🔰 GIC प्रवक्ता (Lecturer) भर्ती
👉 कुल आवेदन: 3,83,302
◾Competition (विषयवार)
♦️ इतिहास – 35,864 | 1 सीट = 478 अभ्यर्थी (सबसे कठिन)
♦️समाजशास्त्र – 31,119 | 1 सीट = 464
♦️ भूगोल – 23,953 | 1 सीट = 374
♦️हिंदी – 53,926 | 1 सीट = 332
♦️जीव विज्ञान – 23,431 | 1 सीट = 295
♦️अंग्रेजी – 42,869 | 1 सीट = 233
♦️नागरिक शास्त्र – 27,366 | 1 सीट = 206
♦️ उर्दू – 4,315 | 1 सीट = 107
♦️भौतिक विज्ञान – 19,137 | 1 सीट = 100 (सबसे कम प्रतिस्पर्धा)
संभावित तिथि 3 मई 2026
✅ ✅ ✅
◾Competition (विषयवार)
♦️ इतिहास – 35,864 | 1 सीट = 478 अभ्यर्थी (सबसे कठिन)
♦️समाजशास्त्र – 31,119 | 1 सीट = 464
♦️ भूगोल – 23,953 | 1 सीट = 374
♦️हिंदी – 53,926 | 1 सीट = 332
♦️जीव विज्ञान – 23,431 | 1 सीट = 295
♦️अंग्रेजी – 42,869 | 1 सीट = 233
♦️नागरिक शास्त्र – 27,366 | 1 सीट = 206
♦️ उर्दू – 4,315 | 1 सीट = 107
♦️भौतिक विज्ञान – 19,137 | 1 सीट = 100 (सबसे कम प्रतिस्पर्धा)
संभावित तिथि 3 मई 2026
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❤5👍3
◾BPSC शिक्षक भर्ती TRE-4 में बड़ा बदलाव !
👉बिहार सरकार BPSC शिक्षक भर्ती के TRE 4 में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब एक कैंडिडेट-एक रिजल्ट की नीति लागू होगी। पहले की भर्तियों में एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक तीनों के लिए हो जाता था। इससे कई सीटें खाली रह जाती थीं। नए नियम से अब एक सीट पर एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट होगा, जिससे अब सीट खाली नहीं बचेगा। बता दें कि TRE-4 के तहत लगभग 44000 शिक्षकों की भर्ती होनी है.......!!
👉बिहार सरकार BPSC शिक्षक भर्ती के TRE 4 में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब एक कैंडिडेट-एक रिजल्ट की नीति लागू होगी। पहले की भर्तियों में एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक तीनों के लिए हो जाता था। इससे कई सीटें खाली रह जाती थीं। नए नियम से अब एक सीट पर एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट होगा, जिससे अब सीट खाली नहीं बचेगा। बता दें कि TRE-4 के तहत लगभग 44000 शिक्षकों की भर्ती होनी है.......!!
गुलबदन बानो बेगम कौन थी
No document no history
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Anonymous Quiz
33%
हुमायूं की पुत्री
67%
बाबर की पुत्री
🤣8❤2🤷2🤔1
🚨1857 के क्रांति में शहीद होने वाली देश की प्रथम महिला वीरांगना
पूरा नाम: रानी अवंतिबाई लोधी
जन्म: लगभग 1831
क्षेत्र: रामगढ़ (वर्तमान डिंडौरी–मंडला, मध्य प्रदेश)
पति: राजा विक्रमादित्य सिंह लोधी (रामगढ़ रियासत के शासक)
⚔️ संघर्ष की शुरुआत–
अंग्रेजों से टकराव राजा विक्रमादित्य सिंह के बीमार पड़ने के बाद अंग्रेजों ने “कुप्रशासन” का बहाना बनाकर रामगढ़ रियासत अपने नियंत्रण में ले ली।
रानी अवंतिबाई ने इसे सीधी गुलामी माना और अंग्रेजी हुकूमत मानने से इनकार कर दिया।
✊ यहीं से उनके विद्रोह की चिंगारी भड़की।
🔥 1857 का विद्रोह और रानी की भूमिक 1857 की क्रांति में अवंतिबाई लोधी ने आदिवासियों, किसानों और स्थानीय राजाओं को संगठित किया।
मंडला, डिंडौरी और आसपास के जंगलों में उन्होंने गुरिल्ला युद्ध (छापामार युद्ध) किया।
अंग्रेजी छावनियों पर हमले किए, सिपाहियों को खदेड़ा।
उनका उद्देश्य था:
👉 रामगढ़ रियासत की स्वतंत्रता और स्वशासन।
🗡️ अंतिम युद्ध और बलिदान
अंग्रेजों ने बड़ी सेना भेजकर उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
20 मार्च 1858 के आसपास रामगढ़ के जंगलों में निर्णायक युद्ध हुआ।
जब पराजय निश्चित दिखी और पकड़े जाने का खतरा हुआ, तो रानी अवंतिबाई लोधी ने तलवार से स्वयं को बलिदान कर दिया।
🕊️ उन्होंने गुलामी स्वीकार करने की बजाय वीरगति चुनी।
आज भी मंडला–डिंडौरी क्षेत्र में लोग उन्हें
“रामगढ़ की शेरनी” कहकर याद करते हैं।
#AcharyaPrashant #History #WomenEmpowerment #GetInspired
Posted by Nitish Kumar Roll 3 on Acharya Prashant's Gita Mission App.
Download Now -
https://app.acharyaprashant.org/?id=8-f1132401-d8f5-411e-82d6-2d3ec6352c13&cmId=m00076
पूरा नाम: रानी अवंतिबाई लोधी
जन्म: लगभग 1831
क्षेत्र: रामगढ़ (वर्तमान डिंडौरी–मंडला, मध्य प्रदेश)
पति: राजा विक्रमादित्य सिंह लोधी (रामगढ़ रियासत के शासक)
⚔️ संघर्ष की शुरुआत–
अंग्रेजों से टकराव राजा विक्रमादित्य सिंह के बीमार पड़ने के बाद अंग्रेजों ने “कुप्रशासन” का बहाना बनाकर रामगढ़ रियासत अपने नियंत्रण में ले ली।
रानी अवंतिबाई ने इसे सीधी गुलामी माना और अंग्रेजी हुकूमत मानने से इनकार कर दिया।
✊ यहीं से उनके विद्रोह की चिंगारी भड़की।
🔥 1857 का विद्रोह और रानी की भूमिक 1857 की क्रांति में अवंतिबाई लोधी ने आदिवासियों, किसानों और स्थानीय राजाओं को संगठित किया।
मंडला, डिंडौरी और आसपास के जंगलों में उन्होंने गुरिल्ला युद्ध (छापामार युद्ध) किया।
अंग्रेजी छावनियों पर हमले किए, सिपाहियों को खदेड़ा।
उनका उद्देश्य था:
👉 रामगढ़ रियासत की स्वतंत्रता और स्वशासन।
🗡️ अंतिम युद्ध और बलिदान
अंग्रेजों ने बड़ी सेना भेजकर उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
20 मार्च 1858 के आसपास रामगढ़ के जंगलों में निर्णायक युद्ध हुआ।
जब पराजय निश्चित दिखी और पकड़े जाने का खतरा हुआ, तो रानी अवंतिबाई लोधी ने तलवार से स्वयं को बलिदान कर दिया।
🕊️ उन्होंने गुलामी स्वीकार करने की बजाय वीरगति चुनी।
आज भी मंडला–डिंडौरी क्षेत्र में लोग उन्हें
“रामगढ़ की शेरनी” कहकर याद करते हैं।
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Acharya Prashant
Acharya Prashant, one of the world’s most widely followed philosophers and public intellectuals, reaches 76 million+ YouTube subscribers, 180 million+ watch-hours, and over 46 billion views across social media. Discover his growing global impact.
❤5
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
छत्रपति शिवाजी महाराज ने सेना में मुसलमानों को महत्वपूर्ण पद दिए–
लेकिन उनका हिंदू राज्य हिंदुओं और ग़ैर हिंदुओं दोनों के लिए था. वैभव पुरंदरे लिखते हैं, "उनकी सोच समावेषी थी. वो हिंदू और मुसलमानों को एक जैसा समझते थे और वो धर्म के आधार पर भेदभाव को घिनौना, अनैतिक और अस्वीकार्य मानते थे. उनकी सेना में मराठों और दूसरे हिंदुओं की तरह मुसलमानों को भी शामिल किया जाता था. उनकी नौसेना के दो आला अधिकारी दार्या सारंग वेंतजी और दौलत ख़ाँ मुसलमान थे."
उनके एक और आला सैनिक अफ़सर नूर बेग़ थे जो मुसलमान थे. सुरेंद्रनाथ सेन ने अपनी क़िताब में लिखा है, "शिवाजी ने अपने सलाहकारों के विरोध के बावजूद 700 पठानों को अपनी सेना में शामिल किया था. उनके सिर्फ़ एक सहयोगी गोमाजी नायक पंसाम्बल ने उनके इस फ़ैसले का समर्थन किया था."
शिवाजी महाराज के गौरव में ये पंक्तियां प्रसिद्ध हैं-
शिवरायांचे आठवावे स्वरुप। शिवरायांचा आठवावा साक्षेप।
शिवरायांचा आठवावा प्रताप। भूमंडळी
"शिवाजी महाराज का संक्षिप्त जीवन-चरित्र स्मरण करने योग्य है
शिवाजी महाराज का पराक्रम संपूर्ण पृथ्वी पर स्मरणीय है”📖✍️👏
https://t.me/historyfact00
लेकिन उनका हिंदू राज्य हिंदुओं और ग़ैर हिंदुओं दोनों के लिए था. वैभव पुरंदरे लिखते हैं, "उनकी सोच समावेषी थी. वो हिंदू और मुसलमानों को एक जैसा समझते थे और वो धर्म के आधार पर भेदभाव को घिनौना, अनैतिक और अस्वीकार्य मानते थे. उनकी सेना में मराठों और दूसरे हिंदुओं की तरह मुसलमानों को भी शामिल किया जाता था. उनकी नौसेना के दो आला अधिकारी दार्या सारंग वेंतजी और दौलत ख़ाँ मुसलमान थे."
उनके एक और आला सैनिक अफ़सर नूर बेग़ थे जो मुसलमान थे. सुरेंद्रनाथ सेन ने अपनी क़िताब में लिखा है, "शिवाजी ने अपने सलाहकारों के विरोध के बावजूद 700 पठानों को अपनी सेना में शामिल किया था. उनके सिर्फ़ एक सहयोगी गोमाजी नायक पंसाम्बल ने उनके इस फ़ैसले का समर्थन किया था."
शिवाजी महाराज के गौरव में ये पंक्तियां प्रसिद्ध हैं-
शिवरायांचे आठवावे स्वरुप। शिवरायांचा आठवावा साक्षेप।
शिवरायांचा आठवावा प्रताप। भूमंडळी
"शिवाजी महाराज का संक्षिप्त जीवन-चरित्र स्मरण करने योग्य है
शिवाजी महाराज का पराक्रम संपूर्ण पृथ्वी पर स्मरणीय है”📖✍️👏
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Forwarded from हर हर महादेव ❤️
रुकना मना है, सतत चलने से ही मंजिल और आपके कदमों के बीच के फ़ासलों में कमी आती है, इसलिए चलो, थोड़ा-थोड़ा ही चलो।
शुभ रात्रि
हर हर महादेव ❤️
शुभ रात्रि
हर हर महादेव ❤️
❤5💯3🤣1
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
In this our country, every word carries multiple meanings—some shaped by renowned scholars, others by ordinary people like us. And then there are meanings that gain popularity on social media and slowly start passing off as absolute truth.
These days, if a woman simply puts her thoughts forward clearly, a label quickly follows: “feminist.” But it makes one wonder—do the people using this word truly understand its actual meaning, or do they use it only when it feels convenient?
That said, this is not meant to lecture or correct anyone.
Similarly, there is another word—sati. In the pages, it has been presented with a different interpretation. The hope is that reading it might offer at least one more perspective, and help us understand the meaning of this word beyond the commonly accepted narrative.
https://t.me/historyfact00
These days, if a woman simply puts her thoughts forward clearly, a label quickly follows: “feminist.” But it makes one wonder—do the people using this word truly understand its actual meaning, or do they use it only when it feels convenient?
That said, this is not meant to lecture or correct anyone.
Similarly, there is another word—sati. In the pages, it has been presented with a different interpretation. The hope is that reading it might offer at least one more perspective, and help us understand the meaning of this word beyond the commonly accepted narrative.
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🥰1
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (N D)
अंग्रेजों द्वारा सम्पादित प्रमुख समाचार पत्र
Forwarded from No Document No History (श्री.रामसिंग राजपूत ⛳)
1233_teamspy.pdf
5.2 MB
जून 24 paper 1
https://t.me/Ramsing2023
https://t.me/Ramsing2023
❤2
Forwarded from No Document No History (श्री.रामसिंग राजपूत ⛳)
No Document No History
1233_teamspy.pdf
❤1