🔥 बच्चों के हाथ से फोन छीनने जा रही है सरकार! 🔥
भारत में अब 16 साल से कम उम्र वालों के लिए Facebook, Instagram पर बैन लगने वाला है!
_Economic Times की ताजा खबर के मुताबिक, भारत सरकार जल्द ही कानून ला रही है जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना या इस्तेमाल करना पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा।_ अगर बच्चा अकाउंट बनाना भी चाहे, तो माता-पिता की लिखित सहमति और पहचान पत्र जरूरी होंगे।
🌎 🔞 दुनिया के कई देश (ऑस्ट्रेलिया, फ्लोरिडा, यूरोपीय यूनियन) पहले ही ऐसा कर चुके हैं।*भारत यह कदम इसलिए उठा रहा है क्योंकि बच्चों में डिप्रेशन, एंग्जायटी, नींद की कमी, साइबर बुलिंग और अडिक्शन की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है।_एक स्टडी कहती है कि 13-15 साल की उम्र में रोज 3 घंटे से ज्यादा स्क्रॉल करने वाले बच्चों में सुसाइड के विचार 60% तक बढ़ जाते हैं।_
लेकिन सवाल यह है – क्या सिर्फ कानून से फोन छीन लेने से बच्चे का मन बच जाएगा❓
आचार्य जी बिल्कुल साफ कहते हैं: सोशल मीडिया के मामले में कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। शरारत करने वाला चेहराविहीन है, अनाम है। इतने सारे लोग हैं कि आप किसी एक को पकड़ नहीं सकते। इतने सारे लोगों को रेगुलेट नहीं कर सकते, और नीयत के लिए कानून नहीं बना सकते।
तो फिर एकमात्र उपाय है – *व्यक्तिगत जिम्मेदारी।* 💪✅
_वेदांत को मुख्यधारा की शिक्षा का हिस्सा बनाना होगा। आज इससे बड़ी कोई जरूरत नहीं है कि व्यक्ति को जगाया जाए। यानी कानून बाहर से फोन छीन सकता है, लेकिन भीतर की भूख, भीतर की खालीपन की लत कौन मिटाएगा?_
⚠️🤔🙆 बच्चे को इंस्टाग्राम बंद कर दो,
वो टिकटॉक, यूट्यूब शॉर्ट्स, गेमिंग पर चला जाएगा।
फोन छीन लो, तो वो दोस्त के फोन पर रील्स देखेगा।
बाहरी प्रतिबंध अस्थायी हैं।
जब तक बच्चे के भीतर यह समझ न आए कि
“मुझे लाइक्स से खुशी नहीं चाहिए,
मुझे सच चाहिए, शांति चाहिए, स्वयं को जानना चाहिए”
तब तक कोई भी बैन पूरा नहीं होगा।
इसलिए सरकार का कदम स्वागत योग्य है,
लेकिन असली क्रांति तो घर में, स्कूल में, हमारे भीतर होनी है।
*तुम वो नहीं हो जो स्क्रॉल करते समय लगते हो। तुम उससे कहीं बड़े हो।” तभी सच में फोन उनके हाथ में होगा, और मन उनके हाथ में होगा।* 🪔🔥
#AcharyaPrashant #CurrentAffairs #Parenting #IndianPhilosophy
Posted by Dhuri on Acharya Prashant's Gita Mission App.
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https://app.acharyaprashant.org/?id=8-e63ef1dd-065c-45a0-89e6-822ac948d193&cmId=m00076
भारत में अब 16 साल से कम उम्र वालों के लिए Facebook, Instagram पर बैन लगने वाला है!
_Economic Times की ताजा खबर के मुताबिक, भारत सरकार जल्द ही कानून ला रही है जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना या इस्तेमाल करना पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा।_ अगर बच्चा अकाउंट बनाना भी चाहे, तो माता-पिता की लिखित सहमति और पहचान पत्र जरूरी होंगे।
🌎 🔞 दुनिया के कई देश (ऑस्ट्रेलिया, फ्लोरिडा, यूरोपीय यूनियन) पहले ही ऐसा कर चुके हैं।*भारत यह कदम इसलिए उठा रहा है क्योंकि बच्चों में डिप्रेशन, एंग्जायटी, नींद की कमी, साइबर बुलिंग और अडिक्शन की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है।_एक स्टडी कहती है कि 13-15 साल की उम्र में रोज 3 घंटे से ज्यादा स्क्रॉल करने वाले बच्चों में सुसाइड के विचार 60% तक बढ़ जाते हैं।_
लेकिन सवाल यह है – क्या सिर्फ कानून से फोन छीन लेने से बच्चे का मन बच जाएगा❓
आचार्य जी बिल्कुल साफ कहते हैं: सोशल मीडिया के मामले में कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। शरारत करने वाला चेहराविहीन है, अनाम है। इतने सारे लोग हैं कि आप किसी एक को पकड़ नहीं सकते। इतने सारे लोगों को रेगुलेट नहीं कर सकते, और नीयत के लिए कानून नहीं बना सकते।
तो फिर एकमात्र उपाय है – *व्यक्तिगत जिम्मेदारी।* 💪✅
_वेदांत को मुख्यधारा की शिक्षा का हिस्सा बनाना होगा। आज इससे बड़ी कोई जरूरत नहीं है कि व्यक्ति को जगाया जाए। यानी कानून बाहर से फोन छीन सकता है, लेकिन भीतर की भूख, भीतर की खालीपन की लत कौन मिटाएगा?_
⚠️🤔🙆 बच्चे को इंस्टाग्राम बंद कर दो,
वो टिकटॉक, यूट्यूब शॉर्ट्स, गेमिंग पर चला जाएगा।
फोन छीन लो, तो वो दोस्त के फोन पर रील्स देखेगा।
बाहरी प्रतिबंध अस्थायी हैं।
जब तक बच्चे के भीतर यह समझ न आए कि
“मुझे लाइक्स से खुशी नहीं चाहिए,
मुझे सच चाहिए, शांति चाहिए, स्वयं को जानना चाहिए”
तब तक कोई भी बैन पूरा नहीं होगा।
इसलिए सरकार का कदम स्वागत योग्य है,
लेकिन असली क्रांति तो घर में, स्कूल में, हमारे भीतर होनी है।
*तुम वो नहीं हो जो स्क्रॉल करते समय लगते हो। तुम उससे कहीं बड़े हो।” तभी सच में फोन उनके हाथ में होगा, और मन उनके हाथ में होगा।* 🪔🔥
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Acharya Prashant
Acharya Prashant, one of the world’s most widely followed philosophers and public intellectuals, reaches 66 million+ YouTube subscribers, 100 million watch-hours, and over 6 billion views across social media. Discover his growing global impact.
❤3
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
महागोविंद रानाडे ने दादाभाई नौरोजी के धन निर्गम सिद्धांत को स्वीकार नहीं किया 📖✍️
https://t.me/historyfact00
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🔥1
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
“एक जीवन, जो सिर्फ उपन्यास नहीं रहा”
आनंदी गोपाल एक उपन्यास होते हुए भी पूरी तरह दिल से लिखा गया सच लगता है। यह केवल आनंदी की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के समाज, उसकी रूढ़ियों और स्त्री के संघर्ष का जीवंत दस्तावेज़ है। किताब में उस समय की सामाजिक सोच, पितृसत्तात्मक मानसिकता और बदलाव की तड़प को बेहद संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। हर पन्ना यह महसूस कराता है कि हालात कितने कठोर थे, फिर भी सपनों ने हार नहीं मानी। यही वजह है कि यह रचना इतिहास नहीं, अनुभव बनकर पढ़ी जाती है — शांत, गहरी और बहुत heartfelt 📖🙏🏻⚡️
https://t.me/historyfact00
आनंदी गोपाल एक उपन्यास होते हुए भी पूरी तरह दिल से लिखा गया सच लगता है। यह केवल आनंदी की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के समाज, उसकी रूढ़ियों और स्त्री के संघर्ष का जीवंत दस्तावेज़ है। किताब में उस समय की सामाजिक सोच, पितृसत्तात्मक मानसिकता और बदलाव की तड़प को बेहद संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। हर पन्ना यह महसूस कराता है कि हालात कितने कठोर थे, फिर भी सपनों ने हार नहीं मानी। यही वजह है कि यह रचना इतिहास नहीं, अनुभव बनकर पढ़ी जाती है — शांत, गहरी और बहुत heartfelt 📖🙏🏻⚡️
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जन्म दिवस विशेष जयंती
✅परदादा जी , श्री रामराज मिश्र जी स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी 🇮🇳
व्यक्तिगत सत्याग्रह, एवं भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में भाग लिया , स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई बार जेल भी जाना पड़ा उनको , अतः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए , राष्ट्र की ओर से प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गाँधी जी ने उनको , 1972 में इस ताम्रपत्र से सम्मानित किया ।।
Proud moment 😊💗🌸💐✨✨⭐️
🪞 सब इतिहास पढ़ते है हम इतिहास बनाते है 😌🙈
✅परदादा जी , श्री रामराज मिश्र जी स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी 🇮🇳
व्यक्तिगत सत्याग्रह, एवं भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में भाग लिया , स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई बार जेल भी जाना पड़ा उनको , अतः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए , राष्ट्र की ओर से प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गाँधी जी ने उनको , 1972 में इस ताम्रपत्र से सम्मानित किया ।।
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🔥7❤2
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
मिस्टर पंजाबी ने अपनी बुक 'कॉन्फिडिरेसी ऑफ इंडिया' मे इंडिया को पांच भागों में बांटने की वकालत की थी। इन्डस फेडरेशन से लेकर डेक्कन फेडरेशन तक यानी बिलोचिस्तान से लेकर बस्तर और मद्रास तक का विभाजन का खाका तैयार किया गया था 📖✍️
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
पंजाब के प्रधानमंत्री सर सिकंदर हयात खान ने तैयार की थी। उन्होंने 1935 में अपनी पुस्तक ' आऊटलाइन ऑफ स्कीम ऑफ इंडियन फेडरेशन ' में भारत के सात भाग बताए और बताया कि यह योजना शासन को चलाने के लिए बनाई है, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान की राह पर आगे बढ़ते हुए चौधरी रहमतअली की योजना में राजपूताना की जैसलमेर और बीकानेर रियासतों को शामिल कर लिया था।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य और लन्दन में भारत के भूतपूर्व हाईकमिश्नर सर फिरोज खां नून ने तैयार की थी। इस योजना में पाकिस्तान का निर्माण और उसके बाद पाकिस्तान को पांच भागों मे बांटने की बात कही जिसमें पूरे भारत के मुस्लिम बहुल इलाके शामिल थे।
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
चौधरी रहमत अली ने एक बार फिर 1942 में पाकिस्तान की नई योजना रखी और कहा कि भारत का नाम दीनिया और मुस्लिम एशिया का नाम पाकेशिया रखा जाए। उन्होने पाकिस्तान की नई योजना में अजमेर- मेवाड़ के क्षेत्र को मुईनस्तान के नाम से, लखनऊ-अवध के इलाके को हैदरस्तान, भोपाल को सिद्कीस्तान, बिहार-उड़ीसा के कुछ भागों को फर्रूकस्तान, मलाबार तट के इलाकों को मोपलास्तान, लंका के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों को सफीस्तान और नासरस्तान के नाम से पाकिस्तान के हिस्से में सात भाग और जोड़ दिए।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सैयद जफरुल हसन और मोहम्मद अफजल हुसैन कादरी नाम के दो प्रोफेसरों ने तैयार की थी। पाकिस्तान की इस योजना में पंजाब, सिंध, सीमा प्रांत, बिलोचिस्तान, कश्मीर, कपूरथला, चित्राल, मलेरकोटला( 60 फीसद मुस्लिम आबादी), बंगाल,पुर्णिया, सिलहट( 8फीसद मुस्लिम आबादी), हैदराबाद, बरार, कर्नाटक( 8 फीसद मुस्लिम आबादी), दिल्ली, मेरठ, अलीगढ़, रुहेलखंड(28 फीसद मुस्लिम आबादी) मलाबार दक्षिण कनारा( 27 फीसद मुस्लिम आबादी) और पूर्वोत्तर पाकिस्तान को छोड़कर भारत का शेष भाग शामिल था।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
जनवरी 1936 में लाहौर की बैठक में मुस्लिम लीग ने हैदराबाद के डॉक्टर सैयद अब्दुल लतीफ को पाकिस्तान की पूरी योजना का कार्य सौंपा। उन्होंने पाकिस्तान के लिए चार मण्डल बनाए। पहले में सिंध, बिलोचिस्तान, कश्मीर, खैरपुर, भावलपुर। इन इलाकों से हिंदुओं और सिखों को राजा और प्रजा सहित हटाने की योजना थी। दूसरा दिल्ली और लखनऊ था, जिसमें संयुक्त प्रांत और बिहार के मुसलमान आकर रहेंगे। हिंदू यदि अपने तीर्थ स्थलों में चाहे तो रह सकते हैं। उत्तर-पूर्व मण्डल में बंगाल और आसाम को शामिल किया गया था। यहां से हिंदूओं को निकालकर बिहार में शिफ्ट करने की योजना थी। चौथे में हैदराबाद और मद्रास शामिल था वहां से भी हिंदूओं को हटने की बात शामिल थी। इसके अलावा हिंदूस्तान की मुस्लिम रियासतें जैसे भोपाल से लेकर जावरा और टोंक तक शामिल है वह भी पाकिस्तान का हिस्सा होंगी और वहां से भी हिंदूओं को हटना होगा।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
पाकिस्तान का विचार 1930 से फिजाओं को दूषित करने लगा था। सबसे पहले कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के छात्र चौधरी रहमत अली ने इसकी रूपरेखा 28 जनवरी 1933 में बनाई। रहमत अली ने पाकिस्तान का विष बीज इंग्लैंड की सरजमी पर बोया और उसकी फसल हिंदुस्तान में लहलहाई। उन्होंने अपनी पुस्तक 'Now or Never' में इस बात का खुलासा किया। जिसमें उन्होंने उत्तर- पश्चिम के मुस्लिम बहुल प्रांतों को मिलाकर पाकिस्तान बनाने की मंशा जाहिर की। 1937 में उन्होंने अपनी सोच का दायरा बढ़ाते हुए असम और बंगाल को मिलाकर बंगस्तान और दक्षिण हैदराबाद को उस्मानिस्तान बनाने की योजना शामिल कर दी।
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Forwarded from इतिहास दर्शन
ancient history comlete PYQ.pdf
1.5 MB
स्कूल व्याख्याता इतिहास परीक्षा में वर्ष २०१३ से २०२५ तक प्राचीन भारत के इतिहास से पूछे गए सभी प्रश्न.....
इस पीडीएफ में वर्ष 2013 से 2025 तक प्राचीन भारत के 14 टॉपिक से पूछे गए कुल 271 प्रश्नों का संकलन किया गया है.... आशा है यह आपकी तैयारी में लाभदायक सिद्ध होगी....
इस पीडीएफ में वर्ष 2013 से 2025 तक प्राचीन भारत के 14 टॉपिक से पूछे गए कुल 271 प्रश्नों का संकलन किया गया है.... आशा है यह आपकी तैयारी में लाभदायक सिद्ध होगी....
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