सवाईमाधोपुर
• तारकशी के जेवर- नाथद्वारा, राजसमंद
• तुडिया (नकली आभूषण) - धौलपुर
• लोह के औजार - नागौर
• बातिक - खंडेला, सीकर
• नमदा - टोंक
• टांकला की दरियां - नागौर
• मलमल - मथानिया, जोधपुर
• छाता - फालना, पाली
• काले पत्थर की मूर्तियां - तलवाड़ा, बांसवाड़ा
♦️ REET भर्ती परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
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• बगरू प्रिंट - जयपुर
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• मोम दाबू - सवाई माधोपुर
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• काले पत्थर की मूर्तियां - तलवाड़ा, बांसवाड़ा
♦️ REET भर्ती परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
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राजस्थानी शब्दावली
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सिरावण : ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह का नाश्ता (अक्सर बची हुई ठंडी रोटी/राबड़ी)।
दोफारा : दोपहर का भोजन।
ब्याळू : शाम/रात्रि का भोजन (यह बहुत बार पूछा गया है)।
कलेवा: सुबह का जलपान/नाश्ता (मेहमानों के लिए या त्योहार पर)।
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वंश भास्कर, वीर सतसई - सूर्यमल मिश्रण
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बूंदी के रामसिंह के दरबारी। 1857 की क्रांति के समय वीरता जगाने वाले दोहे लिखे। 'वंश भास्कर' को उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने पूरा किया।
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मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना (100 यूनिट)
• शिफ्ट: अब फोकस 'रूफटॉप सोलर' पर है।
• लक्ष्य: जो परिवार सोलर पैनल लगवाएंगे, उन्हें 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी।
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PM सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (में समाहित)
• शिफ्ट: अब फोकस 'रूफटॉप सोलर' पर है।
• लक्ष्य: जो परिवार सोलर पैनल लगवाएंगे, उन्हें 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी।
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सिर और मस्तक आभूषण
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मेमंद : (ट्रिक: मेरा मंद (दिमाग) सिर में है)।
बोरला/बोर: माथे पर लटकने वाला गोल आभूषण।
रकड़ी/राखड़ी: सिर का आभूषण (बोरला के साथ पहना जाता है)।
शीशफूल: (नाम में ही 'शीश' है)।
टीकड़ा: माथे का बड़ा टीका।
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🚨 राजस्थान डिजिफेस्ट और टाई ग्लोबल हैकाथान
👉 लॉन्च 19 दिसंबर 2025 को
👉 स्थान:- विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी,जयपुर
👉यह हैकाथान राजस्थान डीजी फेस्ट 2025 तथा दसवीं टाई ग्लोबल समिट के अंतर्गत आयोजित किया गया।
👉 इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों के केंद्र शासित प्रदेशों के 54 शहरों से आए 780 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
👉 लॉन्च 19 दिसंबर 2025 को
👉 स्थान:- विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी,जयपुर
👉यह हैकाथान राजस्थान डीजी फेस्ट 2025 तथा दसवीं टाई ग्लोबल समिट के अंतर्गत आयोजित किया गया।
👉 इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों के केंद्र शासित प्रदेशों के 54 शहरों से आए 780 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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🚨 विधानसभा की सदाचार समिति
👉कुल सदस्य:- 15
👉 वर्तमान में समिति में 12 सदस्य हैं।
👉 समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति:- विधानसभा अध्यक्ष
👉 वर्तमान में सदाचार व याचिका समिति के अध्यक्ष:- कैलाश वर्मा
👉कुल सदस्य:- 15
👉 वर्तमान में समिति में 12 सदस्य हैं।
👉 समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति:- विधानसभा अध्यक्ष
👉 वर्तमान में सदाचार व याचिका समिति के अध्यक्ष:- कैलाश वर्मा
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स्त्रियों के परिधानों के लिए प्रचलित कपड़े :- मीर-ए-बादला, नौरंगशाही, बहादुर शाही, फर्रुखशाही, छींट, मलमल, चिक, मेहमूदी चिक, मखमल, मोमजामा, बाफ्ता, गंगाजली, किमखाब, टसर, मसरू, पारचा, जामदानी, इलायची आदि।
अटपटी पगड़ी मारवाड़ की प्रसिद्ध हैं जबकि अटपटी पगड़ी वाली चित्रकला उदयपुर चित्रशैली से संबंधित हैं
#important #फैक्ट ❤️☘
अटपटी पगड़ी मारवाड़ की प्रसिद्ध हैं जबकि अटपटी पगड़ी वाली चित्रकला उदयपुर चित्रशैली से संबंधित हैं
#important #फैक्ट ❤️☘
❤14👍6😍5
विशेषः-
शेखावाटी की मीरा :- करमाबाई जाट (मंदिर और जन्म कालवा,नागौर)
राजस्थान की मीरा :- मीरा बाई
मेवाड़ की मीरा संत :- भूरी बाई "अलख" (देबारी उदयपुर)
मत्स्य प्रदेश की मीरा :- समान बाई, (अलवर)
राजस्थान की दूसरी मीरा :- राना बाई, हरनावा (डीडवाना-कुचामन)
वागड़ की मीरा :- गवरी बाई, डूंगरपुर
#फैक्ट #important ❤️👍🏼
शेखावाटी की मीरा :- करमाबाई जाट (मंदिर और जन्म कालवा,नागौर)
राजस्थान की मीरा :- मीरा बाई
मेवाड़ की मीरा संत :- भूरी बाई "अलख" (देबारी उदयपुर)
मत्स्य प्रदेश की मीरा :- समान बाई, (अलवर)
राजस्थान की दूसरी मीरा :- राना बाई, हरनावा (डीडवाना-कुचामन)
वागड़ की मीरा :- गवरी बाई, डूंगरपुर
#फैक्ट #important ❤️👍🏼
👍20❤11😍2
जोधपुर दुर्ग पर अधिकार के समय निम्न युद्ध हुए::
1.पांचनड़े का युद्ध - राव चन्द्रसेन, दाउद खां एवं हुसैन अली खां के मध्य।
2.कंसारों की पोल का युद्ध (13 मार्च 1565 ई.)
3.रामपोल का युद्ध (27 मार्च 1565 ई.)- राठौड़ दासा गोगादे घायल हुआ तथा खेतसी भाटी व भाटी रणमल खेत रहे।
4.राणीसर पर लड़ाई (2 मई 1565 ई.
5.चोकेलाव पर लड़ाई (मई, 1565 ई.)
#important ❤️👍🏼
1.पांचनड़े का युद्ध - राव चन्द्रसेन, दाउद खां एवं हुसैन अली खां के मध्य।
2.कंसारों की पोल का युद्ध (13 मार्च 1565 ई.)
3.रामपोल का युद्ध (27 मार्च 1565 ई.)- राठौड़ दासा गोगादे घायल हुआ तथा खेतसी भाटी व भाटी रणमल खेत रहे।
4.राणीसर पर लड़ाई (2 मई 1565 ई.
5.चोकेलाव पर लड़ाई (मई, 1565 ई.)
#important ❤️👍🏼
❤18👍9😍1